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सतीश चन्द्र मिश्रा का BJP पर हमला, कहा-'मजबूत ब्राह्मणों को चुन-चुन कर मार रही योगी सरकार'

सतीश मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मण समाज के लोगों पर योगी सरकार में हमले हुए. कानपुर के बिकरू कांड में कई बेगुनाहों को फंसाया गया.

सतीश मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मण समाज के लोगों पर योगी सरकार में हमले हुए. कानपुर के बिकरू कांड में कई बेगुनाहों को फंसाया गया.

उत्तर प्रदेश में बसपा ने एक बार फिर दलित और ब्राह्मण समीकरण पर जोर देना शुरू कर दिया है. सतीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मण समाज के लोगों पर योगी सरकार में हमले हुए. कानपुर के बिकरू कांड में कई बेगुनाहों को फंसाया गया. न कोई अदालत, न कोई कानून, सीधे गोली मारकर फैसला हुआ.

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आगरा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बसपा (bsp) ने एक बार फिर दलित और ब्राह्मण समीकरण पर जोर देना शुरू कर दिया है. बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) ने इसको लेकर सभाएं और जनसंपर्क शुरू कर दिया. इसी को लेकर आगरा पहुंचे सतीश मिश्रा ने रविवार को आरबीएस कालेज के राव कृष्ण पाल प्रेक्षागृह में बसपा के प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी को संबोधित किया.

उन्होंने कहा कि 2022 में बसपा दलित-ब्राह्मण गठजोड़ से सरकार बनाएगी. इसके साथ ही उन्होंने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की सरकार के कार्यकाल में ब्राह्मण समाज के लोगों पर हमले हुए. बिकरू कांड मामले में तमाम बेगुनाह लोगों को फंसाया गया. न कोई अदालत, न कोई कानून, सीधे गोली मारकर फैसला हुआ.

उन्होंने कहा कि 2007 में बसपा ने दलित-ब्राह्मण गठजोड़ के सहारे ही सरकार बनाई थी. तब ब्राह्मणों का खूब सम्मान भी हुआ. भाजपा की सरकार में ब्राह्मणों के साथ अन्याय हो रहा है. मजबूत ब्राह्मणों को चुनचुन कर मारा जा रहा है. उन्हें जेल में डाला जा रहा है. यही नहीं महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा जा रहा है. बिकरू कांड का जिक्र करते हुए कहा कि खुशी दुबे को किस तरह से परेशान किया जा रहा है, ये सब जानते हैं. ब्राह्मण समाज पर हो रहे अत्याचार को बसपा बर्दाश्त नहीं करेगी.

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UP: सीएम योगी ने कानपुर और आगरा मेट्रो के प्रोटोटाइप ट्रेन का किया वर्चुअल अनावरण, PM मोदी करेंगे देश को समर्पित

UP: सीएम योगी ने कहा, 30 नवंबर के आसपास पीएम मोदी करेंगे देश को समर्पित (File photo)

Metro Project: मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर के प्रांगण में बने अपने से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानपुर और आगरा मेट्रो (Agra Metro) की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का अनावरण किया. इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के चार शहरों लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सफल संचालन किया जा रहा है. कानपुर और आगरा में मेट्रो का काम लगभग पूरा हो चुका है. इसके साथ ही पांच अन्य प्रमुख शहरों गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और झांसी में मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार है या अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम है.

सीएम योगी ने यह बातें शनिवार को गोरखनाथ मंदिर से कानपुर और आगरा मेट्रो की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का वर्चुअल अनावरण करते हुए कही. इस अवसर पर उन्होंने उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए उल्लास का क्षण है. वास्तव में मेट्रो जैसा सुरक्षित और आरामदायक पब्लिक ट्रांसपोर्ट आज की आवश्यकता है. 30 नवंबर के आसपास हम कानपुर और आगरा मेट्रो को देश को समर्पित करने की स्थिति में होंगे. प्रयास होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से इसका शुभारंभ कराया जाए.

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वड़ोदरा के उपक्रम में कोविडकाल की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन को समय से पहले उपलब्ध कराया गया है. सीएम ने कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना भी साकार हो रही है. मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक, मेसर्स एल्सटॉम इंडिया ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक समेत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

Agra News: शादी के 4 महीने बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, मचा हड़कंप

Agra News: शादी के 4 महीने बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी Image-shutterstock.com

Suicide in Agra: पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. लेकिन शवों के पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह सामने आ पाएगी.

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आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) के शमसाबाद के गांव महरमपुर में पति और पत्नी ने एक ही रस्सी से बने फंदों से लटककर खुदकुशी (Suicide) कर ली. शनिवार सुबह स्वजन को जानकारी हुई. तब उन्हें फंदे से नीचे उतारा गया. खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. शमसाबाद इलाके के महरम पुर गांव के रहने वाले सचिन की शादी क्रांति से चार मई 2021 को हुई थी. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ. सू

जानकारी के मुताबिक, महरमपुर निवासी (21) वर्षीय मार्बल कारीगर सचिन की चार मई 2021 को पिनाहट के सेहा गांव में रहने वाली (19) वर्षीय क्रांति से शादी हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद सचिन दिल्ली में काम करने चला गया. गांव में सास सीमा के साथ क्रांति रहती थी. क्रांति की बड़ी बहन ललिता की शादी पहले ही सचिन के भाई रवि से हुई थी. रवि और उससे बड़े भाई नीरज दोनों दिल्ली में काम करते थे.
शुक्रवार रात को पति-पत्नी खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए. आज सुबह देर तक जब वे नहीं जागे तो ललिता ने कमरे की कुंडी खटखटाई.

यह भी पढ़ें- Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव, कहा- मैं बेगुनाह हूं!

मगर, अंदर से कोई आवाज नहीं आई. ऐसे में दीवार की एक ईंट निकालकर अंदर देखा गया तो सचिन और उसकी पत्नी क्रांति पंखे के कुंडे से बंधे दो फंदों से लटके दिखाई दिए. यह देखकर घर में चीख पुकार मच गई. पुलिस ने कमरे में जाकर दोनों के शवों को फंदे से उतारा और शवों को  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. लेकिन शवों के पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह सामने आ पाएगी. प्रथम दृष्टया या मामला खुदकुशी के लग रहा है लेकिन इसकी वजह साफ नहीं है.

नशे की लत से बेटे की असमय मौत को याद कर भावुक हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर, चला रहे नशा मुक्ति अभियान

आगरा में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने लोगों को दिलवाया नशा मुक्ति का संकल्प

Agra News: केंद्रीय मंत्री कौशल ने कहा कि जब बेटे की चिता जली तो वहीं पर यह संकल्प ले लिया था कि आज के बाद समाज से नशे की बुराई दूर करने के लिए वह खुद को समर्पित कर देंगे।

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आगरा. ताजनगरी में जैन समाज के कार्यक्रम में पहुंचे केंद्र सरकार के मंत्री कौशल किशोर (Kaushal Kishore) अपने दिवंगत बेटे की याद में भावुक हो गये. केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर नशा मुक्ति अभियान के तहत नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. आगरा (Agra) में जैन समाज के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने समाज के लोगों को यह संकल्प दिलाया कि वह अपने आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने का आग्रह करेंगे. केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ सैकड़ों लोगों ने नशा मुक्ति अभियान से जुड़कर समाज में नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया.

लोगों को नशा मुक्ति को लेकर संकल्प कराने के बाद न्यूज 18 से बातचीत में केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि नशे के कारण मैने अपने 28 साल के बेटे को खोया है. केंद्रीय मंत्री कौशल ने कहा कि जब बेटे की चिता जली तो वहीं पर यह संकल्प ले लिया था कि आज के बाद समाज से नशे की बुराई दूर करने के लिए वह खुद को समर्पित कर देंगे. तब से उनका नशे के खिलाफ अभियान पूरे देश में जारी है. अपने बेटे को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री अत्यंत भावुक हो गये. उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने की गुजारिश की. उहोंने लोगों से अपील की कि वह  नशा मुक्ति आंदोलन से जुड़कर अपने रिश्तेदारों के साथ साथ आसपास के लोगों को नशा मुक्ति आंदोलन में जोड़ें.

मुद्दा विहीन है विपक्ष, यूपी में लहरायेगी बीजेपी की विजय पताका
जैन समाज के कार्यक्रम में शामिल होते हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में इस बार पिछली बार से भी अधिक सीटें बीजेपी गठबंधन को मिलेंगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है. केंद्र में पीएम मोदी और यूपी में सीएम योगी की सरकार ने हर वर्ग के लिए बहुत कार्य किया है. जनहितकारी योजनाएं धरातल पर उतरी हैं. जनता ने मन बना लिया है कि यूपी में एक बार फिर बीजेपी की ही सरकार बनेगी. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 2022 में किसी दल से कोई मुकाबला नहीं है. पूरा चुनाव एक तरफा रहेगा और बीजेपी पिछली बार से भी ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी.

विश्व भर में हिंदी की धमक इस बार अफगानिस्तान, चाइना से सबसे ज़्यादा छात्र आएंगे हिंदी सीखने आगरा

देश विदेश के छात्र आते हैं आगरा केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने

हिंदी भाषा के प्रति विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ी है. यही वजह है कि इस संस्थान में सत्र 2021-22 में सबसे ज्यादा 11  चाइनीस छात्रों ने यहां दाखि?

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हम सभी को पता है कि 14 सितंबर को पूरे विश्व भर में हिंदी दिवस मनाया जाता है. संविधान सभा की 1949 में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि देश की भाषा हिंदी होगी. हिंदी दिवस के मौके पर इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को लेकर जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मजबूती प्रदान करना है. इसी उद्देश्य को आगरा केंद्रीय हिंदी संस्थान साकार करने की कवायद में जुटी है . इस संस्थान में पढ़ने के लिए हर साल पूरे विश्व भर से छात्र आते हैं और यहां हिंदी सीखते हैं . देश के कोने कोने से आने वाले छात्र आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने के अलावा सबसे पहले हिंदुस्तान का कल्चर सीखते हैं. जिससे अगर वह अपनी पढ़ाई पूरी कर कर अपने देश लौटे तो हिंदी के साथ-साथ भारत का कल्चर भी साथ लेकर जाएं.

कोरोना काल में भी बढ़ी छात्रों की हिंदी सीखने में रुचि

हिंदी भाषा के प्रति विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ी है. यही वजह है कि इस संस्थान में सत्र 2021-22 में सबसे ज्यादा 11 चाइनीस छात्रों ने यहां दाखिला के लिए आवेदन किया है.वही अफगानिस्तान के छात्रों ने भी इस बार पिछली बार की अपेक्षा संख्या बड़ी है . इस बार केंद्रीय हिंदी संस्थान में 30 अलग-अलग देशों से 120 आवेदन आए हैं जुलाई में ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है 63 लोगों ने केंद्रीय हिंदी संस्थान में पढ़ने की सहमति जताई है.

कोविड़ की बजह से अब ज्यादातर होगी ऑनलाइन पढ़ाई

केंद्रीय हिंदी संस्थान की निदेशक बीना शर्मा ने बताया कि कोविड-19 की वजह से अब छात्रों को ऑनलाइन क्लास शुरू होंगी. जिस वजह से छात्रों को और सहूलियत मिल गई है. छात्र अपने घर बैठे ही हिंदी को आराम से सीख सकते हैं .इस बार चाइना ,अफ़गानिस्तान, साउथ कोरिया ,श्रीलंका ,इजिप्ट जैसे देशों से छात्र ऑनलाइन ही हिंदी सीख रहे हैं. इसके साथ ही बीना शर्मा का कहना है कि आधुनिकता के दौर में लोग तेजी से इंग्लिश को अपना रहे हैं लोग आज कल इंग्लिश को बोलचाल की भाषा में ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. इसका यह मतलब  नहीं है कि किसी भी तरह से हिंदी की लोकप्रियता कम हुई है. आज भी हम दिल की बात आपस में हिंदी में ही करते हैं और उसमें अपना ही अलग मजा है. भाषा केवल एक दूसरे से अपने विचार विमर्श करने का जरिया है. जो कि किसी भी भाषा में हो सकता है. हमें अपनी हिंदी भाषा पर बेहद गर्व है हमारे पास एक शब्द के हजारों अर्थ हैं जो किसी और भाषा में नहीं है.

आगरा: बेंगलुरू से आई फ्लाइट के यात्रियों से मिलने पहुंचे सीएम योगी, बच्चों को किया दुलार

सीएम योगी आदित्यनाथ आगरा के खेरिया एयरपोर्ट यात्रियों के बीच पहुंच गए.

Agra Kheria Airport : सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ दौरे से लौटते समय आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर पहुंच गए. एयरपोर्ट पर बेंगलुरु से आगरा पहुंची फ्लाइट में यात्री और पर्यटकों के बीच सीएम योगी ने पहुंचकर छोटे-छोटे बच्चों को दुलार किया. यात्री अपने बीच सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन को देख खुश हो गए.

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आगरा. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अलीगढ़ दौरे से लौटते समय आगरा के खेरिया एयरपोर्ट (Agra Kheria Airport) पर पहुंच गए. इस दौरान एयरपोर्ट पर बेंगलुरु से आगरा पहुंची फ्लाइट में यात्री और पर्यटक से सीएम मिलने पहुंच गए. पर्यटकों के साथ उनकी गोद में मौजूद छोटे-छोटे बच्चों को भी सीएम योगी ने दुलारा तो वहीं, अपने बीच अचानक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पाकर के पर्यटकों की खुशी का ठिकाना न रहा. काफी देर तक पर्यटकों से मुख्यमंत्री ने यात्रा के उनके अनुभवों की जानकारी ली. साथ ही आगरा में पर्यटन को लेकर उनकी इच्छाओं के बारे में भी बातचीत की. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी सीएम योगी के साथ थीं.

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी बेंगलुरु से उत्तर प्रदेश के आगरा में पहुंचे पर्यटकों से बातचीत की. पर्यटकों से बातचीत करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आगरा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी वार्ता की. दोपहर करीब आधे घंटे तक आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों और बेंगलुरु से आई फ्लाइट के यात्रियों से बातचीत करने के बाद सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आगरा से लखनऊ के लिए प्रस्थान किया.

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को अलीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था. अलीगढ़ में तमाम विकास योजनाओं की सौगात पीएम मोदी ने दी थी. यूपी के सीएम योगी और राज्यपाल भी अलीगढ़ वाया आगरा पहुंचे. वापसी के दौरान भी हेलीकॉप्टर से अलीगढ़ से आगरा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद करीब आधे घंटे आगरा में बिताया. उसके बाद प्लेन से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए.

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है- सीएम योगी

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है (File photo)

UP Election 2022: गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के नजदीक आते ही चुनावी हलचल बढ़ गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम योगी ने कहा, ‘पहले हमारे बेटियां, बहनें असुरक्षित महसूस करती थीं. सड़कों पर गड्ढे यूपी यानी उत्‍तर प्रदेश की पहचान हुआ करते थे. यहां तक कि भैंसे और बैल भी सुरक्षित नहीं थे. यह समस्‍याएं पश्चिमी यूपी में थी, पूर्वी यूपी में नहीं…लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है. क्‍या आपने यह बदलाव नहीं देखा है. ‘

सीएम योगी ने कहा, पहले स्थिति यह थी कि जहां से गड्ढे सड़कों पर प्रारंभ हो जाएं, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है, सायंकाल जहां से अंधेरा हो जाए, समझ लो वह उत्‍तर प्रदेश है, जहां पर कोई सभ्‍य व्‍यक्ति रात को सड़कों पर चलने से भयभीत हो, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है. यूपी यह तस्‍वीर पेश करता था.नौजवानों के सामने पहचान का संकट था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है. यूपी के विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी भी पूरे जोर के साथ उतरने का निर्णय लिया है. AIMIM राज्‍य में इस बार करीब 100 सीटों प्रत्‍याशी उतारेगी. पार्टी ने मुख्‍य रूप से उन सीटों पर ध्‍यान केंद्रित किया है जहां मुस्लिमों की आबादी ज्‍यादा है.

राजभर और निषाद भी हैं लामबंद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजभर और निषादों का वर्चस्व है और ऐसे में संजय निषाद की पार्टी बीजेपी के साथ है. वहीं, ओपी राजभर अभी तक ओवैसी के साथ हैं. हालांकि अंदरखाने चर्चा है, कि संजय निषाद और राजभर दोनों सपा के भी संपर्क में है. ऐसे में अब ये कयास लगा पाना तो काफी मुश्किल होगा कि राजभर और निषाद वोट किसकी तरफ शिफ्ट होता है.

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

UP: गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन (File photo)

UP News: पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है. वहीं, सख्ती से गो तस्करी (Cow Smugglers) और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराया गया है. इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है. प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है.

प्रदेश में पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे. सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी भी की जाती थी. इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. सीएम के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया. नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है. फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं.

319 गो तस्कर गिरफ्तार, 14 पर NSA
प्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है. पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है. इसके अलावा 280 आरोपियों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

सीएम योगी ने 2018 के एक्ट में किया संशोधित
सीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया. नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे. अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है, लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी.

आगरा में बढ़ा डेंगू का प्रकोप नगर निगम के दावों की खुली पोल मलिन बस्तियों में मंडराया खतरा

मलिन बस्तियों में डेंगू का कहर

इन दिनों पूरे ब्रज में डेंगू ने अपना कहर बरपा रहा है. फिरोजाबाद ,मथुरा, मैनपुरी में हालात काबू से बाहर है. आगरा भी डेंगू से अछूता नहीं रहा

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इन दिनों पूरे ब्रज में डेंगू कहर बरपा रहा है. फिरोजाबाद ,मथुरा, मैनपुरी में हालात काबू से बाहर है. आगरा भी डेंगू के डंक से अछूता नहीं रहा है और आगरा के सरकारी व निजी अस्पतालों में 47 डेंगू के मरीज भर्ती है. कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग लगातार दावे कर रहा है कि वह शहर भर में एंटी लारवा व फॉकिंग करवा रहा है. लेकिन जब हमने ग्राउंड जीरो उतर कर मलिन बस्तियों का रुख किया तो तस्वीर कुछ और ही देखने को मिली. यहां के लोग बताते हैं कि नगर निगम तो छोड़िए किसी भी प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यहां पर झांक कर भी नहीं देखा.

मलिन बस्तियों में नाले के पास नरकीय हालात में जीवन जी रहे हैं लोग.

आगरा के लाल किले के ठीक सामने संत रविदास नगर है. यहां नाले के पास लगभग 20 सालों से झुग्गी झोपड़ियों में लोग रह रहे हैं. लेकिन प्रशासन की बेरुखी का शिकार यह लोग नरकीय हालतों में जीने को मजबूर हैं. सबसे बड़ी वजह है कि इन बस्तियों के पास दो – दो नाले बहते हैं. लगातार फिरोजाबाद के बाद अब डेंगू आगरा को अपनी चपेट में ले रहा है. मोटी मोटी फाइलों में डेंगू को रोकने के लिए प्रशासन के बड़े बड़े इंतजाम किए गए हैं .लेकिन ग्राउंड जीरो पर नगर निगम के दावे पूरी तरह से बौने साबित होते दिखाई दे रहे है.

अगर शासन ने जल्द नहीं उठाया कदम तो हालात होंगे बद से बदतर.

इन बस्तियों में रहने वाले लोग ज्यादातर रेडी ठेली लगाने वाले हैं.यह  लोग रोज कमाते खाते हैं. अगर उनके बच्चों की तबीयत खराब होती है तो इनके पास इतनी भी सुविधाएं नहीं है वह अपने बच्चों का इलाज भी करवा सकें. ऐसे में अगर डेंगू इन बस्तियों में फैलता है या इसके अलावा नया वायरस D-2  बच्चों को शिकार बनाता है तो हालात बद से बदतर हो सकते हैं. कोविड-19 से पहले ही स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं और अगर इन लोगों में बड़ी संख्या में ये वायरस पनपता है तो डेंगू का वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या विकराल रूप धारण कर सकती है.

'रिवॉल्वर रानी' प्रियंका मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, ट्रोलर्स की बदजुबानी से हुई थीं आहत

महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का इस्तीफा मंजूर

Agra News: आगरा के एमएम गेट पुलिस थाने में तैनात रही महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का एक सरकारी रिवॉल्वर के साथ वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में प्रियंका ने वर्दी पहन रखी थी और हाथ में रिवॉल्वर ले रखी थी. इसके बाद पुुलिस विभाग ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया.

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आगरा. सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से परेशान यूपी पुलिस (UP Police) की महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा (Constable Priyanka Mishra) का आखिरकार इस्तीफा मंजूर हो गया. सरकारी रिवाल्वर के साथ वीडियो बनाकर सुर्ख़ियों में आई महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा ने इस्तीफा दिया था. उनके इस्तीफे को पुलिस के आला अधिकारियों ने मंजूरी दे दी है और अब प्रियंका मिश्रा महिला सिपाही नहीं रहीं. सोशल मीडिया के बदजुबान ट्रोलर्स ने एक युवा महिला सिपाही के कैरियर का अंत कर दिया.

आगरा के एमएम गेट पुलिस थाने में तैनात रही महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का एक सरकारी रिवॉल्वर के साथ वीडियो वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में प्रियंका मिश्रा ने वर्दी पहन रखी थी और हाथ में रिवॉल्वर ले रखी थी. वीडियो वायरल होने के बाद प्रियंका मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया गया था. इसके अलावा सोशल मीडिया में प्रियंका मिश्रा को ट्रोलर्स ने ट्रोल करना शुरू कर दिया और तमाम तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. सोशल मीडिया में ट्रोलर की बदजुबानी की वजह से प्रियंका मिश्रा बेहद आहत हुई और उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

सोशल मीडिया की सनसनी बनी प्रियंका
रिवॉल्वर के साथ प्रियंका का वीडियो सोशल मीडिया वायरल होते ही सोशल मीडिया में प्रियंका मिश्रा सनसनी बन गयी. इंस्ट्राग्राम पर वीडियो जब पोस्ट किया तो कुछ ही वक़्त में हज़ारों लोगों ने वीडियो को देख लिया. लेकिन उस वीडियो को प्रियंका मिश्रा ने हटा दिया. वर्दी वाला वीडियो भले ही हटा दिया हो, लेकिन इंस्ट्राग्राम पर प्रियंका मिश्रा के फॉलोवर बढ़ने की बाढ़ आ गयी. रोजाना हज़ारों लोग प्रियंका मिश्रा को फॉलो कर रहे हैं. प्रियंका मिश्रा ने जो वीडियो पोस्ट किए हैं, उनमें से कुछ वीडियो एक लाख से ज्यादा लोगों ने देख लिया था.

Agra News: चरवाहे को जंगल में मिला जिंदा हैंड ग्रेनेड, मचा हड़कंप, पुलिस ने इलाके को किया सील

Agra News: जंगल में जिंदा हैंड ग्रेनेड मिलने से मचा हड़कंप

Hand Grenade Found in Agra: आगरा के जैतपुर के सजेती गांव में एक किशोर को झाड़ियों में दिखा हैंड ग्रेनेड. पुलिस ने इलाके को सील कर बम निरोधक दस्ते को दी सूचना. हैंड ग्रेनेड में पिन लगा होने के कारण लोग मान रहे जिंदा बम.

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आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) के जैतपुर के गांव में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब झाड़ियों में हैंड ग्रेनेड (Hand Grenade) मिला. इसकी सूचना पर मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जगह पर नाकाबंदी कर दी और बम निरोधक दस्ता को सूचना दी. बताया गया है कि हैंड ग्रेनेड जंग लगा हुआ है और उसमें पिन मौजूद है.

जानकारी के मुताबिक, जैतपुर के सजेती गांव में एक किशोर जंगल में पशुओं को चराने गया था. किशोर को झाड़ियों में हैंड ग्रेनेड दिखाई दिया. इसकी सूचना पुलिस को दी गई. बताते हैं कि पुराने हैंड ग्रेनेड में जंग लगी हुई है लेकिन पिन चालू है. इस अवस्था में उसे जिंदा बम माना जाता है. बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच रहा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरी जगह सील कर दी है. हैंड ग्रेनेड कहां से आया है इस बात की जानकारी की जा रही है.

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हैंड ग्रेनेड मिलने की सूचना के बाद इलाके में दहशत फैल गई. मौके पर पुलिस पहुंच चुकी है. बम निरोधक दस्ता भी पहुंचा है, जो हैंड ग्रेनेड की जांच कर रहा है. पुलिस के मुताबिक जिंदा हैंड ग्रेनेड को किसी सुरक्षित स्थान पर जाकर बम को डिफ्यूज करवाया जाएगा. इसके बाद एक्सपर्ट से रिपोर्ट ली जाएगी कि बम कितना पुराना है.

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