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UP Election 2022: सीएम योगी के मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री का दावा, हम अगले 25 सालों तक शासन करेंगे

यूपी सरकार के मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर तंज सका है.

यूपी सरकार के मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर तंज सका है.

UP Assembly Elections: उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दल रणनीति और गठबंधन बनाने में जुटने के साथ अपने-अपने पक्ष में माहौल होने के दावे कर रहे हैं. इस बीच सीएम योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) की सरकार में मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री (Ram Naresh Agnihotri) ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि देश और यूपी जनता हमारे साथ है. हम अगले 25 सालों तक शासन करेंगे.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) में अभी करीब छह महीने का वक्‍त बाकी है, लेकिन अभी से राजनीतिक दल रणनीतियां बनाने में जुटे हुए हैं. इस बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने ब्राह्मण सम्‍मेलन के सहारे माहौल अपने पक्ष में बनने का दावा किया है, तो सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav) भी योगी आदित्‍यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) को सत्‍ता से बाहर करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं. हालांकि इस बीच उत्‍तर प्रदेश सरकार में मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री (Ram Naresh Agnihotri) ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि भाजपा अगले 25 सालों तक राज करेगी.

सीएम योगी ने मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री ने कहा कि पहले विपक्षी दल कांग्रेस के खिलाफ एक साथ चुनाव लड़ते थे, आज भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. 2017 में सपा-बसपा-कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने पर भी कुछ नहीं हुआ. इसके साथ उन्‍होंने दावा किया कि भाजपा को देश और प्रदेश में लोगों का साथ है. हम अगले 25 सालों तक शासन करेंगे.

बहरहाल, यूपी में फिर से सत्‍ता पर काबिज होने के लिए भाजपा सरकार पिछले काफी महीनों से मंथन कर रही है. यही नहीं, पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा समेत तमाम नेता लगातार यूपी के दौरे कर रहे हैं, तो पीएम मोदी के दौरों की रफ्तार भी बढ़ रही है. इसके अलावा जेपी नड्डा ने दो दिन पहले की यूपी के सभी भाजपा सांसदों को दिल्‍ली बुलाकर बैठक ली है, जिसमें अमित शाह और राजनाथ सिंह भी शामिल हुए थे. यही नहीं, पार्टी विधायकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी तैयार करवा रही है और जो लोग उम्‍मीदों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनका गुजरात फॉर्मूले के तहत टिकट काटकर युवा और नये चेहरों पर दांव खेला जाएगा.

ये भी पढ़ें- Weather Update: यूपी में अगले तीन दिन मानसून रहेगा मेहरबान, इन जिलों में होगी भारी बारिश

मायावती ने कही ये बात
बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने दावा किया है कि पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन से विरोधी दलों की नींद उड़ी हुई है और इसे रोकने के लिए विपक्षी दल तमाम तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. वहीं, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा ने 2022 में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर सूबे में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का भी दावा किया है.

इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी के बीच कुछ दिन पहले हुई मुलाकात के बाद वेस्ट यूपी के जिलों में चुनावी माहौल का आगाज हो गया है. गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने कांग्रेस-सपा गठबंधन के तहत ‘खाट पंचायत’ कर वोट जुटाने की कवायद की थी, लेकिन इस मजबूत गठबंधन के बाद भी भाजपा ने भारी बहुमत से सरकार बनाई थी.

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Agra में बकरी का दूध हो गया 300 रुपये लीटर, बड़ी वजह आ रही सामने

दूध की बढ़ती कीमतें अब लोगों को परेशान कर रही हैं. तीन सौ रुपये लीटर तक बकरी के दूध की कीमत आगरा में पहुंच गई है. (फाइल फोटो)

Dengue Fever in UP: आगरा और आस पास के जिलों में फैल रहे वायरल और डेंगू के चलते बकरी के दूध की डिमांड तेजी से बढ़ गई है. ऐसे में दूध का उत्पादन कम और मांग ज्यादा होने के चलते अब कीमतें आसमान छू रही हैं.

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आगरा. पूरे उत्तर प्रदेश में मलेरिया और डेंगू का प्रकोप है, बड़े और बच्चे सभी इसकी चपेट में आते जा रहे हैं. इन बीमारियों के चलते एक तरफ तो लोग अपनी सेहत से जा रहे हैं और वहीं दूसरी तरफ ये उनकी जेब पर भी भारी पड़ रहा है. हालात ये हो गए हैं कि आगरा में कभी 50 से 80 रुपये लीटर तक बिकने वाला बकरी का दूध इन दिनों 300 रुपये लीटर से भी महंगा बिक रहा है. कारण है डेंगू और अन्य बुखार में बकरी का दूध काफी फायदेमंद माना जाता है. चिकित्सक भी बीमारी के दौरान बकरी का दूध पीने की सलाह देते हैं. ऐसे में अब अचानक बकरी के दूध की डिमांड बढ़ चुकी है.
हालात ये हो गए हैं कि अब बकरी का दूध लेने के लिए आगरा के वजीरपुरा, मंटोला, सिकंदरा, ताजगंज और बिजलीघर आदि इलाकों में बकरी पालकों के घरों पर सुबह से लोगों की कतार लग जाती है.

800 रुपये किलो तक पहुंची है रेट
बकरी पालकों ने इस संबंध में बताया कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी बकरी के दूध की डिमांड तेजी से बढ़ी थी. जानकारी के अनुसार उस दिन दूध की कीमत करीब 800 रुपये तक पहुंच गई थी. एक बार फिर डेंगू और वायरल के आगरा सहित आसपास के जिलों में पैर पसार लेने के बाद बकरी के दूध की कीमत बढ़ने लगी है. अब हालात ये हैं कि कुछ परिजन तो ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों को सीधे बकरी पालकों के घर पर आते हैं और वहीं पर उन्हें दूध पिला कर घर ले जाते हैं.

मांग ज्यादा डिमांड कम
बकरी पालकों ने बताया कि दूध का जितना उत्पादन हो रहा है उससे कहीं ज्यादा उसकी डिमांड बनी हुई है. यही कारण है कि लगातार बकरी के दूध के दाम बढ़ रहे हैं. वहीं इस संबंध में एसएन मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर शैलेंद्र चौधरी ने बताया ‌कि बकरी के दूध में कई गुण ऐसे होते हैं जो कि गाय के दूध में नहीं मिलते. डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि बकरी का दूध अपनी अलग गुणवत्ता को लेकर के डेंगू रोग में लाभकारी हो जाता है.

आगरा की 136 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला पर लगा ग्रहण ,कोविड़ की वजह से इस बार भी नहीं मिली मंजूरी

 प्रतीकात्मक मुकुटों का पूजन करते आगरा के मेयर नवीन 

उत्तर भारत की सबसे प्राचीन व प्रसिद्ध आगरा के रामलीला के मंचन पर इस साल भी कोरोना का ग्रहण लगता नजर आ रहा है.

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उत्तर भारत की सबसे प्राचीन व प्रसिद्ध आगरा के रामलीला के मंचन पर इस साल भी कोरोना का ग्रहण लगता नजर आ रहा है.कोविड-19 का हवाला देते हुए इस साल भी आगरा शहर में ऐतिहासिक रामलीला का मंचन व राम बरात नहीं निकाली जाएगी. यह निर्णय रामलीला कमेटी की ओर से लिया गया है. हालांकि रामलीला के वर्चुअली प्रसारण की बात कही जा रही है.लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि जब सरकार ने सभी पाबंदियां लगभग हटा दी हैं ,जहां एक तरफ राजनैतिक पार्टियां 2022 के लिए अभी से बड़ी-बड़ी जनसभाएं कर रही हैं, उन पर सरकार का कोई भी पहरा नहीं है. लेकिन प्रभु श्री राम की अलौकिक रामलीला पर कोविड़ की गाइडलाइंस का हवाला देकर इस साल भी अनुमति नहीं दी गई है.

प्रतीकात्मक राम ,लक्ष्मण, शत्रुघ्न और भरत के मुकुट की हुई स्थापना विधिवत हुआ पूजन

हालांकि कनागत शुरू होने से पहले ही गणेश पूजा के साथ की रामलीला मंचन से पहले राम, लक्ष्मण ,शत्रुघ्न, भरत हनुमान के मुकुटों की प्रतीकात्मक स्थापना हो चुकी है. इसके बाद कनागत में कोई भी शुभ कार्य शुरू नहीं होता, ऐसी हिंदू धर्म में मान्यता है. इसी को लेकर रविवार को ही आगरा के मेयर व रामलीला कमेटी के नए निर्वाचित अध्यक्ष नवीन जैन ने प्रतीकात्मक मुकुट रखकर विधिवत पूजन किया .

वर्चुअली हो सकता है रामलीला का मंचन?

मनकामेश्वर मंदिर के प्रशासक महंत हरहरी महाराज बताते हैं कि इस साल रामलीला का मंचन ऑनलाइन हो सकता है? अगर रामलीला कमेटी की ओर से सुझाव दिया जाएगा और लोगों से भी सुझाव मांगे जाएंगे तो इस बार रामलीला का मंचन ऑनलाइन लोगों के लिए हो सकता है. आगरा की ऐतिहासिक रामलीला है. जो युवाओं को दशा और दिशा देने का काम करती है.  2 साल से रामलीला का मंचन ना होना अपने आप में ही दुर्भाग्यपूर्ण है. हालांकि प्रशासन ने 100 लोगों की परमिशन दी है. लेकिन रामलला के भक्त इतने हैं कि वह संख्या को पार कर जाएंगे ऐसे में रामलीला कमेटी के लोगों पर अंतिम निर्णय हैं.

आगरा के इस बंदे ने की शानदार पहल डेंगू के मरीजों को दे रहे हैं निशुल्क बकरी का दूध

बकरियों के साथ मोहम्मद रिजवान

जो लोग देसी इलाज में यकीन रखते हैं वह प्लेटलेट्स कम होने पर बकरी का दूध, कीवी का फल व पपीते के पत्ते का सेवन करने की सलाह देते हैं. 

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आगरा में लगातार डेंगू और वायरल बुखार अपना कहर बरपा रहा है .आसपास के जिलों में डेंगू के साथ वायरल बुखार से रोजा कई लोगो जान से हाथ धो रहे है . फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़ हाथरस तेजी से डेंगू और वायरल बुखार से मरीज दम तोड़ रहें है. ऐसे में सबसे ज्यादा जो दिक्कत आ रही है वह है मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने की . प्लेटलेट्स कम होने की वजह से लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं. इसके साथ ही जो लोग देसी इलाज में यकीन रखते हैं वह प्लेटलेट्स कम होने पर बकरी का दूध, कीवी का फल व पपीते के पत्ते का सेवन करने की सलाह देते हैं. हालांकि यह इलाज कितना कारगर और असरदार है यह तो डॉक्टर ही अच्छे से बता सकते हैं. लेकिन इन दिनों आगरा में बकरी का दूध आसमान छू रहा है.आलम यह है कि बकरी का दूध 500 रुपए प्रति लीटर तक लोगों को दूध नसीब नहीं हो रहा है.लेकिन आगरा के मंटोला के रहने वाले मोहम्मद रिजवान लोगों को फ्री में दूध बांट कर सेवा कर रहे हैं.

जरूरतमंदों की सेवा करना ही अल्लाह का काम है

मोहम्मद रिजवान और उनके पिता नवाब खुर्शीद अहमद आगरा के मंटोला इलाके में सराय नवाब शाह में बकरियां पालते हैं.इसके साथ ही उनके यहां गोश्त का भी काम है. जब आगरा में बकरी का दूध आसमान छू रहा है तब इन्होंने लोगों को मुफ्त में बकरी का दूध देने की शानदार पहल शुरू की है. मोहम्मद रिजवान बताते हैं कि इन लोगों की सहायता करना अल्लाह का काम है. हर रोज यहां 20 से 30 की संख्या में मरीज आते हैं और बकरी का दूध ले जाते हैं हम उन्हें फ्री में बकरी का दूध देते हैं.

जरा सी बारिश ने आगरा के चौराहों को बनाया तालाब आगरा मेयर के स्मार्ट दावे फेल

जान जोखिम में डालकर पानी में निकलते स्कूली बच्चे

बारिश की वजह से सेंट जॉन्स चौराहे पर पानी भर गया है. स्कूल से घर लौट रहे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बच्चे इंतजार में थे कि कब पानी निकले और कब वे अपने घर जाएं.

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आगरा स्मार्ट सिटी के दावों की सच्चाई आप इन तस्वीरों से पता लगा सकते हैं .आगरा में आज दोपहर को जरा सी बारिश ने चौराहों को तालाब में बदल दिया है . यह नजारा आगरा के सेंट जॉन्स चौराहे का है. जहां पर आज दोपहर हुई बारिश की वजह से घुटनों तक पानी भर गया . राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई राहगीर तो डर के मारे चौराहा पार ही नहीं कर रहें हैं. क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है कि कहां सीवर लाइन का नाला खुला हो सकता है और कब वह हादसे का शिकार हो सकते हैं. इसके साथ ही कई राहगीर अपनी मोटरसाइकिल को खींचते हुए पानी से निकल रहे हैं. मोटरसाइकिल के साइलेंसर में पानी भरने से बाइक बंद पड़ जाती है और फिर उसे खींच कर बाहर निकालते हैं.

घंटों खड़े रहे चौराहा पार करने के लिए स्कूली बच्चे

बारिश की वजह से सेंट जॉन्स चौराहे पर पानी भर गया है. स्कूल से घर लौट रहे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बच्चे इंतजार में थे कि कब पानी निकले और कब वे अपने घर जाएं. कई स्कूली बच्चों से बात करी तो उन्होंने बताया कि उन्हें तकरीबन डेढ़ से 2 घंटे हो गए हैं. लेकिन वहां पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं जब पानी निकलेगा तब वह अपने घर जाएंगे.

ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर बनाया जा रहा है आगरा को स्मार्ट।

आगरा के मेयर नवीन जैन लगातार दावा करते हैं कि ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर आगरा को स्मार्ट बनाया जा रहा है. आगरा वासियों को किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े. जिसके लिए नवीन जैन ने कल ही टोल फ्री नंबर भी जारी किया था. लेकिन आज ही शहर का ये हाल है ,यह एक चौराहे का हाल नहीं है आगरा के हर एक चौराहे का यही हाल है. बारिश की वजह से चौराहे तालाब में तब्दील हो गए.

आगरा विकास प्राधिकरण के गेट पर लगी 9 दलालों के नाम की होर्डिंग, प्रवेश पर प्रतिबंध

आगरा विकास प्राधिकरण में लगी दलालों की लिस्ट

Agra News: एडीए वीसी आईएएस राजेंद्र पेंसिया की पहल पर पहली बार दलालों की लिस्ट सार्वजनिक की गयी है. आगरा विकास प्राधिकरण के विभिन्न पटल पर लगातार दलालों को बैठे देखा जाता था. यह प्रक्रिया वर्षों से जारी थी.

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आगरा. आगरा (Agra) में बिचौलियों और दलालों पर योगी सरकार (Yogi Government) का हंटर चला है. एडीए यानी आगरा विकास प्राधिकरण (Agra Development Authority) में दलालों के नाम की होर्डिंग लगा दी गयी है. आगरा विकास प्राधिकरण प्रशासन ने मुख्य द्वार पर लिस्ट लगाई है. लिस्ट में 9 दलालों के नाम लिखे हैं. दलालों के एडीए में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. विकास प्राधिकरण कार्यालय में जिस विभाग में लिस्ट में शामिल दलाल मिलेंगे वहां नियुक्त कर्मी पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी का भी जिक्र होर्डिंग में किया गया है.

एडीए वीसी आईएएस राजेंद्र पेंसिया की पहल पर पहली बार  दलालों की लिस्ट सार्वजनिक की गयी है. आगरा विकास प्राधिकरण के विभिन्न पटल पर लगातार दलालों को बैठे देखा जाता था. यह प्रक्रिया वर्षों से जारी थी. तमाम शिकायतें मिलने के बाद आगरा विकास प्राधिकरण के वीसी राजेंद्र पेंसिया ने सख्त रुख अपनाते हुए सबसे पहले दलालों के नामों की तलाश की. इसके बाद 9 दलाल पहचान में आए. सभी दलालों के नाम की एक लिस्ट बनाई गई और उसे होर्डिंग पर लिखवा कर प्राधिकरण के गेट पर लगा दिया गया.

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प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित 
होर्डिंग में लिखा गया है कि 9 दलालों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है. यह दलाल जिस पटल पर बैठे पाए जाएंगे तो संबंधित पटल के कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाएगा. ताज नगरी में आगरा विकास प्राधिकरण में लगी दलालों की लिस्ट चर्चा में है. प्राधिकरण में पहली बार दलालों के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई करते हुए ना सिर्फ एडीए में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा है बल्कि सभी 9 दलालों के नाम भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं. न्यूज़ 18 से बात करते हुए एडीए वीसी राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिन दलालों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं, वह अगर ऑफिस में चहलकदमी करते दिखे तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई कर दी जाएगी.

Agra News: कारपेंटर का बेटा निकला डकैती का मास्टरमाइंड, 5 बदमाशों से 4.5 लाख रुपये बरामद

आगरा में डॉक्टर के घर पर पड़ी डकैती के आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा.

Agra Crime News: पुलिस के मुताबिक इस डकैती का मास्टरमाइंड एक कारपेंटर का बेटा है जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था. फिलहाल इस मामले में अभी दो आरोपी फरार चल रहे हैं.

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आगरा. ताज नगरी आगरा (Agra) में डॉक्टर (Doctor) के घर हुई डकैती (Robbery) का पुलिस (Police) ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए बदमाशों के पास से साढ़े चार लाख रुपये की नगदी भी बरामद हुई है. पुलिस के मुताबिक इस डकैती का मास्टरमाइंड एक कारपेंटर का बेटा है जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था. फिलहाल इस मामले में अभी दो आरोपी फरार चल रहे हैं.

आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि इस डकैती के खुलासे के लिए कई टीमें गठित की थीं। लिहाजा पुलिस ने डकैती कांड का खुलासा कर दिया. पुलिस ने खुलासा किया तो पता चला कि डॉक्टर के घर काम करने वाले कारपेंटर के बेटे ने इस वारदात को अंजाम दिया था. कारपेंटर का बेटा ही इस कांड का  सरगना था और वह अपने साथियों के साथ डॉक्टर के घर में घुसा था. फिलहाल पुलिस ने इन पांचों बदमाशों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है. जबकि दो बदमाश फरार चल रहे हैं.

ये था पूरा मामला
दरअसल, आगरा के जगदीशपुरा इलाके के आवास विकास सेक्टर 2 में डॉक्टर जसवंत के यहां सरेशाम घुसकर बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था. बदमाश घर का दरवाजे से कूद कर घर में घुसे थे और उनके हाथों में असलहे भी थे. घर में घुसते ही बदमाशों ने  डॉक्टर जसवंत और उनकी पत्नी के साथ भाई की पत्नी को बंधक बना लिया था. डॉक्टर ने जब इस डकैती का विरोध किया तो बदमाश ने तमंचे की बट को डॉक्टर के सिर में मार दिया जिससे डॉ जसवंत लहूलुहान हो गए थे. बदमाश घर में करीब आधा घण्टे तक लूटपाट करते रहे.  बदमाश घर में रखा हुआ करीब 7 लाख कैश और कुछ जेवरात लेकर चले गए थे.

आगरा: बारिश से उफनाए नाले में बह गई 5 साल की मासूम बच्ची, घंटे भर बाद मिला शव

UP: आगरा में बारिश के चलते उफनाए नाले में डूबकर एक पांच साल की बच्ची की मौत हो गई.

Agra News: आगरा के थाना ताजगंज इलाके में नाले के पास से वकील अहमद की 5 साल की बच्ची निकलकर जा रही थी. नाले के पास अचानक उसका पैर फिसल गया और बच्ची नाले में गिर गई. बहाव काफी तेज था, लिहाजा बच्ची बह गई.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) में 1 घंटे की बारिश (Rainfall) में एक मासूम बच्चे की जान ले ली. बारिश का पानी नाले में तेजी से बह रहा था और इसी तेज बहाव में एक 5 साल की बच्ची बह गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई. पानी में मासूम बच्ची के बहने का मामला थाना ताजगंज इलाके का है. यहां नाले के पास वकील अहमद की 5 साल की बच्ची निकलकर जा रही थी. नाले के पास अचानक उसका पैर फिसल गया और बच्ची नाले में गिर गई.

नाले में बारिश का पानी बह रहा था और पानी का बहाव काफी तेज था, लिहाजा बच्ची पानी के तेज बहाव में बह गई. बच्ची के बह जाने से इलाके में हड़कम्प मच गया. आसपास के लोग जमा हो गए और काफी देर तक बच्ची की तलाश में जुटे रहे लेकिन बच्ची को तलाश नहीं पाए.

स्थानीय लोगों ने पुलिस को खबर दी तो पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंच गए. गोताखोरों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी. काफी देर तक बच्ची की तलाश की गई लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका बल्कि बच्ची का शव नाले से जरूर बरामद हो गया.

आगरा में बारिश पहली बार लोगों पर मुसीबत बनकर नहीं टूटी बल्कि पहले भी कई बार लोगों को मुसीबत में डाल चुकी है. आगरा में जगह-जगह पर खुदाई का काम चला है, लिहाजा बारिश होते ही गलियां और सड़कें नाले में तब्दील हो जाती हैं. 5 साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद अब देखना होगा कि आगरा का प्रशासन या नगर निगम बहते हुए नालों को कवर कर पाएगा या नहीं या फिर फिर से किसी बड़े हादसे का इंतजार रहेगा.

आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि जैसे ही पुलिस को सूचना हुई तो दमकल की गाड़ी भेजी गई और गोताखोर भेजे गए लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका.

आगरा के लोहा मंडी में कभी बनते थे शाही हथियार ,एशिया से लेकर यूरोप तक के आते थे ख़रीददार

आगरा लोहा मंडी में कभी बनते थे शाही हथियार

लोहामंडी में कभी शाही हथियार बनाए जाते थे.ये इतने शानदार होते थे कि इनकी मांग एशिया ही नहीं, यूरोप तक थी.

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आगरा का लोहा मंडी बाजार के बनने की कहानी उतनी ही दिलचस्प है जितनी कि यहां के बने हथियारों की .लोहामंडी में कभी शाही हथियार बनाए जाते थे.ये इतने शानदार होते थे कि इनकी मांग एशिया ही नहीं, यूरोप तक थी. यूरोप से कारोबारी इन्हें खरीदने के लिए आते थे . बात मुगल बादशाह अकबर के शासन काल की है. अब लोहा मंडी में समय के साथ साथ कृषि उपकरण रोजाना उपयोग होने वाले यंत्र वह किचन में प्रयोग किए जाने वाले सामान बनाए जाते हैं.
अकबर के सेनापति मानसिंह गड़िया लोहार लेकर आए थे आगरा
लोहा मंडी को बसाने के पीछे आगरा के मशहूर इतिहासकार राज किशोर शर्मा राजे बताते हैं कि मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप और अकबर की सेनाओं के बीच वर्ष 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध हुआ था .अकबर की सेना के उस वक़्त सेनापति राजा मान सिंह थे. अकबर के आदेश पर युद्ध के बाद गढ़िया लुहारों को मान सिंह अपने साथ सैकड़ों की संख्या में गढ़िया लुहारों को आगरा ले आए.मानसिंह ने इन लोहारों को जिस जगह पर बसाया था. वह जगह लोहा मंडी कहलाई .
उस समय लोहा मंडी बाजार में बनते थे हथियार एशिया तक थी मांग.
गढ़िया लोहारों के बारे में कहा जाता है कि लोहे के हथियार बनाने में बेहद कुशल कारीगर थे. युद्ध के दौरान गड़िया लोहार बेहद सटीक और मजबूत हथियार बनाते थे. जिस वजह से उन हत्यारों की मांग एशिया से लेकर पूरे यूरोप तक की इन लोहारों को जो कोई भी राजा जीत लेता था अपने साथ ले जाता था और अपने सेना के लिए इन लोहारों से हथियार बनवाता था .

अंग्रेजों के आने से बदला लोहा मंडी का व्यवसाय.
इतिहासकार राज किशोर राजे ने अपनी किताब तवारीख -ए- आगरा में लिखते है कि लोहामंडी का जिक्र मुगल दौर में आगरा आए फ्रांसीसी यात्री बर्नियर ने भी किया है. उसने लिखा है कि यहां बने हथियारों की बात ही कुछ और थी. ये यूरोप तक पसंद किए जाते थे .लेकिन समय के साथ यहां का व्यापार बदला , भारत में अंग्रेजों के आने के बाद लोहामंडी का स्वरूप बदल गया.बंदूकें आ जाने से लोहे के हथियारों की जरूरत पहले जैसी नहीं रह गई. यहां लोहे की जाली, दरांती तवा, बाल्टी ,कृषि उपकरण ,जंजीर,तसले आदि सामान बनने लगे. घनी आबादी के बीच अब सामान उतारने में होती है बेहद दिक्कत.लोहा मंडी के व्यापारी तरुण जैन बताते हैं कि लोहामंडी में लोहे का बड़ा-बड़ा सामान अभी भी बाहर से मंगवाना पड़ता है. जिसके लिए ट्रांसपोर्टेशन की जरूरत पड़ती है. यहां का एरिया बेहद घनी आबादी में है जिस वजह से बड़े वाहन अब इस मंडी में आ नहीं पाते.जिसकी वजह से यहां लेबर भी महंगी हो गई है रात में बड़ी गाड़ियां को इस बाजार में प्रवेश की अनुमति मिलती है.

अब घर बैठे आगरा शहर वासियों की समस्या का होगा समाधान मेयर नवीन जैन ने जारी किया टोल फ्री नंबर

पीएम मोदी के जन्मदिन पर टोल फ्री नंबर जारी करते आगरा के मेयर नवीन जैन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव पर आगरा महापौर ने एक बड़ी पहल की शुरुआत की है.आगरा महापौर नवीन जैन ने शहरवासियों के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव पर आगरा महापौर ने एक बड़ी पहल की है.आगरा महापौर नवीन जैन ने शहरवासियों के लिए योजनाओं का पिटारा खोल दिया है. इसके साथ ही शहर वासियों को किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े इसके लिए नगर निगम से संबंधित सभी समस्याओं के लिए मेयर ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है . 0562 – 25 51600 इस नंबर पर आप फोन करके शहर के किसी भी कोने से नगर निगम से अपनी शिकायत कर सकते है.
सप्ताह के सोमवार को 3:00 बजे से 4:00 बजे तक समस्याएं सुनेंगे मेयर
नगर निगम की हेल्पलाइन पर प्रत्येक सोमवार 3 से 4 बजे अपनी समस्याओं से नगर निगम और महापौर से दर्ज करा सकते हैं . एक सप्ताह के अंदर अगर किसी पीड़ित की समस्या का हल नहीं होता है तो पुनः सोमवार को उस पर फोन कर जानकारी दी जा सकती है. आगरा के महापौर नवीन जैन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि आपकी समस्या इन दिए गए फोन नंबर पर दर्ज करके जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा.
महापौर नवीन जैन ने \”मेयर को बोलो\” अभियान का किया आगाज 
महापौर नवीन जैन ने शहर के गड्ढा युक्त सड़कों के लिए एक अक्टूबर से अभियान चलाने की बात कही है. ताजनगरी की हर छोटी बड़ी सड़क को गड्ढा मुक्त किया जाएगा. इसके अलावा हर गली मोहल्ले की साफ सफाई को लेकर भी आगरा के मेयर नवीन जैन ने बड़े-बड़े दावे किए हैं. लगातार सड़कों व नालों की सफाई को लेकर नगर निगम को घेरा जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वे  जन्मदिन के मौके पर मेयर नवीन जैन ने \”मेयर को बोलो समस्याओं का समाधान पाओ\”अभियान शुरू किया है. अब शहर वासियों की समस्याएं कितनी कम होती है और यह अभियान कितनी गति पकड़ता है या तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

CM योगी बोले- पहले मुख्यमंत्री बनने पर बनवाई जाती थीं हवेलियां, हमने 42 लाख गरीबों के घर बनाए

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि 2017 से पहले यूपी में अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे और हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे होते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उनसे पहले के मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन हमने इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में 42 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगा .

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई भी पर्व शांति से नहीं हो पाता था लेकिन बीतेचार साल से कोई दंगा नहीं हुआ.इससे लोगों की धारणा बदली और निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

कोरोना प्रबंधन की तारीफ़
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी ने भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

Agra: 19 दिन में 7 बच्चों की मौत, CMO ने कहा- इलाज का वक्त नहीं दे रहा वायरल बुखार

आगरा में वायरल फीवर के कहर के साथ डेगूं के भी मरीज मिले हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

Viral fever: सीएमओ ने दावा किया, ‘इस बुखार में अजीब बात यह है कि हमें इलाज के लिए बहुत कम समय मिल रहा है और लोगों की मौत बहुत जल्दी हो रही है.’ सीएमओ ने कहा कि आगरा में इस साल अभी तक डेंगू के 61 मामले आए हैं.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सितंबर महीने में वायरल बुखार से 7 बच्चों की मौत हो गई है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को यह जानकारी दी और साथ ही फतेहपुर सीकरी में डेंगू से 2 बच्चों की मौत होने संबंधी खबरों का खंडन किया. श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा में इस महीने में वायरल बुखार से 7 बच्चों की मौत हुई है.

सीएमओ अरुण कुमार ने बताया कि रविवार सुबह चाचिहा गांव में 14 साल के लड़के की मौत हुई है, वहीं शनिवार शाम फतेहपुर सीकरी के रसूलपुर गांव में दो भाई-बहनों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि एत्तमाद-उद-दौला थाना क्षेत्र के गिरिराज धाम कॉलोनी में बृहस्पतिवार को दो बच्चों की मौत हुई है, जबकि वहीं नुनहाई में एक बच्चे की मौत हुई है. सीएमओ के मुताबिक, खानडोली के खडिया गांव में भी एक बच्चे की मौत हुई है.

डेंगू नहीं, वायरल बुखार से बच्चों की मौत

सीएमओ ने दावा किया, ‘इस बुखार में अजीब बात यह है कि हमें इलाज के लिए बहुत कम समय मिल रहा है और लोगों की मौत बहुत जल्दी हो रही है.’श्रीवास्तव ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया है कि रसूलपुर में हुई दो बच्चों की मौत का कारण डेंगू है, उन्होंने कहा कि इन दोनों बच्चों की मौत भी वायरल बुखार के कारण हुई है.

आगरा में अबतक डेंगू के 61 मामले

सीएमओ ने कहा कि आगरा में इस साल अभी तक डेंगू के 61 मामले आए हैं. इनमें से 41 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है, जबकि 20 का सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

Agra Nwes: हथियारों से लैस बदमाशों ने डॉक्टर के घर बोला धावा, लाखों की डकैती डाल हुए फरार

Agra: डॉक्टर के घर पड़ी लाखों की डकैती

Agra Crime News: शनिवार देर शाम करीब आठ बजे डॉक्टर जसवंत और उनकी पत्नी के अलावा घर में एक महिला रिश्तेदार रुकी हुई थीं. तभी हथियारबंद कई बदमाश घर में घुस आए. बदमाशों ने डॉक्टर समेत तीनों लोगों को बंधक बना लिया.

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आगरा. ताज नगरी आगरा (Agra) में डॉक्टर के घर में डकैती (Robbery) की बड़ी  वारदात हुई. डकैती की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक हथियारबंद बदमाश डॉक्टर के घर में  घुसे और परिवार को बंधक बनाकर लाखों की डकैती की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. डकैती की यह वारदात आगरा थाना जगदीशपुरा इलाके के सेक्टर-2 में हुई.

शनिवार देर शाम करीब आठ बजे डॉक्टर जसवंत और उनकी पत्नी के अलावा घर में एक महिला रिश्तेदार रुकी हुई थीं. तभी हथियारबंद कई बदमाश घर में घुस आए. बदमाशों ने डॉक्टर समेत तीनों लोगों को बंधक बना लिया. बंधक बनाने के बाद बदमाश घर में लूटपाट करने लगे. डॉ जसवंत ने जब लूटपाट का विरोध किया तो एक बदमाश ने तमंचे की बट उनके सिर में मार दी, जिससे डॉ जसवंत लहूलुहान हो गए. बदमाशों के हौसले और तेवर देखकर सभी लोग डर और सहम गए. करीब आधा घण्टे तक बदमाश घर में लूटपाट करते रहे. अलमारी में रखा हुआ कैश और जेवरात लूटकर बदमाश भाग गए.  बदमाश डॉक्टर के घर से 15-20 लाख रुपए का माल लेकर फरार हुए हैं.

बदमाशों की तलाश के लिए लगी कई टीम
डकैती पड़ने की जानकारी मिलते ही मौके पर एसएसपी मुनिराज व अन्य आलाधिकारी मय फोर्स पहुंचे।आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि बदमाश हथियार लेकर घर में घुसे थे और इस वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए. बदमाशों की तलाश के लिए कई टीमें लगा दी गयीं हैं. जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी कर वारदात का खुलासा किया जाएगा.

UP: सीएम योगी ने कानपुर और आगरा मेट्रो के प्रोटोटाइप ट्रेन का किया वर्चुअल अनावरण, PM मोदी करेंगे देश को समर्पित

UP: सीएम योगी ने कहा, 30 नवंबर के आसपास पीएम मोदी करेंगे देश को समर्पित (File photo)

Metro Project: मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर के प्रांगण में बने अपने से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानपुर और आगरा मेट्रो (Agra Metro) की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का अनावरण किया. इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के चार शहरों लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सफल संचालन किया जा रहा है. कानपुर और आगरा में मेट्रो का काम लगभग पूरा हो चुका है. इसके साथ ही पांच अन्य प्रमुख शहरों गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और झांसी में मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार है या अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम है.

सीएम योगी ने यह बातें शनिवार को गोरखनाथ मंदिर से कानपुर और आगरा मेट्रो की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का वर्चुअल अनावरण करते हुए कही. इस अवसर पर उन्होंने उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए उल्लास का क्षण है. वास्तव में मेट्रो जैसा सुरक्षित और आरामदायक पब्लिक ट्रांसपोर्ट आज की आवश्यकता है. 30 नवंबर के आसपास हम कानपुर और आगरा मेट्रो को देश को समर्पित करने की स्थिति में होंगे. प्रयास होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से इसका शुभारंभ कराया जाए.

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वड़ोदरा के उपक्रम में कोविडकाल की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन को समय से पहले उपलब्ध कराया गया है. सीएम ने कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना भी साकार हो रही है. मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक, मेसर्स एल्सटॉम इंडिया ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक समेत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

Agra News: शादी के 4 महीने बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, मचा हड़कंप

Agra News: शादी के 4 महीने बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी Image-shutterstock.com

Suicide in Agra: पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. लेकिन शवों के पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह सामने आ पाएगी.

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आगरा. ताजनगरी आगरा (Agra) के शमसाबाद के गांव महरमपुर में पति और पत्नी ने एक ही रस्सी से बने फंदों से लटककर खुदकुशी (Suicide) कर ली. शनिवार सुबह स्वजन को जानकारी हुई. तब उन्हें फंदे से नीचे उतारा गया. खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. शमसाबाद इलाके के महरम पुर गांव के रहने वाले सचिन की शादी क्रांति से चार मई 2021 को हुई थी. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ. सू

जानकारी के मुताबिक, महरमपुर निवासी (21) वर्षीय मार्बल कारीगर सचिन की चार मई 2021 को पिनाहट के सेहा गांव में रहने वाली (19) वर्षीय क्रांति से शादी हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद सचिन दिल्ली में काम करने चला गया. गांव में सास सीमा के साथ क्रांति रहती थी. क्रांति की बड़ी बहन ललिता की शादी पहले ही सचिन के भाई रवि से हुई थी. रवि और उससे बड़े भाई नीरज दोनों दिल्ली में काम करते थे.
शुक्रवार रात को पति-पत्नी खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए. आज सुबह देर तक जब वे नहीं जागे तो ललिता ने कमरे की कुंडी खटखटाई.

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मगर, अंदर से कोई आवाज नहीं आई. ऐसे में दीवार की एक ईंट निकालकर अंदर देखा गया तो सचिन और उसकी पत्नी क्रांति पंखे के कुंडे से बंधे दो फंदों से लटके दिखाई दिए. यह देखकर घर में चीख पुकार मच गई. पुलिस ने कमरे में जाकर दोनों के शवों को फंदे से उतारा और शवों को  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. लेकिन शवों के पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह सामने आ पाएगी. प्रथम दृष्टया या मामला खुदकुशी के लग रहा है लेकिन इसकी वजह साफ नहीं है.

नशे की लत से बेटे की असमय मौत को याद कर भावुक हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर, चला रहे नशा मुक्ति अभियान

आगरा में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने लोगों को दिलवाया नशा मुक्ति का संकल्प

Agra News: केंद्रीय मंत्री कौशल ने कहा कि जब बेटे की चिता जली तो वहीं पर यह संकल्प ले लिया था कि आज के बाद समाज से नशे की बुराई दूर करने के लिए वह खुद को समर्पित कर देंगे।

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आगरा. ताजनगरी में जैन समाज के कार्यक्रम में पहुंचे केंद्र सरकार के मंत्री कौशल किशोर (Kaushal Kishore) अपने दिवंगत बेटे की याद में भावुक हो गये. केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर नशा मुक्ति अभियान के तहत नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. आगरा (Agra) में जैन समाज के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने समाज के लोगों को यह संकल्प दिलाया कि वह अपने आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने का आग्रह करेंगे. केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ सैकड़ों लोगों ने नशा मुक्ति अभियान से जुड़कर समाज में नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया.

लोगों को नशा मुक्ति को लेकर संकल्प कराने के बाद न्यूज 18 से बातचीत में केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि नशे के कारण मैने अपने 28 साल के बेटे को खोया है. केंद्रीय मंत्री कौशल ने कहा कि जब बेटे की चिता जली तो वहीं पर यह संकल्प ले लिया था कि आज के बाद समाज से नशे की बुराई दूर करने के लिए वह खुद को समर्पित कर देंगे. तब से उनका नशे के खिलाफ अभियान पूरे देश में जारी है. अपने बेटे को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री अत्यंत भावुक हो गये. उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने की गुजारिश की. उहोंने लोगों से अपील की कि वह  नशा मुक्ति आंदोलन से जुड़कर अपने रिश्तेदारों के साथ साथ आसपास के लोगों को नशा मुक्ति आंदोलन में जोड़ें.

मुद्दा विहीन है विपक्ष, यूपी में लहरायेगी बीजेपी की विजय पताका
जैन समाज के कार्यक्रम में शामिल होते हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में इस बार पिछली बार से भी अधिक सीटें बीजेपी गठबंधन को मिलेंगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है. केंद्र में पीएम मोदी और यूपी में सीएम योगी की सरकार ने हर वर्ग के लिए बहुत कार्य किया है. जनहितकारी योजनाएं धरातल पर उतरी हैं. जनता ने मन बना लिया है कि यूपी में एक बार फिर बीजेपी की ही सरकार बनेगी. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 2022 में किसी दल से कोई मुकाबला नहीं है. पूरा चुनाव एक तरफा रहेगा और बीजेपी पिछली बार से भी ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी.

विश्व भर में हिंदी की धमक इस बार अफगानिस्तान, चाइना से सबसे ज़्यादा छात्र आएंगे हिंदी सीखने आगरा

देश विदेश के छात्र आते हैं आगरा केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने

हिंदी भाषा के प्रति विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ी है. यही वजह है कि इस संस्थान में सत्र 2021-22 में सबसे ज्यादा 11  चाइनीस छात्रों ने यहां दाखि?

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हम सभी को पता है कि 14 सितंबर को पूरे विश्व भर में हिंदी दिवस मनाया जाता है. संविधान सभा की 1949 में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि देश की भाषा हिंदी होगी. हिंदी दिवस के मौके पर इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को लेकर जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मजबूती प्रदान करना है. इसी उद्देश्य को आगरा केंद्रीय हिंदी संस्थान साकार करने की कवायद में जुटी है . इस संस्थान में पढ़ने के लिए हर साल पूरे विश्व भर से छात्र आते हैं और यहां हिंदी सीखते हैं . देश के कोने कोने से आने वाले छात्र आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने के अलावा सबसे पहले हिंदुस्तान का कल्चर सीखते हैं. जिससे अगर वह अपनी पढ़ाई पूरी कर कर अपने देश लौटे तो हिंदी के साथ-साथ भारत का कल्चर भी साथ लेकर जाएं.

कोरोना काल में भी बढ़ी छात्रों की हिंदी सीखने में रुचि

हिंदी भाषा के प्रति विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ी है. यही वजह है कि इस संस्थान में सत्र 2021-22 में सबसे ज्यादा 11 चाइनीस छात्रों ने यहां दाखिला के लिए आवेदन किया है.वही अफगानिस्तान के छात्रों ने भी इस बार पिछली बार की अपेक्षा संख्या बड़ी है . इस बार केंद्रीय हिंदी संस्थान में 30 अलग-अलग देशों से 120 आवेदन आए हैं जुलाई में ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है 63 लोगों ने केंद्रीय हिंदी संस्थान में पढ़ने की सहमति जताई है.

कोविड़ की बजह से अब ज्यादातर होगी ऑनलाइन पढ़ाई

केंद्रीय हिंदी संस्थान की निदेशक बीना शर्मा ने बताया कि कोविड-19 की वजह से अब छात्रों को ऑनलाइन क्लास शुरू होंगी. जिस वजह से छात्रों को और सहूलियत मिल गई है. छात्र अपने घर बैठे ही हिंदी को आराम से सीख सकते हैं .इस बार चाइना ,अफ़गानिस्तान, साउथ कोरिया ,श्रीलंका ,इजिप्ट जैसे देशों से छात्र ऑनलाइन ही हिंदी सीख रहे हैं. इसके साथ ही बीना शर्मा का कहना है कि आधुनिकता के दौर में लोग तेजी से इंग्लिश को अपना रहे हैं लोग आज कल इंग्लिश को बोलचाल की भाषा में ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. इसका यह मतलब  नहीं है कि किसी भी तरह से हिंदी की लोकप्रियता कम हुई है. आज भी हम दिल की बात आपस में हिंदी में ही करते हैं और उसमें अपना ही अलग मजा है. भाषा केवल एक दूसरे से अपने विचार विमर्श करने का जरिया है. जो कि किसी भी भाषा में हो सकता है. हमें अपनी हिंदी भाषा पर बेहद गर्व है हमारे पास एक शब्द के हजारों अर्थ हैं जो किसी और भाषा में नहीं है.

आगरा: बेंगलुरू से आई फ्लाइट के यात्रियों से मिलने पहुंचे सीएम योगी, बच्चों को किया दुलार

सीएम योगी आदित्यनाथ आगरा के खेरिया एयरपोर्ट यात्रियों के बीच पहुंच गए.

Agra Kheria Airport : सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ दौरे से लौटते समय आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर पहुंच गए. एयरपोर्ट पर बेंगलुरु से आगरा पहुंची फ्लाइट में यात्री और पर्यटकों के बीच सीएम योगी ने पहुंचकर छोटे-छोटे बच्चों को दुलार किया. यात्री अपने बीच सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन को देख खुश हो गए.

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आगरा. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अलीगढ़ दौरे से लौटते समय आगरा के खेरिया एयरपोर्ट (Agra Kheria Airport) पर पहुंच गए. इस दौरान एयरपोर्ट पर बेंगलुरु से आगरा पहुंची फ्लाइट में यात्री और पर्यटक से सीएम मिलने पहुंच गए. पर्यटकों के साथ उनकी गोद में मौजूद छोटे-छोटे बच्चों को भी सीएम योगी ने दुलारा तो वहीं, अपने बीच अचानक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पाकर के पर्यटकों की खुशी का ठिकाना न रहा. काफी देर तक पर्यटकों से मुख्यमंत्री ने यात्रा के उनके अनुभवों की जानकारी ली. साथ ही आगरा में पर्यटन को लेकर उनकी इच्छाओं के बारे में भी बातचीत की. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी सीएम योगी के साथ थीं.

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी बेंगलुरु से उत्तर प्रदेश के आगरा में पहुंचे पर्यटकों से बातचीत की. पर्यटकों से बातचीत करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आगरा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी वार्ता की. दोपहर करीब आधे घंटे तक आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों और बेंगलुरु से आई फ्लाइट के यात्रियों से बातचीत करने के बाद सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आगरा से लखनऊ के लिए प्रस्थान किया.

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को अलीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था. अलीगढ़ में तमाम विकास योजनाओं की सौगात पीएम मोदी ने दी थी. यूपी के सीएम योगी और राज्यपाल भी अलीगढ़ वाया आगरा पहुंचे. वापसी के दौरान भी हेलीकॉप्टर से अलीगढ़ से आगरा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद करीब आधे घंटे आगरा में बिताया. उसके बाद प्लेन से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए.

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है- सीएम योगी

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है (File photo)

UP Election 2022: गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के नजदीक आते ही चुनावी हलचल बढ़ गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम योगी ने कहा, ‘पहले हमारे बेटियां, बहनें असुरक्षित महसूस करती थीं. सड़कों पर गड्ढे यूपी यानी उत्‍तर प्रदेश की पहचान हुआ करते थे. यहां तक कि भैंसे और बैल भी सुरक्षित नहीं थे. यह समस्‍याएं पश्चिमी यूपी में थी, पूर्वी यूपी में नहीं…लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है. क्‍या आपने यह बदलाव नहीं देखा है. ‘

सीएम योगी ने कहा, पहले स्थिति यह थी कि जहां से गड्ढे सड़कों पर प्रारंभ हो जाएं, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है, सायंकाल जहां से अंधेरा हो जाए, समझ लो वह उत्‍तर प्रदेश है, जहां पर कोई सभ्‍य व्‍यक्ति रात को सड़कों पर चलने से भयभीत हो, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है. यूपी यह तस्‍वीर पेश करता था.नौजवानों के सामने पहचान का संकट था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है. यूपी के विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी भी पूरे जोर के साथ उतरने का निर्णय लिया है. AIMIM राज्‍य में इस बार करीब 100 सीटों प्रत्‍याशी उतारेगी. पार्टी ने मुख्‍य रूप से उन सीटों पर ध्‍यान केंद्रित किया है जहां मुस्लिमों की आबादी ज्‍यादा है.

राजभर और निषाद भी हैं लामबंद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजभर और निषादों का वर्चस्व है और ऐसे में संजय निषाद की पार्टी बीजेपी के साथ है. वहीं, ओपी राजभर अभी तक ओवैसी के साथ हैं. हालांकि अंदरखाने चर्चा है, कि संजय निषाद और राजभर दोनों सपा के भी संपर्क में है. ऐसे में अब ये कयास लगा पाना तो काफी मुश्किल होगा कि राजभर और निषाद वोट किसकी तरफ शिफ्ट होता है.

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

UP: गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन (File photo)

UP News: पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है. वहीं, सख्ती से गो तस्करी (Cow Smugglers) और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराया गया है. इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है. प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है.

प्रदेश में पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे. सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी भी की जाती थी. इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. सीएम के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया. नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है. फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं.

319 गो तस्कर गिरफ्तार, 14 पर NSA
प्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है. पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है. इसके अलावा 280 आरोपियों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

सीएम योगी ने 2018 के एक्ट में किया संशोधित
सीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया. नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे. अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है, लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी.

आगरा में बढ़ा डेंगू का प्रकोप नगर निगम के दावों की खुली पोल मलिन बस्तियों में मंडराया खतरा

मलिन बस्तियों में डेंगू का कहर

इन दिनों पूरे ब्रज में डेंगू ने अपना कहर बरपा रहा है. फिरोजाबाद ,मथुरा, मैनपुरी में हालात काबू से बाहर है. आगरा भी डेंगू से अछूता नहीं रहा

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इन दिनों पूरे ब्रज में डेंगू कहर बरपा रहा है. फिरोजाबाद ,मथुरा, मैनपुरी में हालात काबू से बाहर है. आगरा भी डेंगू के डंक से अछूता नहीं रहा है और आगरा के सरकारी व निजी अस्पतालों में 47 डेंगू के मरीज भर्ती है. कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग लगातार दावे कर रहा है कि वह शहर भर में एंटी लारवा व फॉकिंग करवा रहा है. लेकिन जब हमने ग्राउंड जीरो उतर कर मलिन बस्तियों का रुख किया तो तस्वीर कुछ और ही देखने को मिली. यहां के लोग बताते हैं कि नगर निगम तो छोड़िए किसी भी प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यहां पर झांक कर भी नहीं देखा.

मलिन बस्तियों में नाले के पास नरकीय हालात में जीवन जी रहे हैं लोग.

आगरा के लाल किले के ठीक सामने संत रविदास नगर है. यहां नाले के पास लगभग 20 सालों से झुग्गी झोपड़ियों में लोग रह रहे हैं. लेकिन प्रशासन की बेरुखी का शिकार यह लोग नरकीय हालतों में जीने को मजबूर हैं. सबसे बड़ी वजह है कि इन बस्तियों के पास दो – दो नाले बहते हैं. लगातार फिरोजाबाद के बाद अब डेंगू आगरा को अपनी चपेट में ले रहा है. मोटी मोटी फाइलों में डेंगू को रोकने के लिए प्रशासन के बड़े बड़े इंतजाम किए गए हैं .लेकिन ग्राउंड जीरो पर नगर निगम के दावे पूरी तरह से बौने साबित होते दिखाई दे रहे है.

अगर शासन ने जल्द नहीं उठाया कदम तो हालात होंगे बद से बदतर.

इन बस्तियों में रहने वाले लोग ज्यादातर रेडी ठेली लगाने वाले हैं.यह  लोग रोज कमाते खाते हैं. अगर उनके बच्चों की तबीयत खराब होती है तो इनके पास इतनी भी सुविधाएं नहीं है वह अपने बच्चों का इलाज भी करवा सकें. ऐसे में अगर डेंगू इन बस्तियों में फैलता है या इसके अलावा नया वायरस D-2  बच्चों को शिकार बनाता है तो हालात बद से बदतर हो सकते हैं. कोविड-19 से पहले ही स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं और अगर इन लोगों में बड़ी संख्या में ये वायरस पनपता है तो डेंगू का वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या विकराल रूप धारण कर सकती है.

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