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बड़ी चूक :-  छत्रपति शिवाजी के आगरा आने की तारीख़ ही लिख दी ग़लत !

बड़ी चूक :-  छत्रपति शिवाजी के आगरा आने की तारीख़ ही लिख दी ग़लत !

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19 फरवरी 1630 को महाराष्ट्र के शिवनेरी किले में छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था.अपने शौर्य और साहस से मुगलिया सल्तनत को घुटनों पर लाने वाले शिवाजी महाराज का आगरा से भी गहरा नाता रहा था.बात 11 मई 1666 की है जब शिवाजी महाराज अपने पुत्र संभाजी के साथ आगरा के लाल किला पहुंचे थे.

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    19 फरवरी 1630 को महाराष्ट्र के शिवनेरी किले में छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था.अपने शौर्य और साहस से मुगलिया सल्तनत को घुटनों पर लाने वाले शिवाजी महाराज का आगरा से भी गहरा नाता रहा था.बात 11 मई 1666 की है जब शिवाजी महाराज अपने पुत्र संभाजी के साथ आगरा के लाल किला पहुंचे थे.उस वक्त आगरा में औरंगजेब का शासनकाल था.आगरा में शिवाजी महाराज को उचित सम्मान नहीं मिला.जिसकी वजह से उन्होंने औरंगजेब का अपमान किया.अपमान का बदला लेने के लिए औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को कैद कर लिया था.आगरा के इसी किले में शिवाजी महाराज 99 दिनों तक बंदी रहे थे.

    आगरा विश्वविद्यालय ने गोद ले रखी है शिवाजी की प्रतिमा लेकिन आगरा आने की तारीख लिखी गलत .
    छत्रपति शिवाजी महाराज का आगरा से महत्वपूर्ण इतिहास जुड़ा हुआ है.इसी इतिहास को संजोए रखने के लिए आगरा विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के द्वारा लाल किले के सामने लगी शिवाजी महाराज की प्रतिमा को गोद ले रखा है.उस प्रतिमा की देखरेख, साफ सफाई का पूरा जिम्मा आगरा विश्वविद्यालय के पास है.इस प्रतिमा के चारों तरफ शिवाजी महाराज के आगरा से जुड़े इतिहास के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए शिलालेख लगाए गए हैं.इन शिलालेखों पर बकायदा लिखा हुआ है कि शिवाजी महाराज आगरा में कब आए और कब तक वे यहां पर रुके थे.लेकिन उनमें से एक शिलालेख पर उनके आगरा आने की तिथि को गलत लिखा गया है. 11 मई 1666 को शिवाजी महाराज आगरा आए थे.लेकिन उस शिलालेख पर 12 मई 1966 लिखा हुआ है जो कि अभी तक ठीक नहीं हुआ है.

    दूर-दूर से आगरा किला घूमने आते हैं पर्यटक

    आगरा में शिवाजी महाराज के जन्मदिन को धूमधाम से मनाया जाता है.इस दिन शिवाजी महाराज की प्रतिमा को चारों तरफ से फूल और रंग बिरंगी लाइटों से सजा दिया जाता है.शिवाजी महाराज की प्रतिमा को देखने के लिए रोजाना पर्यटक यहां आते हैं.क्योंकि यह प्रतिमा ठीक लाल किले के सामने है तो इस प्रतिमा की खूबसूरती देखते ही बनती है.यह प्रतिमा आगरा से जुड़े हुए शिवजी के इतिहास को दर्शाती है.लेकिन शिलालेख पर दिनांक और सन गलत होने से लोगों को गलत जानकारी मिल सकती है.यहां घूमने आए पर्यटक ने भी कहा है कि इस गलती को जल्द से जल्द ठीक किया जाए जिससे लोगों को सही जानकारी मिले.

    रिपोर्ट:- हरिकांत शर्मा

    Tags: Agra news

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