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UP Weather Alert: भूगर्भ वैज्ञानिकों का दावा, इस बार पड़ेगी भारी ठंड 

भूगर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि आगे और ठंड परेशान कर सकती है. इसका सीधा असर प्रशांत महासागर के ला-नीना से है. 

    वसीम अहमद

    अलीगढ़: सोचने वाली बात है कि इतनी ठंड अब है तो आने वाले समय में कितनी और बढ़ेगी. हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है. भूगर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि, इसी तरह आगे और ठंड परेशान कर सकती है. इसका सीधा असर प्रशांत महासागर के ला-नीना से है. दरअसल अपने यहां तापमान में कमी और हवा के उच्च दबाव के कारण प्रशांत महासागर में ला-नीना पूरे उत्तर भारत पर यह असर दिखा रहा है. इसी वजह से बारिश देरी से हुई और ठंड भी देर से शुरू हुई.

    NEWS 18 LOCAL से खास बातचीत में एएमयू के भूगोल विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सलेहा जमाल कहती हैं कि, यह प्रशांत महासागर में ला-नीना का असर है. हमारे यहां तापमान की कमी और हवा के उच्च दबाव के कारण प्रशांत महासागर में ला-नीना असर दिखा रहा है. जिसका सीधा प्रभाव उत्तर भारत पर है. यह अभी जनवरी तक अपना असर दिखाता रहेगा. यह एक चक्र है, जिसके परिवर्तन से इस तरह के असर दिखाते हैं. शुरुआत में बारिश कम हुई थी.जिसकी वजह से ठंड का प्रकोप देखने को मिल रहा है और आने वाले समय में और अधिक ठंड बढ़ने की सम्भावना है.

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    फसलों पर होगा ठंड का असर
    इसका सबसे अधिक असर रबी और खरीफ जैसी फसलों पर दिखेगा. मार्च-अप्रैल में गर्म हवाएं और बारिश किसानों को परेशान करेंगी. जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ेगा क्लाईमिट चेंज होने से फसलों पर प्रभाव पड़ेगा. प्रोफेसर डॉ. सलेहा जमाल कहती हैं कि, प्रशांत महासागर से हवाएं भूमध्य रेखा के समानांतर पश्चिम की ओर बहती हैं. ये हवाएं दक्षिण अमेरिका से एशिया की ओर गर्म पानी को ले जाती हैं. अल-नीनो और ला-नीना दो विपरीत प्रभाव हैं. जिनका पूरी दुनिया के मौसम, जंगल की आग और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है.

    मौसम में बदलाव
    सामान्यत: इन दोनों के संस्करण 9 से 12 महीने तक चलते हैं और कई बार इनका प्रभाव लंबे समय तक रहता है. इनके आने का कोई नियमित क्रम नहीं है. ये हर 2 से 7 साल के बीच आते हैं. हालांकि ला-नीना की तुलना में अल-नीनो ज्यादा आता है. दरअसल दुनिया के हर कोने का मौसम प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दूसरी जगहों को किसी न किसी तरह प्रभावित जरूर करता है. लेकिन भारत का मानसून प्रशांत महासागर की जलवायु पर ही आधारित होता है. इसलिए उसके मौसम में बदलाव भारत को सीधे प्रभावित करता है.

    Tags: Aligarh news, UP weather alert, Uttar pradesh news, Weather Update

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