BHU विवाद: हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना AMU का संस्कृत डिपार्टमेंट
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BHU विवाद: हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना AMU का संस्कृत डिपार्टमेंट
सलमा महफूज दुनिया की पहली मुस्लिम महिला थीं, जिन्होंने 1970 में संस्कृत में पीएचडी की डिग्री हासिल की.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पब्लिक रिलेशन ऑफीसर उमर पीरजादा ने कहा कि एएमयू के संस्कृत डिपार्टमेंट में सभी मजहब के छात्र एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं. वहीं संस्कृत डिपार्टमेंट के शिक्षक भी पूरी एकाग्रता के साथ छात्रों को शिक्षा देते हैं.

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अलीगढ़. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी  (Banaras Hindu University) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर विवाद मचा हुआ है. वहीं विश्व प्रसिद्ध अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University) के संस्कृत विभाग में सभी छात्र शांतिपूर्वक पढ़ते हैं. संस्कृत विभाग में 4 प्रोफ़ेसर मुस्लिम हैं. यहां तक कि डिपार्टमेंट के चैयरमैन भी मुस्लिम हैं.

बता दें कि संस्कृत विभाग में 2 प्रोफेसर गैर मुस्लिम है, लेकिन एएमयू में प्रोफेसर का धर्म देखकर कोई छात्र आपत्ति नहीं करता. देशभर में सवाल यही उठ रहे हैं कि शिक्षा लेने के लिए गुरु का धर्म जानना क्या सही है. बीएचयू में चल रहा छात्रों का यह विरोध किस करवट बैठेगा, अभी कुछ पता नहीं है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के छात्रों और शिक्षकों ने बीएचयू में धार्मिक भेदभाव के मसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

गुरु और शिष्यों ने पूरे मामले को निंदनीय करार दिया है, और गुरु और शिष्य के बीच चल रही इस तनातनी को शर्मनाक बताया है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पब्लिक रिलेशन ऑफीसर उमर पीरजादा ने कहा कि एएमयू के संस्कृत डिपार्टमेंट में सभी मजहब के छात्र एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं. वहीं संस्कृत डिपार्टमेंट के शिक्षक भी पूरी एकाग्रता के साथ छात्रों को शिक्षा देते हैं, छात्रों और शिक्षकों के बीच भाषा को लेकर किसी प्रकार का कोई भी मतभेद नहीं है.



छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी
वहीं, विश्वविद्यालय के होलकर भवन के बाहर संस्कृत के छात्रों का प्रोफ़ेसर फिरोज खान की नियुक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. विरोध में धरने पर बैठे शोध छात्र चक्रपाणि ओझा ने बताया हमारा विरोध सनातनी संस्कृत को पढ़ाने को लेकर है. उन्होंने कहा, ‘हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हम कोर्ट जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना जाने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, उन्हें सच्चाई मालूम नहीं है, पहले वो सच्चाई जानें. चक्रपाणि के अनुसार विभाग में शिलापट्ट महामना ने लगवाया था जिसपर साफ लिखा है कि संस्कृत महाविद्यालय का यह भवन सिर्फ सनातन धर्मावलंबियों के लिए है.

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