अलीगढ़ में एक और जहरीली शराब कांड आया सामने, 3 भट्ठा मजदूरों की मौत, 19 गंभीर हालत में भर्ती

अलीगढ़ में शराब पीने से तीन भट्टा मजदूरों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है. तमाम अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं.

अलीगढ़ में शराब पीने से तीन भट्टा मजदूरों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है. तमाम अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं.

Aligarh News: एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं सभी लोगों का बेहतर उपचार जारी है. मजदूरों ने बताया कि गुड इवनिंग ब्रांड की शराब नहर में मिली थी, जिसका पूरे दिन भट्टा मजदूरों ने सेवन किया था.

  • Share this:

अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ (Aligarh) में जहरीली शराब (Poisonous Liquor) पीने से ईंट भट्ठों पर मौतों (Death) का नया मामला सामने आया है. जहरीली शराब पीने से 3 भट्ठा मजदूरों की मौत हुई है, वहीं 19 भट्टा मजदूर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. गंभीर हालत में भर्ती मजदूर जिंदगी और मौत से अस्पताल में जूझ रहे हैं. कुछ मजदूरों ने बताया कि नहर के किनारे गुड इवनिंग ब्रांड की देशी शराब पड़ी हुई थी. शराब को जब उठाकर भट्टे के मजदूरों ने सेवन किया तो तीन लोगों ने अब तक अपनी जिंदगी को अलविदा कह दिया है. वहीं 19 भट्टा मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है.

एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. सभी लोगों का बेहतर उपचार जारी है. मजदूरों ने बताया है कि गुड इवनिंग ब्रांड की शराब नहर में मिली थी, जिसका पूरे दिन भट्टा मजदूरों ने सेवन किया था, जिसके बाद अब तक 3 भट्टा मजदूरों की मौत हो गई है. 19 मजदूरों का मेडिकल में उपचार जारी है.

पूरा मामला थाना जवा क्षेत्र के रोहीरा गांव के एक भट्टे का है, जहां गुड इवनिंग ब्रांड़ की देशी शराब ने भट्ठा मजदूरों की जिंदगी में कोहराम मचा दिया है, इससे पहले भी शराब कांड में 87 लोगों के पोस्टमार्टम हुए थे, जिसमें से 35 लोगों की शराब से मौत की पुष्टि हुई थी. बाकी सभी का विसरा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगरा लैब के लिए भेज दिया था. 13 लोगों ने पहले भी जहरीली शराब पीने से अपनी आंखों की रोशनी गवा दी थी तो वही पुलिस और आबकारी विभाग के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही हुई थी, जिसमें दो CO, तीन थानाध्यक्ष, और दो चौकी इंचार्ज, को निलंबित किया गया था तो आबकारी विभाग के सात अधिकारी व कर्मचारियों को भी निलंबन की कार्यवाही झेलनी पड़ी.

लेकिन अफसोस की बात अलीगढ़ जनपद में इतना बड़ा कांड के बावजूद भी डीएम और एसएसपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई, जबकि डीएम पिछले लगभग 4 साल से अपनी कुर्सी पर विराजमान हैं. अब देखना यह रहेगा कि आखिर शासन लंबे समय से जनपद में जमे अधिकारियों के खिलाफ किस तरीके की कार्यवाही करता है. वहीं लगातार जनपद में शराब से मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं. आखिर यह जहरीली शराब कहां से आ रही है, अभी तक पुलिस और जिला प्रशासन इसकी पुष्टि नहीं कर पाया है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज