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आगरा में होगा 100 फुटा रावण, पांच पीढ़ियों से मुस्लिम परिवार बनाता आ रहा है ऐतिहासिक रामलीला के लिए पुतले

Aitihaasik Ramlila: जाफर अली खान कहते हैं कि वे अपने पिताजी के साथ रामलीला में रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले बनाने आगर ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाने के दौरान जाफर अली हनुमान मंदिर में रहते हैं.
जाफर अली की पूरी टीम दो महीने इसी मंदिर में रहते हुए दशहरे के लिए पुतले तैयार करते हैं.

रिपोर्ट: हरिकांत शर्मा

आगराः आगरे की ऐतिहासिक रामलीला में इस बार आपको 100 फुटा रावण देखने को मिलेगा. दशहरे के मौके पर प्रभु श्रीराम के तीर से दशानन का दहन किया जाएगा. प्रभु श्री राम के तीर से रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतले का दहन होगा. इन पुतलों को मथुरा के रहने वाले 62 वर्षीय जाफर अली और उनके भाई मिलकर बनाते हैं. कहा जा सकता है कि उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला में प्रभु श्रीराम अपने एक तीर से जाफर अली के रावण के पुतले का दहन करेंगे.

मथुरा के रहनेवाले 62 वर्षीय जाफर अली और उनके भाई आमिर खान 5 पीढ़ियों से आगरे की ऐतिहासिक रामलीला में रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले के अलावा सोने की लंका, अशोक वाटिका, घोड़ा, हाथी, पक्षी के पुतले बनाने का काम करते चले आ रहे हैं. जाफर अली खान लगभग डेढ़ महीने पहले आगरे की रामलीला मैदान में पहुंचते हैं. वे हनुमान मंदिर में ही रुकते हैं. वहीं खाना खाते हैं. वहीं सोते हैं और रामलीला मंचन के दौरान सभी प्रकार के पुतले बनाते हैं.

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प्रभु श्रीराम में है गहरी आस्था

जाफर अली खान कहते हैं कि वे अपने पिताजी के साथ रामलीला में रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले बनाने आगरा आया करते थे. अब वे खुद इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं. इस काम में ये उनकी पांचवीं पीढ़ी लगी है. प्रभु श्रीराम में उनकी गहरी आस्था है. उन्हें इस रामलीला के मंच पर और पुतले बनाने में बेहद खुशी होती है. जाफर अली खान के मुताबिक, यह हमारा सौभाग्य है कि हम इस रामलीला का हिस्सा हैं. जब तक हम रामलीला के काम से आगरा में रहते हैं, तब तक पूरी तरह शाकाहारी रहते हैं.

दो महीने की मेहनत 1 घंटे में स्वाहा

जाफर अली खान और आमिर खान कहते हैं कि वे लगभग डेढ़ से 2 महीने की मेहनत से रावण, कुंभकरण, मेघनाद का पुतला बनाते हैं. इन पुतलों को तैयार करने में बेहद मेहनत लगती है. 6 से 7 लोग इस पूरे काम को अंजाम देते हैं. दिन रात जागकर ये पुतले तैयार करने पड़ते हैं. तब जाकर दशहरे के मौके पर प्रभु श्रीराम के तीर से इनका दहन किया जाता है. लेकिन उन्हें दुख होता है जब उनकी 2 महीने की मेहनत महज 1 घंटे में ही धूं-धूं कर जल जाती है.

बढ़ रहा है आगरा में रावण का कद

आगरा में दशानन का कद लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले 2 सालों से आगरा की ऐतिहासिक रामलीला नहीं हुई थी. इससे पहले रामलीला में 90 फुट का रावण बनाया गया था. लेकिन इस साल रावण का कद बढ़ा है. इस दशहरे पर जिस रावण के पुतले का दहन किया जाएगा उसकी लंबाई 100 फुट है.

Tags: Agra news, Ramlila, UP news

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