AMU गेट पर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने 15 दिन बाद खत्म किया धरना

जेएनयू से लापता छात्र नजीब की मां ने एएमयू पहुंचकर बाबे सैय्यद गेट पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का धरना खत्म कराया. इस दौरान एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर भी मौजूद थे.

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 17, 2018, 10:07 AM IST
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Updated: May 17, 2018, 10:07 AM IST
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय गेट पर पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया है. बुधवार देर शाम जेएनयू से लापता छात्र नजीब की मां ने एएमयू पहुंचकर बाबे सैय्यद गेट पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का धरना खत्म कराया. इस दौरान एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर भी मौजूद थे.

भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा के बाद छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबा रही है, लेकिन अब वो सरकार के कामों को एएमयू परिसर से बाहर जाकर एक्सपोज करेंगे. उन्होंने बताया कि रमजान का महीना शुरू होने वाला है इसलिए भूख हड़ताल को खत्म किया जा रहा है, क्योंकि लड़ाई को बाबे सैय्यद गेट के अंदर रह कर नहीं लड़ा जा सकता है.

बकौल मशकूर अहमद उस्मानी, सरकार छात्रों के विरोध में काम कर रही है, जहां भी छात्र अपनी आवाज उठाते हैं, वहां छात्रों की आवाज को दबा दी जाती है. कहीं भी रोजगार की बात नहीं होती है, बेरोजगारी बढ़ रही है. उस्मानी ने बताया जेएनयू से लापता छात्र नजीब की मां पिछले दो सालों से सरकार के खिलाफ लड़ रही है और उनके कहने पर बुधवार को भूख हड़ताल को खत्म करने की घोषणी की गई.

वहीं, छात्रसंघ सचिव मोहम्मद फहद ने कहा कि धरना खत्म किया गया है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने छात्रों की मांगों को पूरा नहीं किया तो छात्र एएमयू से बाहर निकलकर आंदोलन को चलाएंगे. नजीब की मां ने कहा कि लड़ाई खत्म नहीं हुई है, छात्र सिर्फ हड़ताल से उठे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक एएमयू गेट पर पर पिछले 15 दिनों से चल रहे छात्र संघ के भूख हड़ताल को रमजान का महीना शुरू होने पर खत्म किया गया है. हालांकि भूख हड़ताल के चलते करीब आधा दर्जन छात्रों की तबीयत खराब हो गई थी, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.
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