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आगरा के ऊपर 'पाकिस्तानी टिड्डियों का खौफ', ड्रोन से दवा का छिड़काव

आगरा के ऊपर 'पाकिस्तानी टिड्डियों का खौफ'

आगरा के ऊपर 'पाकिस्तानी टिड्डियों का खौफ'

बताया जा रहा है कि फिरोजाबाद से टूंडला होते हुए टिड्डी दल ने एत्मादपुर में प्रवेश किया. यहां से होते हुए नुनिहाई, रामबाग से टिड्डियां Locust) अलग-अलग झुंड में बंट गईं.

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आगरा. कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी से जूझ रहा उत्तर प्रदेश के ऊपर एक और संकट मंडराने लगा है. इसी कड़ी में आगरा (Agra) में टिड्डी दल (Locust Group) पहुंच चुका है. पाकिस्तान से टिड्डियों के दल ने ताजनगरी पर हमला बोल दिया. सोमवार रात से शहर के ऊपर टिड्डी दल मंडरा रहा है. मंगलवार की सुबह शहर में टिड्डी दल पर कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्र में भी कृषि विभाग की टीमें तैनात गई हैं. उप निदेशक कृषि एसएन सिंह ने बताया कि 60 प्रतिशत से अधिक टिड्डियों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि टिड्डी दल पर कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं बड़ी-बड़ी टिड्डियों को देखकर लोग दहशत में आ गए.

बताया जा रहा है कि फिरोजाबाद से टूंडला होते हुए टिड्डी दल ने एत्मादपुर में प्रवेश किया. यहां से होते हुए नुनिहाई, रामबाग से टिड्डियां अलग-अलग झुंड में बंट गईं. छोटे-छोटे दल विजय नगर, वजीरपुरा, संजय प्लेस, पीर कल्याणी, गधापाड़ा, एमजी रोड तक फैल गईं है. एक तरफ कोरोना संक्रमण, ऊपर से टिड्डी दल का आक्रमण, इस डबल अटैक से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. अधिकारी दिन रात से इस आफत से निपटने के लिए जुटे हुए हैं. किसानों को आगाह किया जा रहा है. जिले में कई जगह कीटनाशक मशीनों के साथ टीमें तैनात कर दी गई हैं.



बता दें कि टिड्डी कीट की तीन अवस्थाएं होती हैं, जिसमें से व्यस्क टिड्डी काफी हानिकारक होते हैं. टिड्डी दल दिन के समय सूर्य की चमकीली रोशनी में उड़ते रहते हैं. लेकिन शाम होने पर झाड़ियों और पेड़ों पर आराम करने के लिए नीचे उतर जाते हैं और वहीं पर रात गुजारते हैं. टिड्डी दल सूरज डूबने से दिन निकलने तक पेड़ पौधों पर आश्रय लेते हैं. ऐसे प्रभावित क्षेत्रों में कृषि रक्षा रसायनों का छिड़काव ट्रैक्टर माउंट स्प्रेयर, अग्निशमन विभाग की गाड़ियों के साथ-साथ नेपसेक स्प्रेयर से किया जा रहा है. इन रसायनों के छिड़काव का रात के समय कराया जाता है.

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Yogi Cabinet Expansion: संघर्षों से भरा रहा है BJP MLC धर्मवीर प्रजापति का सियासी सफर

UP News: खंदौली के हाजीपुर खेड़ा निवासी धर्मवीर प्रजापति मूलरूप से हाथरस जिले के बहरदोई के रहने वाले हैं. (File Photo)

UP News: वर्तमान में धर्मवीर प्रजापति यूपी माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष हैं. धर्मवीर प्रजापति भाजपा के कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं. धर्मवीर प्रजापति ने आरएसएएस स्वयंसेवक के रूप में सेवा का कार्य शुरू किया था.

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आगरा. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी की सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार (Yogi Cabinet Expansion) में इस बार जिन नए चेहरों को मंत्री बनाया जा रहा हैं, उनमें धर्मवीर प्रजापति (Dharamveer Prajapati) का नाम भी शामिल बताया जा रहा है. आगरा (Agra) के एमएलसी धर्मवीर प्रजापति का सियासी सफर संघर्ष वाला है. खंदौली के हाजीपुर खेड़ा निवासी धर्मवीर प्रजापति मूलरूप से हाथरस जिले के बहरदोई के रहने वाले हैं. वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य हैं.

वर्तमान में धर्मवीर प्रजापति यूपी माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष हैं. धर्मवीर प्रजापति भाजपा के कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं. धर्मवीर प्रजापति ने आरएसएएस  स्वयंसेवक के रूप में सेवा का कार्य शुरू किया था. इसके बाद उन्होंने भाजपा से अपने राजनीतिक सफर की शानदार शुरुआत की. वर्ष 2002 मे प्रजापति को प्रदेश संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली. उस दौरान पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ में धर्मवीर को प्रदेश का महामंत्री बनाया गया.

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इसके बाद दो बार उन्हें प्रदेश संगठन में मंत्री की जिम्मेदारी मिली. जनवरी 2019 में उन्हें माटी कला बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया. अयोध्या में श्रीराम के दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए प्रजापति ने ब्रज के आगरा, एटा, फिरोजाबाद सहित प्रदेश के अन्य ज़िलों से डिजाइनर दीप की व्यवस्था कराई थी. यूपी विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में धर्मवीर प्रजापति भाजपा से सदस्य निर्वाचित हुए. अब उन्हें मंत्री पद की अहम जिम्मेदारी मिल सकती है.

UP में आज होगा मंत्रिमंडल विस्तार, जितिन प्रसाद सहित ये नए चेहरे हो सकते हैं शामिल

बता दें आगरा से वर्तमान में तीन मंत्री हैं. आगरा जिले की सियासत में बीजेपी का पूरी तरह से दबदबा है. आगरा जिले में सभी 9 विधायक, 2 सांसद, मेयर, जिला पंचायत में अध्यक्ष भाजपा के हैं. आगरा के सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल को अभी हाल ही में मोदी कैबिनेट में केंद्रीय कानून राज्य मंत्री बनाया गया था.

केंद्र की तर्ज पर होगा UP में योगी मंत्रिमंडल विस्तार, OBC और दलित पर फोकस

यूपी के योगी मंत्रिमंडल में आगरा कैंट सुरक्षित सीट से विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, फतेहपुर सीकरी से विधायक चौधरी उदयभान सिंह को पहले ही मंत्री बनाया जा चुका है. अब बारी धर्मवीर प्रजापति की है.

आगरा में टाइगर मच्छर की एंट्री तेजी से कर रही है लोगों को बीमार

डेंगू से पीड़ित बच्चा ।

आगरा में टाइगर मच्छर Tiger Mosquito की दस्तक हो चुकी है. इस महीने टाइगर मच्छर के डंक ने महज 22 दिनों में डेंगू के 118 मरीज संक्रमित कर दिए हैं.

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आगरा में टाइगर मच्छर Tiger Mosquito की दस्तक हो चुकी है. इस महीने टाइगर मच्छर के डंक ने महज 22 दिनों में डेंगू के 118 मरीज संक्रमित कर दिए हैं. बीते 7 दिन में डेंगू के मरीजों की संख्या दोगुनी बढ़ गई है और इसके साथ ही औसतन रोजाना 10 से 12 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है. मथुरा ,फिरोजाबाद, अलीगढ़ हाथरस ,आगरा में तेजी से इन दिनों वायरल बुखार और डेंगू ने हाहाकार मचा दिया है .ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब किसी की मौत ना हुई हो. इस बार ये बच्चों को अपनी जकड़ में ले रहा है. जिला अस्पताल आगरा और SN मेडिकल कॉलेज में बेड़ो की संख्या कम पड़ रही है. इतनी तादाद में मरीज भर्ती हो रहे हैं.

किस तरह का दिखता है टाइगर मच्छर?

जिला अस्पताल के प्रभारी निरीक्षक चंद्रपाल सिंह बताते हैं कि यह मच्छर नया नहीं है. ऐडीज एजिप्टाइज मच्छर के काटने से डेंगू चिकनगुनिया होता है. इस मच्छर के शरीर पर सफेद लाइनें होती हैं और तन कर खड़ा होता है इसके चलते इसे टाइगर मच्छर भी बोलते हैं .मलेरिया की वजह मादा एनाफिलीज मच्छर है दोनों मच्छर साफ पानी में पनपते हैं. इस मच्छर के ऊपर भी सफेद कलर की धारियां होती है जिससे उसकी पहचान की जा सकती है.

डेंगू से बचने के लिए यह है बेहतरीन उपाय।

डेंगू का मच्छर साफ पानी अंडे देता है इस वजह से अपने आसपास पानी बिल्कुल भी एकत्रित ना होने दें . बरसात का मौसम चल रहा है जिस वजह से घरों की छतों ,गमलों ,पर टायरों में पानी जमा हो जाता है और ये मच्छर पनपता है . इससे बचने के लिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि सबसे पहले बच्चों को पूरी वाह के कपड़े पहनाए .सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें .कूलर में इस समय पानी बिल्कुल भी ना डालें. आसपास पानी इकट्ठा ना होने दें, जिसमें मच्छर आसानी से बच सके. इसके साथ ही डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें किसी भी झोलाछाप डॉक्टर से इलाज ना करवाएं अन्यथा जान पर बन सकती है.

हरियाणवी गानों पर झूमकर नाचीं स्कूल टीचर्स, Video वायरल हुआ तो हो गईं सस्पेंड

Agra Dance Video: पांचों शिक्षिकाओं को प्रभारी बीएसए ने निलंबित कर दिया

Agra Dance Video: आगरा के एक स्कूल की कक्षा में 5 महिला शिक्षकों के डांस पार्टी का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की हुई किरकिरी. सोशल मीडिया पर आलोचना का शिकार हुए विभाग ने पांचों शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है.

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आगरा. आगरा में परिषदीय विद्यालय की कक्षा में फिल्मी गानों और हरियाणवी गानों पर डांस (Dance Video) करने वाली 5 शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया. डांस का वीडियो सोशल मीडिया में तेज से वायरल हो रहा है. जांच के दौरान यह वीडियो आगरा के अछनेरा के साधन क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय का है. वायरल वीडियो में कुछ शिक्षिकाएं कक्षा में डांस पार्टी कर रही थी. डांस करने के 4 वीडियो तेजी से वायरल हो रहे थे. विभाग द्वारा जांच कराने के बाद 5 शिक्षिकाओं पर डांस करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए. अब पांचों शिक्षिकाओं को प्रभारी बीएसए ने निलंबित कर दिया है.

एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने निलंबन की पुष्टि की है. शिक्षा के मंदिर में बच्चों को पढ़ाने के बजाय कक्षा में डांस पार्टी करने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार सोशल मीडिया पर आलोचना का शिकार हो रहे थे. अब इस मामले में आगरा के शिक्षा विभाग ने प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपी शिक्षिकाओं को जब निलंबन का रास्ता दिखाया तो सोशल मीडिया पर भी कार्यवाही के मैसेज लगातार लोग एक दूसरे को फॉरवर्ड कर रहे हैं.

इन शिक्षिकाओं पर गिरी गाज
आगरा में कक्षा कक्ष में डांस का वीडियो वायरल होने के बाद 5 शिक्षिकाओं को निलंबित किया गया है. निलंबित अध्यापिकाओं में रश्मि सिसोदिया, जीविका कुमारी, अंजली यादव, सुमन कुमारी, सुधारानी शामिल है. आरोप पत्र में यह बताया गया है कि शिक्षिकाओं ने जो डांस किया और इस दौरान जो फिल्मी गाने बजे वह कहीं से भी शिक्षाप्रद नहीं है. इसके साथ ही शिक्षिकाओं के इस कृत्य से विद्यालय की गरिमा भी धूमिल हुई है. जांच आख्या में यह बात भी कही गई है कि शिक्षिकाओं ने अपने इस कृत्य से शिक्षक पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है. जो पांचों शिक्षिकाएं निलंबित की गई है उन्हें अलग-अलग ब्लॉक संसाधन केंद्रों से अटैच कर दिया गया है.

UP News: आगरा में बुखार और डेंगू का कहर,10 दिन में 18 बच्चों की मौत से मचा हाहाकार

Agra: जैतपुर के गुमान सिंहपुरा गांव में नए दो और मरीजों में डेंगू की पुष्टि (सांकेतिक तस्वीर)

Viral Fever in UP: मिढकौली में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप में 105 रोगियों की जांच की. बुखार के 20 मरीजों में से 18 के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए.

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आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) में बुखार (Viral Fever) और डेंगू (Dengu) लोगों पर कहर बनकर टूट पड़ा है. पिछले 10 दिनों में 18 बच्चों की मौत हो चुकी है. इसमें पिनाहट में सबसे ज्यादा आठ, आगरा के टेढ़ी बगिया, बरहन, फतेहपुर सीकरी और बाह में चार बच्चों ने दम तोड़ दिया है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू से अभी एक ही मरीज की मौत हुई है. यह मरीज बरहन के गांव बुर्ज अतिबल की 70 साल की कैला देवी हैं. इधर जैतपुर के गुमान सिंहपुरा गांव में नए दो और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई. नए मरीजों में एक किशोरी और एक 48 साल की महिला है.

दोनों डेंगू पीड़ितों को सीएचसी बाह में भर्ती कराया था. अभी तक गांव में डेंगू से 18 साल की दीपा और 4 साल के विवेक की मौत हो चुकी है. 20 से ज्यादा लोग बीमार हैं. आगरा के झरनापुरा गांव की रेशमा ने 27 दिन पहले बेटे को जन्म दिया था. दो दिन पहले ही घर मे नामकरण कार्यक्रम आयोजित कर खुशियां मनाई गई थी. लेकिन तेज बुखार के कारण मासूम की हालत गंभीर हो गई. रेशमा अपने मासूम बच्चे को लेकर निजी चिकित्सक के यहां पहुंची. चिकित्सक ने उसे सीएचसी भेज दिया.

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यहां डॉक्टरों ने बच्चे में ऑक्सीजन का स्तर कम होने की बात कहते हुए एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. एसएनमेडिकल कॉलेज जाने के दौरान रेशमा के 27 दिन के बच्चे की मौत हो गयी. आगरा प्रशासन का दावा है कि लगातार चिकित्सक गांव गांव जाकर कैंप लगा रहे हैं. पूरे जिले में अलग अलग टीमें एंटी लार्वा का छिड़काव भी कर रही हैं. मिढकौली में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप में 105 रोगियों की जांच की. बुखार के 20 मरीजों में से 18 के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए.

Agra: अतिक्रमण हटाने पहुंचा नगर निगम, तो खिन्न व्यापारी करने लगा खुदकुशी की कोशिश

फाइल फोटो

Agra News: कारोबारी का आरोप है कि यह मामला कोर्ट में चल रहा है. जब तक कोर्ट को कोई आदेश नहीं आ जाता है उसके निर्माण पर कोई कार्रवाई करना सही नहीं है. इसी बात से खिन्न होकर कारोबारी ने इस तरह की हरकत की है.

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आगरा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा (Agra) में अतिक्रमण अभियान के दौरान हंगामा खड़ा हो गया. यहां नगर निगम (Municipal Corporation) का अमला अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो इसके विरोध में एक व्यापारी ने खुदकुशी की कोशिश शुरू कर दी. यह देख नगर निगम की टीम सकते में आ गई. व्यापारी का आरोप था कि जिस निर्माण को नगर निगम ढहाने पहुंचा है उस पर कोर्ट में केस लंबित है तो इसे अचानक से कैसे तोड़ा जा सकता है. इसी के बाद उसने मोबिल ऑयल डालकर खुदकुशी की कोशिश की, जिसे पुलिस और स्थानीय लोगों ने नाकाम कर दिया.

दरअसल, आगरा के रकाबगंज इलाके में एक व्यापारी पर दुकान के बाहर अतिक्रमण करने के खिलाफ नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जा रही थी. इसी को लेकर लिहाजा नगर निगम की टीम अतिक्रमण को हटाने के लिए वहां पहुंच गई. बताया जा रहा है कि जैसे ही नगर निगम की टीम वहां पहुंची और उसने अवैध अतिक्रमण को हटाने की कोशिश की तो वैसे ही कारोबारी मोबिल ऑयल का डिब्बा लेकर सामने खड़ा हो गया और खुदकुशी करने की कोशिश करने लगा.

व्यापारी की इस हरकत को देख वहां सुरक्षा में पहुंची पुलिस सतर्क हो गई. स्थानीय व्यापारी भी उसे बचाने के लिए आ गए. उसे समझाकर बचा लिया गया. इस दौरान कारोबारी का आरोप है कि यह मामला कोर्ट में चल रहा है. जब तक कोर्ट को कोई आदेश नहीं आ जाता है उसके निर्माण पर कोई कार्रवाई करना सही नहीं है. इसी बात से खिन्न होकर कारोबारी ने इस तरह की हरकत की है.

UPSC 2020: आगरा की अंकिता जैन ने प्राप्त की तीसरी रैंक, पति भी हैं आईपीएस

UPSC Civil Services 2020 Results: अंकिता जैन के पति भी महाराष्ट्र कैडर में आईपीएस हैं.

UPSC Civil Services 2020 Results: UPSC ने सिविल सर्विस मुख्य परीक्षा 2020 का फाइनल परिणाम जारी कर दिया है. जारी परिणाम में ताज नगरी आगरा की बहू अंकिता जैन ने तीसरी रैंक हासिल की है.

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आगरा. UPSC Civil Services 2020 Results: संघ लोक सेवा आयोग ने सीएसई मेन 2020 का फाइनल परिणाम जारी कर दिया. जारी हुए परिणाम में ताज नगरी आगरा की बहू अंकिता जैन ने तीसरी रैंक हासिल करके इसका गौरव बढ़ाया है. आगरा की बहू अंकिता जैन डिफेंस एस्टेट ग्वालियर रोड की रहने वाली हैं. वह जैन आगरा के चिकित्सक दंपति डॉ राकेश त्यागी एवं डॉक्टर सविता त्यागी की पुत्रवधू है.

वर्तमान समय में अंकिता जैन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विसेज मुंबई में तैनात हैं. उनके पति भी महाराष्ट्र कैडर में आईपीएस हैं. अंकिता जैन की शादी आईपीएस अभिनव त्यागी, जोकि आगरा के रहने वाले हैं, उनके साथ 2 महीने पहले हुई थी. अंकिता जैन मूल रूप से दिल्ली के शास्त्री नगर की रहने वाली हैं. उनके ससुर डॉक्टर राकेश त्यागी और सास डॉक्टर सविता त्यागी का ग्वालियर रोड पर नर्सिंग होम है. पुत्रवधू अंकिता जैन के आईएएस बनने के साथ-साथ देश में उनकी तीसरी रैंक आने  से सास ससुर बेहद खुश हैं.

ससुराल में खुशी का माहौल
अंकिता जैन को मिली कामयाबी पर आगरा के ग्वालियर रोड स्थित उनकी ससुराल में खुशी का माहौल है. अंकिता जैन के ससुर डॉ राकेश त्यागी ने कहा कि उनका बेटा अभिनव पहले से आईपीएस है,  अब उनकी खुशी दोगुनी हो गई है कि उनकी बहू अंकिता आईएएस बन जाएगी. आगरा की अंकिता जैन के आईएएस बनने के बाद उनके परिवारी जनों को लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं. ताजनगरी के अधिकांश प्रमुख लोगों ने अंकिता के परिवार जनों को यूपीएससी परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने पर बधाई दी है.

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Agra: इटावा के BJP सांसद के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी, जानें क्या है मामला

इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया के कोर्ट में नहीं हाजिर होने पर जारी हुआ गैर जमानती वॉरंट.

non-bailable warrant : कठेरिया पहले आगरा के सांसद हुआ करते थे, वर्तमान में इटावा के हैं. 26 सितंबर 2009 को आगरा के राजा मंडी स्टेशन पर बड़ा प्रदर्शन हुआ था और इसी मामले में प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया सहित कई लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई थी.

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आगरा. भारतीय जनता पार्टी के सांसद रामशंकर कठेरिया के खिलाफ आगरा की एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैर जमानती वॉरंट जारी कर दिया है. दरअसल, कोर्ट में कठेरिया की तारीख थी, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए थे. ऐसे में कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रामशंकर कठेरिया के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी कर दिया.

बता दें कि कठेरिया पहले आगरा के सांसद हुआ करते थे, वर्तमान में इटावा के हैं. 26 सितंबर 2009 को आगरा के राजा मंडी स्टेशन पर बड़ा प्रदर्शन हुआ था और इसी मामले में प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया सहित कई लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई थी. यह मामला आगरा की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है.

12 साल पुराना मामला

यह मामला 12 साल पुराना है. बता दें कि उच्च न्यायालय के खंडपीठ की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे वकीलों के समर्थन में 26 सितंबर 2009 को जोरदार प्रदर्शन हुआ था. इसमें सांसद रामशंकर कठेरिया ने अन्य राजनीतिकों के साथ राजामंडी रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया था. तत्कालीन स्टेशन मास्टर की शिकायत पर सांसद रामशंकर कठेरिया सहित कई नेताओं पर एफआईआर हुई थी. अन्य आरोपी की पत्रावली पृथक करने के कारण सांसद रामशंकर कठेरिया के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई अलग से हो रही है.

अब 27 को सुनवाई

अब 27 सितंबर को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई होगी. कठेरिया पर दर्ज मुकदमे में पिछले गुरुवार को स्पेशल जज एमएलए-एमपी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए थे. कठेरिया को अपने बचाव में गवाह पेश करने के लिए 23 सितंबर की तिथि नियत की गई थी, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए. अब 27 सितंबर को सुनवाई होगी.

जिला अस्पताल की OPD में घंटो खड़े रहने से बुजुर्ग महिला बेहोश होकर गिरी 

घंटों ओपीडी की लाइन में खड़े होने पर बेहोश होकर गिरी बुजुर्ग महिला

जिला अस्पताल की ओपीडी का आलम ये है कि पर्चा बनवाने के लिए मरीज़ो को घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ता है .

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जिला अस्पताल की ओपीडी का आलम ये है कि पर्चा बनवाने के लिए मरीज़ो को घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ता है . पर्चा बनवाने की लाइन में घंटों खड़े रहने से एक बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी. इसके साथ ही उमस की वजह से कई मरीजों की भी तबीयत बिगड़ गई. कई मरीजों का गुस्सा भी कैमरे के सामने फूटा उन्होंने कहा कि हम कई घंटों से लाइन में खड़े हैं. ओपीडी में पर्चा बनाने की प्रक्रिया बेहद धीमी है. जिस वजह से लंबी लंबी कतारें लगी हुई है. इसके बाद भी डॉक्टरों के केबिन के बाहर भी हमें घंटों लाइन लगानी होती है.तब कहीं जाकर इलाज मिल पाता है.

मुश्किल से बनता है ओपीडी का पर्चा घंटों डॉक्टरों के केबिन के बाहर लगानी पड़ती है लाइन

आगरा जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे हैं. मरीजों को सबसे पहले जिला अस्पताल की ओपीडी में लंबे इंतजार से पहले
दो,चार करना पड़ता हैं. घंटों लाइन में खड़ा होने के बाद तब कही जाकर पर्चा बनता है. इसके बाद डॉक्टरों के केबिन के बाहर फिर से लाइन में लगाते हैं.  तब जाकर कहीं डॉक्टर उन्हें देखते हैं इस पूरी प्रक्रिया में मरीजों का आधा दिन बीत जाता है.

नहीं मिलती जिला अस्पताल में पूरी दवाई

कई मरीजों का कहना है जिला अस्पताल में दवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है डॉक्टर ज्यादातर बाहर की दवाइयां लिखते हैं.जिला अस्पताल की फार्मेसी में ज्यादातर दवाइयां उपलब्ध नहीं है. सभी को एक जैसी दवाई देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है. भले ही डॉक्टर दवाई लिखे लेकिन फार्मेसी पर यह कह दिया जाता है कि यह दवा उपलब्ध नहीं है ,बाहर से ले ली जाए.यह एक दो मरीजों के साथ नहीं होता तमाम ऐसे मरीज हैं जिन्हें मजबूरन बाहर से दवाई लेनी पड़ती है.

Agra में बकरी का दूध हो गया 300 रुपये लीटर, बड़ी वजह आ रही सामने

दूध की बढ़ती कीमतें अब लोगों को परेशान कर रही हैं. तीन सौ रुपये लीटर तक बकरी के दूध की कीमत आगरा में पहुंच गई है. (फाइल फोटो)

Dengue Fever in UP: आगरा और आस पास के जिलों में फैल रहे वायरल और डेंगू के चलते बकरी के दूध की डिमांड तेजी से बढ़ गई है. ऐसे में दूध का उत्पादन कम और मांग ज्यादा होने के चलते अब कीमतें आसमान छू रही हैं.

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आगरा. पूरे उत्तर प्रदेश में मलेरिया और डेंगू का प्रकोप है, बड़े और बच्चे सभी इसकी चपेट में आते जा रहे हैं. इन बीमारियों के चलते एक तरफ तो लोग अपनी सेहत से जा रहे हैं और वहीं दूसरी तरफ ये उनकी जेब पर भी भारी पड़ रहा है. हालात ये हो गए हैं कि आगरा में कभी 50 से 80 रुपये लीटर तक बिकने वाला बकरी का दूध इन दिनों 300 रुपये लीटर से भी महंगा बिक रहा है. कारण है डेंगू और अन्य बुखार में बकरी का दूध काफी फायदेमंद माना जाता है. चिकित्सक भी बीमारी के दौरान बकरी का दूध पीने की सलाह देते हैं. ऐसे में अब अचानक बकरी के दूध की डिमांड बढ़ चुकी है.
हालात ये हो गए हैं कि अब बकरी का दूध लेने के लिए आगरा के वजीरपुरा, मंटोला, सिकंदरा, ताजगंज और बिजलीघर आदि इलाकों में बकरी पालकों के घरों पर सुबह से लोगों की कतार लग जाती है.

800 रुपये किलो तक पहुंची है रेट
बकरी पालकों ने इस संबंध में बताया कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी बकरी के दूध की डिमांड तेजी से बढ़ी थी. जानकारी के अनुसार उस दिन दूध की कीमत करीब 800 रुपये तक पहुंच गई थी. एक बार फिर डेंगू और वायरल के आगरा सहित आसपास के जिलों में पैर पसार लेने के बाद बकरी के दूध की कीमत बढ़ने लगी है. अब हालात ये हैं कि कुछ परिजन तो ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों को सीधे बकरी पालकों के घर पर आते हैं और वहीं पर उन्हें दूध पिला कर घर ले जाते हैं.

मांग ज्यादा डिमांड कम
बकरी पालकों ने बताया कि दूध का जितना उत्पादन हो रहा है उससे कहीं ज्यादा उसकी डिमांड बनी हुई है. यही कारण है कि लगातार बकरी के दूध के दाम बढ़ रहे हैं. वहीं इस संबंध में एसएन मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर शैलेंद्र चौधरी ने बताया ‌कि बकरी के दूध में कई गुण ऐसे होते हैं जो कि गाय के दूध में नहीं मिलते. डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि बकरी का दूध अपनी अलग गुणवत्ता को लेकर के डेंगू रोग में लाभकारी हो जाता है.

आगरा की 136 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला पर लगा ग्रहण ,कोविड़ की वजह से इस बार भी नहीं मिली मंजूरी

 प्रतीकात्मक मुकुटों का पूजन करते आगरा के मेयर नवीन 

उत्तर भारत की सबसे प्राचीन व प्रसिद्ध आगरा के रामलीला के मंचन पर इस साल भी कोरोना का ग्रहण लगता नजर आ रहा है.

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उत्तर भारत की सबसे प्राचीन व प्रसिद्ध आगरा के रामलीला के मंचन पर इस साल भी कोरोना का ग्रहण लगता नजर आ रहा है.कोविड-19 का हवाला देते हुए इस साल भी आगरा शहर में ऐतिहासिक रामलीला का मंचन व राम बरात नहीं निकाली जाएगी. यह निर्णय रामलीला कमेटी की ओर से लिया गया है. हालांकि रामलीला के वर्चुअली प्रसारण की बात कही जा रही है.लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि जब सरकार ने सभी पाबंदियां लगभग हटा दी हैं ,जहां एक तरफ राजनैतिक पार्टियां 2022 के लिए अभी से बड़ी-बड़ी जनसभाएं कर रही हैं, उन पर सरकार का कोई भी पहरा नहीं है. लेकिन प्रभु श्री राम की अलौकिक रामलीला पर कोविड़ की गाइडलाइंस का हवाला देकर इस साल भी अनुमति नहीं दी गई है.

प्रतीकात्मक राम ,लक्ष्मण, शत्रुघ्न और भरत के मुकुट की हुई स्थापना विधिवत हुआ पूजन

हालांकि कनागत शुरू होने से पहले ही गणेश पूजा के साथ की रामलीला मंचन से पहले राम, लक्ष्मण ,शत्रुघ्न, भरत हनुमान के मुकुटों की प्रतीकात्मक स्थापना हो चुकी है. इसके बाद कनागत में कोई भी शुभ कार्य शुरू नहीं होता, ऐसी हिंदू धर्म में मान्यता है. इसी को लेकर रविवार को ही आगरा के मेयर व रामलीला कमेटी के नए निर्वाचित अध्यक्ष नवीन जैन ने प्रतीकात्मक मुकुट रखकर विधिवत पूजन किया .

वर्चुअली हो सकता है रामलीला का मंचन?

मनकामेश्वर मंदिर के प्रशासक महंत हरहरी महाराज बताते हैं कि इस साल रामलीला का मंचन ऑनलाइन हो सकता है? अगर रामलीला कमेटी की ओर से सुझाव दिया जाएगा और लोगों से भी सुझाव मांगे जाएंगे तो इस बार रामलीला का मंचन ऑनलाइन लोगों के लिए हो सकता है. आगरा की ऐतिहासिक रामलीला है. जो युवाओं को दशा और दिशा देने का काम करती है.  2 साल से रामलीला का मंचन ना होना अपने आप में ही दुर्भाग्यपूर्ण है. हालांकि प्रशासन ने 100 लोगों की परमिशन दी है. लेकिन रामलला के भक्त इतने हैं कि वह संख्या को पार कर जाएंगे ऐसे में रामलीला कमेटी के लोगों पर अंतिम निर्णय हैं.

आगरा के इस बंदे ने की शानदार पहल डेंगू के मरीजों को दे रहे हैं निशुल्क बकरी का दूध

बकरियों के साथ मोहम्मद रिजवान

जो लोग देसी इलाज में यकीन रखते हैं वह प्लेटलेट्स कम होने पर बकरी का दूध, कीवी का फल व पपीते के पत्ते का सेवन करने की सलाह देते हैं. 

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आगरा में लगातार डेंगू और वायरल बुखार अपना कहर बरपा रहा है .आसपास के जिलों में डेंगू के साथ वायरल बुखार से रोजा कई लोगो जान से हाथ धो रहे है . फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़ हाथरस तेजी से डेंगू और वायरल बुखार से मरीज दम तोड़ रहें है. ऐसे में सबसे ज्यादा जो दिक्कत आ रही है वह है मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने की . प्लेटलेट्स कम होने की वजह से लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं. इसके साथ ही जो लोग देसी इलाज में यकीन रखते हैं वह प्लेटलेट्स कम होने पर बकरी का दूध, कीवी का फल व पपीते के पत्ते का सेवन करने की सलाह देते हैं. हालांकि यह इलाज कितना कारगर और असरदार है यह तो डॉक्टर ही अच्छे से बता सकते हैं. लेकिन इन दिनों आगरा में बकरी का दूध आसमान छू रहा है.आलम यह है कि बकरी का दूध 500 रुपए प्रति लीटर तक लोगों को दूध नसीब नहीं हो रहा है.लेकिन आगरा के मंटोला के रहने वाले मोहम्मद रिजवान लोगों को फ्री में दूध बांट कर सेवा कर रहे हैं.

जरूरतमंदों की सेवा करना ही अल्लाह का काम है

मोहम्मद रिजवान और उनके पिता नवाब खुर्शीद अहमद आगरा के मंटोला इलाके में सराय नवाब शाह में बकरियां पालते हैं.इसके साथ ही उनके यहां गोश्त का भी काम है. जब आगरा में बकरी का दूध आसमान छू रहा है तब इन्होंने लोगों को मुफ्त में बकरी का दूध देने की शानदार पहल शुरू की है. मोहम्मद रिजवान बताते हैं कि इन लोगों की सहायता करना अल्लाह का काम है. हर रोज यहां 20 से 30 की संख्या में मरीज आते हैं और बकरी का दूध ले जाते हैं हम उन्हें फ्री में बकरी का दूध देते हैं.

जरा सी बारिश ने आगरा के चौराहों को बनाया तालाब आगरा मेयर के स्मार्ट दावे फेल

जान जोखिम में डालकर पानी में निकलते स्कूली बच्चे

बारिश की वजह से सेंट जॉन्स चौराहे पर पानी भर गया है. स्कूल से घर लौट रहे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बच्चे इंतजार में थे कि कब पानी निकले और कब वे अपने घर जाएं.

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आगरा स्मार्ट सिटी के दावों की सच्चाई आप इन तस्वीरों से पता लगा सकते हैं .आगरा में आज दोपहर को जरा सी बारिश ने चौराहों को तालाब में बदल दिया है . यह नजारा आगरा के सेंट जॉन्स चौराहे का है. जहां पर आज दोपहर हुई बारिश की वजह से घुटनों तक पानी भर गया . राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई राहगीर तो डर के मारे चौराहा पार ही नहीं कर रहें हैं. क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है कि कहां सीवर लाइन का नाला खुला हो सकता है और कब वह हादसे का शिकार हो सकते हैं. इसके साथ ही कई राहगीर अपनी मोटरसाइकिल को खींचते हुए पानी से निकल रहे हैं. मोटरसाइकिल के साइलेंसर में पानी भरने से बाइक बंद पड़ जाती है और फिर उसे खींच कर बाहर निकालते हैं.

घंटों खड़े रहे चौराहा पार करने के लिए स्कूली बच्चे

बारिश की वजह से सेंट जॉन्स चौराहे पर पानी भर गया है. स्कूल से घर लौट रहे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बच्चे इंतजार में थे कि कब पानी निकले और कब वे अपने घर जाएं. कई स्कूली बच्चों से बात करी तो उन्होंने बताया कि उन्हें तकरीबन डेढ़ से 2 घंटे हो गए हैं. लेकिन वहां पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं जब पानी निकलेगा तब वह अपने घर जाएंगे.

ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर बनाया जा रहा है आगरा को स्मार्ट।

आगरा के मेयर नवीन जैन लगातार दावा करते हैं कि ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर आगरा को स्मार्ट बनाया जा रहा है. आगरा वासियों को किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े. जिसके लिए नवीन जैन ने कल ही टोल फ्री नंबर भी जारी किया था. लेकिन आज ही शहर का ये हाल है ,यह एक चौराहे का हाल नहीं है आगरा के हर एक चौराहे का यही हाल है. बारिश की वजह से चौराहे तालाब में तब्दील हो गए.

आगरा विकास प्राधिकरण के गेट पर लगी 9 दलालों के नाम की होर्डिंग, प्रवेश पर प्रतिबंध

आगरा विकास प्राधिकरण में लगी दलालों की लिस्ट

Agra News: एडीए वीसी आईएएस राजेंद्र पेंसिया की पहल पर पहली बार दलालों की लिस्ट सार्वजनिक की गयी है. आगरा विकास प्राधिकरण के विभिन्न पटल पर लगातार दलालों को बैठे देखा जाता था. यह प्रक्रिया वर्षों से जारी थी.

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आगरा. आगरा (Agra) में बिचौलियों और दलालों पर योगी सरकार (Yogi Government) का हंटर चला है. एडीए यानी आगरा विकास प्राधिकरण (Agra Development Authority) में दलालों के नाम की होर्डिंग लगा दी गयी है. आगरा विकास प्राधिकरण प्रशासन ने मुख्य द्वार पर लिस्ट लगाई है. लिस्ट में 9 दलालों के नाम लिखे हैं. दलालों के एडीए में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. विकास प्राधिकरण कार्यालय में जिस विभाग में लिस्ट में शामिल दलाल मिलेंगे वहां नियुक्त कर्मी पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी का भी जिक्र होर्डिंग में किया गया है.

एडीए वीसी आईएएस राजेंद्र पेंसिया की पहल पर पहली बार  दलालों की लिस्ट सार्वजनिक की गयी है. आगरा विकास प्राधिकरण के विभिन्न पटल पर लगातार दलालों को बैठे देखा जाता था. यह प्रक्रिया वर्षों से जारी थी. तमाम शिकायतें मिलने के बाद आगरा विकास प्राधिकरण के वीसी राजेंद्र पेंसिया ने सख्त रुख अपनाते हुए सबसे पहले दलालों के नामों की तलाश की. इसके बाद 9 दलाल पहचान में आए. सभी दलालों के नाम की एक लिस्ट बनाई गई और उसे होर्डिंग पर लिखवा कर प्राधिकरण के गेट पर लगा दिया गया.

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प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित 
होर्डिंग में लिखा गया है कि 9 दलालों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है. यह दलाल जिस पटल पर बैठे पाए जाएंगे तो संबंधित पटल के कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाएगा. ताज नगरी में आगरा विकास प्राधिकरण में लगी दलालों की लिस्ट चर्चा में है. प्राधिकरण में पहली बार दलालों के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई करते हुए ना सिर्फ एडीए में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा है बल्कि सभी 9 दलालों के नाम भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं. न्यूज़ 18 से बात करते हुए एडीए वीसी राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिन दलालों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं, वह अगर ऑफिस में चहलकदमी करते दिखे तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई कर दी जाएगी.

Agra News: कारपेंटर का बेटा निकला डकैती का मास्टरमाइंड, 5 बदमाशों से 4.5 लाख रुपये बरामद

आगरा में डॉक्टर के घर पर पड़ी डकैती के आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा.

Agra Crime News: पुलिस के मुताबिक इस डकैती का मास्टरमाइंड एक कारपेंटर का बेटा है जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था. फिलहाल इस मामले में अभी दो आरोपी फरार चल रहे हैं.

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आगरा. ताज नगरी आगरा (Agra) में डॉक्टर (Doctor) के घर हुई डकैती (Robbery) का पुलिस (Police) ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए बदमाशों के पास से साढ़े चार लाख रुपये की नगदी भी बरामद हुई है. पुलिस के मुताबिक इस डकैती का मास्टरमाइंड एक कारपेंटर का बेटा है जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था. फिलहाल इस मामले में अभी दो आरोपी फरार चल रहे हैं.

आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि इस डकैती के खुलासे के लिए कई टीमें गठित की थीं। लिहाजा पुलिस ने डकैती कांड का खुलासा कर दिया. पुलिस ने खुलासा किया तो पता चला कि डॉक्टर के घर काम करने वाले कारपेंटर के बेटे ने इस वारदात को अंजाम दिया था. कारपेंटर का बेटा ही इस कांड का  सरगना था और वह अपने साथियों के साथ डॉक्टर के घर में घुसा था. फिलहाल पुलिस ने इन पांचों बदमाशों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है. जबकि दो बदमाश फरार चल रहे हैं.

ये था पूरा मामला
दरअसल, आगरा के जगदीशपुरा इलाके के आवास विकास सेक्टर 2 में डॉक्टर जसवंत के यहां सरेशाम घुसकर बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था. बदमाश घर का दरवाजे से कूद कर घर में घुसे थे और उनके हाथों में असलहे भी थे. घर में घुसते ही बदमाशों ने  डॉक्टर जसवंत और उनकी पत्नी के साथ भाई की पत्नी को बंधक बना लिया था. डॉक्टर ने जब इस डकैती का विरोध किया तो बदमाश ने तमंचे की बट को डॉक्टर के सिर में मार दिया जिससे डॉ जसवंत लहूलुहान हो गए थे. बदमाश घर में करीब आधा घण्टे तक लूटपाट करते रहे.  बदमाश घर में रखा हुआ करीब 7 लाख कैश और कुछ जेवरात लेकर चले गए थे.

आगरा: बारिश से उफनाए नाले में बह गई 5 साल की मासूम बच्ची, घंटे भर बाद मिला शव

UP: आगरा में बारिश के चलते उफनाए नाले में डूबकर एक पांच साल की बच्ची की मौत हो गई.

Agra News: आगरा के थाना ताजगंज इलाके में नाले के पास से वकील अहमद की 5 साल की बच्ची निकलकर जा रही थी. नाले के पास अचानक उसका पैर फिसल गया और बच्ची नाले में गिर गई. बहाव काफी तेज था, लिहाजा बच्ची बह गई.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) में 1 घंटे की बारिश (Rainfall) में एक मासूम बच्चे की जान ले ली. बारिश का पानी नाले में तेजी से बह रहा था और इसी तेज बहाव में एक 5 साल की बच्ची बह गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई. पानी में मासूम बच्ची के बहने का मामला थाना ताजगंज इलाके का है. यहां नाले के पास वकील अहमद की 5 साल की बच्ची निकलकर जा रही थी. नाले के पास अचानक उसका पैर फिसल गया और बच्ची नाले में गिर गई.

नाले में बारिश का पानी बह रहा था और पानी का बहाव काफी तेज था, लिहाजा बच्ची पानी के तेज बहाव में बह गई. बच्ची के बह जाने से इलाके में हड़कम्प मच गया. आसपास के लोग जमा हो गए और काफी देर तक बच्ची की तलाश में जुटे रहे लेकिन बच्ची को तलाश नहीं पाए.

स्थानीय लोगों ने पुलिस को खबर दी तो पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंच गए. गोताखोरों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी. काफी देर तक बच्ची की तलाश की गई लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका बल्कि बच्ची का शव नाले से जरूर बरामद हो गया.

आगरा में बारिश पहली बार लोगों पर मुसीबत बनकर नहीं टूटी बल्कि पहले भी कई बार लोगों को मुसीबत में डाल चुकी है. आगरा में जगह-जगह पर खुदाई का काम चला है, लिहाजा बारिश होते ही गलियां और सड़कें नाले में तब्दील हो जाती हैं. 5 साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद अब देखना होगा कि आगरा का प्रशासन या नगर निगम बहते हुए नालों को कवर कर पाएगा या नहीं या फिर फिर से किसी बड़े हादसे का इंतजार रहेगा.

आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि जैसे ही पुलिस को सूचना हुई तो दमकल की गाड़ी भेजी गई और गोताखोर भेजे गए लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका.

आगरा के लोहा मंडी में कभी बनते थे शाही हथियार ,एशिया से लेकर यूरोप तक के आते थे ख़रीददार

आगरा लोहा मंडी में कभी बनते थे शाही हथियार

लोहामंडी में कभी शाही हथियार बनाए जाते थे.ये इतने शानदार होते थे कि इनकी मांग एशिया ही नहीं, यूरोप तक थी.

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आगरा का लोहा मंडी बाजार के बनने की कहानी उतनी ही दिलचस्प है जितनी कि यहां के बने हथियारों की .लोहामंडी में कभी शाही हथियार बनाए जाते थे.ये इतने शानदार होते थे कि इनकी मांग एशिया ही नहीं, यूरोप तक थी. यूरोप से कारोबारी इन्हें खरीदने के लिए आते थे . बात मुगल बादशाह अकबर के शासन काल की है. अब लोहा मंडी में समय के साथ साथ कृषि उपकरण रोजाना उपयोग होने वाले यंत्र वह किचन में प्रयोग किए जाने वाले सामान बनाए जाते हैं.
अकबर के सेनापति मानसिंह गड़िया लोहार लेकर आए थे आगरा
लोहा मंडी को बसाने के पीछे आगरा के मशहूर इतिहासकार राज किशोर शर्मा राजे बताते हैं कि मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप और अकबर की सेनाओं के बीच वर्ष 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध हुआ था .अकबर की सेना के उस वक़्त सेनापति राजा मान सिंह थे. अकबर के आदेश पर युद्ध के बाद गढ़िया लुहारों को मान सिंह अपने साथ सैकड़ों की संख्या में गढ़िया लुहारों को आगरा ले आए.मानसिंह ने इन लोहारों को जिस जगह पर बसाया था. वह जगह लोहा मंडी कहलाई .
उस समय लोहा मंडी बाजार में बनते थे हथियार एशिया तक थी मांग.
गढ़िया लोहारों के बारे में कहा जाता है कि लोहे के हथियार बनाने में बेहद कुशल कारीगर थे. युद्ध के दौरान गड़िया लोहार बेहद सटीक और मजबूत हथियार बनाते थे. जिस वजह से उन हत्यारों की मांग एशिया से लेकर पूरे यूरोप तक की इन लोहारों को जो कोई भी राजा जीत लेता था अपने साथ ले जाता था और अपने सेना के लिए इन लोहारों से हथियार बनवाता था .

अंग्रेजों के आने से बदला लोहा मंडी का व्यवसाय.
इतिहासकार राज किशोर राजे ने अपनी किताब तवारीख -ए- आगरा में लिखते है कि लोहामंडी का जिक्र मुगल दौर में आगरा आए फ्रांसीसी यात्री बर्नियर ने भी किया है. उसने लिखा है कि यहां बने हथियारों की बात ही कुछ और थी. ये यूरोप तक पसंद किए जाते थे .लेकिन समय के साथ यहां का व्यापार बदला , भारत में अंग्रेजों के आने के बाद लोहामंडी का स्वरूप बदल गया.बंदूकें आ जाने से लोहे के हथियारों की जरूरत पहले जैसी नहीं रह गई. यहां लोहे की जाली, दरांती तवा, बाल्टी ,कृषि उपकरण ,जंजीर,तसले आदि सामान बनने लगे. घनी आबादी के बीच अब सामान उतारने में होती है बेहद दिक्कत.लोहा मंडी के व्यापारी तरुण जैन बताते हैं कि लोहामंडी में लोहे का बड़ा-बड़ा सामान अभी भी बाहर से मंगवाना पड़ता है. जिसके लिए ट्रांसपोर्टेशन की जरूरत पड़ती है. यहां का एरिया बेहद घनी आबादी में है जिस वजह से बड़े वाहन अब इस मंडी में आ नहीं पाते.जिसकी वजह से यहां लेबर भी महंगी हो गई है रात में बड़ी गाड़ियां को इस बाजार में प्रवेश की अनुमति मिलती है.

अब घर बैठे आगरा शहर वासियों की समस्या का होगा समाधान मेयर नवीन जैन ने जारी किया टोल फ्री नंबर

पीएम मोदी के जन्मदिन पर टोल फ्री नंबर जारी करते आगरा के मेयर नवीन जैन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव पर आगरा महापौर ने एक बड़ी पहल की शुरुआत की है.आगरा महापौर नवीन जैन ने शहरवासियों के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव पर आगरा महापौर ने एक बड़ी पहल की है.आगरा महापौर नवीन जैन ने शहरवासियों के लिए योजनाओं का पिटारा खोल दिया है. इसके साथ ही शहर वासियों को किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े इसके लिए नगर निगम से संबंधित सभी समस्याओं के लिए मेयर ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है . 0562 – 25 51600 इस नंबर पर आप फोन करके शहर के किसी भी कोने से नगर निगम से अपनी शिकायत कर सकते है.
सप्ताह के सोमवार को 3:00 बजे से 4:00 बजे तक समस्याएं सुनेंगे मेयर
नगर निगम की हेल्पलाइन पर प्रत्येक सोमवार 3 से 4 बजे अपनी समस्याओं से नगर निगम और महापौर से दर्ज करा सकते हैं . एक सप्ताह के अंदर अगर किसी पीड़ित की समस्या का हल नहीं होता है तो पुनः सोमवार को उस पर फोन कर जानकारी दी जा सकती है. आगरा के महापौर नवीन जैन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि आपकी समस्या इन दिए गए फोन नंबर पर दर्ज करके जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा.
महापौर नवीन जैन ने \”मेयर को बोलो\” अभियान का किया आगाज 
महापौर नवीन जैन ने शहर के गड्ढा युक्त सड़कों के लिए एक अक्टूबर से अभियान चलाने की बात कही है. ताजनगरी की हर छोटी बड़ी सड़क को गड्ढा मुक्त किया जाएगा. इसके अलावा हर गली मोहल्ले की साफ सफाई को लेकर भी आगरा के मेयर नवीन जैन ने बड़े-बड़े दावे किए हैं. लगातार सड़कों व नालों की सफाई को लेकर नगर निगम को घेरा जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वे  जन्मदिन के मौके पर मेयर नवीन जैन ने \”मेयर को बोलो समस्याओं का समाधान पाओ\”अभियान शुरू किया है. अब शहर वासियों की समस्याएं कितनी कम होती है और यह अभियान कितनी गति पकड़ता है या तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

CM योगी बोले- पहले मुख्यमंत्री बनने पर बनवाई जाती थीं हवेलियां, हमने 42 लाख गरीबों के घर बनाए

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि 2017 से पहले यूपी में अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे और हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे होते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उनसे पहले के मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन हमने इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में 42 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगा .

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई भी पर्व शांति से नहीं हो पाता था लेकिन बीतेचार साल से कोई दंगा नहीं हुआ.इससे लोगों की धारणा बदली और निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

कोरोना प्रबंधन की तारीफ़
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी ने भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

Agra: 19 दिन में 7 बच्चों की मौत, CMO ने कहा- इलाज का वक्त नहीं दे रहा वायरल बुखार

आगरा में वायरल फीवर के कहर के साथ डेगूं के भी मरीज मिले हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

Viral fever: सीएमओ ने दावा किया, ‘इस बुखार में अजीब बात यह है कि हमें इलाज के लिए बहुत कम समय मिल रहा है और लोगों की मौत बहुत जल्दी हो रही है.’ सीएमओ ने कहा कि आगरा में इस साल अभी तक डेंगू के 61 मामले आए हैं.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सितंबर महीने में वायरल बुखार से 7 बच्चों की मौत हो गई है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को यह जानकारी दी और साथ ही फतेहपुर सीकरी में डेंगू से 2 बच्चों की मौत होने संबंधी खबरों का खंडन किया. श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा में इस महीने में वायरल बुखार से 7 बच्चों की मौत हुई है.

सीएमओ अरुण कुमार ने बताया कि रविवार सुबह चाचिहा गांव में 14 साल के लड़के की मौत हुई है, वहीं शनिवार शाम फतेहपुर सीकरी के रसूलपुर गांव में दो भाई-बहनों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि एत्तमाद-उद-दौला थाना क्षेत्र के गिरिराज धाम कॉलोनी में बृहस्पतिवार को दो बच्चों की मौत हुई है, जबकि वहीं नुनहाई में एक बच्चे की मौत हुई है. सीएमओ के मुताबिक, खानडोली के खडिया गांव में भी एक बच्चे की मौत हुई है.

डेंगू नहीं, वायरल बुखार से बच्चों की मौत

सीएमओ ने दावा किया, ‘इस बुखार में अजीब बात यह है कि हमें इलाज के लिए बहुत कम समय मिल रहा है और लोगों की मौत बहुत जल्दी हो रही है.’श्रीवास्तव ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया है कि रसूलपुर में हुई दो बच्चों की मौत का कारण डेंगू है, उन्होंने कहा कि इन दोनों बच्चों की मौत भी वायरल बुखार के कारण हुई है.

आगरा में अबतक डेंगू के 61 मामले

सीएमओ ने कहा कि आगरा में इस साल अभी तक डेंगू के 61 मामले आए हैं. इनमें से 41 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है, जबकि 20 का सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

Agra Nwes: हथियारों से लैस बदमाशों ने डॉक्टर के घर बोला धावा, लाखों की डकैती डाल हुए फरार

Agra: डॉक्टर के घर पड़ी लाखों की डकैती

Agra Crime News: शनिवार देर शाम करीब आठ बजे डॉक्टर जसवंत और उनकी पत्नी के अलावा घर में एक महिला रिश्तेदार रुकी हुई थीं. तभी हथियारबंद कई बदमाश घर में घुस आए. बदमाशों ने डॉक्टर समेत तीनों लोगों को बंधक बना लिया.

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आगरा. ताज नगरी आगरा (Agra) में डॉक्टर के घर में डकैती (Robbery) की बड़ी  वारदात हुई. डकैती की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक हथियारबंद बदमाश डॉक्टर के घर में  घुसे और परिवार को बंधक बनाकर लाखों की डकैती की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. डकैती की यह वारदात आगरा थाना जगदीशपुरा इलाके के सेक्टर-2 में हुई.

शनिवार देर शाम करीब आठ बजे डॉक्टर जसवंत और उनकी पत्नी के अलावा घर में एक महिला रिश्तेदार रुकी हुई थीं. तभी हथियारबंद कई बदमाश घर में घुस आए. बदमाशों ने डॉक्टर समेत तीनों लोगों को बंधक बना लिया. बंधक बनाने के बाद बदमाश घर में लूटपाट करने लगे. डॉ जसवंत ने जब लूटपाट का विरोध किया तो एक बदमाश ने तमंचे की बट उनके सिर में मार दी, जिससे डॉ जसवंत लहूलुहान हो गए. बदमाशों के हौसले और तेवर देखकर सभी लोग डर और सहम गए. करीब आधा घण्टे तक बदमाश घर में लूटपाट करते रहे. अलमारी में रखा हुआ कैश और जेवरात लूटकर बदमाश भाग गए.  बदमाश डॉक्टर के घर से 15-20 लाख रुपए का माल लेकर फरार हुए हैं.

बदमाशों की तलाश के लिए लगी कई टीम
डकैती पड़ने की जानकारी मिलते ही मौके पर एसएसपी मुनिराज व अन्य आलाधिकारी मय फोर्स पहुंचे।आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि बदमाश हथियार लेकर घर में घुसे थे और इस वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए. बदमाशों की तलाश के लिए कई टीमें लगा दी गयीं हैं. जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी कर वारदात का खुलासा किया जाएगा.

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