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देखिए आखिर कैसे सियासत की भेंट चढ़ा आगरा का शिवाजी म्यूजियम

देखिए आखिर कैसे सियासत की भेंट चढ़ा आगरा का शिवाजी म्यूजियम

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जब भी छत्रपति शिवाजी(Shivaji) महाराज का जन्म दिन आता है या शिवाजी की कोई भी बात चलती है तो राजनीति होना लाजमी है.ऐसी कोई सरकार नहीं रही है जो छत्रपति शिवाजी के नाम का फायदा उठाना नहीं चाहती.यह बात हम इसलिए कह रहे हैं कि आगरा में पहले अखिलेश सरकार ने 2016 में ऐलान किया था कि आगरा (Agra)

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    जब भी छत्रपति शिवाजी(Shivaji) महाराज का जन्म दिन आता है या शिवाजी की कोई भी बात चलती है तो राजनीति होना लाजमी है.ऐसी कोई सरकार नहीं रही है जो छत्रपति शिवाजी के नाम का फायदा उठाना नहीं चाहती.यह बात हम इसलिए कह रहे हैं कि आगरा में पहले अखिलेश सरकार ने 2016 में ऐलान किया था कि आगरा (Agra) में मुगल म्यूजियम (mugal museum) बनेगा.सत्ता परिवर्तन हुआ और म्यूजियम का काम पिछड़ गया.जब योगी की सरकार आई तो 2020 में इस म्यूजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रख दिया गया.लेकिन अभी तक यह म्यूजियम बन कर तैयार नहीं हुआ है .

    142 करोड़ की लागत से बनने वाले म्यूजियम की लागत पहुंची 186 करोड़ .

    तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ऐलान किया था कि आगरा में एक म्यूजियम बनेगा.जिसमें आगरा, ताजमहल से जुड़ी ऐतिहासिक चीजों को रखा जाएगा.उस वक्त इस म्यूजियम की कुल लागत लगभग ₹142 करोड़ थी.लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ा जीएसटी लागू होने के साथ इस पूरे प्रोजेक्ट की लगभग कुल लागत 186 करोड रुपए हो गई.इस म्यूजियम को 2017 में बनकर तैयार होना था.लेकिन अभी तक आगरा को इस म्यूजियम की दरकार है.

    खराब हो रहा है करोड़ो का सामान ,आखिर कब तक बनेगा म्यूजियम ?

    ताजमहल से 1300 मीटर की दूरी पर शिल्पग्राम के नजदीक यह शिवाजी म्यूजियम बनाया जा रहा है.म्यूजियम में लगभग 70 फ़ीसदी काम पूरा हो चुका है.लेकिन बजट ना आने की वजह से अब काम बंद है.इस में प्रयोग होने वाले सामान जैसे AC,कांच (शीशे ),पत्थर खुले में पड़े हुए हैं जो कि धूप बरसात से खराब हो रहे हैं.अब ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी अभी तक इसका काम पूरा क्यों नहीं हो पाया है.जैसे ही छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती आती है,यह मांग फिर से उठाने लगती है.सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ अपनी कई रैलियों में आगरा के इस म्यूजियम का जिक्र कर चुके हैं.वही अखिलेश यादव ने भी अपनी चुनावी रैलियों में इस म्यूजियम के नाम का जिक्र किया है.ऐसे साफ होता है कि यह म्यूजियम राजनीति की भेंट चढ़ गया है.

    म्यूजियम से जुड़े आंकड़ो पर नज़र

    5.9 एकड़ जमीन पर बन रहा म्यूजियमताजमहल से1300 मीटर दूर है.186 करोड़ रुपये म्यूजियम की लागत है.130 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे.56 करोड़ एसटीपी,चारदीवारी के कारण बढ़ गए.जून 2016 में शुरू हुआ था काम जिसका लक्ष्य दिसंबर 2017 में निर्माण पूरा होना था.

    रिपोर्ट:- हरिकांत शर्मा

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