AMU में जिन्ना की तस्वीर पर बवाल, BJP सांसद ने VC से पूछी वजह

Alok singh | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 1, 2018, 1:55 PM IST
AMU में जिन्ना की तस्वीर पर बवाल, BJP सांसद ने VC से पूछी वजह
पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की फाइल फोटो.

बीजेपी सांसद ने सवाल किया है कि जिन्ना भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे और इस समय भी पाकिस्तान गैरजरूरी हरकतें कर रहा है. ऐसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है?

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र संघ कार्यालय में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर बखेड़ा खड़ा हो गया है. इस मामले में बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने एएमयू वीसी को पत्र लिखकर जिन्ना की तस्वीर के बारे में जानकारी मांगी है.

स्थानीय भाजपा सांसद व एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम ने AMU कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिखकर पूछा है कि किन कारणों से जिन्ना की तस्वीर किन-किन जगहों पर लगी हुई है. बीजेपी सांसद ने सवाल किया है कि जिन्ना भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे और इस समय भी पाकिस्तान गैरजरूरी हरकतें कर रहा है. ऐसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है?

हालांकि, जिन्ना की तस्वीर यूनियन हॉल के ऊपरी हॉल में लगी हुई है. यहां करीब 30 से अधिक ऐसे लोगों की तस्वीर लगी हुई हैं. जिन्ना देश बंटवारे से पहले 1938 में एएमयू आए थे, तभी उन्हें यूनियन की सदस्यता दी गई थी. यूनियन ने सबसे पहले मानद सदस्यता गांधीजी को 1920 में दी थी. छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद ने बताया कि जिन्ना को बंटवारे से पहले यूनियन की सदस्यता दी गई थी, उन्होंने कहा कि हम इतिहास को संजोकर रखते हैं. आरएसएस की तरह छेड़छाड़ नहीं करते.

भाजपा सांसद सतीश गौतम ने लिखा वीसी को पत्र.


मशकूर ने बताया कि अब तक देश और विदेश के करीब 100 लोगों को छात्र संघ की आजीवन सदस्यता प्रदान की जा चुकी है. उन सभी की फोटो यूनियन हाल में लगी हुई है. इनमें जिन्ना साहब की फोटो भी है.

बता दें कि बीते दिनों संघ कार्यकर्ता मोहम्‍मद आमिर रशीद ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वीसी को पत्र लिखा था, जिसमें वीसी से एएमयू कैंपस में संघ की शाखा लगाने की अनुमति मांगी थी. संघ की ओर से लिखे लेटर पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है, साथ ही इसे ध्रुवीकरण का एक और पहलू बताया था. कांग्रेस प्रवक्‍ता मीम अफजल ने कहा कि आरएसएस ने कितनी यूनिवर्सिटीज को ऐसे पत्र लिखे हैं ये बताया जाए.

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First published: May 1, 2018, 1:40 PM IST
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