Agra news

आगरा

अपना जिला चुनें

Agra News: सपा के जुलूस में लगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे, हिंदू जागरण मंच ने प्रदर्शन कर जताया विरोध

सपा के जुलूस में लगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे

सपा के जुलूस में लगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे

अब पुलिस (Police) वायरल वीडियो (Viral Video) के आधार पर देशद्रोही नारेबाजी में शामिल शातिरों की पहचान करने में जुटी है.

SHARE THIS:
आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) में समाजवादी पार्टी (SP) के जुलूस में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगने के बाद इस मामले में केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एवं आगरा सांसद एसपी सिंह बघेल ने कड़ा रुख अपनाया है. केंद्रीय मंत्री ने वायरल हुए वीडियो को अपर मुख्य सचिव गृह अवीश कुमार अवस्थी और आगरा के एसपी सिटी को भेजते हुए सख्त कार्रवाई करने को कहा है. उधर सपा के जुलूस में हुई देशद्रोही नारेबाजी के खिलाफ हिंदू जागरण मंच ने कलेक्ट्रेट में जबर्दस्त प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की.

प्रदर्शनकारियों ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसके अलावा प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. आगरा में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के क्रम में आगरा में भी सपा ने प्रदर्शन किया था. इसके बाद जुलूस निकाला गया जिसमें कुछ युवकों ने पाकिस्ताना जिंदाबाद के नारे लगाए. इसका वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ तो पुलिस भी हरकत में आ गयी. इस मामले में पांच नामजद सहित 25 अज्ञात लोगों पर एफआईआर भी दर्ज हो गयी. अब इस मामले में हिंदू संगठनों में उबाल है. इसी कड़ी में आगरा कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए हिंदू जागण मंच ने कड़ी कारवाई की मांग की है.

हिंदू जागरण मंच ने किया विरोध प्रदर्शन
आगरा में देश के खिलाफ हुई नारेबाजी को लेकर हर वर्ग से कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है. आगरा के तमाम लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने वाले वीडियो को केंद्रीय कानून राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल तक पहुंचाया. इसके बाद प्रो बघेल ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए तत्काल एसीएस होम अवनीश कुमार अवस्थी तक इस वीडियो को भेजा. प्रो बघेल ने कहा कि देश में रहकर पाकिस्तान जिंदबाद नारे लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसी हरकत कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उधर इस मामले में समाजवादी पार्टी महानगर अध्यक्ष की तरफ से सफाई आई है.



पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
सपा महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार ने कहा कि नारेबाजी करने वाले सपा कार्यकर्ता नहीं हैं. इस मामले में आरिफ खान, पंकज उर्फ पारे, चंद्र प्रकाश, दीपक, मधुकर सहित 25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आगरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. अब पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर देशद्रोही नारेबाजी में शामिल शातिरों की पहचान करने में जुटी है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

आगरा: बारिश से उफनाए नाले में बह गई 5 साल की मासूम बच्ची, घंटे भर बाद मिला शव

UP: आगरा में बारिश के चलते उफनाए नाले में डूबकर एक पांच साल की बच्ची की मौत हो गई.

Agra News: आगरा के थाना ताजगंज इलाके में नाले के पास से वकील अहमद की 5 साल की बच्ची निकलकर जा रही थी. नाले के पास अचानक उसका पैर फिसल गया और बच्ची नाले में गिर गई. बहाव काफी तेज था, लिहाजा बच्ची बह गई.

SHARE THIS:

आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) में 1 घंटे की बारिश (Rainfall) में एक मासूम बच्चे की जान ले ली. बारिश का पानी नाले में तेजी से बह रहा था और इसी तेज बहाव में एक 5 साल की बच्ची बह गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई. पानी में मासूम बच्ची के बहने का मामला थाना ताजगंज इलाके का है. यहां नाले के पास वकील अहमद की 5 साल की बच्ची निकलकर जा रही थी. नाले के पास अचानक उसका पैर फिसल गया और बच्ची नाले में गिर गई.

नाले में बारिश का पानी बह रहा था और पानी का बहाव काफी तेज था, लिहाजा बच्ची पानी के तेज बहाव में बह गई. बच्ची के बह जाने से इलाके में हड़कम्प मच गया. आसपास के लोग जमा हो गए और काफी देर तक बच्ची की तलाश में जुटे रहे लेकिन बच्ची को तलाश नहीं पाए.

स्थानीय लोगों ने पुलिस को खबर दी तो पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंच गए. गोताखोरों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी. काफी देर तक बच्ची की तलाश की गई लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका बल्कि बच्ची का शव नाले से जरूर बरामद हो गया.

आगरा में बारिश पहली बार लोगों पर मुसीबत बनकर नहीं टूटी बल्कि पहले भी कई बार लोगों को मुसीबत में डाल चुकी है. आगरा में जगह-जगह पर खुदाई का काम चला है, लिहाजा बारिश होते ही गलियां और सड़कें नाले में तब्दील हो जाती हैं. 5 साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद अब देखना होगा कि आगरा का प्रशासन या नगर निगम बहते हुए नालों को कवर कर पाएगा या नहीं या फिर फिर से किसी बड़े हादसे का इंतजार रहेगा.

आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि जैसे ही पुलिस को सूचना हुई तो दमकल की गाड़ी भेजी गई और गोताखोर भेजे गए लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका.

आगरा के लोहा मंडी में कभी बनते थे शाही हथियार ,एशिया से लेकर यूरोप तक के आते थे ख़रीददार

आगरा लोहा मंडी में कभी बनते थे शाही हथियार

लोहामंडी में कभी शाही हथियार बनाए जाते थे.ये इतने शानदार होते थे कि इनकी मांग एशिया ही नहीं, यूरोप तक थी.

SHARE THIS:

आगरा का लोहा मंडी बाजार के बनने की कहानी उतनी ही दिलचस्प है जितनी कि यहां के बने हथियारों की .लोहामंडी में कभी शाही हथियार बनाए जाते थे.ये इतने शानदार होते थे कि इनकी मांग एशिया ही नहीं, यूरोप तक थी. यूरोप से कारोबारी इन्हें खरीदने के लिए आते थे . बात मुगल बादशाह अकबर के शासन काल की है. अब लोहा मंडी में समय के साथ साथ कृषि उपकरण रोजाना उपयोग होने वाले यंत्र वह किचन में प्रयोग किए जाने वाले सामान बनाए जाते हैं.
अकबर के सेनापति मानसिंह गड़िया लोहार लेकर आए थे आगरा
लोहा मंडी को बसाने के पीछे आगरा के मशहूर इतिहासकार राज किशोर शर्मा राजे बताते हैं कि मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप और अकबर की सेनाओं के बीच वर्ष 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध हुआ था .अकबर की सेना के उस वक़्त सेनापति राजा मान सिंह थे. अकबर के आदेश पर युद्ध के बाद गढ़िया लुहारों को मान सिंह अपने साथ सैकड़ों की संख्या में गढ़िया लुहारों को आगरा ले आए.मानसिंह ने इन लोहारों को जिस जगह पर बसाया था. वह जगह लोहा मंडी कहलाई .
उस समय लोहा मंडी बाजार में बनते थे हथियार एशिया तक थी मांग.
गढ़िया लोहारों के बारे में कहा जाता है कि लोहे के हथियार बनाने में बेहद कुशल कारीगर थे. युद्ध के दौरान गड़िया लोहार बेहद सटीक और मजबूत हथियार बनाते थे. जिस वजह से उन हत्यारों की मांग एशिया से लेकर पूरे यूरोप तक की इन लोहारों को जो कोई भी राजा जीत लेता था अपने साथ ले जाता था और अपने सेना के लिए इन लोहारों से हथियार बनवाता था .

अंग्रेजों के आने से बदला लोहा मंडी का व्यवसाय.
इतिहासकार राज किशोर राजे ने अपनी किताब तवारीख -ए- आगरा में लिखते है कि लोहामंडी का जिक्र मुगल दौर में आगरा आए फ्रांसीसी यात्री बर्नियर ने भी किया है. उसने लिखा है कि यहां बने हथियारों की बात ही कुछ और थी. ये यूरोप तक पसंद किए जाते थे .लेकिन समय के साथ यहां का व्यापार बदला , भारत में अंग्रेजों के आने के बाद लोहामंडी का स्वरूप बदल गया.बंदूकें आ जाने से लोहे के हथियारों की जरूरत पहले जैसी नहीं रह गई. यहां लोहे की जाली, दरांती तवा, बाल्टी ,कृषि उपकरण ,जंजीर,तसले आदि सामान बनने लगे. घनी आबादी के बीच अब सामान उतारने में होती है बेहद दिक्कत.लोहा मंडी के व्यापारी तरुण जैन बताते हैं कि लोहामंडी में लोहे का बड़ा-बड़ा सामान अभी भी बाहर से मंगवाना पड़ता है. जिसके लिए ट्रांसपोर्टेशन की जरूरत पड़ती है. यहां का एरिया बेहद घनी आबादी में है जिस वजह से बड़े वाहन अब इस मंडी में आ नहीं पाते.जिसकी वजह से यहां लेबर भी महंगी हो गई है रात में बड़ी गाड़ियां को इस बाजार में प्रवेश की अनुमति मिलती है.

अब घर बैठे आगरा शहर वासियों की समस्या का होगा समाधान मेयर नवीन जैन ने जारी किया टोल फ्री नंबर

पीएम मोदी के जन्मदिन पर टोल फ्री नंबर जारी करते आगरा के मेयर नवीन जैन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव पर आगरा महापौर ने एक बड़ी पहल की शुरुआत की है.आगरा महापौर नवीन जैन ने शहरवासियों के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया है.

SHARE THIS:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव पर आगरा महापौर ने एक बड़ी पहल की है.आगरा महापौर नवीन जैन ने शहरवासियों के लिए योजनाओं का पिटारा खोल दिया है. इसके साथ ही शहर वासियों को किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े इसके लिए नगर निगम से संबंधित सभी समस्याओं के लिए मेयर ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है . 0562 – 25 51600 इस नंबर पर आप फोन करके शहर के किसी भी कोने से नगर निगम से अपनी शिकायत कर सकते है.
सप्ताह के सोमवार को 3:00 बजे से 4:00 बजे तक समस्याएं सुनेंगे मेयर
नगर निगम की हेल्पलाइन पर प्रत्येक सोमवार 3 से 4 बजे अपनी समस्याओं से नगर निगम और महापौर से दर्ज करा सकते हैं . एक सप्ताह के अंदर अगर किसी पीड़ित की समस्या का हल नहीं होता है तो पुनः सोमवार को उस पर फोन कर जानकारी दी जा सकती है. आगरा के महापौर नवीन जैन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि आपकी समस्या इन दिए गए फोन नंबर पर दर्ज करके जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा.
महापौर नवीन जैन ने \”मेयर को बोलो\” अभियान का किया आगाज 
महापौर नवीन जैन ने शहर के गड्ढा युक्त सड़कों के लिए एक अक्टूबर से अभियान चलाने की बात कही है. ताजनगरी की हर छोटी बड़ी सड़क को गड्ढा मुक्त किया जाएगा. इसके अलावा हर गली मोहल्ले की साफ सफाई को लेकर भी आगरा के मेयर नवीन जैन ने बड़े-बड़े दावे किए हैं. लगातार सड़कों व नालों की सफाई को लेकर नगर निगम को घेरा जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वे  जन्मदिन के मौके पर मेयर नवीन जैन ने \”मेयर को बोलो समस्याओं का समाधान पाओ\”अभियान शुरू किया है. अब शहर वासियों की समस्याएं कितनी कम होती है और यह अभियान कितनी गति पकड़ता है या तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

CM योगी बोले- पहले मुख्यमंत्री बनने पर बनवाई जाती थीं हवेलियां, हमने 42 लाख गरीबों के घर बनाए

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

SHARE THIS:

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि 2017 से पहले यूपी में अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे और हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे होते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उनसे पहले के मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन हमने इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में 42 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगा .

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई भी पर्व शांति से नहीं हो पाता था लेकिन बीतेचार साल से कोई दंगा नहीं हुआ.इससे लोगों की धारणा बदली और निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

कोरोना प्रबंधन की तारीफ़
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी ने भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

Agra: 19 दिन में 7 बच्चों की मौत, CMO ने कहा- इलाज का वक्त नहीं दे रहा वायरल बुखार

आगरा में वायरल फीवर के कहर के साथ डेगूं के भी मरीज मिले हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

Viral fever: सीएमओ ने दावा किया, ‘इस बुखार में अजीब बात यह है कि हमें इलाज के लिए बहुत कम समय मिल रहा है और लोगों की मौत बहुत जल्दी हो रही है.’ सीएमओ ने कहा कि आगरा में इस साल अभी तक डेंगू के 61 मामले आए हैं.

SHARE THIS:

आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सितंबर महीने में वायरल बुखार से 7 बच्चों की मौत हो गई है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को यह जानकारी दी और साथ ही फतेहपुर सीकरी में डेंगू से 2 बच्चों की मौत होने संबंधी खबरों का खंडन किया. श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा में इस महीने में वायरल बुखार से 7 बच्चों की मौत हुई है.

सीएमओ अरुण कुमार ने बताया कि रविवार सुबह चाचिहा गांव में 14 साल के लड़के की मौत हुई है, वहीं शनिवार शाम फतेहपुर सीकरी के रसूलपुर गांव में दो भाई-बहनों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि एत्तमाद-उद-दौला थाना क्षेत्र के गिरिराज धाम कॉलोनी में बृहस्पतिवार को दो बच्चों की मौत हुई है, जबकि वहीं नुनहाई में एक बच्चे की मौत हुई है. सीएमओ के मुताबिक, खानडोली के खडिया गांव में भी एक बच्चे की मौत हुई है.

डेंगू नहीं, वायरल बुखार से बच्चों की मौत

सीएमओ ने दावा किया, ‘इस बुखार में अजीब बात यह है कि हमें इलाज के लिए बहुत कम समय मिल रहा है और लोगों की मौत बहुत जल्दी हो रही है.’श्रीवास्तव ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया है कि रसूलपुर में हुई दो बच्चों की मौत का कारण डेंगू है, उन्होंने कहा कि इन दोनों बच्चों की मौत भी वायरल बुखार के कारण हुई है.

आगरा में अबतक डेंगू के 61 मामले

सीएमओ ने कहा कि आगरा में इस साल अभी तक डेंगू के 61 मामले आए हैं. इनमें से 41 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है, जबकि 20 का सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

Agra Nwes: हथियारों से लैस बदमाशों ने डॉक्टर के घर बोला धावा, लाखों की डकैती डाल हुए फरार

Agra: डॉक्टर के घर पड़ी लाखों की डकैती

Agra Crime News: शनिवार देर शाम करीब आठ बजे डॉक्टर जसवंत और उनकी पत्नी के अलावा घर में एक महिला रिश्तेदार रुकी हुई थीं. तभी हथियारबंद कई बदमाश घर में घुस आए. बदमाशों ने डॉक्टर समेत तीनों लोगों को बंधक बना लिया.

SHARE THIS:

आगरा. ताज नगरी आगरा (Agra) में डॉक्टर के घर में डकैती (Robbery) की बड़ी  वारदात हुई. डकैती की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक हथियारबंद बदमाश डॉक्टर के घर में  घुसे और परिवार को बंधक बनाकर लाखों की डकैती की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. डकैती की यह वारदात आगरा थाना जगदीशपुरा इलाके के सेक्टर-2 में हुई.

शनिवार देर शाम करीब आठ बजे डॉक्टर जसवंत और उनकी पत्नी के अलावा घर में एक महिला रिश्तेदार रुकी हुई थीं. तभी हथियारबंद कई बदमाश घर में घुस आए. बदमाशों ने डॉक्टर समेत तीनों लोगों को बंधक बना लिया. बंधक बनाने के बाद बदमाश घर में लूटपाट करने लगे. डॉ जसवंत ने जब लूटपाट का विरोध किया तो एक बदमाश ने तमंचे की बट उनके सिर में मार दी, जिससे डॉ जसवंत लहूलुहान हो गए. बदमाशों के हौसले और तेवर देखकर सभी लोग डर और सहम गए. करीब आधा घण्टे तक बदमाश घर में लूटपाट करते रहे. अलमारी में रखा हुआ कैश और जेवरात लूटकर बदमाश भाग गए.  बदमाश डॉक्टर के घर से 15-20 लाख रुपए का माल लेकर फरार हुए हैं.

बदमाशों की तलाश के लिए लगी कई टीम
डकैती पड़ने की जानकारी मिलते ही मौके पर एसएसपी मुनिराज व अन्य आलाधिकारी मय फोर्स पहुंचे।आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि बदमाश हथियार लेकर घर में घुसे थे और इस वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए. बदमाशों की तलाश के लिए कई टीमें लगा दी गयीं हैं. जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी कर वारदात का खुलासा किया जाएगा.

UP: सीएम योगी ने कानपुर और आगरा मेट्रो के प्रोटोटाइप ट्रेन का किया वर्चुअल अनावरण, PM मोदी करेंगे देश को समर्पित

UP: सीएम योगी ने कहा, 30 नवंबर के आसपास पीएम मोदी करेंगे देश को समर्पित (File photo)

Metro Project: मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

SHARE THIS:

गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर के प्रांगण में बने अपने से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानपुर और आगरा मेट्रो (Agra Metro) की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का अनावरण किया. इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के चार शहरों लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सफल संचालन किया जा रहा है. कानपुर और आगरा में मेट्रो का काम लगभग पूरा हो चुका है. इसके साथ ही पांच अन्य प्रमुख शहरों गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और झांसी में मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार है या अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम है.

सीएम योगी ने यह बातें शनिवार को गोरखनाथ मंदिर से कानपुर और आगरा मेट्रो की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का वर्चुअल अनावरण करते हुए कही. इस अवसर पर उन्होंने उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए उल्लास का क्षण है. वास्तव में मेट्रो जैसा सुरक्षित और आरामदायक पब्लिक ट्रांसपोर्ट आज की आवश्यकता है. 30 नवंबर के आसपास हम कानपुर और आगरा मेट्रो को देश को समर्पित करने की स्थिति में होंगे. प्रयास होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से इसका शुभारंभ कराया जाए.

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वड़ोदरा के उपक्रम में कोविडकाल की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन को समय से पहले उपलब्ध कराया गया है. सीएम ने कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना भी साकार हो रही है. मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक, मेसर्स एल्सटॉम इंडिया ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक समेत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

Agra News: शादी के 4 महीने बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, मचा हड़कंप

Agra News: शादी के 4 महीने बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी Image-shutterstock.com

Suicide in Agra: पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. लेकिन शवों के पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह सामने आ पाएगी.

SHARE THIS:

आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) के शमसाबाद के गांव महरमपुर में पति और पत्नी ने एक ही रस्सी से बने फंदों से लटककर खुदकुशी (Suicide) कर ली. शनिवार सुबह स्वजन को जानकारी हुई. तब उन्हें फंदे से नीचे उतारा गया. खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. शमसाबाद इलाके के महरम पुर गांव के रहने वाले सचिन की शादी क्रांति से चार मई 2021 को हुई थी. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ. सू

जानकारी के मुताबिक, महरमपुर निवासी (21) वर्षीय मार्बल कारीगर सचिन की चार मई 2021 को पिनाहट के सेहा गांव में रहने वाली (19) वर्षीय क्रांति से शादी हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद सचिन दिल्ली में काम करने चला गया. गांव में सास सीमा के साथ क्रांति रहती थी. क्रांति की बड़ी बहन ललिता की शादी पहले ही सचिन के भाई रवि से हुई थी. रवि और उससे बड़े भाई नीरज दोनों दिल्ली में काम करते थे.
शुक्रवार रात को पति-पत्नी खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए. आज सुबह देर तक जब वे नहीं जागे तो ललिता ने कमरे की कुंडी खटखटाई.

यह भी पढ़ें- Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव, कहा- मैं बेगुनाह हूं!

मगर, अंदर से कोई आवाज नहीं आई. ऐसे में दीवार की एक ईंट निकालकर अंदर देखा गया तो सचिन और उसकी पत्नी क्रांति पंखे के कुंडे से बंधे दो फंदों से लटके दिखाई दिए. यह देखकर घर में चीख पुकार मच गई. पुलिस ने कमरे में जाकर दोनों के शवों को फंदे से उतारा और शवों को  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. लेकिन शवों के पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह सामने आ पाएगी. प्रथम दृष्टया या मामला खुदकुशी के लग रहा है लेकिन इसकी वजह साफ नहीं है.

नशे की लत से बेटे की असमय मौत को याद कर भावुक हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर, चला रहे नशा मुक्ति अभियान

आगरा में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने लोगों को दिलवाया नशा मुक्ति का संकल्प

Agra News: केंद्रीय मंत्री कौशल ने कहा कि जब बेटे की चिता जली तो वहीं पर यह संकल्प ले लिया था कि आज के बाद समाज से नशे की बुराई दूर करने के लिए वह खुद को समर्पित कर देंगे।

SHARE THIS:

आगरा. ताजनगरी में जैन समाज के कार्यक्रम में पहुंचे केंद्र सरकार के मंत्री कौशल किशोर (Kaushal Kishore) अपने दिवंगत बेटे की याद में भावुक हो गये. केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर नशा मुक्ति अभियान के तहत नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. आगरा (Agra) में जैन समाज के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने समाज के लोगों को यह संकल्प दिलाया कि वह अपने आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने का आग्रह करेंगे. केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ सैकड़ों लोगों ने नशा मुक्ति अभियान से जुड़कर समाज में नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया.

लोगों को नशा मुक्ति को लेकर संकल्प कराने के बाद न्यूज 18 से बातचीत में केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि नशे के कारण मैने अपने 28 साल के बेटे को खोया है. केंद्रीय मंत्री कौशल ने कहा कि जब बेटे की चिता जली तो वहीं पर यह संकल्प ले लिया था कि आज के बाद समाज से नशे की बुराई दूर करने के लिए वह खुद को समर्पित कर देंगे. तब से उनका नशे के खिलाफ अभियान पूरे देश में जारी है. अपने बेटे को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री अत्यंत भावुक हो गये. उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने की गुजारिश की. उहोंने लोगों से अपील की कि वह  नशा मुक्ति आंदोलन से जुड़कर अपने रिश्तेदारों के साथ साथ आसपास के लोगों को नशा मुक्ति आंदोलन में जोड़ें.

मुद्दा विहीन है विपक्ष, यूपी में लहरायेगी बीजेपी की विजय पताका
जैन समाज के कार्यक्रम में शामिल होते हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में इस बार पिछली बार से भी अधिक सीटें बीजेपी गठबंधन को मिलेंगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है. केंद्र में पीएम मोदी और यूपी में सीएम योगी की सरकार ने हर वर्ग के लिए बहुत कार्य किया है. जनहितकारी योजनाएं धरातल पर उतरी हैं. जनता ने मन बना लिया है कि यूपी में एक बार फिर बीजेपी की ही सरकार बनेगी. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 2022 में किसी दल से कोई मुकाबला नहीं है. पूरा चुनाव एक तरफा रहेगा और बीजेपी पिछली बार से भी ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी.

विश्व भर में हिंदी की धमक इस बार अफगानिस्तान, चाइना से सबसे ज़्यादा छात्र आएंगे हिंदी सीखने आगरा

देश विदेश के छात्र आते हैं आगरा केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने

हिंदी भाषा के प्रति विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ी है. यही वजह है कि इस संस्थान में सत्र 2021-22 में सबसे ज्यादा 11  चाइनीस छात्रों ने यहां दाखि?

SHARE THIS:

हम सभी को पता है कि 14 सितंबर को पूरे विश्व भर में हिंदी दिवस मनाया जाता है. संविधान सभा की 1949 में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि देश की भाषा हिंदी होगी. हिंदी दिवस के मौके पर इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को लेकर जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मजबूती प्रदान करना है. इसी उद्देश्य को आगरा केंद्रीय हिंदी संस्थान साकार करने की कवायद में जुटी है . इस संस्थान में पढ़ने के लिए हर साल पूरे विश्व भर से छात्र आते हैं और यहां हिंदी सीखते हैं . देश के कोने कोने से आने वाले छात्र आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने के अलावा सबसे पहले हिंदुस्तान का कल्चर सीखते हैं. जिससे अगर वह अपनी पढ़ाई पूरी कर कर अपने देश लौटे तो हिंदी के साथ-साथ भारत का कल्चर भी साथ लेकर जाएं.

कोरोना काल में भी बढ़ी छात्रों की हिंदी सीखने में रुचि

हिंदी भाषा के प्रति विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ी है. यही वजह है कि इस संस्थान में सत्र 2021-22 में सबसे ज्यादा 11 चाइनीस छात्रों ने यहां दाखिला के लिए आवेदन किया है.वही अफगानिस्तान के छात्रों ने भी इस बार पिछली बार की अपेक्षा संख्या बड़ी है . इस बार केंद्रीय हिंदी संस्थान में 30 अलग-अलग देशों से 120 आवेदन आए हैं जुलाई में ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है 63 लोगों ने केंद्रीय हिंदी संस्थान में पढ़ने की सहमति जताई है.

कोविड़ की बजह से अब ज्यादातर होगी ऑनलाइन पढ़ाई

केंद्रीय हिंदी संस्थान की निदेशक बीना शर्मा ने बताया कि कोविड-19 की वजह से अब छात्रों को ऑनलाइन क्लास शुरू होंगी. जिस वजह से छात्रों को और सहूलियत मिल गई है. छात्र अपने घर बैठे ही हिंदी को आराम से सीख सकते हैं .इस बार चाइना ,अफ़गानिस्तान, साउथ कोरिया ,श्रीलंका ,इजिप्ट जैसे देशों से छात्र ऑनलाइन ही हिंदी सीख रहे हैं. इसके साथ ही बीना शर्मा का कहना है कि आधुनिकता के दौर में लोग तेजी से इंग्लिश को अपना रहे हैं लोग आज कल इंग्लिश को बोलचाल की भाषा में ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. इसका यह मतलब  नहीं है कि किसी भी तरह से हिंदी की लोकप्रियता कम हुई है. आज भी हम दिल की बात आपस में हिंदी में ही करते हैं और उसमें अपना ही अलग मजा है. भाषा केवल एक दूसरे से अपने विचार विमर्श करने का जरिया है. जो कि किसी भी भाषा में हो सकता है. हमें अपनी हिंदी भाषा पर बेहद गर्व है हमारे पास एक शब्द के हजारों अर्थ हैं जो किसी और भाषा में नहीं है.

आगरा: बेंगलुरू से आई फ्लाइट के यात्रियों से मिलने पहुंचे सीएम योगी, बच्चों को किया दुलार

सीएम योगी आदित्यनाथ आगरा के खेरिया एयरपोर्ट यात्रियों के बीच पहुंच गए.

Agra Kheria Airport : सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ दौरे से लौटते समय आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर पहुंच गए. एयरपोर्ट पर बेंगलुरु से आगरा पहुंची फ्लाइट में यात्री और पर्यटकों के बीच सीएम योगी ने पहुंचकर छोटे-छोटे बच्चों को दुलार किया. यात्री अपने बीच सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन को देख खुश हो गए.

SHARE THIS:

आगरा. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अलीगढ़ दौरे से लौटते समय आगरा के खेरिया एयरपोर्ट (Agra Kheria Airport) पर पहुंच गए. इस दौरान एयरपोर्ट पर बेंगलुरु से आगरा पहुंची फ्लाइट में यात्री और पर्यटक से सीएम मिलने पहुंच गए. पर्यटकों के साथ उनकी गोद में मौजूद छोटे-छोटे बच्चों को भी सीएम योगी ने दुलारा तो वहीं, अपने बीच अचानक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पाकर के पर्यटकों की खुशी का ठिकाना न रहा. काफी देर तक पर्यटकों से मुख्यमंत्री ने यात्रा के उनके अनुभवों की जानकारी ली. साथ ही आगरा में पर्यटन को लेकर उनकी इच्छाओं के बारे में भी बातचीत की. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी सीएम योगी के साथ थीं.

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी बेंगलुरु से उत्तर प्रदेश के आगरा में पहुंचे पर्यटकों से बातचीत की. पर्यटकों से बातचीत करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आगरा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी वार्ता की. दोपहर करीब आधे घंटे तक आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों और बेंगलुरु से आई फ्लाइट के यात्रियों से बातचीत करने के बाद सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आगरा से लखनऊ के लिए प्रस्थान किया.

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को अलीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था. अलीगढ़ में तमाम विकास योजनाओं की सौगात पीएम मोदी ने दी थी. यूपी के सीएम योगी और राज्यपाल भी अलीगढ़ वाया आगरा पहुंचे. वापसी के दौरान भी हेलीकॉप्टर से अलीगढ़ से आगरा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद करीब आधे घंटे आगरा में बिताया. उसके बाद प्लेन से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए.

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है- सीएम योगी

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है (File photo)

UP Election 2022: गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है.

SHARE THIS:

लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के नजदीक आते ही चुनावी हलचल बढ़ गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम योगी ने कहा, ‘पहले हमारे बेटियां, बहनें असुरक्षित महसूस करती थीं. सड़कों पर गड्ढे यूपी यानी उत्‍तर प्रदेश की पहचान हुआ करते थे. यहां तक कि भैंसे और बैल भी सुरक्षित नहीं थे. यह समस्‍याएं पश्चिमी यूपी में थी, पूर्वी यूपी में नहीं…लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है. क्‍या आपने यह बदलाव नहीं देखा है. ‘

सीएम योगी ने कहा, पहले स्थिति यह थी कि जहां से गड्ढे सड़कों पर प्रारंभ हो जाएं, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है, सायंकाल जहां से अंधेरा हो जाए, समझ लो वह उत्‍तर प्रदेश है, जहां पर कोई सभ्‍य व्‍यक्ति रात को सड़कों पर चलने से भयभीत हो, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है. यूपी यह तस्‍वीर पेश करता था.नौजवानों के सामने पहचान का संकट था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है. यूपी के विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी भी पूरे जोर के साथ उतरने का निर्णय लिया है. AIMIM राज्‍य में इस बार करीब 100 सीटों प्रत्‍याशी उतारेगी. पार्टी ने मुख्‍य रूप से उन सीटों पर ध्‍यान केंद्रित किया है जहां मुस्लिमों की आबादी ज्‍यादा है.

राजभर और निषाद भी हैं लामबंद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजभर और निषादों का वर्चस्व है और ऐसे में संजय निषाद की पार्टी बीजेपी के साथ है. वहीं, ओपी राजभर अभी तक ओवैसी के साथ हैं. हालांकि अंदरखाने चर्चा है, कि संजय निषाद और राजभर दोनों सपा के भी संपर्क में है. ऐसे में अब ये कयास लगा पाना तो काफी मुश्किल होगा कि राजभर और निषाद वोट किसकी तरफ शिफ्ट होता है.

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

UP: गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन (File photo)

UP News: पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है.

SHARE THIS:

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है. वहीं, सख्ती से गो तस्करी (Cow Smugglers) और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराया गया है. इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है. प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है.

प्रदेश में पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे. सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी भी की जाती थी. इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. सीएम के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया. नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है. फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं.

319 गो तस्कर गिरफ्तार, 14 पर NSA
प्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है. पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है. इसके अलावा 280 आरोपियों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

सीएम योगी ने 2018 के एक्ट में किया संशोधित
सीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया. नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे. अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है, लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी.

आगरा में बढ़ा डेंगू का प्रकोप नगर निगम के दावों की खुली पोल मलिन बस्तियों में मंडराया खतरा

मलिन बस्तियों में डेंगू का कहर

इन दिनों पूरे ब्रज में डेंगू ने अपना कहर बरपा रहा है. फिरोजाबाद ,मथुरा, मैनपुरी में हालात काबू से बाहर है. आगरा भी डेंगू से अछूता नहीं रहा

SHARE THIS:

इन दिनों पूरे ब्रज में डेंगू कहर बरपा रहा है. फिरोजाबाद ,मथुरा, मैनपुरी में हालात काबू से बाहर है. आगरा भी डेंगू के डंक से अछूता नहीं रहा है और आगरा के सरकारी व निजी अस्पतालों में 47 डेंगू के मरीज भर्ती है. कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग लगातार दावे कर रहा है कि वह शहर भर में एंटी लारवा व फॉकिंग करवा रहा है. लेकिन जब हमने ग्राउंड जीरो उतर कर मलिन बस्तियों का रुख किया तो तस्वीर कुछ और ही देखने को मिली. यहां के लोग बताते हैं कि नगर निगम तो छोड़िए किसी भी प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यहां पर झांक कर भी नहीं देखा.

मलिन बस्तियों में नाले के पास नरकीय हालात में जीवन जी रहे हैं लोग.

आगरा के लाल किले के ठीक सामने संत रविदास नगर है. यहां नाले के पास लगभग 20 सालों से झुग्गी झोपड़ियों में लोग रह रहे हैं. लेकिन प्रशासन की बेरुखी का शिकार यह लोग नरकीय हालतों में जीने को मजबूर हैं. सबसे बड़ी वजह है कि इन बस्तियों के पास दो – दो नाले बहते हैं. लगातार फिरोजाबाद के बाद अब डेंगू आगरा को अपनी चपेट में ले रहा है. मोटी मोटी फाइलों में डेंगू को रोकने के लिए प्रशासन के बड़े बड़े इंतजाम किए गए हैं .लेकिन ग्राउंड जीरो पर नगर निगम के दावे पूरी तरह से बौने साबित होते दिखाई दे रहे है.

अगर शासन ने जल्द नहीं उठाया कदम तो हालात होंगे बद से बदतर.

इन बस्तियों में रहने वाले लोग ज्यादातर रेडी ठेली लगाने वाले हैं.यह  लोग रोज कमाते खाते हैं. अगर उनके बच्चों की तबीयत खराब होती है तो इनके पास इतनी भी सुविधाएं नहीं है वह अपने बच्चों का इलाज भी करवा सकें. ऐसे में अगर डेंगू इन बस्तियों में फैलता है या इसके अलावा नया वायरस D-2  बच्चों को शिकार बनाता है तो हालात बद से बदतर हो सकते हैं. कोविड-19 से पहले ही स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं और अगर इन लोगों में बड़ी संख्या में ये वायरस पनपता है तो डेंगू का वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या विकराल रूप धारण कर सकती है.

'रिवॉल्वर रानी' प्रियंका मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, ट्रोलर्स की बदजुबानी से हुई थीं आहत

महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का इस्तीफा मंजूर

Agra News: आगरा के एमएम गेट पुलिस थाने में तैनात रही महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का एक सरकारी रिवॉल्वर के साथ वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में प्रियंका ने वर्दी पहन रखी थी और हाथ में रिवॉल्वर ले रखी थी. इसके बाद पुुलिस विभाग ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया.

SHARE THIS:

आगरा. सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से परेशान यूपी पुलिस (UP Police) की महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा (Constable Priyanka Mishra) का आखिरकार इस्तीफा मंजूर हो गया. सरकारी रिवाल्वर के साथ वीडियो बनाकर सुर्ख़ियों में आई महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा ने इस्तीफा दिया था. उनके इस्तीफे को पुलिस के आला अधिकारियों ने मंजूरी दे दी है और अब प्रियंका मिश्रा महिला सिपाही नहीं रहीं. सोशल मीडिया के बदजुबान ट्रोलर्स ने एक युवा महिला सिपाही के कैरियर का अंत कर दिया.

आगरा के एमएम गेट पुलिस थाने में तैनात रही महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का एक सरकारी रिवॉल्वर के साथ वीडियो वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में प्रियंका मिश्रा ने वर्दी पहन रखी थी और हाथ में रिवॉल्वर ले रखी थी. वीडियो वायरल होने के बाद प्रियंका मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया गया था. इसके अलावा सोशल मीडिया में प्रियंका मिश्रा को ट्रोलर्स ने ट्रोल करना शुरू कर दिया और तमाम तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. सोशल मीडिया में ट्रोलर की बदजुबानी की वजह से प्रियंका मिश्रा बेहद आहत हुई और उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

सोशल मीडिया की सनसनी बनी प्रियंका
रिवॉल्वर के साथ प्रियंका का वीडियो सोशल मीडिया वायरल होते ही सोशल मीडिया में प्रियंका मिश्रा सनसनी बन गयी. इंस्ट्राग्राम पर वीडियो जब पोस्ट किया तो कुछ ही वक़्त में हज़ारों लोगों ने वीडियो को देख लिया. लेकिन उस वीडियो को प्रियंका मिश्रा ने हटा दिया. वर्दी वाला वीडियो भले ही हटा दिया हो, लेकिन इंस्ट्राग्राम पर प्रियंका मिश्रा के फॉलोवर बढ़ने की बाढ़ आ गयी. रोजाना हज़ारों लोग प्रियंका मिश्रा को फॉलो कर रहे हैं. प्रियंका मिश्रा ने जो वीडियो पोस्ट किए हैं, उनमें से कुछ वीडियो एक लाख से ज्यादा लोगों ने देख लिया था.

Agra News: चरवाहे को जंगल में मिला जिंदा हैंड ग्रेनेड, मचा हड़कंप, पुलिस ने इलाके को किया सील

Agra News: जंगल में जिंदा हैंड ग्रेनेड मिलने से मचा हड़कंप

Hand Grenade Found in Agra: आगरा के जैतपुर के सजेती गांव में एक किशोर को झाड़ियों में दिखा हैंड ग्रेनेड. पुलिस ने इलाके को सील कर बम निरोधक दस्ते को दी सूचना. हैंड ग्रेनेड में पिन लगा होने के कारण लोग मान रहे जिंदा बम.

SHARE THIS:

आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) के जैतपुर के गांव में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब झाड़ियों में हैंड ग्रेनेड (Hand Grenade) मिला. इसकी सूचना पर मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जगह पर नाकाबंदी कर दी और बम निरोधक दस्ता को सूचना दी. बताया गया है कि हैंड ग्रेनेड जंग लगा हुआ है और उसमें पिन मौजूद है.

जानकारी के मुताबिक, जैतपुर के सजेती गांव में एक किशोर जंगल में पशुओं को चराने गया था. किशोर को झाड़ियों में हैंड ग्रेनेड दिखाई दिया. इसकी सूचना पुलिस को दी गई. बताते हैं कि पुराने हैंड ग्रेनेड में जंग लगी हुई है लेकिन पिन चालू है. इस अवस्था में उसे जिंदा बम माना जाता है. बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच रहा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरी जगह सील कर दी है. हैंड ग्रेनेड कहां से आया है इस बात की जानकारी की जा रही है.

यह भी पढ़ें- UP Breaking News: डेंगू से प्रयागराज में पहली मौत, यूपी पुलिस के दारोगा शिखर उपाध्याय ने गंवाई जान

हैंड ग्रेनेड मिलने की सूचना के बाद इलाके में दहशत फैल गई. मौके पर पुलिस पहुंच चुकी है. बम निरोधक दस्ता भी पहुंचा है, जो हैंड ग्रेनेड की जांच कर रहा है. पुलिस के मुताबिक जिंदा हैंड ग्रेनेड को किसी सुरक्षित स्थान पर जाकर बम को डिफ्यूज करवाया जाएगा. इसके बाद एक्सपर्ट से रिपोर्ट ली जाएगी कि बम कितना पुराना है.

आगरा का ऐसा चमत्कारी मंदिर जिसके सामने फिरंगियों ने भी झुकाया था अपना सर

चामुंडा देवी मंदिर में मौजूद सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़

आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके आगे अंग्रेज अधिकारियों को नतमस्तक होना पड़ा .

SHARE THIS:

आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके आगे अंग्रेज अधिकारियों को नतमस्तक होना पड़ा था. आगरा के राजा मंडी स्टेशन पर स्थित चामुंडा देवी मंदिर ,जिसके बारे में कहा जाता है यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना है. स्थापना के बारे में सही सही जानकारी नहीं है . लेकिन कहा जाता है कि तब यहां जंगल हुआ करता था. जब यह मूर्ति खुले आसमान के नीचे हुआ करती थी तब उस समय के लोग इसकी पूजा अर्चना करते थे.समय गुजरने के बाद देश में अंग्रेज आए और अंग्रेजों ने राजा मंडी स्टेशन पर सिंगल लाइन रेलवे की डाली चाही .लेकिन मंदिर आड़े आ रहा था. जिसके चलते अंग्रेजों ने इस मंदिर को कई बार तोड़ने का प्रयास किया लेकिन वे सफल नहीं हो पाए.

मंदिर के चमत्कार के कारण अंग्रेजों को रेलवे लाइन को घुमाना पड़ा.

मंदिर के महंत व स्थानीय निवासी  कहानी बताते है कि उस समय अंग्रेज अधिकारियों ने मंदिर को तोड़ने की कई बार कोशिश की. यहां से गुजरने वाली ट्रेन को बिल्कुल सीधा ले जाना चाहते थे .लेकिन मंदिर आड़े आ रहा था. जिस वजह से अंग्रेज अधिकारी इस मंदिर को तोड़ना चाहते थे. लेकिन मंदिर के चमत्कार के कारण वह ऐसा नहीं कर सके .आखिरकार अंग्रेज अधिकारियों को ट्रेन की पटरियों को घुमाना पड़ा ,जो आज भी उसी शक़्ल में मौजूद है. यहां चामुंडा देवी का मंदिर प्लेटफार्म नंबर एक पर है .मंदिर के सामने केवल 2 फीट की ही जगह है जहां से केवल पैदल यात्री निकल सकते हैं.

धोक देने से होती है भक्तों की हर मुराद पूरी ,शनिवार को लगता है बड़ा मेला.
मंदिर के महंत वीरेंद्रानंद बताते हैं कि सैकड़ों सालों से यह मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां पर भक्त अलग अलग तरीके से धोक लगाकर मैया को प्रसन्न करते है.  सभी भक्तों की मनोकामना पूरी होती है .इतना ही नहीं सिंगापुर से भी लोगों के फोन आते हैं और फोन पर उनके नाम की चूनर मैया को चढ़ाई जाती है. हर शनिवार को चामुंडा देवी मंदिर में मेला लगता है. यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.

रेलवे का हर अधिकारी माता के दरबार में देता है हाजिरी
माता का मंदिर राजा मंडी स्टेशन पर है. यहां से गुजरने वाले सैकड़ों यात्री हर रोज माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं .इसके साथ ही रेलवे का कोई भी अधिकारी राजा मंडी स्टेशन पर आता है तो वह  माता के चौखट पर जरूर माथा टेक ता है, उसके बाद ही वह काम शुरू करता है. इसके साथ ही यहां के महंत बताते हैं कि आज तक मंदिर के सामने कोई भी रेलवे की दुर्घटना नहीं हुई है. माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए भक्त 3,5,7 शनिवार मंदिर में आते हैं और उनकी मुरादें पूरी हो जाती हैं .

UP Chunav 2022: प्रियंका गांधी के नेतृत्व में यूपी चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, लेकिन सीएम फेस पर अभी फैसला नहीं- सलमान खुर्शीद

 प्रियंका गांधी, यूपी चुनाव में कांग्रेस का चेहरा हो सकती हैं (फाइल फोटो)

कांग्रेस पार्टी के सीएम उम्मीदवार को लेकर पूछे जाने पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि पार्टी का चेहरा प्रियंका गांधी हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि, 'प्रियंका ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की है, इसलिए हम भी ऐसा नहीं कर सकते हैं लेकिन पार्टी उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी.'

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 13, 2021, 09:29 IST
SHARE THIS:

आगरा. पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने रविवार को कहा कि कांग्रेस (Congress) आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों (UP Election 2022) में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi)  के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, हालांकि अभी तक सीएम उम्मीदवार के लिए अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ‘पार्टी किसी भी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. हम दृढ़ विश्वास के साथ चुनाव लड़ेंगे. पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे…’ उन्होंने कहा- कांग्रेस यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. खुर्शीद ने जोर देकर कहा कि घोषणापत्र में आम लोगों की आवाजें शामिल होंगी.

कांग्रेस पार्टी द्वारा सीएम के चेहरे के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि पार्टी का चेहरा प्रियंका गांधी हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि, ‘प्रियंका ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की है, इसलिए हम भी ऐसा नहीं कर सकते हैं लेकिन पार्टी उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी.’ उन्होंने कहा, ‘पार्टी के सदस्य विधानसभाओं का दौरा कर रहे हैं और लोगों से संपर्क करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानने की कोशिश कर रहे हैं.’

आगरा के तोरा गांव में थे खुर्शीद
गौरतलब है कि कांग्रेस की चुनाव घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद व पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को आगरा के तोरा गांव में थे. यहां उन्होंने लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जाना. इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री खुर्शीद ने ग्रामीणों से पूछा कि उनकी क्या-क्या समस्याएं हैं, जिसपर ग्रामीणों और महिलाओं ने पेंशन न मिलने तथा आवारा पशुओं द्वारा फसल नष्ट किए जाने सहित अन्य समस्याएं भी बताईं.

लोगों से बात करने के बाद कांग्रेस नेता ने गांव में भ्रमण भी किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपना घोषणापत्र तैयार करने के लिए लोगों तक पहुंच रही है, जिससे कि घोषणा पत्र में जो बात लिखी जाए, वह लोगों के दिल की बात हो.

मोदी के कंधे पर बैठ कर आए गणपति ,घर-घर विराजे गौरी नंदन सजे पांडाल

आगरा के मूर्तिकार ने बनाई मोदी के कंधे पर बैठे गणपति की प्रतिमा । 

आज से घर घर में गौरी नंदन पूरी विधि विधान के साथ विराज रहे है .उनके आगमन की शहर भर में पहले से ही तैयारी चल रही है. पंडालों, मंदिर ,घरों मे धूम है.

SHARE THIS:

आज से घर-घर में गौरी नंदन पूरी विधि विधान के साथ विराज रहे है .उनके आगमन की शहर भर में पहले से ही तैयारी चल रही है . पंडालों, मंदिर ,घरों में भी गजानन के आगमन की तैयारी है. गुरुवार शाम से ही बाजारों में लोग गणपति की मूर्ति खरीद रहे हैं .हालांकि जिला प्रशासन ने गणेश चतुर्थी पर निकलने वाली शोभायात्राओं की अनुमति नहीं दी है. इसके साथ ही लोग घरों में गणपति बाबा की मूर्ति की स्थापना कर रहें हैं. इस बार बाजारों में खास मोदी के कंधे पर बैठे हुए गणपति बप्पा की मूर्ति आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.

हॉकी खेलते नजर आ रहे हैं गणपति

भारत ने हॉकी के क्षेत्र में 41 साल का सूखा खत्म किया है. इसी को केंद्र में रखते हुए आगरा के मूर्ति कारों ने गणपति के हाथों में हॉकी थमा दी है .इस गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश हॉकी खेलते हुए नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही कोरोना का खात्मा करते हुए भी गणपति बाबा देखे जा सकते हैं .लोगों में इस बार भगवान शिव को गणेश जी वैक्सीन लगाने वाली मूर्ति भी चर्चा का विषय बनी हुई है. इस बार लोग मिट्टी की बनी मूर्तियों को पसंद कर रहे हैं. लोग पीओपी( POP)यानी कि प्लास्टिक ऑफ पेरिस से बनी हुई मूर्तियों को पसंद नहीं कर रहे है. लोगों का कहना है कि मूर्तियां यमुना में विसर्जन के दौरान आसानी से गलती नहीं है जिससे यमुना प्रदूषित होती है.

मूर्तिकारों को आश है कि इस बार अच्छी खासी संख्या में बिकेंगी मूर्तियां

आगरा के इको फ्रेंडली मूर्ति बनाने वाले लोकेश कहते हैं  इस गणेश चतुर्थी पर अच्छी खासी तादात में मूर्तियां बिकने की उम्मीद है.लोग खासतौर पर पहले से ही मिट्टी से बनी मूर्तियों का ऑर्डर दे रहे हैं .हर साल लोग पीओपी से बनी मूर्तियों को थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. लोक आस्था के साथ साथ अब वातावरण का भी ख्याल रख रहे हैं .उनकी मूर्तियों में उन्होंने पौधों के बीज भी रखे हुए हैं जो मूर्ति विसर्जन के दौरान उग आएंगे.

Ganesha Chaturthi: आगरा में PM मोदी के कंधे पर विराजमान हुए भगवान गणेश, मूर्ति बनी आकर्षण का केंद्र

Ganesha Chaturthi: आगरा में PM मोदी के कंधे पर विराजमान हुए भगवान गणेश

Agra News: ओलंपिक में 41 साल बाद मेडल मिलने के बाद ही मूर्तिकार लोकेश ने हॉकी को बढ़ावा देने वाली भगवान की इस प्रतिमा का निर्माण कर डाला.

SHARE THIS:

आगरा. देशभर में मनाए जाने वाले गणेश चतुर्थी (Ganesha Chaturthi) पर्व की शुरुआत शुक्रवार से हो गई. ताज नगरी आगरा में इस बार गणेश चतुर्थी पर प्रथम देवता गणेश जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के कंधे पर विराजमान नजर आ रहे हैं. इसके अलावा भगवान शंकर को गणेश जी कोरोना वैक्सीन लगाते नजर आए. पीएम मोदी के कंधे पर विराजमान गणेश जी की प्रतिमा को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. बता दें कि आगरा के मधु नगर क्षेत्र में रहने वाले लोकेश रावत को जागरूकता संदेश देती गणेश भगवान की मूर्तियों बनाने का शौक है.

इनके साथ ही पीएम मोदी के कार्यों से लोकेश इतने प्रभावित हुए की उन्होंने पीएम मोदी के कंधे पर विराजमान गणेश जी की प्रतिमा बना डाली. अब यह प्रतिमा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इसी तरह एक मूर्ति में भगवान गणेश हॉकी खेलते नजर आ रहे हैं. ओलंपिक में 41 साल बाद मेडल मिलने के बाद ही मूर्तिकार लोकेश ने हॉकी को बढ़ावा देने वाली भगवान की इस प्रतिमा का निर्माण कर डाला. आगरा में जागरूकता संदेश देतीं नजर आ रहीं प्रथम देव गणेश की मूर्तियां लोग खूब पसंद कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें- UP Election 2022: बसपा सुप्रीमो मायावती ने माफिया मुख्तार अंसारी को पार्टी से किया बेदखल

मिट्टी की बनी ईको फ्रेंडली मूर्तियों से पर्यावरण संरक्षण हो रहा है. मूर्ति बनाने के लिए भावनगर गुजरात से मिट्टी मंगाई जा रही है. मिट्टी में पंचगव्य मिलाने से उपजाऊ भी हो जाती है. बहुत से लोग टब या बर्तन में प्रतिमाओं को विसर्जित करने के बाद पौधों में मिट्टी डाल सकते हैं. आगरा के युवा लोकेश और नीलेश ने गणेश उत्सव को लेकर जागरूकता संदेश देती जो मूर्तियां बनाई हैं उससे पर्यावरण की रक्षा के साथ साथ कोरोना से बचाव का संदेश भी समाज में पहुंच रहा है.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज