मदरसों की फंडिंग को लेकर होनी चाहिए सघन जांच: मुस्लिम संघ विचारक

अलीगढ़ में मुस्लिम संगठनों के विचारक मौ आमिर रशीद ने केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि इन मदरसों की सघन जांच होनी चाहिए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 13, 2019, 11:18 PM IST
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Updated: July 13, 2019, 11:18 PM IST
बिजनौर के शेरकोट स्थित एक मदरसे से बरामद हुए असलाहों पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े मुस्लिम विचारक ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ये घटना बहुत ही शर्मनाक है. लगातार कट्टरपंथी वहाबी मुसलमानों की वजह से देश के राष्ट्रवादी मुसलमानों को परेशानी व शर्म का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि  देश भर में जहां-जहां भी वहाबी विचारधारा के मदरसे हैं, उनकी सघन चेकिंग कराई जाए. इनकी फंडिंग की भी जांच कराई जाए.

मदरसों की हो सघन जांच


अलीगढ़ में मुस्लिम संगठनों के विचारक मौ आमिर रशीद ने केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि इन मदरसों की सघन जांच होनी चाहिए. मुस्लिम संघ विचारक ने बिजनौर के शेरकोट स्थित मदरसे में मिले हथियारों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आजादी के बाद से हमारे देश में जो सूफिज्म की विचारधारा थी, वह अमन व शांति के रास्ते पर चल रही थी. मगर जब से सऊदी अरब की शह व फंडिंग पर वहाबी विचार को बढ़ावा मिला, तब से कट्टरपंथी मुसलमान देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने लगे हैं.

वहाबी विचारधारा से समाज में बढ़ रही है कटुता

वहाबी विचारधारा की वजह से ही कश्मीर, मेरठ या बिजनौर में ऐसे मदरसे संचालित किये जाने लगे हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की खबरों के आने से हमारे बहुसंख्यक हिन्दू भाइयों के दिल मे भी ठेस पहुंचती है. गौरतलब है कि हाल ही में गुड़गांव स्थित एक मदरसे में हाफिज सईद की फंडिंग से मदरसा संचालित किया जा रहा था. आज बड़े शर्म की बात है कि कुछ कठमुल्लों की वजह से सारी कहानी इस्लाम धर्म पर आकर रुक जाती है.

इस्लाम हो रहा है बदनाम
रशीद ने कहा कि इनकी वजह से ही इस्लाम बदनाम होता है. प्रत्येक वहाबी विचारधारा वाले मदरसों की जांच की जानी चाहिए. जहां से तमंचे निकल रहे हैं, वहां से आलिम बच्चे निकलेंगे या आतंकवादी! जिस प्रकार की घटनाएं लगातर सामने आ रही हैं,  अगर ये ऐसे ही चलता रहा तो देश का मुसलमान कहीं मुंह दिखाने के लायक भी नहीं रहेगा. (रिपोर्ट- प्रशांत कुमार)
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