आगरा में 'मकान बिकाऊ है' के मामले में आया नया मोड़, सामने आई बड़ी वजह

आगरा में 'मकान बिकाऊ है' के मामले में आया नया मोड़

आगरा के एसपी वेस्ट (SP West) सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा करने और सहानुभूति बटोरने के लिए स्टंट अपनाया गया था.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा जिले (Agra) में 'मकान बिकाऊ है' के लिखे जाने के मामले में नया मोड़ आया है. इस मामले में पता चला है कि आपसी विवाद को लेकर एक पक्ष ने मकान बिकाऊ लिख दिया था. पूरा मामला थाना पिनाहट इलाके के मनोना गांव का है. जहां पर एक परिवार ने अपने घर के बाहर लिख दिया था कि दबंगों की वजह से मकान बिकाऊ है. जैसे ही मकान के फोटो वायरल हुए वैसे ही हड़कंप मच गया पूरे मामले की जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि आपसी विवाद के चलते ही एक पक्ष ने मकान बिकाऊ अपने मकान पर लिख दिया था. इस मामले में जब जांच की तो पता चला कि जिस मकान पर बिकाऊ लिखा है वह सरकारी जमीन पर बना हुआ है. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम जांच में जुटी है.

बता दें कि पिनाहट के गांव मनोना में 30 अप्रैल 2018 को मुहम्मद सफी की झगड़े के दौरान मौत हो गई थी. मामले में छह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी. बीते रविवार की शाम मृतक के भाई यूनुस खान ने अपने घर की दीवार पर 'दबंगों के डर से मकान बिकाऊ है' लिखवा दिया. सोशल मीडिया पर इसके वायरल होने पर एसडीएम अब्दुल बासित, सीओ पिनाहट सौरभ सिंह, एसओ पिनाहट प्रदीप कुमार चतुर्वेदी व राजस्व टीम मौके पर पहुंची. पता चला कि जमीन के विवाद का मामला है.

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यूनुस घर के बाहर जमीन पर निर्माण कार्य करा रहा है. जलाउद्दीन व सलीम इसे अपनी भूमि बताने लगे. पैमाइश के बाद राजस्व कर्मियों ने बताया कि उक्त भूमि वन विभाग की है. दोनों पक्ष ही एक-दूसरे पर मिथ्या आरोप लगा रहे हैं. आगरा के एसपी वेस्ट सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा करने और सहानुभूति बटोरने के लिए स्टंट अपनाया गया था. जांच में दोनों पक्षों की ही जमीन नहीं निकली. एक पक्ष सहानुभूति बटोरने के लिए स्टंट कर रहा था. मामले की जांच पुलिस के स्तर पर चल रही है.