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OMG Election News: 100 चुनाव हारने का बनाना चाहते हैं रिकॉर्ड, अब तक 93 इलेक्‍शन में हो चुके हैं पराजित

OMG Election News: 100 चुनाव हारने का बनाना चाहते हैं रिकॉर्ड, अब तक 93 इलेक्‍शन में हो चुके हैं पराजित

UP Election Latest Update: हसनू राम 100 चुनाव हारने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं. वह अब तक 93 चुनाव हार चुके हैं और 94वीं बार नामांकन पत्र खरीदा है. (हिमांशु त्रिपाठी/न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

UP Election Latest Update: हसनू राम 100 चुनाव हारने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं. वह अब तक 93 चुनाव हार चुके हैं और 94वीं बार नामांकन पत्र खरीदा है. (हिमांशु त्रिपाठी/न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Uttar Pradesh Assembly Ajab Gajab News: 75 साल के हसनू राम को एक बड़ी पार्टी ने टिकट देने का आश्‍वासन दिया था, लेकिन वह पार्टी वदाखिलाफी कर गई. इसके बाद हसनू राम ने अपने दम पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था. हसनू राम विधायकी से लेकर सांसदी और नगर निगम तक का चुनाव लड़ चुके हैं. उन्‍हें हर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. वह 100 चुनाव हारने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं.

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आगरा. उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जहां लोग इलेक्‍शन जीतने की हसरत से मैदान में उतरते हैं, वहीं एक शख्‍स ऐसा भी है जो चुनाव हारने की कामना लेकर विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं. यह शख्‍स अब तक 93 बार चुनाव लड़ चुके हैं. इनमें उनको हार भी मिल चुकी है. अब उन्‍होंने 94वीं बार नामांकन पत्र भरने की तैयारी कर रहे हैं. उनकी हसरत है 100 चुनाव हारने का रिकॉर्ड बनाना. जी हां! आपने सही सुना. इनका नाम है हसनू राम. हसनू राम कहते हैं कि उन्‍हें इस बार भी चुनाव हारने से कोई नहीं रोक सकता है.

जानकारी के अनुसार, सिर्फ हारने के लिए अब तक 93 चुनाव लड़ चुके अंबेडकरी हसनू राम एक बार फिर से चुनावी मैदान में ताल ठोकने जा रहे हैं. हसनू राम का यह 94वां चुनाव है और उनका दावा है कि किसी में दम नहीं है जो उन्हें हारने से रोक सके. हसनू राम 100 चुनाव हार कर एक रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं. 75 साल के हसनू राम अलग-अलग 93 चुनाव अब तक लड़ चुके हैं. उन्हें अपनी हार पर खुशी महसूस होती है. खेरागढ़ तहसील के नगला दूल्हा के निवासी हसनू राम के बार-बार चुनाव लड़ने की कहानी भी रोचक है.

एक बड़ी पार्टी ने की थी वादाखिलाफी
करीब 36 साल पहले बड़ी पार्टी ने चुनाव लड़ाने का आश्वासन देकर हसनू राम को टिकट नहीं दिया था. हसनू राम को यही बात खल गई. इसके बाद से वह हर चुनाव लगातार लड़ते आ रहे हैं. हसनू राम पहले राजस्व विभाग में अमीन के पद पर कार्यरत थे, लेकिन चुनाव के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी थी. नौकरी छोड़ने के बावजूद जब उन्हें पार्टी से टिकट नहीं मिला, तब उन्होंने नगर निगम, विधानसभा से लेकर लोकसभा तक प्रत्येक चुनाव लड़ने का निर्णय लिया. 15 अगस्त 1947 को जन्मे हसनू राम अंबेडकरी पहले वामसेफ में भी सक्रिय रह चुके हैं. एक पार्टी से उन्होंने टिकट मांगा था, उस पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि तुम्हें तुम्हारे पड़ोसी का भी वोट नहीं मिलेगा, ऐसे में चुनाव लड़ कर क्या करोगे? इसके बाद से हसनू राम ने हार को गले लगाने का संकल्प ले लिया.

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 पहले चुनाव में पाया था 17,111 वोट
पहले उन्होंने फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और 17,111 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे. इसके बाद से हसनू राम प्रत्येक चुनाव लड़ते आ रहे हैं और 1985 से अब तक विधानसभा, लोकसभा, पंचायत समेत सभी चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किस्मत आजमा चुके हैं.

राष्‍ट्रपति चुनाव लड़ने की कोशिश
हसनू राम ने राष्ट्रपति पद के लिए भी पर्चा खरीदा था. इसके अलावा सहकारी बैंक, एमएलसी सहित विभिन्न चुनाव लड़ चुके हैं. अब साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हसनू राम ने आगरा जिले की 2 सीटों से मैदान में उतरने का फैसला किया है. नामांकन पत्र खरीदने के बाद हमने News18 से बात करते हुए कहा कि उनकी हार तय है और किसी में इतनी ताकत नहीं है जो उन्हें हारने से रोक सके. उन्होंने कहा कि हर चुनाव में हारना ही उनके जीवन का उद्देश्य है. हसनू राम का चुनाव लड़ना अपने आप में दिलचस्प और मुकम्मल कहानी है.

Tags: OMG News, Uttar Pradesh Assembly Elections, Uttar Pradesh Elections

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