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UP: चंबल नदी में बाढ़ का खतरा, खतरे के निशान से 2.5 मीटर दूर जल स्तर, High Alert

Agra: चंबल नदी का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है.

Agra: चंबल नदी का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है.

Agra News: आगरा जनपद के पिनाहट क्षेत्र में चंबल नदी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, यहां चंबल नदी खतरे के निशान से महज 2.5 मीटर दूर है. तटवर्ती इलाकों में हाई एलर्ट जारी कर दिया गया है.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) जनपद के पिनाहट क्षेत्र में चंबल नदी (Chambal River) में बाढ़ (Flood) का खतरा मंडराने लगा है. पिनाहट में चंबल नदी घाट पर खतरे के निशान से महज 2.5 मीटर दूर है. चंबल में बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम ने निरीक्षण किया. तटवर्ती इलाकों में हाई एलर्ट जारी कर राजस्व कर्मचारियों को सतर्कता के दिशा-निर्देश दिये गए हैं.

दरअसल राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के चलते चंबल नदी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग डरे हैं. तटवर्ती इलाकों से लोग सुरक्षित स्थानों के लिए जाने लगे हैं. लगातार नदी में बढ़ रहे जलस्तर को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि चंबल नदी इस बार 2019 का भी रिकॉर्ड तोड़ सकती है. खतरे की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. ताकि कोई अप्रिय घटना न घट सके.

लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर मंगलवार दोपहर तक नदी का जलस्तर पिनाहट घाट पर एक 128.5 मीटर तक पहुंच गया है जो कि खतरे के निशान से महज 2.5 मीटर दूर है. चंबल के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर जिलाधिकारी आगरा प्रभु एन सिंह, बाह एसडीएम, राजस्व कर्मचारियों के साथ नदी के जल स्तर का जायजा लेने पहुंचे. निरीक्षण कर तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए अलर्ट जारी किया है.

साथ ही बाढ़ चौकियों को लेकर राजस्व कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. गांव में निवास करने की एवं जल स्तर पर निगरानी बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं. किसी भी परिस्थिति से तत्काल निपटा जा सके. 2019 में चंबल खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर चली गई थी और रिकॉर्ड तोड़ दिया था. कई गांव पानी की बाढ़ की चपेट में आ गए थे. बाढ़ के पानी से फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी. किसानों एवं ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ था.

एक बार फिर से स्थिति बाढ़ की साफ दिखाई दे रही है. अगर चंबल में खतरे का निशान पार करती है तो ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं. धीरे-धीरे चंबल नदी अपना रौद्र रूप धारण करने लगी है. सुरक्षा की दृष्टि से स्ट्रीमर संचालन को पूर्ण रूप से बंद करा दिया गया है.

बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव

चंबल नदी में बाढ़ का खतरा मंडराने से तटवर्ती इलाकों में बसे गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है. बाढ़ के पानी से बाह, पिनाहट, जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव रेहा, कछियारा, डगोरा, ऊपरी पुरा, उमरैठापुरा, जेबरा, गुर्जा शिवलाल, झरना पुरा, भगवानपुरा, डाल का पुरा, सिमराई, गोहरा, गुढ़ा, भटपुरा, रानीपुरा, आदि गांव प्रभावित हो रहे हैं. इन गांवों के बाशिंदों ने ऊंचे स्थान पर जाना शुरू कर दिया है.

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UP: सीएम योगी ने कानपुर और आगरा मेट्रो के प्रोटोटाइप ट्रेन का किया वर्चुअल अनावरण, PM मोदी करेंगे देश को समर्पित

UP: सीएम योगी ने कहा, 30 नवंबर के आसपास पीएम मोदी करेंगे देश को समर्पित (File photo)

Metro Project: मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर के प्रांगण में बने अपने से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानपुर और आगरा मेट्रो (Agra Metro) की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का अनावरण किया. इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के चार शहरों लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सफल संचालन किया जा रहा है. कानपुर और आगरा में मेट्रो का काम लगभग पूरा हो चुका है. इसके साथ ही पांच अन्य प्रमुख शहरों गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और झांसी में मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार है या अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम है.

सीएम योगी ने यह बातें शनिवार को गोरखनाथ मंदिर से कानपुर और आगरा मेट्रो की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का वर्चुअल अनावरण करते हुए कही. इस अवसर पर उन्होंने उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए उल्लास का क्षण है. वास्तव में मेट्रो जैसा सुरक्षित और आरामदायक पब्लिक ट्रांसपोर्ट आज की आवश्यकता है. 30 नवंबर के आसपास हम कानपुर और आगरा मेट्रो को देश को समर्पित करने की स्थिति में होंगे. प्रयास होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से इसका शुभारंभ कराया जाए.

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वड़ोदरा के उपक्रम में कोविडकाल की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन को समय से पहले उपलब्ध कराया गया है. सीएम ने कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना भी साकार हो रही है. मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक, मेसर्स एल्सटॉम इंडिया ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक समेत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

Agra News: शादी के 4 महीने बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, मचा हड़कंप

Agra News: शादी के 4 महीने बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी Image-shutterstock.com

Suicide in Agra: पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. लेकिन शवों के पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह सामने आ पाएगी.

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आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) के शमसाबाद के गांव महरमपुर में पति और पत्नी ने एक ही रस्सी से बने फंदों से लटककर खुदकुशी (Suicide) कर ली. शनिवार सुबह स्वजन को जानकारी हुई. तब उन्हें फंदे से नीचे उतारा गया. खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. शमसाबाद इलाके के महरम पुर गांव के रहने वाले सचिन की शादी क्रांति से चार मई 2021 को हुई थी. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ. सू

जानकारी के मुताबिक, महरमपुर निवासी (21) वर्षीय मार्बल कारीगर सचिन की चार मई 2021 को पिनाहट के सेहा गांव में रहने वाली (19) वर्षीय क्रांति से शादी हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद सचिन दिल्ली में काम करने चला गया. गांव में सास सीमा के साथ क्रांति रहती थी. क्रांति की बड़ी बहन ललिता की शादी पहले ही सचिन के भाई रवि से हुई थी. रवि और उससे बड़े भाई नीरज दोनों दिल्ली में काम करते थे.
शुक्रवार रात को पति-पत्नी खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए. आज सुबह देर तक जब वे नहीं जागे तो ललिता ने कमरे की कुंडी खटखटाई.

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मगर, अंदर से कोई आवाज नहीं आई. ऐसे में दीवार की एक ईंट निकालकर अंदर देखा गया तो सचिन और उसकी पत्नी क्रांति पंखे के कुंडे से बंधे दो फंदों से लटके दिखाई दिए. यह देखकर घर में चीख पुकार मच गई. पुलिस ने कमरे में जाकर दोनों के शवों को फंदे से उतारा और शवों को  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. लेकिन शवों के पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह सामने आ पाएगी. प्रथम दृष्टया या मामला खुदकुशी के लग रहा है लेकिन इसकी वजह साफ नहीं है.

नशे की लत से बेटे की असमय मौत को याद कर भावुक हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर, चला रहे नशा मुक्ति अभियान

आगरा में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने लोगों को दिलवाया नशा मुक्ति का संकल्प

Agra News: केंद्रीय मंत्री कौशल ने कहा कि जब बेटे की चिता जली तो वहीं पर यह संकल्प ले लिया था कि आज के बाद समाज से नशे की बुराई दूर करने के लिए वह खुद को समर्पित कर देंगे।

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आगरा. ताजनगरी में जैन समाज के कार्यक्रम में पहुंचे केंद्र सरकार के मंत्री कौशल किशोर (Kaushal Kishore) अपने दिवंगत बेटे की याद में भावुक हो गये. केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर नशा मुक्ति अभियान के तहत नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. आगरा (Agra) में जैन समाज के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने समाज के लोगों को यह संकल्प दिलाया कि वह अपने आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने का आग्रह करेंगे. केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ सैकड़ों लोगों ने नशा मुक्ति अभियान से जुड़कर समाज में नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया.

लोगों को नशा मुक्ति को लेकर संकल्प कराने के बाद न्यूज 18 से बातचीत में केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि नशे के कारण मैने अपने 28 साल के बेटे को खोया है. केंद्रीय मंत्री कौशल ने कहा कि जब बेटे की चिता जली तो वहीं पर यह संकल्प ले लिया था कि आज के बाद समाज से नशे की बुराई दूर करने के लिए वह खुद को समर्पित कर देंगे. तब से उनका नशे के खिलाफ अभियान पूरे देश में जारी है. अपने बेटे को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री अत्यंत भावुक हो गये. उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने की गुजारिश की. उहोंने लोगों से अपील की कि वह  नशा मुक्ति आंदोलन से जुड़कर अपने रिश्तेदारों के साथ साथ आसपास के लोगों को नशा मुक्ति आंदोलन में जोड़ें.

मुद्दा विहीन है विपक्ष, यूपी में लहरायेगी बीजेपी की विजय पताका
जैन समाज के कार्यक्रम में शामिल होते हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में इस बार पिछली बार से भी अधिक सीटें बीजेपी गठबंधन को मिलेंगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है. केंद्र में पीएम मोदी और यूपी में सीएम योगी की सरकार ने हर वर्ग के लिए बहुत कार्य किया है. जनहितकारी योजनाएं धरातल पर उतरी हैं. जनता ने मन बना लिया है कि यूपी में एक बार फिर बीजेपी की ही सरकार बनेगी. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 2022 में किसी दल से कोई मुकाबला नहीं है. पूरा चुनाव एक तरफा रहेगा और बीजेपी पिछली बार से भी ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी.

विश्व भर में हिंदी की धमक इस बार अफगानिस्तान, चाइना से सबसे ज़्यादा छात्र आएंगे हिंदी सीखने आगरा

देश विदेश के छात्र आते हैं आगरा केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने

हिंदी भाषा के प्रति विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ी है. यही वजह है कि इस संस्थान में सत्र 2021-22 में सबसे ज्यादा 11  चाइनीस छात्रों ने यहां दाखि?

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हम सभी को पता है कि 14 सितंबर को पूरे विश्व भर में हिंदी दिवस मनाया जाता है. संविधान सभा की 1949 में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि देश की भाषा हिंदी होगी. हिंदी दिवस के मौके पर इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को लेकर जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मजबूती प्रदान करना है. इसी उद्देश्य को आगरा केंद्रीय हिंदी संस्थान साकार करने की कवायद में जुटी है . इस संस्थान में पढ़ने के लिए हर साल पूरे विश्व भर से छात्र आते हैं और यहां हिंदी सीखते हैं . देश के कोने कोने से आने वाले छात्र आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने के अलावा सबसे पहले हिंदुस्तान का कल्चर सीखते हैं. जिससे अगर वह अपनी पढ़ाई पूरी कर कर अपने देश लौटे तो हिंदी के साथ-साथ भारत का कल्चर भी साथ लेकर जाएं.

कोरोना काल में भी बढ़ी छात्रों की हिंदी सीखने में रुचि

हिंदी भाषा के प्रति विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ी है. यही वजह है कि इस संस्थान में सत्र 2021-22 में सबसे ज्यादा 11 चाइनीस छात्रों ने यहां दाखिला के लिए आवेदन किया है.वही अफगानिस्तान के छात्रों ने भी इस बार पिछली बार की अपेक्षा संख्या बड़ी है . इस बार केंद्रीय हिंदी संस्थान में 30 अलग-अलग देशों से 120 आवेदन आए हैं जुलाई में ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है 63 लोगों ने केंद्रीय हिंदी संस्थान में पढ़ने की सहमति जताई है.

कोविड़ की बजह से अब ज्यादातर होगी ऑनलाइन पढ़ाई

केंद्रीय हिंदी संस्थान की निदेशक बीना शर्मा ने बताया कि कोविड-19 की वजह से अब छात्रों को ऑनलाइन क्लास शुरू होंगी. जिस वजह से छात्रों को और सहूलियत मिल गई है. छात्र अपने घर बैठे ही हिंदी को आराम से सीख सकते हैं .इस बार चाइना ,अफ़गानिस्तान, साउथ कोरिया ,श्रीलंका ,इजिप्ट जैसे देशों से छात्र ऑनलाइन ही हिंदी सीख रहे हैं. इसके साथ ही बीना शर्मा का कहना है कि आधुनिकता के दौर में लोग तेजी से इंग्लिश को अपना रहे हैं लोग आज कल इंग्लिश को बोलचाल की भाषा में ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. इसका यह मतलब  नहीं है कि किसी भी तरह से हिंदी की लोकप्रियता कम हुई है. आज भी हम दिल की बात आपस में हिंदी में ही करते हैं और उसमें अपना ही अलग मजा है. भाषा केवल एक दूसरे से अपने विचार विमर्श करने का जरिया है. जो कि किसी भी भाषा में हो सकता है. हमें अपनी हिंदी भाषा पर बेहद गर्व है हमारे पास एक शब्द के हजारों अर्थ हैं जो किसी और भाषा में नहीं है.

आगरा: बेंगलुरू से आई फ्लाइट के यात्रियों से मिलने पहुंचे सीएम योगी, बच्चों को किया दुलार

सीएम योगी आदित्यनाथ आगरा के खेरिया एयरपोर्ट यात्रियों के बीच पहुंच गए.

Agra Kheria Airport : सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ दौरे से लौटते समय आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर पहुंच गए. एयरपोर्ट पर बेंगलुरु से आगरा पहुंची फ्लाइट में यात्री और पर्यटकों के बीच सीएम योगी ने पहुंचकर छोटे-छोटे बच्चों को दुलार किया. यात्री अपने बीच सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन को देख खुश हो गए.

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आगरा. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अलीगढ़ दौरे से लौटते समय आगरा के खेरिया एयरपोर्ट (Agra Kheria Airport) पर पहुंच गए. इस दौरान एयरपोर्ट पर बेंगलुरु से आगरा पहुंची फ्लाइट में यात्री और पर्यटक से सीएम मिलने पहुंच गए. पर्यटकों के साथ उनकी गोद में मौजूद छोटे-छोटे बच्चों को भी सीएम योगी ने दुलारा तो वहीं, अपने बीच अचानक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पाकर के पर्यटकों की खुशी का ठिकाना न रहा. काफी देर तक पर्यटकों से मुख्यमंत्री ने यात्रा के उनके अनुभवों की जानकारी ली. साथ ही आगरा में पर्यटन को लेकर उनकी इच्छाओं के बारे में भी बातचीत की. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी सीएम योगी के साथ थीं.

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी बेंगलुरु से उत्तर प्रदेश के आगरा में पहुंचे पर्यटकों से बातचीत की. पर्यटकों से बातचीत करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आगरा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी वार्ता की. दोपहर करीब आधे घंटे तक आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों और बेंगलुरु से आई फ्लाइट के यात्रियों से बातचीत करने के बाद सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आगरा से लखनऊ के लिए प्रस्थान किया.

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को अलीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था. अलीगढ़ में तमाम विकास योजनाओं की सौगात पीएम मोदी ने दी थी. यूपी के सीएम योगी और राज्यपाल भी अलीगढ़ वाया आगरा पहुंचे. वापसी के दौरान भी हेलीकॉप्टर से अलीगढ़ से आगरा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद करीब आधे घंटे आगरा में बिताया. उसके बाद प्लेन से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए.

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है- सीएम योगी

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है (File photo)

UP Election 2022: गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के नजदीक आते ही चुनावी हलचल बढ़ गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम योगी ने कहा, ‘पहले हमारे बेटियां, बहनें असुरक्षित महसूस करती थीं. सड़कों पर गड्ढे यूपी यानी उत्‍तर प्रदेश की पहचान हुआ करते थे. यहां तक कि भैंसे और बैल भी सुरक्षित नहीं थे. यह समस्‍याएं पश्चिमी यूपी में थी, पूर्वी यूपी में नहीं…लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है. क्‍या आपने यह बदलाव नहीं देखा है. ‘

सीएम योगी ने कहा, पहले स्थिति यह थी कि जहां से गड्ढे सड़कों पर प्रारंभ हो जाएं, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है, सायंकाल जहां से अंधेरा हो जाए, समझ लो वह उत्‍तर प्रदेश है, जहां पर कोई सभ्‍य व्‍यक्ति रात को सड़कों पर चलने से भयभीत हो, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है. यूपी यह तस्‍वीर पेश करता था.नौजवानों के सामने पहचान का संकट था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है. यूपी के विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी भी पूरे जोर के साथ उतरने का निर्णय लिया है. AIMIM राज्‍य में इस बार करीब 100 सीटों प्रत्‍याशी उतारेगी. पार्टी ने मुख्‍य रूप से उन सीटों पर ध्‍यान केंद्रित किया है जहां मुस्लिमों की आबादी ज्‍यादा है.

राजभर और निषाद भी हैं लामबंद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजभर और निषादों का वर्चस्व है और ऐसे में संजय निषाद की पार्टी बीजेपी के साथ है. वहीं, ओपी राजभर अभी तक ओवैसी के साथ हैं. हालांकि अंदरखाने चर्चा है, कि संजय निषाद और राजभर दोनों सपा के भी संपर्क में है. ऐसे में अब ये कयास लगा पाना तो काफी मुश्किल होगा कि राजभर और निषाद वोट किसकी तरफ शिफ्ट होता है.

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

UP: गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन (File photo)

UP News: पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है. वहीं, सख्ती से गो तस्करी (Cow Smugglers) और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराया गया है. इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है. प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है.

प्रदेश में पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे. सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी भी की जाती थी. इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. सीएम के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया. नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है. फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं.

319 गो तस्कर गिरफ्तार, 14 पर NSA
प्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है. पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है. इसके अलावा 280 आरोपियों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

सीएम योगी ने 2018 के एक्ट में किया संशोधित
सीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया. नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे. अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है, लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी.

आगरा में बढ़ा डेंगू का प्रकोप नगर निगम के दावों की खुली पोल मलिन बस्तियों में मंडराया खतरा

मलिन बस्तियों में डेंगू का कहर

इन दिनों पूरे ब्रज में डेंगू ने अपना कहर बरपा रहा है. फिरोजाबाद ,मथुरा, मैनपुरी में हालात काबू से बाहर है. आगरा भी डेंगू से अछूता नहीं रहा

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इन दिनों पूरे ब्रज में डेंगू कहर बरपा रहा है. फिरोजाबाद ,मथुरा, मैनपुरी में हालात काबू से बाहर है. आगरा भी डेंगू के डंक से अछूता नहीं रहा है और आगरा के सरकारी व निजी अस्पतालों में 47 डेंगू के मरीज भर्ती है. कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग लगातार दावे कर रहा है कि वह शहर भर में एंटी लारवा व फॉकिंग करवा रहा है. लेकिन जब हमने ग्राउंड जीरो उतर कर मलिन बस्तियों का रुख किया तो तस्वीर कुछ और ही देखने को मिली. यहां के लोग बताते हैं कि नगर निगम तो छोड़िए किसी भी प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यहां पर झांक कर भी नहीं देखा.

मलिन बस्तियों में नाले के पास नरकीय हालात में जीवन जी रहे हैं लोग.

आगरा के लाल किले के ठीक सामने संत रविदास नगर है. यहां नाले के पास लगभग 20 सालों से झुग्गी झोपड़ियों में लोग रह रहे हैं. लेकिन प्रशासन की बेरुखी का शिकार यह लोग नरकीय हालतों में जीने को मजबूर हैं. सबसे बड़ी वजह है कि इन बस्तियों के पास दो – दो नाले बहते हैं. लगातार फिरोजाबाद के बाद अब डेंगू आगरा को अपनी चपेट में ले रहा है. मोटी मोटी फाइलों में डेंगू को रोकने के लिए प्रशासन के बड़े बड़े इंतजाम किए गए हैं .लेकिन ग्राउंड जीरो पर नगर निगम के दावे पूरी तरह से बौने साबित होते दिखाई दे रहे है.

अगर शासन ने जल्द नहीं उठाया कदम तो हालात होंगे बद से बदतर.

इन बस्तियों में रहने वाले लोग ज्यादातर रेडी ठेली लगाने वाले हैं.यह  लोग रोज कमाते खाते हैं. अगर उनके बच्चों की तबीयत खराब होती है तो इनके पास इतनी भी सुविधाएं नहीं है वह अपने बच्चों का इलाज भी करवा सकें. ऐसे में अगर डेंगू इन बस्तियों में फैलता है या इसके अलावा नया वायरस D-2  बच्चों को शिकार बनाता है तो हालात बद से बदतर हो सकते हैं. कोविड-19 से पहले ही स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं और अगर इन लोगों में बड़ी संख्या में ये वायरस पनपता है तो डेंगू का वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या विकराल रूप धारण कर सकती है.

'रिवॉल्वर रानी' प्रियंका मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, ट्रोलर्स की बदजुबानी से हुई थीं आहत

महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का इस्तीफा मंजूर

Agra News: आगरा के एमएम गेट पुलिस थाने में तैनात रही महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का एक सरकारी रिवॉल्वर के साथ वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में प्रियंका ने वर्दी पहन रखी थी और हाथ में रिवॉल्वर ले रखी थी. इसके बाद पुुलिस विभाग ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया.

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आगरा. सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से परेशान यूपी पुलिस (UP Police) की महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा (Constable Priyanka Mishra) का आखिरकार इस्तीफा मंजूर हो गया. सरकारी रिवाल्वर के साथ वीडियो बनाकर सुर्ख़ियों में आई महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा ने इस्तीफा दिया था. उनके इस्तीफे को पुलिस के आला अधिकारियों ने मंजूरी दे दी है और अब प्रियंका मिश्रा महिला सिपाही नहीं रहीं. सोशल मीडिया के बदजुबान ट्रोलर्स ने एक युवा महिला सिपाही के कैरियर का अंत कर दिया.

आगरा के एमएम गेट पुलिस थाने में तैनात रही महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा का एक सरकारी रिवॉल्वर के साथ वीडियो वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में प्रियंका मिश्रा ने वर्दी पहन रखी थी और हाथ में रिवॉल्वर ले रखी थी. वीडियो वायरल होने के बाद प्रियंका मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया गया था. इसके अलावा सोशल मीडिया में प्रियंका मिश्रा को ट्रोलर्स ने ट्रोल करना शुरू कर दिया और तमाम तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. सोशल मीडिया में ट्रोलर की बदजुबानी की वजह से प्रियंका मिश्रा बेहद आहत हुई और उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

सोशल मीडिया की सनसनी बनी प्रियंका
रिवॉल्वर के साथ प्रियंका का वीडियो सोशल मीडिया वायरल होते ही सोशल मीडिया में प्रियंका मिश्रा सनसनी बन गयी. इंस्ट्राग्राम पर वीडियो जब पोस्ट किया तो कुछ ही वक़्त में हज़ारों लोगों ने वीडियो को देख लिया. लेकिन उस वीडियो को प्रियंका मिश्रा ने हटा दिया. वर्दी वाला वीडियो भले ही हटा दिया हो, लेकिन इंस्ट्राग्राम पर प्रियंका मिश्रा के फॉलोवर बढ़ने की बाढ़ आ गयी. रोजाना हज़ारों लोग प्रियंका मिश्रा को फॉलो कर रहे हैं. प्रियंका मिश्रा ने जो वीडियो पोस्ट किए हैं, उनमें से कुछ वीडियो एक लाख से ज्यादा लोगों ने देख लिया था.

Agra News: चरवाहे को जंगल में मिला जिंदा हैंड ग्रेनेड, मचा हड़कंप, पुलिस ने इलाके को किया सील

Agra News: जंगल में जिंदा हैंड ग्रेनेड मिलने से मचा हड़कंप

Hand Grenade Found in Agra: आगरा के जैतपुर के सजेती गांव में एक किशोर को झाड़ियों में दिखा हैंड ग्रेनेड. पुलिस ने इलाके को सील कर बम निरोधक दस्ते को दी सूचना. हैंड ग्रेनेड में पिन लगा होने के कारण लोग मान रहे जिंदा बम.

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आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) के जैतपुर के गांव में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब झाड़ियों में हैंड ग्रेनेड (Hand Grenade) मिला. इसकी सूचना पर मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जगह पर नाकाबंदी कर दी और बम निरोधक दस्ता को सूचना दी. बताया गया है कि हैंड ग्रेनेड जंग लगा हुआ है और उसमें पिन मौजूद है.

जानकारी के मुताबिक, जैतपुर के सजेती गांव में एक किशोर जंगल में पशुओं को चराने गया था. किशोर को झाड़ियों में हैंड ग्रेनेड दिखाई दिया. इसकी सूचना पुलिस को दी गई. बताते हैं कि पुराने हैंड ग्रेनेड में जंग लगी हुई है लेकिन पिन चालू है. इस अवस्था में उसे जिंदा बम माना जाता है. बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच रहा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरी जगह सील कर दी है. हैंड ग्रेनेड कहां से आया है इस बात की जानकारी की जा रही है.

यह भी पढ़ें- UP Breaking News: डेंगू से प्रयागराज में पहली मौत, यूपी पुलिस के दारोगा शिखर उपाध्याय ने गंवाई जान

हैंड ग्रेनेड मिलने की सूचना के बाद इलाके में दहशत फैल गई. मौके पर पुलिस पहुंच चुकी है. बम निरोधक दस्ता भी पहुंचा है, जो हैंड ग्रेनेड की जांच कर रहा है. पुलिस के मुताबिक जिंदा हैंड ग्रेनेड को किसी सुरक्षित स्थान पर जाकर बम को डिफ्यूज करवाया जाएगा. इसके बाद एक्सपर्ट से रिपोर्ट ली जाएगी कि बम कितना पुराना है.

आगरा का ऐसा चमत्कारी मंदिर जिसके सामने फिरंगियों ने भी झुकाया था अपना सर

चामुंडा देवी मंदिर में मौजूद सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़

आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके आगे अंग्रेज अधिकारियों को नतमस्तक होना पड़ा .

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आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके आगे अंग्रेज अधिकारियों को नतमस्तक होना पड़ा था. आगरा के राजा मंडी स्टेशन पर स्थित चामुंडा देवी मंदिर ,जिसके बारे में कहा जाता है यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना है. स्थापना के बारे में सही सही जानकारी नहीं है . लेकिन कहा जाता है कि तब यहां जंगल हुआ करता था. जब यह मूर्ति खुले आसमान के नीचे हुआ करती थी तब उस समय के लोग इसकी पूजा अर्चना करते थे.समय गुजरने के बाद देश में अंग्रेज आए और अंग्रेजों ने राजा मंडी स्टेशन पर सिंगल लाइन रेलवे की डाली चाही .लेकिन मंदिर आड़े आ रहा था. जिसके चलते अंग्रेजों ने इस मंदिर को कई बार तोड़ने का प्रयास किया लेकिन वे सफल नहीं हो पाए.

मंदिर के चमत्कार के कारण अंग्रेजों को रेलवे लाइन को घुमाना पड़ा.

मंदिर के महंत व स्थानीय निवासी  कहानी बताते है कि उस समय अंग्रेज अधिकारियों ने मंदिर को तोड़ने की कई बार कोशिश की. यहां से गुजरने वाली ट्रेन को बिल्कुल सीधा ले जाना चाहते थे .लेकिन मंदिर आड़े आ रहा था. जिस वजह से अंग्रेज अधिकारी इस मंदिर को तोड़ना चाहते थे. लेकिन मंदिर के चमत्कार के कारण वह ऐसा नहीं कर सके .आखिरकार अंग्रेज अधिकारियों को ट्रेन की पटरियों को घुमाना पड़ा ,जो आज भी उसी शक़्ल में मौजूद है. यहां चामुंडा देवी का मंदिर प्लेटफार्म नंबर एक पर है .मंदिर के सामने केवल 2 फीट की ही जगह है जहां से केवल पैदल यात्री निकल सकते हैं.

धोक देने से होती है भक्तों की हर मुराद पूरी ,शनिवार को लगता है बड़ा मेला.
मंदिर के महंत वीरेंद्रानंद बताते हैं कि सैकड़ों सालों से यह मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां पर भक्त अलग अलग तरीके से धोक लगाकर मैया को प्रसन्न करते है.  सभी भक्तों की मनोकामना पूरी होती है .इतना ही नहीं सिंगापुर से भी लोगों के फोन आते हैं और फोन पर उनके नाम की चूनर मैया को चढ़ाई जाती है. हर शनिवार को चामुंडा देवी मंदिर में मेला लगता है. यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.

रेलवे का हर अधिकारी माता के दरबार में देता है हाजिरी
माता का मंदिर राजा मंडी स्टेशन पर है. यहां से गुजरने वाले सैकड़ों यात्री हर रोज माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं .इसके साथ ही रेलवे का कोई भी अधिकारी राजा मंडी स्टेशन पर आता है तो वह  माता के चौखट पर जरूर माथा टेक ता है, उसके बाद ही वह काम शुरू करता है. इसके साथ ही यहां के महंत बताते हैं कि आज तक मंदिर के सामने कोई भी रेलवे की दुर्घटना नहीं हुई है. माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए भक्त 3,5,7 शनिवार मंदिर में आते हैं और उनकी मुरादें पूरी हो जाती हैं .

UP Chunav 2022: प्रियंका गांधी के नेतृत्व में यूपी चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, लेकिन सीएम फेस पर अभी फैसला नहीं- सलमान खुर्शीद

 प्रियंका गांधी, यूपी चुनाव में कांग्रेस का चेहरा हो सकती हैं (फाइल फोटो)

कांग्रेस पार्टी के सीएम उम्मीदवार को लेकर पूछे जाने पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि पार्टी का चेहरा प्रियंका गांधी हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि, 'प्रियंका ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की है, इसलिए हम भी ऐसा नहीं कर सकते हैं लेकिन पार्टी उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी.'

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 13, 2021, 09:29 IST
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आगरा. पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने रविवार को कहा कि कांग्रेस (Congress) आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों (UP Election 2022) में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi)  के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, हालांकि अभी तक सीएम उम्मीदवार के लिए अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ‘पार्टी किसी भी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. हम दृढ़ विश्वास के साथ चुनाव लड़ेंगे. पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे…’ उन्होंने कहा- कांग्रेस यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. खुर्शीद ने जोर देकर कहा कि घोषणापत्र में आम लोगों की आवाजें शामिल होंगी.

कांग्रेस पार्टी द्वारा सीएम के चेहरे के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि पार्टी का चेहरा प्रियंका गांधी हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि, ‘प्रियंका ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की है, इसलिए हम भी ऐसा नहीं कर सकते हैं लेकिन पार्टी उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी.’ उन्होंने कहा, ‘पार्टी के सदस्य विधानसभाओं का दौरा कर रहे हैं और लोगों से संपर्क करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानने की कोशिश कर रहे हैं.’

आगरा के तोरा गांव में थे खुर्शीद
गौरतलब है कि कांग्रेस की चुनाव घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद व पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को आगरा के तोरा गांव में थे. यहां उन्होंने लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जाना. इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री खुर्शीद ने ग्रामीणों से पूछा कि उनकी क्या-क्या समस्याएं हैं, जिसपर ग्रामीणों और महिलाओं ने पेंशन न मिलने तथा आवारा पशुओं द्वारा फसल नष्ट किए जाने सहित अन्य समस्याएं भी बताईं.

लोगों से बात करने के बाद कांग्रेस नेता ने गांव में भ्रमण भी किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपना घोषणापत्र तैयार करने के लिए लोगों तक पहुंच रही है, जिससे कि घोषणा पत्र में जो बात लिखी जाए, वह लोगों के दिल की बात हो.

मोदी के कंधे पर बैठ कर आए गणपति ,घर-घर विराजे गौरी नंदन सजे पांडाल

आगरा के मूर्तिकार ने बनाई मोदी के कंधे पर बैठे गणपति की प्रतिमा । 

आज से घर घर में गौरी नंदन पूरी विधि विधान के साथ विराज रहे है .उनके आगमन की शहर भर में पहले से ही तैयारी चल रही है. पंडालों, मंदिर ,घरों मे धूम है.

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आज से घर-घर में गौरी नंदन पूरी विधि विधान के साथ विराज रहे है .उनके आगमन की शहर भर में पहले से ही तैयारी चल रही है . पंडालों, मंदिर ,घरों में भी गजानन के आगमन की तैयारी है. गुरुवार शाम से ही बाजारों में लोग गणपति की मूर्ति खरीद रहे हैं .हालांकि जिला प्रशासन ने गणेश चतुर्थी पर निकलने वाली शोभायात्राओं की अनुमति नहीं दी है. इसके साथ ही लोग घरों में गणपति बाबा की मूर्ति की स्थापना कर रहें हैं. इस बार बाजारों में खास मोदी के कंधे पर बैठे हुए गणपति बप्पा की मूर्ति आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.

हॉकी खेलते नजर आ रहे हैं गणपति

भारत ने हॉकी के क्षेत्र में 41 साल का सूखा खत्म किया है. इसी को केंद्र में रखते हुए आगरा के मूर्ति कारों ने गणपति के हाथों में हॉकी थमा दी है .इस गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश हॉकी खेलते हुए नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही कोरोना का खात्मा करते हुए भी गणपति बाबा देखे जा सकते हैं .लोगों में इस बार भगवान शिव को गणेश जी वैक्सीन लगाने वाली मूर्ति भी चर्चा का विषय बनी हुई है. इस बार लोग मिट्टी की बनी मूर्तियों को पसंद कर रहे हैं. लोग पीओपी( POP)यानी कि प्लास्टिक ऑफ पेरिस से बनी हुई मूर्तियों को पसंद नहीं कर रहे है. लोगों का कहना है कि मूर्तियां यमुना में विसर्जन के दौरान आसानी से गलती नहीं है जिससे यमुना प्रदूषित होती है.

मूर्तिकारों को आश है कि इस बार अच्छी खासी संख्या में बिकेंगी मूर्तियां

आगरा के इको फ्रेंडली मूर्ति बनाने वाले लोकेश कहते हैं  इस गणेश चतुर्थी पर अच्छी खासी तादात में मूर्तियां बिकने की उम्मीद है.लोग खासतौर पर पहले से ही मिट्टी से बनी मूर्तियों का ऑर्डर दे रहे हैं .हर साल लोग पीओपी से बनी मूर्तियों को थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. लोक आस्था के साथ साथ अब वातावरण का भी ख्याल रख रहे हैं .उनकी मूर्तियों में उन्होंने पौधों के बीज भी रखे हुए हैं जो मूर्ति विसर्जन के दौरान उग आएंगे.

Ganesha Chaturthi: आगरा में PM मोदी के कंधे पर विराजमान हुए भगवान गणेश, मूर्ति बनी आकर्षण का केंद्र

Ganesha Chaturthi: आगरा में PM मोदी के कंधे पर विराजमान हुए भगवान गणेश

Agra News: ओलंपिक में 41 साल बाद मेडल मिलने के बाद ही मूर्तिकार लोकेश ने हॉकी को बढ़ावा देने वाली भगवान की इस प्रतिमा का निर्माण कर डाला.

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आगरा. देशभर में मनाए जाने वाले गणेश चतुर्थी (Ganesha Chaturthi) पर्व की शुरुआत शुक्रवार से हो गई. ताज नगरी आगरा में इस बार गणेश चतुर्थी पर प्रथम देवता गणेश जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के कंधे पर विराजमान नजर आ रहे हैं. इसके अलावा भगवान शंकर को गणेश जी कोरोना वैक्सीन लगाते नजर आए. पीएम मोदी के कंधे पर विराजमान गणेश जी की प्रतिमा को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. बता दें कि आगरा के मधु नगर क्षेत्र में रहने वाले लोकेश रावत को जागरूकता संदेश देती गणेश भगवान की मूर्तियों बनाने का शौक है.

इनके साथ ही पीएम मोदी के कार्यों से लोकेश इतने प्रभावित हुए की उन्होंने पीएम मोदी के कंधे पर विराजमान गणेश जी की प्रतिमा बना डाली. अब यह प्रतिमा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इसी तरह एक मूर्ति में भगवान गणेश हॉकी खेलते नजर आ रहे हैं. ओलंपिक में 41 साल बाद मेडल मिलने के बाद ही मूर्तिकार लोकेश ने हॉकी को बढ़ावा देने वाली भगवान की इस प्रतिमा का निर्माण कर डाला. आगरा में जागरूकता संदेश देतीं नजर आ रहीं प्रथम देव गणेश की मूर्तियां लोग खूब पसंद कर रहे हैं.

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मिट्टी की बनी ईको फ्रेंडली मूर्तियों से पर्यावरण संरक्षण हो रहा है. मूर्ति बनाने के लिए भावनगर गुजरात से मिट्टी मंगाई जा रही है. मिट्टी में पंचगव्य मिलाने से उपजाऊ भी हो जाती है. बहुत से लोग टब या बर्तन में प्रतिमाओं को विसर्जित करने के बाद पौधों में मिट्टी डाल सकते हैं. आगरा के युवा लोकेश और नीलेश ने गणेश उत्सव को लेकर जागरूकता संदेश देती जो मूर्तियां बनाई हैं उससे पर्यावरण की रक्षा के साथ साथ कोरोना से बचाव का संदेश भी समाज में पहुंच रहा है.

आगरा की ऐसी जगह जहां पर अंग्रेज करते थे युद्ध बंदियों को कैद, बाद में बना पहला रूफटॉप पार्क

आगरा का शहीद स्मारक पार्क जहां अंग्रेज शासन काल मे हुआ करती थी जेल

बताया जाता है कि अंग्रेजी शासनकाल के दौरान कैदियों को कैद करने के लिए आगरा के इसी संजय पैलेस में जेल हुआ करती थी. जिसे बाद में पार्क में बदल दिया गया.

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आप आगरा के संजय पैलेस में स्थित शहीद स्मारक पार्क कई बार गए होंगे . लेकिन आप में से बेहद कम लोगों को जानकारी होगी कि जहां पर पहले जेल हुआ करती थी . बताया जाता है कि अंग्रेजी शासनकाल के दौरान कैदियों को कैद करने के लिए आगरा के इसी संजय पैलेस में जेल हुआ करती थी. जिसे बाद में पार्क के रूप में तब्दील कर दिया गया. 1971 में भारत पाकिस्तान  युद्ध के दौरान एक लाख से ज्यादा पाकिस्तान के सैनिक पकड़े गए थे .जिनमें से कुछ सैनिकों को आगरा के संजय पैलेस जेल में रखा गया था. 80 के दशक में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी आगरा आए थे .यहां के स्थानीय लोगों के अनुरोध पर आगरा में संजय पैलेस बसाया गया.

देश के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम सिंह के प्रयासों से बना आगरा में पहला रूफटॉप पार्क.

आपको जानकर बेहद हैरानी होगी कि संजय पैलेस में जिस जगह यह शहीद स्मारक पार्क बना हुआ है वह आगरा का पहला रूफटॉप पार्क है और यहां कभी जेल हुआ करती थी .इसकी छत के ऊपर पार्क है और अंदर लाइब्रेरी . स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम सिंह के प्रयासों से यह पार्क बना था. कहा जाता है कि स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम सिंह को काला पानी की सजा हुई थी और वे भगत सिंह के साथ ही थे. स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम सिंह की मृत्यु राजा मंडी में सन 1998 के आसपास की थी .अब इस पार्क में भारत के उन सूर वीरों की मूर्तियां हैं जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया, अपने प्राणों की आहुति दी, ऐसे तमाम सूर वीरों की प्रतिमाएं आगरा के पहले रूटस्टॉक पार्क में लगी हुई हैं.

आगरा विकास प्राधिकरण के सौतेले व्यवहार के चलते जंगल मे तब्दील हुआ शहीद स्मारक

आगरा विकास प्राधिकरण(ADA) पर इस पार्क की देख रेख और स्वच्छता की जिम्मेदारी है .लेकिन शहीद स्मारक के पीछे के भाग में कई सालों से साफ सफाई नहीं हुई है. जिसके चलते पार्क की ऊपर छत पर बड़े पेड़ व झाड़ियां उग आई हैं . इसके अलावा पार्क में फव्वारे भी लगे थे ,जो कि कई सालों से खराब पड़े हैं .आगरा के बिल्कुल केंद्र में स्थित संजय पैलेस जहां पर कई व्यवसायिक कंपनियों के बड़े-बड़े दफ्तर हैं.रोजाना सैकड़ों की तादात में लोग इस पार्क में घूमने के लिए आते हैं .15 अगस्त ,26 जनवरी, 2 अक्टूबर को देश भक्ति के कई कार्यक्रम भी होते हैं, लेकिन फिर भी आगरा विकास प्राधिकरण का इस तरफ कोई भी ध्यान नहीं है. आगरा विकास प्राधिकरण के अनदेखी के चलते यह पार्क बद से बदतर हालत में पहुंच गया है.

दुर्दशा का शिकार हैं शहीदों की मूर्तियां

इस पार्क में दो दर्जन से ज्यादा शहीद व क्रांतिकारियों की मूर्तियां हैं .लेकिन इनमें से कई मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं. कुछ में तो दरार पड़ चुकी हैं और लगभग सभी मूर्तियों पर गंदगी जमी हुई है. लेकिन इस तरफ़ किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का कोई ध्यान नहीं है. उनकी साफ सफाई व मरम्मत के लिए सालों तक सुध नहीं ली जाती है .अब ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि जहां देश की आजादी में अपने प्राण देने वाले शहीदों को ही सम्मान नहीं दिया जा रहा तो यह पार्क बनाया ही क्यों गया है?

जानिए आखिर क्यों बादशाह अकबर इस मंदिर की चौखट पर सिर झुकाने को हुए थे मजबूर

दरियानाथ मंदिर में 500 साल पुरानी बाबा भैरोनाथ की मूर्ति

आगरा में ऐसा प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर है जहां पर उस समय के बादशाह अकबर ने भी इस मंदिर की चौखट पर सर झुकाया था.

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आगरा में ऐसा प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर है जहां पर उस समय के बादशाह अकबर ने भी इस मंदिर की चौखट पर अपना सिर झुकाया था. मंदिर के बारे में कई कहानियां ऐसी फेमस है जो इसे बेहद चमत्कारी होने का दावा करती हैं. आगरा के राजा मंडी बाजार में दरियानाथ मंदिर में खुद अकबर चलकर माथा टेकने गया था, कहा जाता है उस समय आगरा में भयंकर अकाल पड़ा था और उस अकाल से निजात पाने के लिए अकबर उस समय के महंत के पास गए थे. उनके चमत्कार के कारण ही आगरा का सूखा खत्म हुआ था.

उज्जैन के महाराजा विक्रमादित्य ने की थी दरिया नाथ मंदिर की स्थापना.

आगरा के राजा मंडी बाजार में स्थित दरिया नाथ मंदिर की स्थापना उज्जैन के महाराजा विक्रमादित्य ने की थी .वही विक्रमादित्य जिनके नाम पर विक्रमी संवत शुरू हुए. दरिया नाथ मंदिर में 500 साल से पुरानी बाबा भैरव नाथ की मूर्ति आज भी स्थित है. इसके साथ ही प्राचीन हनुमान जी की मूर्ति यहां देखने को मिलती है भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार हनुमान जी की मूर्ति की आयु लगभग 300 साल से भी ज्यादा पुरानी बताई गई है. इसके इतिहास का लेखा आगरा के मशहूर इतिहासकार राजकुमार शर्मा राजे ने अपनी किताब \”तवारीख़ -ए- आगरा\” में दर्ज किया है. इस मंदिर के पहले महंत दरिया नाथ हुए थे  जिनके नाम पर ही इस मंदिर का नाम दरिया नाथ मंदिर पड़ा है. मंदिर में आज भी उस समय के कई नाथ संप्रदाय के साधुओं की जीवित समाधि मौजूद हैं.

दरिया नाथ मंदिर के महंत का चमत्कार देख मुगल बादशाह अकबर भी हुए थे नतमस्तक

यह घटना उस समय की है जब आगरा में मुगल बादशाह अकबर का शासन काल था .आगरा में भयंकर सूखा पड़ा हुआ था. अकबर के दरबारियों ने कहा कि आगरा के राजा मंडी बाजार में भैरव नाथ का प्राचीन मंदिर है अगर उस मंदिर में अकबर शीश झुकाता है तो निश्चित ही आगरा का सूखा खत्म हो जाएगा, यह सुनकर अकबर उस मंदिर की ओर चल पड़े. जब मंदिर के महंत को पता चला कि अकबर उनसे मिलने के लिए आए हैं तो उस मंदिर के महंत उस वक्त एक दीवाल पर बैठे थे. जैसे ही महंत अकबर के स्वागत के लिए आगे बढ़े उनके पीछे-पछे दीवाल भी चलने लगी. यह चमत्कार देख अकबर भी अचंभित रह गया और साष्टांग महंत को प्रणाम किया.
मेहनत के आशीर्वाद से तुरंत बारिश होने लगी और कहा जाता है कि उस वक्त आगरा का सूखा खत्म हुआ था.

बाबा बालक नाथ ने की थी 14 साल एक ही जगह पर खड़े होकर तपस्या

वर्तमान समय के महंत दीदारनाथ बताते हैं कि मंदिर बेहद प्राचीन और चमत्कारी है. इसके साथ ही नाथ संप्रदाय के महंतों की इस मंदिर की देखरेख का जिम्मा है. कई सालों से नाथ संप्रदाय के महंत ही इन मंदिरों की देखभाल और पूजा करते आए हैं.  बाबा बालक नाथ के बारे में कहा जाता है उन्होंने 14 साल तक खड़े रहकर तपस्या की थी इसके साथ ही कई ऐसे महंत हुए जिन के चमत्कार के किस्से आज भी प्रसिद्ध हैं.

वर्तमान में मंदिर का जीर्णोद्धार करा दिया गया है. लेकिन समाधिया और प्राचीन मूर्ति आज भी उसी सकल में मौजूद हैं. लोगों की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है .यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है .

रिपोर्ट:- हरीकांत शर्मा

Agra News: जब पत्रकार बनकर KBC विनर हिमानी बुंदेला के घर पहुंचे मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल

सिंगर जुबिन नौटियाल ने KBC विनर आगरा की हिमानी बुंदेला को दिया सरप्राइज.

Agra KBC Winner Himani Bundela: जुबिन नौटियाल को देखकर हिमानी बुंदेला फूली नहीं समा रही थीं. इसके साथ ही उनके परिवार को भी यकीन नहीं हो रहा था कि इतना बड़ा गायक उनके घर पर है. इस पूरे वाक्या का वीडियो जुबिन नौटियाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है.

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आगरा. टीवी रियलिटी शो केबीसी (KBC Show) में एक करोड़ रुपये जीतने वाली ताज नगरी आगरा (Agra) की बेटी हिमानी बुंदेला (Himani Bundela) का एक और सपना पूरा हो गया. दरअसल, हिमानी बॉलीवुड के मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल (Jubin Nautiyal) की बहुत बड़ी फैन हैं. यह बात जब जुबिन को पता चली तो गत रविवार को वे केबीसी में एक करोड़ जीतकर सुर्ख़ियों में आने वाली हिमानी को सरप्राइज देने उनके आगरा स्थित घर पहुंच गए. जुबिन नौटियाल एक रिपोर्टर बनकर हिमानी के घर पहुंचे थे.

केबीसी विनर आगरा की हिमानी बुंदेला के घर रविवार को मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल पहुंचे जुबिन नौटियाल एक रिपोर्टर बनकर हिमानी बुंदेला का इंटरव्यू लेने के लिए उनके घर पर पहुंचे. हिमानी बुंदेला से जुबिन नौटियाल ने कई सवाल किए और उसके बाद में कहा कि उनका फेवरेट सिंगर कौन है? हिमानी बुंदेला ने कहा कि जुबिन नौटियाल. इसके उन्होंने हिमानी से उनका मनपसंद गीत गाने को कहा. इस पर हिमानी ने ‘खुशी जब भी तेरी’ गाना गाया. जुबिन ने कहा कि ये गाना तो वो भी गा सकते हैं. जैसे ही उन्होंने यह गाना गया, हिमानी ने उन्हें आवाज से पहचान लिया. हिमानी ने बताया कि पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि जुबिन सर मेरे सामने हैं. उन्होंने मुझे सरप्राइज दिया,इसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी. उनको पता नहीं था कि जुबिन सर से मिलने की ख्वाहिश इतनी जल्दी पूरी हो जाएगी.

जुबिन नौटियाल को देखकर हिमानी बुंदेला फूली नहीं समा रही थीं. इसके साथ ही उनके परिवार को भी यकीन नहीं हो रहा था कि इतना बड़ा गायक उनके घर पर है. इस पूरे वाक्या का वीडियो जुबिन नौटियाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है. बता दें केबीसी की हॉट सीट पर हिमानी ने जुबिन नौटियाल से मिलने की इच्छा जताई थी.

Agra News: मौत की मॉकड्रिल से चर्चा में आए श्री पारस हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई, देनी पड़ी 58 लाख रुपये की पेनाल्टी

आगरा का श्री पारस हॉस्पिटल पर जमीन घपले के मामले में जुर्माना लगाया गया

Agra Shri Paras Hospital Case: स्टांप कमी की धनराशि डॉ अरिन्जय जैन ने जमा करा दी है. अस्पताल में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कई मरीजों की मौत हो गई थी. मौत की मॉकड्रिल में अस्पताल प्रशासन को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था. इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया था.

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आगरा. श्री पारस अस्पताल (Shri Paras Hospital) की जमीन की खरीद में हुए खेल पर अब कार्रवाई का डंडा चला है. 408.81 वर्ग मीटर की व्यावसायिक जमीन को आवासीय बताकर खरीदा गया.  जमीन डॉ अरिन्जय जैन ने लाजपत कुंज निवासी वासुदेव से खरीदी थी. जमीन खरीद में 23.35 लाख रुपये की स्टांप चोरी की पुष्टि होने के बाद  इसका वाद डीएम कोर्ट में चला. अब डीएम प्रभु एन सिंह ने पेनाल्टी और ब्याज सहित 58 लाख रुपये की स्टांप कमी मिलने के आदेश दिए हैं. स्टांप कमी की धनराशि डॉ अरिन्जय जैन ने जमा करा दी है. अस्पताल में अप्रैल के अंतिम सप्ताह ऑक्सीजन की कमी को लेकर हुई मॉकड्रिल में कई मरीजों की मौत हो गई थी. इसको लेकर बवाल मचा, तब सरकार ने जांच कराई. इसमें दोषी पाए जाने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया था.

आगरा में भगवान टॉकीज के पास एनएच 19 पर स्थित श्री पारस हॉस्पिटल लगातार बदनाम होता रहा है. कोरोना की पहली लहर में हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की संख्या छुपाने के आरोप में स्वास्थ्य महकमे ने शिकायतें मिलने के बाद श्री पारस हॉस्पिटल को सील कर दिया था. कई महीनों के बाद एक बार फिर हॉस्पिटल खोला गया, लेकिन दूसरी कोरोना लहर आते ही अप्रैल माह के अंत में मौत के मॉकड्रिल के बाद श्री पारस हॉस्पिटल पर यूपी सरकार ने कार्रवाई का हंटर चलाया था. इस मामले में न्यू आगरा थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई और मामले की जांच अभी भी जारी है. डीएम के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के साथ ही श्री पारस हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था.

अभी भी सील है हॉस्पिटल
अभी भी श्री पारस हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज नहीं होता है. हॉस्पिटल पूरी तरह से अभी भी सील है. अब एक बार फिर जमीन के मामले में खेल होने पर हॉस्पिटल के संचालक डॉ अरिंजय जैन का नाम फिर चर्चा में आ गया है.

शूटिंग में जमकर पसीना बहा रहे हैं आगरा के निशानेबाज

आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में शूटिंग के दौरान निशाना लगाते खिलाड़ी ।

आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है. निशानेबाजी में भी जमकर खिलाड़ी हाथ अजमा रहे हैं .

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टोक्यो ओलंपिक में भारत के खिलाड़ियों ने कई सालों का सूखा खत्म किया. इसके साथ पैरा ओलंपिक में भी खिलाड़ी अपने मेहनत के बलबूते पर खूब पदक जीत कर भारत का मान बढ़ाया. पैरा ओलंपिक में जिन खिलाड़ीयों ने मेडल जीते हैं उनकी तारीफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर रहे है. इन्हीं सब से प्रेरणा लेकर आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है. निशानेबाजी में भी जमकर खिलाड़ी हाथ अजमा रहे हैं .पैरा ओलंपिक के बाद निशानेबाजी में खिलाड़ियों की संख्या खासा बढ़ी है .इन खिलाड़ियों का लक्ष्य भी देश के लिए मेडल जीत कर शान बढ़ाने की है.

निशानेबाजी में खिलाड़ियों ने 100 से ज्यादा पदक झटके.
स्टेट लेवल पर हर साल कई युवा खिलाड़ी मेडल लेकर आते हैं. लगातार 2013 से हर वर्ष राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा पदक खिलाड़ी लेकर आ चुके हैं .ताज नगरी में भी 100 से ज्यादा राष्ट्रीय खिलाड़ी मौजूद हैं .जिनका रुझान अब और बढ़ता जा रहा है .अगर इन खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन व संसाधन मिले तो जोश से लबरेज यह खिलाड़ी भी दूसरे खिलाड़ियों की तरह अच्छा परफॉर्मेंस देकर भारत का नाम रोशन कर सकते हैं.

गुरु के बिना कैसे लाए मेडल सिखाने को नहीं है कोई भी कोच
खिलाड़ी पूरी मेहनत करने के लिए तैयार हैं. लेकिन खेल की बारीकियां सिखाने के लिए कोई भी कोच मौजूद नहीं है.आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में ऐसे कई खिलाड़ी है जो स्वयं से ही प्रैक्टिस कर के अपने हुनर को तराश रहे हैं. इन खिलाड़ियों की परख करने के लिए कोई भी गुरु नहीं है. एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आधे से ज्यादा  खेलों के लिये कोच नहीं है . यहां सीनियर से ही जूनियर को सिखाते हैं.

शूटिंग की तरफ बढ़ रहा है खिलाड़ियों का रुझान.
हिमांशु मित्तल खुद एक राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग रेंज के खिलाड़ी रहे हैं .हिमांशु बताते हैं कि अब शूटिंग की तरफ खिलाड़ियों का रुझान बढ़ता जा रहा है .इस क्षेत्र में काफी बड़ा स्कोप है. अगर खिलाड़ी मेहनत करता है तो निश्चित ही उसे सफलता मिलेगी और देश का भी नाम रोशन करेगा.

आगरा: शिवपाल यादव पहुंचे सेंट्रल जेल, इन दो नेताओं से मुलाकात ने गर्मा दी सियासत

आगरा: विधायक विजय मिश्रा और एमएलसी कमलेश पाठक से मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे शिवपाल यादव.

Uttar Pradesh Politics : आगरा केंद्रीय कारागार में बंद भदोई के MLA विजय मिश्रा और MLC कमलेश पाठक से मिलने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव पहुंचे. उनकी इस मुलाकात को UP की सियासत में नई हवा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

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आगरा. आगरा केंद्रीय कारागार (Agra Central Jail) में बंद भदोई के विधायक विजय मिश्रा (MLA Vijay Mishra) और एमएलसी कमलेश पाठक (MLC Kamlesh Pathak) से मिलने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) पहुंचे. उनके इस मुलाकात ने यूपी की सियासत को नई हवा दे दी है. मुलाकात के बाद शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि ब्राह्मणों की बात तो सब करते हैं, लेकिन उनसे कोई मिलने नहीं आया. सिर्फ मैं मिलने आया हूं. ये मुलाकात जेल में विधायक विजय मिश्रा और एमएलसी कमलेश पाठक से करीब दो घंटे तक चली.

जानकारी के अनुसार शिवपाल सिंह यादव के यहां पहुंचने की पहले से किसी को जानकारी नहीं थी. वह अचानक सेंट्रल जेल पहुंचे और उन्होंने भदोही के विधायक विजय मिश्रा और एमएलसी कमलेश पाठक से भी मुलाकात की. करीब 2 घंटे के बीच तक शिवपाल यादव आगरा की सेंट्रल जेल में रहे और दोनों से मुलाकात कर बातचीत की. हालांकि इस मुलाकात को लेकर शिवपाल सिंह यादव ने ज्यादा कुछ नहीं कहा है, लेकिन इस मुलाकात के सियासी मायनों ने सरगर्मी बढ़ा दी है.

शिवपाल सिंह यादव ने इस दौरान कहा है कि जेल में लोगों का शोषण हो रहा है. यहां लोगों को खाना नहीं मिल रहा है. कोविड की वजह से जेल में लोगों से मुलाकात नहीं हो पा रही थी, लिहाजा वो अब जेल में दोनों से मिलने आए थे. साथ ही उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों की बात तो सब करते हैं, लेकिन उनसे कोई मिलने नहीं आया. सिर्फ मैं मिलने आया हूं. फिरोजाबाद में डेंगू से हो रही मौतों पर उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद में व्यवस्था ठीक नहीं है और दवा भी ठीक से नहीं मिल रही है. समाजवादी पार्टी और अन्य दलों से गठबंधन पर शिवपाल यादव ने गोलमोल जवाब दिया.उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात चल रही है.

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