गाड़ी को साइड नहीं दी तो उतरवाई थी 58 साल के पुलिसकर्मी की वर्दी, 24 घंटे में हो गया जज का तबादला

जज के द्वारा सजा सुनाए जाने से कॉन्स्टेबल इतना आहत हुआ कि उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया और आगरा के पुलिस प्रमुख के सामने भावुक हो गया.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 28, 2019, 11:56 AM IST
गाड़ी को साइड नहीं दी तो उतरवाई थी 58 साल के पुलिसकर्मी की वर्दी, 24 घंटे में हो गया जज का तबादला
यूपी पुलिस की वर्दी
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Updated: July 28, 2019, 11:56 AM IST
पुलिसवाहन में दो पुलिसकर्मी कोर्ट की ओर जा रहे थे, इस दौरान हॉर्न बजा तो एक गाड़ी को साइड दे‌ दी गई. इसके बाद फिर हॉर्न बजा और जगह होने के कारण साइड नहीं दी जा सकी. इस बार पीछे चल रहा वाहन किसी आम व्यक्ति का नहीं बल्कि एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का था. जज साहब को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने दोनों को अपने कोर्टरूम में बुलाकर वर्दी उतरवा दी. हालांकि अब जज का भी 24 घंटे में तबादला कर दिया गया है. अब आगरा के एसीजेएम को महोबा भेज दिया गया है.

वर्दी उतरवा कर आधे घंटे तक रखा था खड़ा
आगरा के एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि 58 साल के कॉन्‍स्टेबल घूरेलाल को जज ने आधे घंटे तक दंड स्वरूप वर्दी टोपी और बेल्ट उतार कर खड़े रहने के लिए बाध्य किया था। इसके साथ ही एसएसपी ने घूरेलाल के साथ ही उनके साथ मौजूद सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर जज के खिलाफ शिकायत की कॉपी आगरा के जिला जज, इलाहबाद हाईकोर्ट के महाधिवक्ता और प्रशासनिक जज को भी भेजी थी।दरअसल, घूरेलाल पर आरोप था कि उसने कोर्ट जाते समय जज की कार को साइड नहीं दी थी.

हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया मामला

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मयंक कुमार जैन ने शनिवार को ही एसीजेएम संतोष कुमार यादव का ट्रांसफर ऑर्डर भेज दिया। जिसके बाद यह माना जा रहा है कि हाईकोर्ट ने वर्दी उतरवाने की इस हरकत को काफी गंभीरता से लिया है। यादव को महोबा के डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के पूर्णकालिक सचिव का पद ग्रहण करने का आदेश दिया गया है। इसे साथ ही उन्हें तुरंत अपना वर्तमान चार्ज हैंडओवर करने और नई नियुक्ति का पद ग्रहण करने के बाद रिपोर्ट भेजने की बात कही गई है।

सोशल मीडिया पर मचा था बवाल
जज की इस हरकत के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला काफी छाया रहा था। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्वीट किया था कि पूरे मामले को उचित स्तर पर उठाया जाएगा।
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शुक्रवार के यूपी पुलिस ने ट्वीट किया, 'यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कॉन्स्टेबल के वर्दी उतारवाने के आदेश को बहुत गंभीरता से लिया है और इसे उचित स्तर पर उठाया है. हम पुलिसकर्मी की गरिमा के साथ खड़े हैं और समाज के सभी वर्गों से पुलिसकर्मियों के सम्मान करने की अपील करते हैं.'



बताया जाता है कि जज के द्वारा सजा सुनाए जाने से कॉन्स्टेबल इतना आहत हुआ कि उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया और आगरा के पुलिस प्रमुख के सामने भावुक हो गया. मामले के सामने आने के बाद यूपी पुलिस के सभी कर्मियों में काफी रोष है और वे जज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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First published: July 28, 2019, 9:26 AM IST
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