एएमयू परिसर में पुलिस ज्यादती के खिलाफ दायर करेंगे कानूनी वाद: पूर्व IAS
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एएमयू परिसर में पुलिस ज्यादती के खिलाफ दायर करेंगे कानूनी वाद: पूर्व IAS
AMU (File Photo)

मीडिया के सामने लाए गए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University) के एक छात्र ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने परिसर में ज्यादती की थी.

  • भाषा
  • Last Updated: December 17, 2019, 11:07 PM IST
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अलीगढ़. गांधीवादी कार्यकर्ता एवं पूर्व आईएएस अधिकारी हर्ष मंदर और उनके कुछ सहयोगियों ने हाल में हिंसा से प्रभावित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का मंगलवार को दौरा किया. दौरा के बाद उन्होंने कहा कि एएमयू के साथ एक तथ्यान्वेषी दल से मामले की जांच कराकर परिसर में हुई 'पुलिस ज्यादती' के खिलाफ एक कानूनी वाद दाखिल किया जाएगा.

मंदर और सुप्रीम कोर्ट के कुछ वकीलों ने एएमयू परिसर का दौरा किया और बाद में यूनीवर्सिटी स्टाफ क्लब में विश्वविद्यालय के शिक्षकों से बातचीत में कहा कि उन्हें छात्रों पर पुलिस के जुल्म के बारे में पता चला है, जो बेहद चौंकाने वाला और हद से बढ़कर है. यह ठीक वैसे ही था जैसे कि इस हफ्ते के शुरू में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में देखा गया था.

मंदर और उनकी टीम ने परिसर के दौरे के दौरान अनेक छात्रों तथा शिक्षकों से बातचीत की. उन्होंने एएमयू बिरादरी को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का ऐलान किया. उन्होंने कहा 'हम एएमयू के साथ एक उच्चस्तरीय तथ्यान्वेषी जांच दल बनाएंगे जो परिसर में रविवार को हुई हिंसा की जांच करेगा और फिर पुलिस ज्यादती के खिलाफ एक कानूनी याचिका दाखिल करेगा.'



पूर्व आईएएस मंदर ने कहा कि हो सकता है कि एएमयू प्रशासन ने परिसर के वातावरण को देखते हुए पुलिस से मदद मांगी हो, मगर उनकी आपत्ति इस तथ्य पर केन्द्रित है कि पुलिस ने उसके लिये जरूरी प्रोटोकॉल को पूरी तरह हवा में उड़ा दिया और परिसर में अराजकता फैलायी. मंदर ने कहा कि उन्होंने खुद विधि संकाय के कई छात्रों से बात की है, जिनके शरीर पर पुलिसिया ज्यादती के निशान हैं.
मीडिया के सामने लाए गए एक छात्र ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने परिसर में ज्यादती की थी. रविवार की रात पुलिस उसे अकराबाद थाने ले गई, जहां पर उसे नग्न करके पीटा गया और फिर छोड़ दिया गया. रिहा होने के बाद डॉक्टरी जांच में उसे कई गम्भीर चोटें आने की बात सामने आई है. छात्र ने मंदर और उनकी टीम से कहा कि उसने यह बातें पहले इसलिए नहीं बताईं क्योंकि उसे जान का खतरा था.

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