COVID-19: 7 दिन में 158 नए मरीज मिलने से आगरा मॉडल पर उठने लगे सवाल
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COVID-19: 7 दिन में 158 नए मरीज मिलने से आगरा मॉडल पर उठने लगे सवाल
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केंद्र सरकार ने 12 अप्रैल को कोरोना से निपटने में आगरा मॉडल (Agra Model) की प्रशंसा करते हुए इसे पूरे देश में लागू करने की बात कही. लेकिन 14-21 अप्रैल के बीच कोरोना के 158 नए मामले मिलने से सब किए कराए पर पानी फिर गया.

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आगरा. केंद्र सरकार ने 12 अप्रैल को कोरोना से निपटने में आगरा मॉडल (Agra Model) की प्रशंसा करते हुए इसे पूरे देश में लागू करने की बात कही. लेकिन 14-21 अप्रैल के बीच कोरोना (Coronavirus) के 158 नए मामले मिलने से सब किए कराए पर पानी फिर गया. 30 अप्रैल की शाम तक 46 और मामले मिलने के साथ अब कोई 479 संक्रमित हो चुके हैं. मूल प्रश्न है कि संक्रमण नियंत्रण में मॉडल माने जाने वाला संक्रमित आगरा किस प्रकार प्रदेश का सबसे संक्रमित जिला (Most Infected District) बनता जा रहा है. केजीएमयू लखनऊ के डॉक्टरों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में अफसरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. उपचार का नोडल सेंटर जिस एसएन मेडिकल कॉलेज को बनाया गया था, वहां पर अफसरों में तालमेल का अभाव था. प्राचार्य छुटटी पर चले गए और डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ को सही ट्रेनिंग नहीं दी गई.

जमातियों के चलते मरीजों की संख्या में हुआ इजाफा

अमर उजाला के अनुसार, अप्रैल की शुरूआत में नई चुनौतियां आई और डॉक्टर और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ में भी कोरोना का संक्रमण दिखने लगा और इन्हीं से यह संक्रमण मोहल्लों आदि तक पहुंच100 जमातियों के मिलने से हालात और खराब होते चले गए. 14-21 अप्रैल के बीच मरीजों की संख्या दुगनी हो गई. गया.



आगरा मॉडल की इसलिए हो रही थी तारीफ
आगरा मॉडल में हर मरीज की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री की जानकारी जुटाई गई, जिसके इसकी बहुत तारीफ हुई. लेकिन 14 अप्रैल के बाद सब्जी बिक्रेता, दूध वाले आदि भी संक्रमित मिले तो उसकी वजह का पता नहीं चल पाया. आगरा में जरूरी सामान लोगों के घरों तक पहुंचाने के लिए बहुत तारीफ हुई. बाद में यह सब काम रोक दिए गए. आरंभ में लॉकडाउन पालन कराने के लिए पुलिस स्पेशल एक्ट और ड्रोन कैमरे बगैरह का इस्तेमाल किया गया. सोशल डिस्टेंसिंग पालन करवाने के लिए पुलिस ने लाठियां तक चलाई, जिसका काफी विरोध भी हुआ.

'आगरा में ज्यादा टेस्टिंग होने से ज्यादा मरीज सामने आए'

सीएमओ मुकेश वत्स ने कहा कि आगरा में ज्यादा टेस्टिंग होने से ज्यादा मरीज सामने आए. लगभग 5500 नमूने लिए गए जो कि उत्तर प्रदेश में कहीं और नहीं किए गए. संक्रमित जमातियों से कोरोना के संक्रमण का प्रसार हुआ है. हम पूल सैम्पलिंग भी करा रहे हैं और हमारा फोकस हॉटस्पॉट पर है. सब्जी और दूध वालों के नमूने भी लिए जा रहे हैं.

'कुछ दिनों से संक्रमण की रफ्तार कम हुई है'

आगरा डीएम प्रभु एन सिंह के अनुसार, विदेश से यहां काफी लोग आए हैं. अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मरीज हॉटस्पॉट इलाकों से हैं, इसलिए हम इन केंद्रों पर ही ध्यान पूरी तरह से केंद्रित किया हुआ है. नमूने लेने का काम तेजी से और व्यापक स्तर पर लिया जा रहा है. कुछ दिनों से संक्रमण की रफ्तार कम हुई है. हम सही दिशा में जा रहे हैं. जल्दी ही हालात नियंत्रण में होंगे.

अस्पतालों से भी संक्रमण फैल सकता है इस​पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और यह संक्रमण का बड़ा कारण बना. डॉक्टरों और पैरा मेडिकल को उचित प्रशिक्षण नहीं दिया गया.

मेरे शहर को वुहान  बनने से बचा लीजिए: नवीन जैन, मेयर

21 अप्रैल को मेयर नवीन जैन ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर कहा कि मेरे शहर को वुहान बनने से बचा लीजिए. 22 अप्रैल को राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा- प्रशासन हर मोर्चे पर विफल हो गई. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने आगरा मॉडल पर सवाल उठाए हैं.

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