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अलीगढ़:-पढ़ने-लिखने की उम्र में भेलपुरी का ठेला कर मजबूरी को मात दे रही हैं दो बहने

अलीगढ़:-पढ़ने-लिखने की उम्र में भेलपुरी का ठेला कर मजबूरी को मात दे रही हैं दो बहने

अलीगढ़ में पढ़ने लिखने की उम्र में दो मासूम बहने अपने कंधों पर घर की जिम्मेदारी को निभा रही हैं.दोनों बहने सड़क पर भेलपुरी की ठेला लगाकर परिवार का पालन पोषण कर अपनी मजबूरी को मात दे रही हैं.दोनों बहनों के पिता पिछले 3 साल से लकवा से पीड़ित है, घर की आर्थिक तंगी से परेशान ह?

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    अलीगढ़ में पढ़ने लिखने की उम्र में दो मासूम बहने अपने कंधों पर घर की जिम्मेदारी को निभा रही हैं.दोनों बहने सड़क पर भेलपुरी की ठेला लगाकर परिवार का पालन पोषण कर अपनी मजबूरी को मात दे रही हैं.दोनों बहनों के पिता पिछले 3 साल से लकवा से पीड़ित है, घर की आर्थिक तंगी से परेशान होकर दोनों बहनों ने परिवार की आर्थिक स्थिति को सही करने के लिए सड़क पर ठेला लगाने का फैसला किया.जिससे वह अपने घर का खर्चा और अपने पिता की दवा के लिए पैसे इकट्ठे कर रही हैं.दोनों बहन अलीगढ़ के मोहल्ला मानिक चौक की रहने वाली हैं.बड़ी बहन 12 वर्षीय पूजा और दूसरी बहन 11 वर्षीय गीता है जो मजबूरी में पढ़ाई छोड़ कर सड़क पर भेलपुरी का ठेला लगा रही है क्योंकि उनके पिता को पिछले 3 साल से पैरालाइसिस हो गया है.

    दोनों मासूम बहनों ने जानकारी देते हुए बताया कि मम्मी–पापा का सपना था की दोनों बेटियां पढ़ लिखकर का काबिल बने और खूब नाम कमा. इसी सोच के साथ उन्होंने आगरा रोड स्थित माहेश्वरी गर्ल्स इंटर कॉलेज में दाखिला कराया था.सब कुछ ठीक था लेकिन 3 साल पहले 2019 में पिता को पैरालाइसिस का अटैक पड़ा और सब कुछ वहां खत्म हो गया. घर की परिस्थिति काफी बिगड़ती चली गई अब नौबत यह आ गई है कि पूजा और गीता को सड़क पर भेलपुरी का ठेला लगाकर घर का पालन पोषण और दवाई के लिए पैसे इकट्ठे करने पड़ रहे हैं.

    पूजा ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क पर भेलपुरी का ठेला लगाने की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें मदद की अपील की जा रही थी.अब कुछ लोगों ने आगे बढ़कर मदद की है और कुछ आर्थिक पैसों की मदद भी दी है.

    Tags: Aligarh news

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