महंगाई से परेशान किसान और आम इंसान के लिए वरदान है ''सब्जी दो'' ऐप

एक तरफ महंगाई के इस दौर में दाल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं. आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां और दाल लगातार दूर होती जा रही हैं. वहीं दूसरी तरफ आगरा में संसाधनों की कमी के अभाव के बावजूद आम जनमानस की हरी सब्जियों तक पहुंच और रोजगार के मौके उपलब्ध कराने की एक युवक की अनोखी पहल ने किसानों और गरीब वर्ग के लोगों के मायूस चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है.

Ashwani Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 24, 2015, 12:06 AM IST
महंगाई से परेशान किसान और आम इंसान के लिए वरदान है ''सब्जी दो'' ऐप
एक तरफ महंगाई के इस दौर में दाल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं. आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां और दाल लगातार दूर होती जा रही हैं. वहीं दूसरी तरफ आगरा में संसाधनों की कमी के अभाव के बावजूद आम जनमानस की हरी सब्जियों तक पहुंच और रोजगार के मौके उपलब्ध कराने की एक युवक की अनोखी पहल ने किसानों और गरीब वर्ग के लोगों के मायूस चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है.
Ashwani Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 24, 2015, 12:06 AM IST
एक तरफ महंगाई के इस दौर में दाल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं. आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां और दाल लगातार दूर होती जा रही हैं. वहीं दूसरी तरफ आगरा में संसाधनों की कमी के अभाव के बावजूद आम जनमानस की हरी सब्जियों तक पहुंच और रोजगार के मौके उपलब्ध कराने की एक युवक की अनोखी पहल ने किसानों और गरीब वर्ग के लोगों के मायूस चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को डिजिटल इंडिया बनाने का जो बीड़ा उठाया है उसे आगे बढ़ाने के लिए युवा इंजीनियर सामने आ रहे हैं. ये युवा वर्ग इंडिया को डिजिटल बनाने के काम में तो जुटे हुए ही हैं, साथ उन किसानों का भला करने में भी लगे हैं जो इन दिनों सूखा की मार झेल रहे हैं.

दरअसल आगरा के रहने वाले अधिकारी भारद्वाज पेशे से एक इंजीनियर हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान से प्रेरित होकर एक ऐसा मोबाइल एप्लीकेशन बनाया है जिसका नाम ''सब्जी दो'' रखा है. इस ऐप का मकसद किसानों की सब्जी को सीधे खरीदकर ऐसे लोगों तक पहुंचाना है जिन्‍हें बाजारों में हरी सब्जियां आसमान छूते दामों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है.

इस ऐप की मदद से हरी सब्जियों के खरीददारों को घर बैठे ही हरी और ताजी सब्जियां कम दामों में मिल जाएंगी. एक तरफ जहां हरी सब्जी खाने के शौकीन लोगों को बाजार से कम दाम में घर बैठे ही सब्जियां मिल रही हैं. वहीं इस काम में उन बेरोजगारों युवकों को रोजगार भी मिल रहा है जो अबतक काम की तलाश में दर-दर भटकने के लिए मजबूर थे.

''सब्जी दो'' ऐप को एंड्रॉइड मोबाइल फोन में प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. इस ऐप में सभी सब्जियों के दाम लिखे हुए हैं उसके बाद अपनी जरूरत के हिसाब से ऐप पर अपना ऑर्डर दे सकते हैं. ऑर्डर मिलते ही अधिकारी भारद्वाज किसानों से संपर्क करते हैं और किसान सीधे अपने सब्जी इनके पास लेकर आते हैं उसके बाद डिलिवरी ब्‍वॉय जाकर ऑर्डर देने वाले उपभोक्ता को उसके घर सब्जी पहुंचा देते हैं. इस तरह से किसानों को सब्जी के वाजिब दाम मिल जाते हैं और उपभोक्ता को सब्जी सस्ती मिल जाती है.

अबतक जो काम देश और प्रदेश की सरकारें करोड़ों रुपए खर्च करके भी नहीं कर पा रही हैं उस काम को आगरा के इस नौजवान इंजीनियर ने कम समय में मोबाइल पर सब्जी दो ऐप बनाकर महंगाई के इस दौर में किसानों और गरीब वर्ग के लोगों के लिए सहूलियत का पिटारा खोल कर दोनों सरकारों को आईना दिखा दिया है.

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First published: October 24, 2015, 12:06 AM IST
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