यमुना एक्सप्रेसवे: हादसे के बाद मची थी चीख-पुकार, शवों पर चढ़कर निकल रहे थे लोग

"हम सभी गहरी नींद में थे जब नाले में गिरने से पहले बस में दो बार भयानक झटके लगे. लगभग एक मिनट तक चीखें सुनी गईं, उसके बाद वहां सन्नाटा हो गया. कुछ यात्री बस से बाहर निकलने के लिए शवों पर चढ़ गए.” यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई बस दुर्घटना में बचे ऋषि यादव ने यह बात बताई.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 1:48 AM IST
यमुना एक्सप्रेसवे: हादसे के बाद मची थी चीख-पुकार, शवों पर चढ़कर निकल रहे थे लोग
यमुना एक्सप्रेस- वे: हादसे के बाद मची थी चीख-पुकार, शवों पर चढ़कर निकल रहे थे लोग.
News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 1:48 AM IST
''हम सभी गहरी नींद में थे जब नाले में गिरने से पहले बस में दो बार भयानक झटके लगे. लगभग एक मिनट तक चीखें सुनी गईं, उसके बाद वहां सन्नाटा हो गया. कुछ यात्री बस से बाहर निकलने के लिए शवों पर चढ़ गए.'' यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई बस दुर्घटना में बचे ऋषि यादव ने यह बात बताई. सोमवार को हुए इस हादसे में लगभग 30 लोग मारे गए थे.

बाराबंकी के रहने वाले यादव का फिलहाल आगरा के श्रीकृष्ण अस्पताल में इलाज चल रहा है. 53 यात्रियों के साथ डबल डेकर बस लखनऊ से दिल्ली की ओर जा रही थी जब यह एक डिवाइडर से टकराकर यमुना एक्सप्रेसवे पर दो फ्लाईओवर के बीच 40 फीट गहरे खाई में गिर गई. यह दुर्घटना यमुना एक्सप्रेसवे के 161 माइलस्टोन (झरना नाला) के पास सोमवार सुबह 4.15 बजे हुई. यह क्षेत्र एत्मादपुर पुलिस थाने के तहत आता है. आगरा के जिला मजिस्ट्रेट रवि कुमार ने कहा, ‘बस तेज गति से चल रही थी और चालक सो गया था’.

100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा था
पुलिस ने कहा कि सड़क पर कोई निशान नहीं था. हादसे में बचे लोगों ने भी कहा कि बस को लगभग 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा था. हादसे का असर ऐसा था कि उसका एक टायर बस के नाले में गिरने के बाद फट गया. पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि 20 यात्रियों को बचा लिया गया था और शेष लोगों को भी बचाने की कोशिश की गई थी. 30 मृतकों में से 19 की पहचान हो चुकी है. घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. घायलों में से दो कोमा में हैं और उनकी पहचान नहीं की जा सकी है. आगरा के एसएसपी बबलू कुमार ने कहा, ‘हम सभी पीड़ितों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. जब हमारे पास सभी विवरण होंगे, हम उसे सार्वजनिक करेंगे.’

दिल को दहला देने वाला था मुर्दाघर के बाहर का दृश्य
अरीबा खान के परिवार ने अपना अकेला कमाने वाला खो दिया. मुर्दाघर से रोते हुए बाहर निकाली अरीबा की मां ने बताया कि, “वह नवी मुंबई में काम करती थी और सरप्राइज देने की शौकीन थी. 10 जून को उसके पिता के दिल का दौरा पड़ने के बाद वह घर आ गई थी." मुर्दाघर के बाहर का दृश्य दिल को दहला देने वाला था. रिश्तेदार और परिवार के सदस्य रोते हुए चित्र दिखाकर अपने प्रियजनों का पता लगाने की कोशिश कर रहे थे. अज्ञात रिश्तेदारों की तस्वीरों के साथ इधर-उधर भागते और मोबाइल फोन पर बात करते पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि क्या उनके रिश्तेदार आ गए हैं.

अविनाश अवस्थी बच गए
Loading...

ग्रेटर नोएडा में क्लर्क के रूप में काम करने वाले अविनाश अवस्थी लखनऊ के रहने वाले हैं. उनके रिश्तेदार ने बताया कि, "वे अपने घर के गृह-प्रवेश के लिए 4 जुलाई को लखनऊ आए थे और सोमवार को वापस अपने कार्यालय जा रहे थे. उसे उसके माता-पिता और भाई द्वारा बचा लिया गया है.”

ये भी पढ़ें - 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए आगरा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 8, 2019, 11:55 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...