Aligarh news

अलीगढ़

अपना जिला चुनें

Fraud : अलीगढ़ के राहुल को पता भी नहीं और उसे बना दिया चीन की कंपनी में डायरेक्टर

Fraud : अलीगढ़ के राहुल को पता भी नहीं और उसे बना दिया चीन की कंपनी में डायरेक्टर

गुरुग्राम में नौकरी कर रहे राहुल को चीनी कंपनी में डायरेक्टर होने की जानकारी तब हुई जब आयकर की टीम उसके अलीगढ़ के घर पर पहुंची.

गुरुग्राम (Gurugram) में नौकरी कर रहे राहुल के परिजनों ने अलीगढ़ (Aligarh) में न्यूज18 को बताया कि वह आज तक गुरुग्राम से बाहर नहीं गया है, तो चाइना की तो बात बहुत दूर है.

SHARE THIS:
रंजीत सिंह

अलीगढ़. अलीगढ़ (Aligarh) के रहने वाले गरीब परिवार के राहुल से एक ऑफिस में नौकरी लगाने के नाम पर लिए गए आधार कार्ड (Aadhar Card) और पैन (PAN) कार्ड का फर्जी इस्तेमाल कर उसे चाइना की कंपनी का डायरेक्टर और शेयर होल्डर बना दिया. राहुल को इस पूरे मामले की जानकारी उस वक्त हुई, जब आयकर विभाग (Income tax department) के अधिकारी उससे चाइना में चल रही कंपनी के बारे में पूछताछ करने पंहुचे. जैसे ही राहुल को इस बात का पता चला तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. चाइना की कंपनी में डारेक्टर और शेयेर होल्डर होने की जानकारी को लेकर राहुल के परिजन भी अचंभे में हैं.

इसे भी पढ़ें :

संजय सिंह बोल, कहा- योगी जी बचकाना खेल बंद करो, लखनऊ में हूं गिरफ्तार करो

फर्जीवाड़े का आरोप

यह मामला उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के तहसील खैर क्षेत्र के पीपल गांव के रहने वाले राहुल कुमार का है. चाइना ने फर्जी तरीके से राहुल कुमार को Huabang Private Ltd. का डायरेक्टर व Charlie peng, और Luo Sang में शेयर  होल्डर बना रखा है. परिजनों ने न्यूज18 को बताया कि राहुल अलीगढ़ से जाकर गुरुग्राम (Gurugram) में नौकरी करता है. वह आज तक गुरुग्राम से बाहर नहीं गया है, तो चाइना की तो बात बहुत दूर है.

इस पूरे मामले को लेकर जब राहुल से फोन पर बात की गई, तो उसने बताया कि वह साल 2019 में गुड़गांव आया था. यहां वह मोटर विकिल पार्ट्स बनाने वाली कंपनी में काम किया करता था. इसी बीच राहुल को एक व्यक्ति ने डीएलएफ सावर सिटी गुरुग्राम फोर्थ फ्लोर स्थित ऑफिस में जाकर बात करने के लिए कहा तो राहुल इस ऑफिस में जाकर नौकरी करने लगा. करीब 4 महीने बाद ऑफिस में सग्गू नाम के व्यक्ति ने राहुल से उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड लिया, जिसके बाद राहुल के साथ यह पूरा मामला हुआ है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

UP: जहरीली शराब मामले में CM योगी का एक्शन जारी, अलीगढ़ और बुलंदशहर के सहायक आबकारी आयुक्त निलंबित

UP: जहरीली शराब मामले में CM योगी का एक्शन जारी, अलीगढ़ और बुलंदशहर के सहायक आबकारी आयुक्त निलंबित

Hooch Tragedy: उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन के मुताबिक,' सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह बीते 2 वर्षो से वेब आसवानी में तैनात थे.'

SHARE THIS:

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग की लाख कोशिशो के बावजूद जहरीली शराब (Poisonous Liquor) से मौतों का सिलसिला और भष्टाचार थमता नजर नहीं आ रहा है. जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पर शुक्रवार शाम बुलंदशहर में जहरीली शरीब से हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के 2 सहायक आबकारी आयुक्तों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

दरअसल, योगी सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग और अवैध शराब माफियाओं की मिलीभगत से बिकने वाली जहरीली शराब से अब तक करीब 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. जिसको लेकर समय-समय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाती रही है. उसी के क्रम में बुलंदशहर में जहरीली शराब से 6 लोगों की मौत के मामले में कडी कार्रवाई की गई है. जिसमें सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह और संजय त्रिपाठी को निलंबित कर, दोनों सहायक आबकारी आयुक्तों को प्रयागराज स्थित आबाकारी विभाग के मुख्यालय से संबंध कर दिया गया है.

यह भी पढ़ें- अलीगढ़: बंगाल पुलिस को पहले बंधक बनाकर पीटा, फिर BJP कार्यकर्ताओं ने दी तहरीर

उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन के मुताबिक,’ सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह बीते 2 वर्षो से वेब आसवानी में तैनात थे.’ इस दौरान बीते दिनों मदिरा की भराई को लेकर उच्चाधिकारियों से जांच कराई गई थी. जिसमें मदिरा की तीव्रता निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं मिली थी. जिस पर कड़ा रूख अपनाते हुए सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह को निलंबित कर दिया गया है.

राजकीय कार्यों में शिथिलता का आरोप
और साथ ही बुलंदशहर में तैनाती के दौरान 6 लोगों की जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में सहायक आबकारी आयुक्त संजय त्रिपाठी को भी निलंबित किया गया है. और विभागीय कार्यो में लापरवाही के आरोप में निलंबित किये गये इन दोनों सहायक आबकारी आयुक्तों को आबकारी मुख्यालय सें संबद्ध कर दिया है. आबकारी आयुक्त ने बताया कि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी और कर्मचारी अपने राजकीय कार्यों में शिथिलता बरतता है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी.

अलीगढ़: बंगाल पुलिस को पहले बंधक बनाकर पीटा, फिर BJP कार्यकर्ताओं ने दी तहरीर

अलीगढ़: बंगाल पुलिस को पहले बंधक बनाकर पीटा, फिर BJP कार्यकर्ताओं ने दी तहरीर

गांधीनगर इलाके में 2017 में भाजपा के योगेश वार्ष्णेय ने ममता बनर्जी के सिर पर 11 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी. उसी समय पश्चिम बंगाल में योगेश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. अब कोर्ट का वॉरंट लेकर पश्चिम बंगाल की पुलिस अलीगढ़ आई थी.

SHARE THIS:

अलीगढ़. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सिर पर 11 लाख रुपये का इनाम रखने वाले युवा भाजपा नेता योगेश वार्ष्णेय को गिरफ्तार करने के लिए कोलकाता पुलिस अलीगढ़ पहुंची, इसी बीच भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता पुलिस को बंधक बनाकर पीटा.

बता दें कि यह मामला 2017 में बंगाल में दर्ज किया गया था. ​​उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के थाना गांधी पार्क इलाके के रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ता ने उस वक्त ममता बनर्जी के सिर पर 11 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी. इस मामले में बीजेपी कार्यकर्ता के खिलाफ वॉरंट होने के चलते बंगाल पुलिस दबिश देने के लिए इलाका चौकी इंचार्ज संदीप वर्मा को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता के घर पहुंची थी. बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बंगाल पुलिस ने उसकी माता के साथ घर में घुसकर दुर्व्यवहार, बदतमीजी और छेड़खानी की है. इस बाबत पीड़ित की तरफ से बंगाल पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए गांधी पार्क थाने में तहरीर दी गई है.

बंगाल पुलिस पर घर की महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप

बताया जाता है कि थाना गांधी पार्क इलाके में दबिश देने पहुंची बंगाल पुलिस को अलीगढ़ के भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंधक बनाकर मारपीट की. भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बंगाल पुलिस अलीगढ़ पुलिस के उच्चाधिकारियों को बिना सूचना दिए आई. बल्कि वह गांधी पार्क चौकी पर तैनात दरोगा को साथ लेकर दबिश देने के लिए एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर पहुंच गई. बीजेपी कार्यकर्ता के घर में घुसकर बंगाल पुलिस ने घर में मौजूद बुजुर्ग महिला के साथ बदतमीजी की. इसकी सूचना जब बीजेपी कार्यकर्ताओं को लगी तो वे इकट्ठा होकर घटनास्थल पर पहुंच गए. उनके मौके पर पहुंचने के बाद बंगाल पुलिसकर्मियों ने अलीगढ़ पुलिस के उच्च अधिकारियों को फोन कर क्षेत्राधिकारी सहित मौके पर बुलाया. बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दबिश के दौरान चौकी इंचार्ज संदीप वर्मा का भी व्यवहार ठीक नहीं था.

मामला 2017 का

​शहर के गांधीनगर इलाके में 2017 में दिए गए योगेश के बयान पर उस समय सियासी तूफान आया था. कोलकाता में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था. यह मुद्दा संसद में भी उठा था. बता दें कि उस समय भी गिरफ्तारी के लिए पुलिस आई थी, मगर बैरंग लौटी थी. अब न्यायालय के वॉरंट लेकर पुलिस पहुंची है. गांधीनगर में सांसद-विधायक समेत लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया है.

अलीगढ़ : दो भाइयों पर टूटकर गिरा हाईटेंशन वायर, पलक झपकते हो गई मौत - See Video

अलीगढ़ : दो भाइयों पर टूटकर गिरा हाईटेंशन वायर, पलक झपकते हो गई मौत - See Video

Cctv footage : दोनों भाइयों के साथ हुआ यह हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है. यह हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को बचाने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही दोनों भाइयों की जलकर मौत हो गई.

SHARE THIS:

अलीगढ़. 11000 वोल्टेज की बिजली लाइन का तार टूट कर गिरने से दो सगे मजदूर भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई. यह हादसा पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है. इस सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि दोनों भाई सड़क के किनारे चल रहे थे. उसी दौरान हाईटेंशन लाइन का तार टूटा, दोनों भाई बिजली के तार से निकली ‘चिड़चिड़’ की आवाज सुनकर भागे, लेकिन तार टूटकर दोनों भाइयों पर गिर गया. बिजली के तार से चिपक कर दोनों भाइयों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

बिजली के पोल में ट्रक की टक्कर से टूटा तार

यह हादसा उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के थाना जवां क्षेत्र में हुआ है. यहां के कासिमपुर पावर हाउस स्थित जेके सीमेंट फैक्टरी के पास एक ट्रक बिजली के खड़े पोल से टकरा गया. बिजली के पोल से ट्रक टकराने के बाद हाईटेंशन बिजली के तार टूट कर दोनों मजदूर पर गिर गए. और दोनों भाइयों की मौत मौके पर ही हो गई. मजदूरों की मौत की सूचना पर जुटे लोगों ने दोनों मजदूरों के शव जेके सीमेंट फैक्टरी के गेट के सामने रखकर जाम लगा दिया और हंगामा मचाया.

ऐसे हुआ हादसा – See Video

इसे भी देखें : चूरू: करंट से झुलसते बच्चे के लिए देवदूत बना युवक, हादसे से ऐसे निपटें- See Video

दोनों भाई जमालपुर के रहने वाले थे

इस हादसे में मारे गए दोनों शख्स सगे भाई बताए जा रहे हैं. ये दोनों भाई हमदर्द नगर जमालपुर के रहनेवाले थे. दोनों भाई ट्रक व बड़े वाहनों में गिरीसिंग का काम करते थे. शुक्रवार को दोनों भाई सुबह जेके सीमेंट फैक्टरी से पहले बैंक के सामने खड़े हुए थे. उसी दौरान जेके सीमेंट फैक्टरी के पास एक ट्रक बैक करने के दौरान 11,000 हाईटेंशन वोल्टेज के बिजली पोल से जा टकराया. इस टक्कर से हाईटेंशन बिजली पोल से गुजर रहा 11000 वोल्टेज बिजली का तार टूट कर गिर गया. इसी तार की चपेट में आने से दोनों भाइयों की मौके पर मौत हो गई.

Honour Killing in UP: बहन के प्रेमी को फंसाना था तो भाई ने ही गला घोंटा फिर जला दिया

Honour Killing in UP: बहन के प्रेमी को फंसाना था तो भाई ने ही गला घोंटा फिर जला दिया

अलीगढ़, ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला आया सामने, बहन के प्रेमी को फसाने के लिए भाई ने बहन की हत्या कर शव जलाया,

SHARE THIS:

अलीगढ़. जिले के गांव टिकटा में दिल दहलाने वाली वारदात हुई. यहां पर एक भाई ने अपनी ही बहन का गला घोंट दिया और बाद में उसके शव को जला दिया. बाद में मामला ऑनर किलिंग का निकला और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. दरअसल टिकटा निवासी निजामुद्दीन की बहन लाडो का गांव के ही युवक इमरान से प्रेम संबंध था. इस बात की जानकारी निजामुद्दीन को हुई तो उसने पहले अपनी बहन को काफी समझाने की कोशिश की और दूसरी जगह पर शादी करने का दबाव भी बनाया. लेकिन लाडो ने बात नहीं मानी तो उसने अपनी ही बहन को जान से मारने की योजना बना डाली.
इसके बाद निजामुद्दीन ने अपनी इस योजना में अपने ममेरे और चचेरे भाई को भी शामिल किया. इसके बाद तीनों ने 4 सितंबर को लाडो की उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी.

जलाने के बाद अवशेषों को दफनाया
तीनों ने उसकी हत्या करने के बाद उसके शव को जला दिया. इसके बाद किसी को हत्या का कोई साक्ष्य नहीं मिले इसलिए राख और हड्डियों को एक कट्टे में भरकर श्मशान के पास मौजूद पेड़ के नीचे दबा दिया. इसके साथ ही कुछ कपड़े भी वहीं पर दबा दिए.

फिर करवाया मामला दर्ज
इसके बाद निजामुद्दीन पुलिस के पास पहुंचा और अपनी बहन के अपहरण की रिपोर्ट 5 सितंबर को दर्ज करवाई. उसने इसके लिए लाडो के प्रेमी इमरान और उसके रिश्तेदार फुरकान व साकिर को जिम्मेदार बताते हुए नामजद मामला दर्ज करवाया. उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी भी बनाई लेकिन पुलिस को उस पर शक हो गया और पुलिस ने उसी से जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच बोल दिया. उसने अपना जुर्म कबूल किया जिसके बाद पुलिस ने उसे और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

Aligarh News: परपोते ने भारत सरकार से की मांग, बोले- राजा महेंद्र प्रताप सिंह को मिले भारत रत्न

Aligarh News: परपोते ने भारत सरकार से की मांग, बोले- राजा महेंद्र प्रताप सिंह को मिले भारत रत्न

UP News: बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) की स्थापना के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी सम्पत्ति दान कर दी थी. उस अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को कोई स्थान नहीं मिला.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 14, 2021, 15:53 IST
SHARE THIS:

यतेंद्र/अलीगढ़. भारतीय इतिहास के पन्नों में भुला दिए गए “जाट आइकॉन” राजा महेंद्र प्रताप सिंह (Raja Mahendra Pratap Singh) ने परपोते चरत प्रताप सिंह ने भारत सरकार से भारत रत्न सम्मान देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि आज यह सम्मान मिल रहा है, इसे लेकर मैं यही कहूंगा कि देर आए दुरुस्त आए. हम उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे. जो लोग उन्हें जानते हैं उनका कहना है कि उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए था. मेरा भी मानना है कि उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए था, लेकिन यह सरकार का फैसला है. वो भारत के एक रत्न हैं और हमेशा रहेंगे.

उन्होंने कहा, ”मेरे दादा राजा महेंद्र प्रताप सिंह को सम्मान देने का भारत सरकार का यह फैसला सराहनीय है. मेरे दादा ने अपने जीवन में हमेशा तकनीकि शिक्षा को बढ़ावा दिया आज उनके नाम पर यह विश्वविद्यालय बन रहा है, यह सम्मान की बात है.’ मेरा सौभाग्य है कि मैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह का परपौत्र हूं. मेरा जन्म ऐसे परिवार में हुआ है जहां एक नहीं दो दो क्रांतिकारी हुए. मेरे परदादा राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बचपन में मैंने कुछ साल अपने दादा के साथ बिताए हैं, मेरी उनके साथ कुछ अच्छी यादें हैं.

 AMU ने नहीं दिया सम्मान

बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी सम्पत्ति दान कर दी थी. उस अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को कोई स्थान नहीं मिला. विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी जो तथ्य दिए गए हैं, उसमें सैय्यद अहमद खान के योगदान का जिक्र तो है, पर विश्वविद्यालय के लिए जमीन का एक बड़ा हिस्सा दान करने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह का कोई उल्लेख नहीं है. इतिहास की इस भूल के सुधार की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह को उनका गौरव वापस दिलाने का संकल्प लिया था. योगी ने राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर अलीगढ़ जनपद में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापना की घोषणा की थी.

कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह
देश के दो बड़े विश्वविद्यालयों के “नींव की ईंट” की तुलना करें तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, दोनों की स्थापना में क्षेत्रीय राजाओं ने भूमि दान की थी. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खान ने भूमि दान देने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को भुला दिया, जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने काशी नरेश के योगदान को सदैव सिर-माथे पर रखा.

अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप यूनिवर्सिटी का शिलान्यास, पीएम बोले- विकास विरोधी ताकतों से UP को बचाना है

अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप यूनिवर्सिटी का शिलान्यास, पीएम बोले- विकास विरोधी ताकतों से UP को बचाना है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी. इस दौरान एक संबोधन में पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार का निरंतर प्रयास है कि छोटी जोत वालों को ताकत दी जाए.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 14, 2021, 13:12 IST
SHARE THIS:

अलीगढ़. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh University) का नाम बदलकर राजा महेंद्र प्रताप (Raja Mahendra Pratap Singh University) के नाम पर रखने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पुरानी मांग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर एएमयू के बगल में बनने वाले एक नए विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी. इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा मौजूद रहे. इसके साथ ही मोदी अलीगढ़ में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के मॉडल का भी अवलोकन किया.

इस दौरान एक संबोधन में पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार का निरंतर प्रयास है कि छोटी जोत वालों को ताकत दी जाए.डेढ़ गुणा MSP हो, किसान क्रेडिट कार्ड का विस्तार हो, बीमा योजना में सुधार हो, 3 हज़ार रुपए की पेंशन की व्यवस्था हो, ऐसे अनेक फैसले छोटे किसानों को सशक्त कर रहे हैं.

यहां पढ़ें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलीगढ़ कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स

UP: अलीगढ़ पहुंचे PM नरेंद्र मोदी, राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी की रखी आधारशिला, मॉडल का लिया जायजा

UP: अलीगढ़ पहुंचे PM नरेंद्र मोदी, राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी की रखी आधारशिला, मॉडल का लिया जायजा

PM Modi in Aligarh: पीएम मोदी ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य रहा कि राष्ट्रनायकों-राष्ट्रनायिकाओं की तपस्या से देश की अगली पीढ़ियों से परिचित ही नहीं कराया गया. 20वीं सदी की उन गलतियों को 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 14, 2021, 13:11 IST
SHARE THIS:

अलीगढ़. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) मंगलवार को अलीगढ़ (Aligarh) पहुंच गए हैं. पीएम मोदी ने अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी. पीएम मोदी ने यहां पर यूनिवर्सिटी के मॉडल का जायजा लिया, कॉरिडोर को लेकर दी गई जानकारियों को देखा. अलीगढ़ में बनने वाली ये यूनिवर्सिटी 92 एकड़ में फैली होगी, जबकि 395 कॉलेज इसके अंतर्गत आएंगे. वहीं, डिफेंस कॉरिडोर का ऐलान खुद पीएम मोदी ने 2018 में किया था. अलीगढ़ के डिफेंस कॉरिडोर में 19 कंपनियां निवेश करेंगी, करीब 1300 करोड़ का निवेश होगा. उत्तर प्रदेश को नायाब तोहफा देने अलीगढ़ पहुंचे पीएम मोदी का सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच पर अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया.

पीएम मोदी ने भी इस मौके पर सभी का अभिनंदन किया. पीएम के साथ यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद हैं. अलीगढ़ में पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन पश्चिमी यूपी के लिए बहुत बड़ा दिन है. हमारा संस्कार है कि जब कोई शुभ कार्य हो तो हमें अपने बड़े याद आते हैं.

मैं आज धरती के महान सपूत स्व. कल्याण सिंह जी की अनुपस्थिति महसूस कर रहा हूं. आज कल्याण सिंह हमारे साथ तो यूनिवर्सिटी और डिफेंस कॉरिडोर देखकर बहुत खुश होते. उनकी आत्मा जहां भी होगी, हमें आशीर्वाद दे रही होगी.

पीएम मोदी ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य रहा कि राष्ट्रनायकों-राष्ट्रनायिकाओं की तपस्या से देश की अगली पीढ़ियों से परिचित ही नहीं कराया गया. 20वीं सदी की उन गलतियों को 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है. बता दें कि राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय अलीगढ़ की कोल तहसील के लोढ़ा तथा मूसेपुर करीम जरौली गांव की 92 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बनाया जाएगा. अलीगढ़ मंडल के 395 महाविद्यालयों को इससे संबंद्ध किया जाएगा.

कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह
देश के दो बड़े विश्वविद्यालयों के “नींव की ईंट” की तुलना करें तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, दोनों की स्थापना में क्षेत्रीय राजाओं ने भूमि दान की थी. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खान ने भूमि दान देने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को भुला दिया, जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने काशी नरेश के योगदान को सदैव सिर-माथे पर रखा.

Aligarh में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 20वीं सदी में हुई गलतियों को 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है

Aligarh में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 20वीं सदी में हुई गलतियों को 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है

PM Narendra Modi in Aligarh: अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राधाष्टमी की शुभकामनाओं के साथ की. उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर मैं हमारे श्रद्धेय कल्याण सिंह जी की कमी बहुत हो रही है. वो होते तो अलग अनुभव होता.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 14, 2021, 12:53 IST
SHARE THIS:

अलीगढ़. अलीगढ़ (Aligarh) में जाट राजा महेंद्र प्रताप स्टेट यूनिवर्सिटी (Raja Mahendra Pratap State University) और डिफेन्स कॉरिडोर के शिलान्यास के बाद विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि भारत की आजादी दिलाने में ऐसे कई राष्ट्रनायक और राष्ट्रनायिकाएं का योगदान रहा जिसके बारे में कई पीढ़ियों को जानने और पढ़ने का मौका नहीं मिला. उनका देश से परिचय ही नहीं करवाया गया. आज आजादी के 75वें साल में 20वीं सदी में हुई इस गलती को आज 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है. प्रधानमंत्री ने राज महेंद्र प्रताप सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि आज युवाओं को उन्हें जरूर पढ़ना चाहिए। राजा महेंद्र प्रताप सिंह का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है.

अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  राधाष्टमी की शुभकामनाओं के साथ की. उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर मैं हमारे श्रद्धेय कल्याण सिंह जी की कमी बहुत हो रही है. वो होते तो अलग अनुभव होता. आज़ादी के आंदोलन में कई महान व्यक्तित्व ने सब कुछ खपा दिया, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि ऐसे राष्ट्रनायकों और राष्ट्रनायिकाओं को अगली पीढ़ी से परिचित ही नहीं करवाया गया. बीसवीं सदी की गलतीयों को आज 21वीं सदी का नया भारत सुधार रहा है. नई पीढ़ी को उन राष्ट्रनायकों को परिचित करवाकर नया प्रयास कर रहा है. आज आज़ादी के अमृत महोत्सव के माध्यम से इसे प्रयास किया जा रहा है.

युवाओं से की ये अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के हर उस युवा को जो बड़े लक्ष्य पाना चाहता है, उसे राजा महेंद्र प्रताप सिंह के बारे में अवश्य जानना और पढ़ना चाहिए. राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी के माध्यम से कुछ भी कर गुजरने की जीवटता सीखने का अवसर मिलता है. उन्होंने सिर्फ भारत मे ही लोगों को प्रेरित ही नहीं किया बल्कि दुनिया के कोने कोने में गए. अफगानिस्तान, पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका तक गए. अपने जीवन के अंतिम क्षण तक भारत को आज़ादी दिलाने के लिए लगातार सक्रिय रहे. मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी को जरूर पढ़ें, उनका जीवन हम सब को आज भी प्रेरणा देता है.

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज मुझे देश के एक और स्वतंत्रता सेनानी गुजरात के श्यामजी कृष्ण वर्मा जी का स्मरण हो रहा है. उनके प्रयासों से ही हमे अफगानिस्तान में पहली निर्वासित सरकार बनाने का अवसर मिला और राजा महेंद्र प्रताप सिंह के ही नेतृत्व में मिला.”

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

UP News: पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है.

SHARE THIS:

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है. वहीं, सख्ती से गो तस्करी (Cow Smugglers) और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराया गया है. इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है. प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है.

प्रदेश में पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे. सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी भी की जाती थी. इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. सीएम के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया. नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है. फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं.

319 गो तस्कर गिरफ्तार, 14 पर NSA
प्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है. पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है. इसके अलावा 280 आरोपियों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

सीएम योगी ने 2018 के एक्ट में किया संशोधित
सीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया. नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे. अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है, लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी.

Aligarh: पीएम नरेंद्र मोदी आज करेंगे जाट राजा महेंद्र प्रताप स्टेट यूनिवर्सिटी का शिलान्यास, साधेंगे कई समीकरण

Aligarh: पीएम नरेंद्र मोदी आज करेंगे जाट राजा महेंद्र प्रताप स्टेट यूनिवर्सिटी का शिलान्यास, साधेंगे कई समीकरण

PM Narendra Modi in Aligarh: विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलीगढ़ दौरा अहम माना जा रहा है. किसान आंदोलन को जाटों का समर्थन मिलने के बाद जाट राजा महेंद्र सिंह के नाम पर स्टेट यूनिवर्सिटी के शिलान्यास की कवायद.

SHARE THIS:

अलीगढ़. भारतीय इतिहास के पन्नों में भुला दिए गए “जाट आइकॉन” राजा महेंद्र प्रताप सिंह (Raja Mahendra Pratap Singh) ने जिस शैक्षिक-सामाजिक परिवर्तन का सपना देखा था, उसके पूरा होने का समय आ गया है. अलीगढ़ (Aligarh) में “जाटलैंड के नायक” के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना होने जा रही है. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) स्वयं इसकी आधारशिला रखेंगे. इस खास मौके पर राजा महेंद्र प्रताप के वंशज भी मौजूद रहेंगे. इसके साथ ही 14 सितंबर 2019 को लिया सीएम योगी आदित्यनाथ का वह संकल्प भी पूरा होगा, जब उन्होंने राजा महेंद्र प्रताप सिंह को यथोचित सम्मान दिलाने का वचन दिया था.

विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री का अलीगढ़ दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है. दरअसल, किसान आंदोलन को जाटों का समर्थन मिलने के बाद जाट राजा महेंद्र सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी का शिलान्यास कर प्रधानमंत्री जाटों को अपने पाले में करने की कोशिश करेंगे. यही वजह है कि जानकार प्रधानमंत्री के दौरे को बीजेपी का चुनावी शंखनाद भी मान रहे हैं.

AMU ने नहीं दिया सम्मान
बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी सम्पत्ति दान कर दी थी. उस अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को कोई स्थान नहीं मिला. विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी जो तथ्य दिए गए हैं, उसमें सैय्यद अहमद खान के योगदान का जिक्र तो है, पर विश्वविद्यालय के लिए जमीन का एक बड़ा हिस्सा दान करने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह का कोई उल्लेख नहीं है. इतिहास की इस भूल के सुधार की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह को उनका गौरव वापस दिलाने का संकल्प लिया था. योगी ने राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर अलीगढ़ जनपद में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापना की घोषणा की थी.

कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह
देश के दो बड़े विश्वविद्यालयों के “नींव की ईंट” की तुलना करें तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, दोनों की स्थापना में क्षेत्रीय राजाओं ने भूमि दान की थी. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खान ने भूमि दान देने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को भुला दिया, जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने काशी नरेश के योगदान को सदैव सिर-माथे पर रखा.
प्रसिद्ध इतिहासकार इरफ़ान हबीब ने लिखा है कि “राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने ब्रिटिश सरकार का विरोध किया था. वर्ष 1914 के प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान वह अफगानिस्तान​ गए थे. 1915 में उन्होंने आज़ाद हिन्दुस्तान की पहली निर्वासित सरकार बनवाई थी.” नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 28 साल बाद उन्हीं की तरह आजाद हिंद सरकार का गठन सिंगापुर में किया था.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज