अखिलेश यादव का इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति पर तंज, बोले- सरकार से किया वादा निभा रही हैं मैडम

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वाइसचांसलर पर तंज कसा है.(File Photo)

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वाइसचांसलर पर तंज कसा है.(File Photo)

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव (Sangeeta Srivastava) पर निशाना साधा है. अखिलेश ने कहा कि अपॉइंट होने से पहले किये गये वादे को संगीता श्रीवस्तव निभा रही हैं. वो भी इलाहाबाद (Allahabad) की हैं. क्या पहली बार उन्होंने अजान सुना है.

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  • Last Updated: March 24, 2021, 11:29 PM IST
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रायबरेली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव द्वारा अजान (Ajan) को लेकर की गई आपत्ति पर बड़ा हमला बोला है. अखिलेश यादव कौशांबी से लौटते समय रायबरेली (Rae Bareli) में पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय के घर पर रुके थे. यहां पर अखिलेश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी यूनिवर्सिटी की महिला वाइसचांसलर में ऐसी भावना नहीं आ सकती.

वो उसी शहर की रहने वाली हैं. कोई पहली बार उन्होंने अजान नहीं सुनी होगी. ये कहीं न कहीं सोची समझी बात है. अपॉइंट इसलिए मिला होगा जब वो वाइसचांसलर बन जाएं तो ऐसी बातें जरूर उठाएं. ये अपॉइंट में जो वादा किया था वो वादा पूरा कर रही हैं वाइसचांसलर. अखिलेश यादव ने आगे कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में देश में कितने पिछड़े वाइसचांसलर अपॉइंट  हुए हैं?

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कितने दलित वाइसचांसलर अप्वाइंट हुए और कितने मुस्लिम वाइसचांसलर अप्वाइंट हुए हैं?  ये बता दे सरकार. उन्होंने कहा कि ये तमाम वो पढ़े-लिखे बुद्धिजीवी लोग हैं जो महंगाई पर बात नहीं करना चाहते हैं. दुनिया में हमारे देश का सम्मान कितना गिर गया है. वहीं अखिलेश ने कहा कि जिस देश में किसान बर्बाद हो जाएं, नौजवान को नौकरी न मिले.
बैंक डूबने लगें उस देश का भविष्य क्या होगा? अखिलेश ने सवाल करते हुए कहा, कहां फिक्स डिपाजिट 8 पर्सेंट मिलता था. आज 4 और साढ़े चार पर्सेंट मिल रहा. ये चार पर्सेंट कहां चला गया? नोटबंदी में सपना दिखाया फिर भी बैंक डूब गई. काला धन आया नहीं, जिस समय नोटबंदी हुई थी उस समय से ज्यादा पैसा बाजार में है उसके बाद भी उसके बाद भी किसी के जेब में पैसा नहीं है. आखिर पैसा कहां चला गया?
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