AMU: पुलिस ने कुबूल की रोजेदार छात्रों की इफ्तार दावत, BJP ने जताई आपत्ति
Aligarh News in Hindi

AMU: पुलिस ने कुबूल की रोजेदार छात्रों की इफ्तार दावत, BJP ने जताई आपत्ति
अपने ही अपहरण की कहानी सुनाकर दो बच्चियों ने पुलिस को चकमा दिया (फाइल फोटो)

BJP जिला प्रवक्ता निशीथ कुमार ने इफ्तार (Iftar) में पुलिसकर्मियों के हिस्सा लेने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि वह आयोजन हिंसा में शामिल हुए लोगों की याद में किया गया था, लिहाजा पुलिस को उसमें शिरकत नहीं करनी चाहिये थी.

  • Share this:
अलीगढ़. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अलीगढ़ में शुक्रवार को बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला. दरअसल, संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में हाल में हुई हिंसा में आमने-सामने खड़े छात्र और पुलिस इफ्तार के दौरान एक ही दस्तरख्वान पर नजर आये.

AMU छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने शनिवार को बताया कि CAA के खिलाफ देश में जगह-जगह हुए हिंसक प्रदर्शन में हताहत हुए लोगों के लिए शुक्रवार को धर्मगुरुओं के आह्वान पर अनेक छात्रों ने रोजा रखा था. शाम को छात्रों ने बाब-ए-सैयद गेट के पास इफ्तार के वक्त परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों से भी इफ्तार में शामिल होने का आग्रह किया था. उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने भी छात्रों की यह दावत कुबूल करते हुए इफ्तार में हिस्सा लिया और सौहार्द की मिसाल पेश की.

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सिविल लाइंस) अनिल समानिया ने कहा कि वह छात्रों की तरफ से की गयी पहल की सराहना करते हैं और पुलिस ने इफ्तार में शामिल होकर वाजिब काम किया.



फैजुल हसन ने कहा कि यह गांधीवादी तरीका CAA के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन जारी रखते हुए समाज में अमन कायम रखने का एक हिस्सा है और हमने हिंसा में मारे गये लोगों के लिये कुरान ख्वानी भी की.
हालांकि भाजपा जिला प्रवक्ता निशीथ कुमार ने इफ्तार में पुलिसकर्मियों के हिस्सा लेने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि वह आयोजन हिंसा में शामिल हुए लोगों की याद में किया गया था, लिहाजा पुलिस को उसमें शिरकत नहीं करनी चाहिये थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज