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जानलेवा बुख़ार:- आगरा शहर में जानलेवा बुखार का कहर जारी, लगातार हो रही है वायरल बुखार से मौतें

जानलेवा बुख़ार:- आगरा शहर में जानलेवा बुखार का कहर जारी, लगातार हो रही है वायरल बुखार से मौतें

एसएन

एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के सामने बुखार से तड़पता बच्चा

आगरा शहर में जानलेवा बुखार अपना कहर पूरी तरह से बरपा रहा है. हर रोज लोग अपनों को खोते जा रहे हैं. इस जानलेवा बुखार का सबसे ज्यादा शिकार छोटे बच्चे हो रहे हैं. यह बुखार शहर तक ही सीमित नहीं है. इसका सबसे ज्यादा प्रकोप ग्रामीण अंचल में है. आलम ये है कि गांव के हर घर में कोई न कोई वायरल बुखार से पीड़ित है.

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    इन दिनों आगरा शहर में जानलेवा बुखार अपना कहर पूरी तरह से बरपा रहा है. हर रोज लोग अपनों को खोते जा रहे हैं. इस जानलेवा बुखार का सबसे ज्यादा शिकार छोटे बच्चे हो रहे हैं. यह बुखार शहर तक ही सीमित नहीं है. इसका सबसे ज्यादा प्रकोप ग्रामीण अंचल में है. आलम ये है कि गांव के हर घर में कोई न कोई वायरल बुखार से पीड़ित है. हर घर में चारपाई में पड़ी हुई है .जिन पर मरीज तड़प रहे हैं. शहर के अस्पतालों में बेड तक नहीं है .लोगों को अपने मरीजों को भर्ती कराने के लिए सिफारिशें करवानी पड़ रही है.

    <b>जंबो पैक,प्लेटलेट्स ,प्लाज्मा के लिए हो रही है मारामारी</b>
    डॉक्टर भी इस जानलेवा बुखार को समझ नहीं पा रहे हैं. वह समझ नहीं पा रहे हैं कि इस बुखार को वायरल की श्रेणी में रखा जाए या नहीं.जिस तरह से ये फैल रहा है,किसी वायरल से कम नहीं है.लोग अपनों को आंखों के सामने ही काल के गाल में समाते हुए देख रहें हैं. ज्यादातर मरीजों को प्लेटलेट्स प्लाज्मा और जंबो पैक की डिमांड है.आलम यह है कि मरीजों की हालत बिगड़ती जाती है.तो वहीं परिजन जंबो पैक प्लेटलेट्स प्लाज्मा लेने के लिए घंटों पैथोलॉजी के बाहर लाइन लगाए खड़े रहते हैं.

    <b>450 से ज्यादा लोगों को अब तक निगल चुका है जानलेवा बुखार ,लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ और ही</b><b>कर रहे हैं</b><b>बयां</b>
    बुधवार से लेकर अब तक 8 मरीजों की आगरा में डेंगू वायरल बुखार से मौत हो चुकी है.अब तक मौतों की बात की जाए तो आगरा शहर में इन तीन महीनों के आसपास लगभग 450 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन सरकारी आंकड़े केवल एक मरीज की ही डेंगू से मौत होने की पुष्टि करते हैं.मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अब तक 450 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ और ही तस्वीर बया कर रहे हैं.

    <b>वायरल फीवर से बचने के लिए डॉक्टर दे रहे हैं घरेलू नुस्खे अपनाने के तरीके</b>
    होम्योपैथी के डॉक्टर भरत प्रसाद शर्मा बताते हैं कि शुरुआती लक्षणों को देखकर लोग घबराए बिल्कुल भी नहीं, लोगों को अगर सर्दी खांसी जुकाम या बुखार होता है. तो उन्हें सामान्य तौर पर घरेलू नुस्खे से भी ठीक किया जा सकता है. जरूरी नहीं है कि वह वायरल फीवर ही हो ,डॉ.भरत लोगों को गिलोय का काढ़ा पीने के लिए भी कहते हैं. सामान्य दिनों में भी स्वस्थ लोग भी गिलोय का काढ़ा पी सकते हैं. जिससे उनकी इम्युनिटी मजबूत होती है. इसके साथ ही कई डॉक्टर सलाह देते हैं कि सबसे पहले अपने आसपास सफाई रखें और किसी भी झोलाछाप डॉक्टर से परामर्श ना लें .शुरुआती लक्षणों को देखकर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं,हो सके तो अपने घरों के आसपास पानी इकट्ठा ना होने दें और एंटी लारवा स्प्रे का छिड़काव समय-समय पर करते रहें.

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