Agra News: शराब पीने से 24 घंटे में 3 लोगों की मौत, मचा हड़कंप

शराब पीने से 24 घंटे में 3 लोगों की मौत (सांकेतिक तस्वीर)

सीओ (CO) एत्मादपुर अर्चना सिंह का कहना है कि किसान के स्वजन मिलावटी शराब पीने से मौत का आरोप लगा रहे हैं.

  • Share this:
आगरा. हर साल सैकड़ों की संख्या में लोग जहरीली शराब पीने से मर जाते हैं और इतने ही आंखों की रोशनी खो बैठते हैं. सवाल है कि आखिर क्यों राज्यों की सरकारें जहरीली और अवैध शराब के कारोबार (Illegal Liquor Business), उसकी तस्करी पर रोक नहीं लगा पातीं? ताजा मामला शुक्रवार देर शाम आगरा (Agra) जिले में सामने आया है. जहां एक बार फिर एत्मादपुर के गांव नगला तुलसी में एक किसान की मिलावटी शराब पीने से मौत हो गई.

मृत किसान के स्वजन पड़ोस के गांव गढ़ी गज्जू से मिलावटी शराब की बिक्री होने का आरोप लगा रहे हैं. क्षेत्र के तीन अन्य लोगों की भी मिलावटी शराब पीने से ही मौत की बात कही जा रही है. बताया जा रहा है कि बीते 24 घंटे में तीन लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई है. मगर, अभी तक पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही.

जगत सिंह और कोमल सिंह की मौत

बता दें कि नगला तुलसी निवासी 50 वर्षीय जगत सिंह किसान थे. उनके बेटे लालू ने बताया कि जगत सिंह शुक्रवार रात को गढ़ी गज्जू से शराब लेकर पीने के बाद घर आए थे. रात को सोते समय उन्हें अचानक उल्टियां होने लगीं. स्वजन उन्हें एत्माद्​दौला क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए. वहां उनकी मौत हो गई. इसके बाद वे घर लेकर पहुंच गए. उनका आरोप है कि पड़ोस के गांव गढ़ी गज्जू में हरियाणा की शराब में मिलावट करके उसे बेचा जाता है.

योगी सरकार का अनूठा 'नमामि गंगे अभियान', बिजनौर से बलिया तक 1038 घाटों पर रोज होगी आरती

इसी को पीने से जगत सिंह की मौत हुई है. सीओ एत्मादपुर अर्चना सिंह का कहना है कि किसान के स्वजन मिलावटी शराब पीने से मौत का आरोप लगा रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी. उधर, क्षेत्र में चर्चाएं हैं कि गढ़ी गज्जू में दो और अगवार गांव में एक व्यक्ति की इसी शराब को पीने से मौत हो चुकी है. दो का पोस्टमार्टम भी कराया गया. गढ़ी गज्जू के मृत व्यक्तियों के स्वजन शराब पीने से मौत की बात से इन्कार कर रहे हैं. पुलिस अभी इन तीनों व्यक्तियों की मौत का कारण जानने की कोशिश कर रही है. इस हादसे के बाद मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है.
Published by:naveen lal suri
First published: