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आगरा के SN मेडिकल कॉलेज से आउट हुआ कोरोना, 11 माह बाद खुली मुख्य सड़क

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अब एक भी कोरोना मरीज भर्ती नहीं है,.
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अब एक भी कोरोना मरीज भर्ती नहीं है,.

Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा में कोरोना संक्रमण निम्नतम स्तर तक पहुंच गया है. यहां एसएन मेडिकल कॉलेज में अब एक भी कोरोना मरीज भर्ती नहीं है.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे की शानदार रणनीति के दम पर आज एसएन मेडिकल कालेज से कोरोना आउट हो गया. मेडिकल कालेज में अब 1 भी कोरोना मरीज नहीं है. इसके साथ ही 11 महीने बाद मेडिकल कॉलेज की मुख्य सड़क से पुलिस बैरिकेडिंग को हटा लिया गया है. आवागमन भी अब सामान्य है.

बता दें पिछले साल आगरा में उत्तर प्रदेश का पहला कोरोना मरीज मिला था. केस मिलते ही हड़कंप मच गया था. शू कारोबारी परिवार के लोगों की जांच जब हुई तो 5 लोग पॉजिटिव पाए गए थे. कोरोना की रफ्तार जब आगे बढ़ी तो तबलीगी जमात के 100 से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए. इसके बाद तो कोरोना की रफ्तार बढ़ती चली गई. आगरा के कई अस्पतालों में कोरोना मरीजों की भरमार हो गई. कई हॉस्पिटल बंद करने पड़े.

डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, पुलिस प्रशासन के कर्मी सहित हजारों लोग करोना पॉजिटिव होते चले गए. कोरोना संक्रमण बढ़ते देख प्रदेश सरकार ने कई बार आगरा में टीमें भेजी. सीएम योगी आदित्यनाथ खुद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आगरा के डीएम से लगातार हालात की जानकारी लेते रहे. कोरोना योद्धाओं के साथ बेहतर तालमेल के जरिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे ने जिस जज्बे से कार्य किया उसका परिणाम आज नजर आ रहा है.



इस समय जिले में 25 एक्टिव केस
वर्तमान में कोरोना के सिर्फ 25 एक्टिव केस रह गए हैं. जनपद में भर्ती मरीजों की बात करें तो अब आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मात्र कोई भी मरीज भर्ती नहीं है. मेडिकल कॉलेज का मुख्य रास्ता एमसीएच बिल्डिंग से होकर जाता है. इस पर लगे बैरियर अब हटा लिए गए हैं. आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि सबके सहयोग से कोरोना के केस लगातार घटते जा रहे हैं, लेकिन सावधानी जरूरी है. 2 गज दूरी और मास्क है जरूरी के नियम का पालन लगातार होता रहेगा.

अब हर दिन सिर्फ 0 से 1 मरीज

आगरा में एक वक्त ऐसा था कि कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे थे. हर दिन यहां 40-50 या 60- 70 तक मरीज आते थे. कई बार तो यहां मरीजों की संख्या 1 दिन में ही 100 को पार कर गई लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत कोरोना योद्धाओं ने जिस तरह से काम किया, उसका नतीजा रहा कि अब हर दिन सिर्फ 0 या 1 कोरोना पॉजिटिव आते हैं. लगातार मरीजों की घटती संख्या से पुलिस- प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे ने बड़ी राहत महसूस की है. आम जनता में भी कोरोना का खौफ अब कम हुआ है लेकिन सतर्कता अब भी जारी है. बैठकों का दौर पहले की तरह ही होता है. हर दिन मानिटरिंग होती है और लगातार केस कैसे कम हो इस पर रणनीति बनाई जाती है.
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