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Babri Masjid Demolition : वह 'काला दिन', मुस्लिम समुदाय के दिल में कैसे जख्म बनकर जिंदा है?

6 दिसंबर को लेकर आगरा में पुलिस प्रशासन अलर्ट पर रहा. कई जगह शहर में पुलिस ने पैदल मार्च भी निकाला. किसी भी तरह माहौल ख ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट : हरिकांत शर्मा

    आगरा: 32 साल पहले 6 दिसंबर 1992 को आज ही के दिन बाबरी मस्जिद ढांचा गिराया गया था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भले ही बाबरी मस्जिद केस की फाइल बंद हो गई लेकिन आज भी मुस्लिम समाज के दिलों में यह जख्म हरा है. मुस्लिम समाज ने मंगलवार को आगरा में काला दिवस मनाया. आगरा मंटोला स्थित केंथ वाली मस्जिद में मुसलमानों ने नमाज अदा कर मस्जिदों की सलामती के साथ अमन की दुआ मांगी.

    आगरा की मस्जिदों में मुस्लिम समाज के लोगों ने 6 दिसंबर के दिन को काले दिन के तौर पर याद किया. इस मौके पर सिराज कुरैशी ने कहा ‘आगरा के सांप्रदायिक सौहार्द्र का उदाहरण प्रदेश नहीं बल्कि पूरे देश में दिया जाता है. यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि शहर का माहौल शांत रहे और लोग सभी आपसी भाईचारे के साथ रहें.’

    ‘अब मथुरा की बारी कहकर डराते हैं’

    राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अदनान कुरैशी ने कहा ‘कुछ सांप्रदायिक लोग अब मथुरा की बारी कहकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने से बाज नहीं आ रहे हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. हम इसी देश में सौहार्द्र के साथ सालों से रहते आ रहे हैं लेकिन कुछ लोग राजनीतिक फायदे की वजह से हिंदू मुस्लिम एकता में खलल डालना चाहते हैं. ऐसे लोगों को पहचानकर प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.’

    Tags: Agra news, Babri demolition anniversary

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