'तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें नशे के लिए पैसे दूंगा' की तर्ज पर खून का सौदागर बना शख्स

कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से लोग ब्लड डोनेट करने से कतरा रहे हैं.

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एसपी सिटी अभिषेक कुमार ने बताया कि मोहल्ला सराय हकीम में एक आदमी खून का धंधा करता है. पुलिस ने मकान में छापा मारकर सोहन उर्फ सनी निवासी चामड़ वाली गली सराय हकीम को गिरफ्तार कर लिया.

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अलीगढ़. अलीगढ़ (Aligarh) पुलिस ने खून के सौदागर को रंगे हाथों पकड़कर खून के कारोबार का खुलासा किया है. बताया जा रहा है कि पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक, नशेड़ी युवकों का खून निकालकर अस्पतालों में बेचता था. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जानकारी के अनुसार अनाथ और नशे के आदी लोगों को पैसों का लालच देकर उनके खून का धंधा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक बदमाश को पकड़ लिया है. जबकि उसकी साथी महिला फरार हो गई है. आरोपी पहले निजी नर्सिंग होमों पर काम किया करता था. खून को यह निजी नर्सिंग होमों पर ही बेच दिया करता था.

एसपी सिटी अभिषेक कुमार ने बताया कि मोहल्ला सराय हकीम में एक आदमी खून का धंधा करता है. पुलिस ने मकान में छापा मारकर सोहन उर्फ सनी निवासी चामड़ वाली गली सराय हकीम को गिरफ्तार कर लिया. यहां से नशा करने के अभ्यस्त देवकी नंदन निवासी मजूपुर थाना गोंडा के शरीर से निकाले गए करीब 1 यूनिट खून, ग्लूकोज की बोतल, ब्लड बैग, एंटी ए व एंटी बी की शीशी को भी बरामद कर लिया. पूछताछ में सोहन ने बताया कि वह पहले निजी अस्पतालों में नौकरी करता था.

खर्चे पूरे करने के लिए शहर के रेलवे स्टेशन के बाहर तथा कठपुला के पास अनाथ एवं नशा करने के अभ्यस्त लोगों से संपर्क करने लगा. उन्हें 400-500 रुपये का लालच देकर खून देने के लिए तैयार कर लेता था. इन लोगों को अपने घर पर लाकर उनका खून निकाल कर शहर के विभिन्न नर्सिंग होम तथा सरकारी अस्पताल में 800 से लेकर 1000 रुपये तक में बेच देता था. उसके इस काम में दिव्या भारती नामक महिला सहयोग करती थी. बता दें कि आरोपी 2016 में थाना छतारी जनपद बुलंदशहर से हत्या के मामले में जेल जा चुका है.

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