केरल के गवर्नर से विवाद पर बोले इरफान हबीब- वो मुस्लिमों के बारे में कर रहे थे अनर्गल बातें
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केरल के गवर्नर से विवाद पर बोले इरफान हबीब- वो मुस्लिमों के बारे में कर रहे थे अनर्गल बातें
केरल के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान के साथ हुए विवाद में इतिहासकार इरफान हबीब ने सफाई दी है. (फाइल फोटो)

इतिहासकार इरफान हबीब (Irfan Habib) ने कहा कि आप अगर पूरी कम्युनिटी को गाली दें, तो कौन इसे सुन लेगा (बर्दाश्त करेगा). अबुल कलाम आजाद और गांधी जी (Gandhi Ji) ने कभी कोई ऐसी बात नहीं कही.

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अलीगढ़. इतिहासकार इरफान हबीब (Historian Irfan Habib) ने केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) के साथ हुए विवाद पर अपनी सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि ‘जब आरिफ मोहम्मद खान मंच पर गांधी जी और मौलाना आजाद को कोट (हवाला देकर) करते हुए मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक और अनर्गल बातें कर रहे थे. इस पर जब हम उनको रोकने के लिए गए तो उनके एडीसी और सिक्युरिटी अफसर ने हमें रोक लिया.’

क्या है पूरा मामला
दरअसल केरल (Kerala) के कन्नूर (Kannur) में बीते 20 दिसंबर को आयोजित भारतीय इतिहास कांग्रेस (IHC) के उद्घाटन भाषण के दौरान गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) को विरोध का सामना करना पड़ा था. इस दौरान कथित रूप से इतिहासकार इरफान हबीब के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की ओर हमले की नीयत से बढ़ने की बात कही गई थी. इरफान हबीब ने इसी संबंध में अपनी सफाई दी है.

'हमारे यहां यह बिल्कुल भी कायदा नहीं'
हबीब ने कहा कि ‘हमारे यहां यह बिल्कुल भी कायदा नहीं है कि पुलिसवाले मंच पर आ जाएं. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (वीसी) से भी कहा कि उनसे कहें कि वो इस तरह की बातों को खत्म करें और उसके बाद वह अबुल कलाम आजाद पर आ गए. साथ ही उन्होंने मुस्लिमों के बारे में भी कई आपत्तिजनक बातें कही.’



बीच में पुलिस ने मुझे रोकने की कोशिश की
इरफान हबीब ने कहा कि ‘फिर मैं उनके पास दोबारा गया और बीच में पुलिस ने मुझे रोकने की कोशिश की और उनको लगा कि मैं उन पर हमला कर रहा हूं. मैं सिर्फ उनसे यह कहने गया था कि आप इस तरह की बातें मत करिए, लेकिन वो फिर भी बोलते रहे. मैंने उनसे कहा कि आप गांधी जी (महात्मा गांधी) और आजाद के बारे में बात क्यों कर रहे हैं? आप गोडसे को कोट क्यों नहीं कर रहे हैं? इसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया. डेलीगेट खड़े हो गए और उनको सुनने से इनकार कर दिया.

पुलिस वालों ने चार डेलीगेट को पकड़ लिया
उन्होंने यह भी कहा कि, ‘इनके इशारे पर पुलिस वालों ने वहां चार डेलीगेट को पकड़ लिया उनमें से जवाहरलाल नेहरू (जेएनयू) की एक छात्रा भी थी. आप अगर पूरी कम्युनिटी को गाली दें, तो कौन इसे सुन लेगा (बर्दाश्त करेगा). अबुल कलाम आजाद और गांधी जी ने कभी कोई ऐसी बात नहीं कही.’

गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने कही थी ये बात
बता दें कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इरफान हबीब पर भाषण में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया था. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि इरफान ने उनसे मौलाना अब्दुल कलाम आजाद करने की जगह गोडसे का जिक्र करने को कहा. मंच पर हंगामे के बाद राज्यपाल ने नाराजगी में कहा था कि, 'मैं भाषण में किसको कोट करूं और किसको नहीं, यह तो मैं ही तय करूंगा. मौलाना आजाद किसी की संपत्ति नहीं हैं. यहां शोर मचाकर लोग मुझे चुप नहीं करा सकते हैं. मेरी बातों को भी आपको सुनना पड़ेगा.'



राज्यपाल के कार्यालय ने अपने बयान में यह कहा था 
केरल के राज्यपाल के कार्यालय ने इस संबंध में बयान जारी कर कहा था कि, 'राज्यपाल ने विपरीत विचारधारा के प्रति असहिष्णुता को अलोकतांत्रिक करार दिया है.' राज्यपाल ने इरफान हबीब पर अपने एडीसी और सुरक्षा अधिकारी को धक्का देने का आरोप लगाया. राज्यपाल ने कहा, 'हबीब ने संशोधित नागरिकता कानून पर कुछ सवाल उठाए थे. लेकिन जब मैंने उन मुद्दों पर अपनी राय रख रहा था तो वह मंच पर ही अपनी सीट से उठ खड़े हुए और शारीरिक तौर पर मुझे रोकने की कोशिश की. यह विडियो में से भी स्पष्ट है.'

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