ताजमहल की 'हिफाज़त में कोताही' पर भड़का SC, कहा- सहेज नहीं सकते, तो ढहा दो

सुप्रीम कोर्ट ने उत्‍तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि ताजमहल के आसपास उद्योगों को बढ़ाने के लिए अनुमति क्‍यों दी गई?

Ehtesham Khan | News18Hindi
Updated: July 11, 2018, 3:40 PM IST
ताजमहल की 'हिफाज़त में कोताही' पर भड़का SC, कहा- सहेज नहीं सकते, तो ढहा दो
फाइल फोटो.
Ehtesham Khan | News18Hindi
Updated: July 11, 2018, 3:40 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के संरक्षण को लेकर कदम उठाने में कोताही पर केंद्र और उसकी विभिन्न अथॉरिटी को आड़े हाथों लिया. कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार के ढुलमुल रवैया पर बेहद सख्त लहजे में कहा कि अगर आप मुगलकाल की इस ऐतिहासिक इमारत को सहेज नहीं सकते, तो इसे ढहा दीजिए.

शीर्ष अदालत ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार  ताजमहल की सुरक्षा और उसके संरक्षण को लेकर विजन डॉक्यूमेंट पेश करने में विफल रही है. कोर्ट ने इसके साथ ही इस महत्वपूर्ण स्मारक के संरक्षण को लेकर केंद्र की तरफ से उठाए गए कदमों और आगे के लिए जरूरी कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी पेश करने को कहा है.

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि ताजमहल के संरक्षण के बारे में संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं.

सुप्रीम कोर्ट बेंच ने उत्‍तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि ताजमहल के आसपास उद्योगों को बढ़ाने के लिए अनुमति क्‍यों दी गई? सुप्रीम कोर्ट ने पेरिस की ऐफल टॉवर का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्‍तर प्रदेश सरकार वहां से सीखे कि एतिहासिक इमारतों को कैसे सहेजा जाता है.

वहीं केंद्र ने पीठ को बताया कि आईआईटी-कानपुर ताजमहल और उसके आसपास वायु प्रदूषण के स्तर का आकलन कर रहा है और चार महीने में अपनी रिपोर्ट देगा. केंद्र ने यह भी बताया कि ताजमहल और उसके इर्दगिर्द प्रदूषण के स्रोत का पता लगाने के लिए एक विशेष समिति का भी गठन किया गया है, जो इस विश्व प्रसिद्ध स्मारक के संरक्षण के उपाय सुझाएगी.

सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने इस मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को तय की है. इसके बाद वह हर दिन इसकी सुनवाई करेगी. (एजेंसी इनपुट के साथ)
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