आगरा: शौच के लिए गई थी महिला, अचानक हो गई डिलीवरी, नवजात को ले भागे जंगली जानवर और...
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आगरा: शौच के लिए गई थी महिला, अचानक हो गई डिलीवरी, नवजात को ले भागे जंगली जानवर और...
ग्रामीण अब कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. (सांकेतिक फोटो)

महिला जब काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों को चिंता हुई. महिला का भाई ढूंढते हुए जंगल किनारे पहुंचे तो देखा महिला का प्रसव हो चुका था और बच्चा गायब था.

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आगरा. खुले में शौच एक नवजात बच्चे के मौत का कारण बन गया है. घटना आगरा (Agra) जनपद के पिनाहट थाना क्षेत्र का है. दरअसल, जोधा पुरा गांव में खुले में शौच गई एक गर्भवती महिला (Pregnant Woman) को अचानक तेज लेबर पेन होने लगा. दर्द इतना बढ़ गया कि महिला का वहीं प्रसव हो गया और वो बेहोश हो गई. खुले में महिला के जन्मे नवजात बच्चे को चंबल के बीहड़ में मौजूद जंगली जानवरों ने अपना शिकार बना लिया. बच्चे को जानवर खींच ले गए और अपना निवाला बना दिया. इस घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है. ग्रामीण जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

महिला जब काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों को चिंता हुई. महिला का भाई ढूंढते हुए जंगल किनारे पहुंचे तो देखा महिला का प्रसव हो चुका था और बच्चा गायब था. बेहोशी की हालत में परिजन महिला को घर लेकर वापस आए. वहीं, परिजनों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चचिहा ओडीएफ घोषित हो गया है. मगर आज तक उनके यहां शौचालय नहीं बनाया गया. कई बार ग्राम प्रधान से कहा गया मगर शौचालय नहीं बनाया गया.

ग्रामीणों ने लगाया आरोप



ग्रामीणों का कहना है कि ओडिएफ घोषित होने के बाद भी गांव में शौचालय नहीं बनाया गया. ग्रामीणों की मानें तो ग्राम पंचायत में अधिकतर ग्रामीणों के शौचालय का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है. आखिर बिना जांच के ग्राम पंचायत को कैसे ओडीएफ घोषित कर दिया गया, ये एक बड़ा सवाल है. ग्रामीणों का कहना है कि अपने चहतों के घर ही शौचालय निर्माण करा दिया गया है. ग्रामीण अब प्रधान के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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पुलिस ने की थी बड़ी कार्रवाई

हाल ही में आगरा पुलिस ने एक माह के तीन नवजात बच्चों को नेपाल बेचने जा रही दो महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. एसएसपी बबलू कुमार ने बताया था कि एक बच्चे का 8 लाख रुपये में सौदा करते थे. बच्चों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया. एसएसपी के मुताबिक पुलिस ने फतेहाबाद टोल प्लाजा पर दो गाड़ियों को पकड़ा था. गाड़ियों में दो चालक, दो महिलाएं, एक पुरुष और तीन नवजात बच्चे मिले थे.

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दरअसल, पुलिस को पहले सूचना मिली थी कि मामला मानव तस्करी से जुड़ा है. पूछताछ में पता चला था कि गैंग निसंतान दंपति को बच्चे बेचता था. पहले ऐसी महिलाओं को जाल में फंसाते थे जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं. उसके बाद उन्हें किराए पर कोख (सेरोगेसी) देने के लिए तैयार करते थे. ये बच्चे भी ऐसे ही पैदा हुए थे. डिलीवरी के बाद बच्चों को नेपाल में एक महिला के सुपुर्द किया जाना था.

 
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