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पिछले 6 साल से युवाओं को ठग रहा था शातिर गिरोह, चौंकाने वाला खुलासा....
Agra News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 8, 2020, 4:29 PM IST
पिछले 6 साल से युवाओं को ठग रहा था शातिर गिरोह, चौंकाने वाला खुलासा....
पुलिस के हत्थे चढ़े बेरोजगारों को ठगने वाले शातिर

किसी को कोई शक न हो इसलिए इस शातिर गैंग के लोग एक लिखित परीक्षा (Written exam) भी कराते थे और तो और इस परीक्षा के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में परीक्षा केंद्र भी बनाते थे.

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आगरा. जनपद में पिछले 6 साल से युवाओं को मर्चेंट नेवी (Merchant navy) में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है. इस शातिर गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पिछले 6 साल से ये गिरोह जनपद व आसपास के बेरोजगार युवकों को अपना निशाना बना रहा था. ये शातिर गिरोह बाकायदा सुनियोजित तरीके से बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाता था. नौकरी दिलाने के नाम पर लिखित परीक्षा का आयोजन देश के विभिन्न शहरों में कराता था. इसके कारनामे सुनकर खुद पुलिस भी हैरान है.

तरीका इतना शातिराना कि कोई भी आ जाये झांसे में
बता दें कि आगरा पुलिस (Agra Police) ने नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक रैकेट का खुलासा किया है. पुलिस ने तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है. दरअसल ये गैंग मर्चेंट नेवी में नौकरी का झांसा दिला कर ठगी किया करता था. पिछले 6 साल से ये शातिर युवाओं को ठगी का शिकार बना रहे थे. ये जालसाज बेरोजगार युवकों को बेहद शातिराना तरीके से निशाने पर लेते थे. ये बेरोजगार युवाओं का मोबाइल नम्बर ट्रेस करके उनको पहले कॉल करते थे. कॉल करने वाला उनको मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने की बात कहता था और बड़े-बड़े सपने दिखाता था. कॉलर के इस झांसे में युवा फंस जाते थे. किसी को कोई शक न हो इसलिए इस शातिर गैंग के लोग एक लिखित परीक्षा भी कराते थे. और तो और इस परीक्षा के लिए देश के अलग- अलग हिस्सों में परीक्षा केंद्र भी बनाते थे. परीक्षा में पास होने के बाद ये शातिर प्रत्येक अपने शिकार से एक लाख अस्सी हज़ार रुपये जमा करा लेते थे. परीक्षा में पास होने के बाद युवाओं को लगता था कि उनकी नौकरी लगने वाली है लिहाजा ये रकम आसानी से दे दिया करते थे.

गौरव नाम के युवा ने सुनाई आपबीती

सैकड़ों युवाओं की तरह गौरव की भी यही कहानी है. गौरव के पास भी इसी तरह का कॉल आई थी और गौरव का सेंटर भोपाल में था और जिस तरह से किसी नौकरी की परीक्षा हुई थी उसी तरह से गौरव ने भी परीक्षा दी. परीक्षा में पास होने के बाद गौरव से भी एक लाख अस्सी हज़ार रुपये जमा करा लिए गए. रूपये जमा होने के बाद गौरव चक्कर लगाने लगा. गौरव को नौकरी नहीं मिली लिहाजा गौरव ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी. गौरव ही नहीं और भी कई लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

अपर पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि ये रैकेट पिछले 6 साल से चल रहा था और अब तक सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बना चुका था. इस गिरोह के तार मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी फैले हुए हैं. ये शातिर मर्चेंट नेवी का कोर्स कराते थे और फीस के रूप में रुपये वसूल रहे थे जो कि पूरी तरह से फर्जी चल रहा था. गहराई से जांच की गयी तो ये भी पता चला कि इनका मर्चेंट नेवी से कोई लेना देना नहीं था. फ़िलहाल जुल्फिकार, लोकेश और दिनेश नाम के इन आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है. फिलहाल पुलिस पड़ताल में लगी हुई है.
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First published: February 8, 2020, 4:29 PM IST
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