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Iran जैसे देशों से ज्यादा भारत में आजादी महसूस करती हैं मुस्लिम महिलाएं? देखें क्या कह रहा है अलीगढ़

भारत में हिजाब को लेकर अलग ढंग से प्रदर्शन हो चुके हैं और अब जबकि हिजाब के विरोध में ईरान में बड़ा आंदोलन चल रहा है, तब ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – वसीम अहमद

अलीगढ़. ईरान में हिजाब को लेकर पिछले करीब 20 दिनों से प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है और अब यह अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बनता जा रहा है. महिलाएं वहां हिजाब के खिलाफ लामबंद हो गई हैं. कोई अपने बाल काटकर विरोध जता रहा है तो कोई हिजाब उतार कर प्रदर्शन कर रहा है. प्रदर्शनकारी महिलाओं को बुरी तरह मारे पीटे जाने, यहां तक कि जान से मार डाले जाने तक की खबरें आ रही हैं. ऐसे में यह मुद्दा दुनिया के हर उस कोने में चर्चा का विषय है, जहां मुस्लिम समाज हिजाब की परंपरा का पालन कर रहा है. अलीगढ़ की महिलाओं ने इस मुद्दे पर बेबाक राय रखी है.

भारत में भी हिजाब को लेकर कई राज्यों में प्रदर्शन हुए थे. अलग-अलग मुद्दों और घटनाओं को लेकर देश में भी कभी-कभी हिजाब को लेकर आवाज़ उठती रहती है. समाज में कई तरह के विरोधाभास के साथ-साथ इस मुद्दे पर काफी बहस भी होती है. ऐसे में अलीगढ़ के मुस्लिम समाज की महिलाएं इसे ज़्यादातर निजी आज़ादी से जोड़कर ही देख रही हैं. देखिए कैसे सामने आ रहा है इन महिलाओं का मन.

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महिलाओं को अधिकार होना चाहिए

News18 Local से बात करते हुए अलीगढ़ जामिया उर्दू संस्थान में B.Ed विभाग मे टीचर बारिया खान ने कहा, देखिए मेरा मानना है कि हिजाब किसी भी इंसान की मॉडेस्टी और प्राइवेसी है. ऐसे में यह व्यक्ति पर ही निर्भर करता है कि वह पहने या नहीं. इस पर किसी का दवाब नहीं होना चाहिए. आप कंफर्टेबल हैं तो ठीक है. महिलाओं के साथ हिंसा करना गलत है. उन्होंने यह भी कहा अगर इस्लामिक कंट्री से तुलना करें तो इंडिया में इसको लेकर उतना विवाद नहीं है. यहां हम लोग फ्री हैं, कहीं भी जाते हैं. एक इस्लामिक कंट्री को भी यह सोचना चाहिए कि जब इंडिया में इतने मुस्लिम हैं, यहां ऐसा नहीं है तो वो खुद को इस्लामिक कंट्री कह रहे हैं और फिर भी हिजाब पर इतना बवाल है. ईरान की घटना से यहां की महिलाओं की आंखें खुलेंगी.

विरोध करना महिलाओं का भी राइट

News18 Local से बात करते हुए एक और टीचर, मुस्लिम स्काॅलर शाइस्ता वहाब ने भी बारिया की तरह की इसे पर्सनल मामला बताया. कहा उन्होंने कहा यदि ईरान की महिलाओं को लगता है कि उन्हें हिजाब नहीं पहनना है तो उनके साथ जो कोई भी हिंसा कर रहा है, वो गलत है. ईरान की तुलना में भारत में मुस्लिम महिलाओं को पूरी आज़ादी है. हमारा जब मन करता है तो हिजाब पहन लेती हैं, नहीं पहनना चाहती हैं तो नहीं भी पहनती हैं. किसी को कोई समस्या नहीं होती.

Tags: Aligarh news, Hijab controversy

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