56 साल बाद बनेगी अलीगढ़ और जेवर को जोड़ने वाली सड़क, 1965 में डाली गई थी सिर्फ मिट्टी

विधायक का कहना है कि इस सड़क का निर्माण 56 साल बाद हो रहा है.

विधायक का कहना है कि इस सड़क का निर्माण 56 साल बाद हो रहा है.

सड़क निर्माण का पैसा भी आ गया है और काम शुरू होने से पहले पूजा-पाठ भी हो गई है. अब अलीगढ़ (Aligarh) और गौतमबुद्ध नगर के तमाम गांवों के वाहन इस सड़क पर फर्राटा भर सकेंगे.

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नोएडा. कहावत है कि 14 साल बाद तो घूरे के दिन भी फिर जाते हैं, लेकिन गौतमबुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) की एक सड़क बनने में पूरे 56 साल लग गए. सड़क (Road) के इंतजार में दो पीढ़ियों की उम्र ढलान पर आ गई. लेकिन, आज इलाके में रहने वालों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. क्षेत्रीय विधायक (MLA) की कोशिशों के चलते क्या बच्चे और क्या बड़े सभी का सपना साकार हो रहा है. सड़क निर्माण का पैसा भी आ गया है और काम शुरू होने से पहले पूजा-पाठ भी हो गई है. अब अलीगढ़ और गौतमबुद्ध नगर के तमाम गांव के वाहन इस सड़क पर फर्राटा भर सकेंगे.

यह रास्ता चौरोली गांव को जेवर से जोड़ता है. इसी रास्ते से होकर अलीगढ़ के कई गांव भी जेवर से जुड़ते हैं, लेकिन रास्ता बेहद खराब है. विधायक धीरेन्द्र सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मेरे जन्म से एक साल पहले इस रास्ते पर सिर्फ मिट्टी डाली गई थी. उस वक्त इस मिट्टी की लागत 1800 रुपये आई थी.

हाल फिलहाल इस रास्ते पर ईंट का खड़ंजा बिछाकर काम चलाया जा रहा था, लेकिन आज इस रास्ते पर पक्की सड़क बनने जा रही है. सड़क की लागत 2 करोड़ 97 लाख रुपये है. उम्मीद है कि 3 महीने में यह सड़क बनकर तैयार हो जाएगी. यह सड़क कुल 5 किमी लम्बी होगी.

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मंगलवार को विधायक धीरेन्द्र सिंह ने गांव वालों की मोजूदगी में इस सड़क का शिलान्यस कराया.

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विधायक ने नहीं, गांव के बुजुर्गों ने किया शिलान्यस



मंगलवार को विधायक धीरेन्द्र सिंह की मौजूदगी में सड़क बनने से पहले उसका शिलान्यस किया गया. विधायक के बजाए गांव के बुजुर्गों से पूजा-पाठ कराई गई. नारियल फोड़ा गया. इसके बाद विधायक ने सभी का मुंह मीठा कराया. इस सड़क के बनने की शुरुआत से जितनी खुशी चौरोली गांव के लोगों को है, उतनी ही आसपास रहने वाले गांवों के लोगों को भी है. अब बारिश के दौरान भी उन्हें आने-जाने के लिए एक अच्छा रास्ता मिल जाएगा.

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