वाजपेयी के प्रयासों से उनके गांव बटेश्वर को मिली ट्रेन की सुविधा

वाजपेयी के विशेष प्रयासों से उनके गांव बटेश्वर को ट्रेन की सौगात मिल गई. आश्चर्य की बात यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल के गांव तक ट्रेन चलाने में भारत सरकार को 16 साल लग गए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 17, 2018, 3:53 PM IST
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अटल बिहारी वाजपेयी के गांव बटेश्वर का जर्रा-जर्रा उनकी यादों को संजोए है. बीहड़ में बसे बटेश्वर गांव के अटल राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक क्षेत्र में सूर्य बनकर चमके. बेशक आज अटल नहीं रहे लेकिन यमुना तट पर बसा गांव बटेश्वर अटल के बढ़ते कद के साथ चमकता रहा.

वाजपेयी के विशेष प्रयासों से उनके गांव बटेश्वर को ट्रेन की सौगात मिल गई. आश्चर्य की बात यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल के गांव तक ट्रेन चलाने में भारत सरकार को 16 साल लग गए. आगरा शहर से बटेश्वर की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है. बटेश्वर अटल का पैतृक गांव तो है ही, धार्मिक स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है. बटेश्वर 101 मंदिरों की श्रृंखला के रूप में जाना जाता है.

अटल ने अपने पैतृक गांव के लोगों को ट्रेन से आने-जाने का तोहफा देने का सपना देखा था. अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री रहते 1999 में प्रयास शुरू कर दिए. वर्ष 2015 में अटल का सपना तब पूरा हो गया जब उनके जन्मदिन 25 दिसंबर की पूर्व संध्या 24 दिसंबर, 2015 को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बटेश्वर में आगरा-बटेश्वर-इटावा रेल लाइन परियोजना का उद्घाटन किया.

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