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Azadi Ka Amrit Mahotsav: आगरा की इस इमारत में 11 दिन रुके थे गांधी, गाया था वैष्णव जन तो तेने...

Azadi Ka Amrit Mahotsav: आगरा की इस इमारत में 11 दिन रुके थे गांधी, गाया था वैष्णव जन तो तेने...

Azadi Ka Amrit Mahotsav: देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. ऐसे में आगरा के बेबी ताज कहे जाने वाले एत्माद्दौला में बने गांधी स्मारक की चर्चा हो रही है. गांधी जी आजादी के आंदोलन को तेज करने के लिए यहां 11 दिन तक रुके थे.

रिपोर्ट: हरिकांत शर्मा

आगरा. देश आजादी का अमृत महोत्सव (Azadi Ka Amrit Mahotsav) मना रहा है. ऐसे में तमाम स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारियों को हम नमन कर रहे हैं,लेकिन क्या आपको पता है कि आगरा के बेबी ताज कहे जाने वाले एत्माद्दौला में एक गांधी स्मारक बना है. इस जगह पर गांधी जी आजादी के आंदोलन को तेज करने के लिए 11 दिन तक रुके थे. इतिहासकार बताते हैं कि जब जंगे आजादी को गति देनी थी तो लगातार गांधी जी देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रवास कर रहे थे. उसी दौरान 1929 में वह आगरा आये थे, तभी उनकी तबीयत खराब हुई तो वे 11 दिन के लिए इसी गांधी स्मारक में रुके थे. हालांकि प्रशासन के द्वारा अमृत महोत्सव पर इस स्मारक को अनदेखा कर दिया गया है.

बात 11 सितंबर 1929 की है जब देश में अंग्रेजों को जड़ से उखाड़ने के लिए महात्मा गांधी आंदोलन कर रहे थे. उस समय वह देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से मिलने के लिए जाया करते थे. उसी दौरान वह आगरा आए और तमाम क्रांतिकारी, व्यापारियों व जौहरियों से मिले. इस दौरान उनका स्वास्थ्य खराब हुआ और वह 11 सितंबर से 21 सितंबर तक आगरा रुके थे. जिस जगह पर गांधी जी रुके उसे अब गांधी स्मारक कहा जाता है. यह स्मारक काली नदी के तट पर है.

प्रशासन आजादी के अमृत महोत्सव में भूल गया गांधी स्मारक
आजादी के अमृत महोत्सव में तमाम स्मारकों को तिरंगा की रोशनी में रंग दिया गया है, लेकिन आगरा प्रशासन, एडीए गांधी स्मारक को भूल गया है. पूरे साले स्मारक बंद रहता है. केवल गांधी जयंती के दिन कुछ लोग आकर सफाई करते हैं. इस अमृत महोत्सव पर ना तो इस स्मारक की सफाई की गई है और ना ही इस पर राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया है. इसके ठीक बिल्कुल बगल में एत्माद्दौला है जिसे बेबी ताज कहा जाता है. उसे तिरंगा की रोशनी में सजाया गया है, लेकिन प्रशासन की निगाह अब तक इस गांधी स्मारक पर नहीं पड़ी है. असामाजिक तत्व यहां पर आए दिन जुआ खेलते हैं, शराब पीते हैं और स्मारक को भी नुकसान पहुंचाते हैं.

धूल फांक रही हैं गांधी जी से जुड़ी ऐतिहासिक चीजें
इस स्मारक में गांधी जी से जुड़ी तमाम ऐतिहासिक चीजें रखी गई है जैसे उनका चरखा ,घड़ी, चश्मा जो इन दिनों धूल फांक रही हैं. कोई साफ सफाई करने वाला नहीं है. जाले लगे हुए हैं तो गांधी जी के स्टेचू पर साफ कपड़ा तक नहीं है. गांधी जी के स्टेचू को बस एक सफेद कपड़े से ढक दिया गया है. अब ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो कैसे इस गांधी स्मारक के साथ प्रशासन सौतेला व्यवहार कर सकता है?

Tags: Agra news, Azadi Ka Amrit Mahotsav, Independence day

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