अलीगढ़ में करंट से मौत मामले में NHRC ने यूपी सरकार को भेजा नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी के मुख्य सचिव से पूछा है कि इस घटना में मृतकों के परिवार को 3-3 लाख रुपए का मुआवजा क्यों नहीं दिया जाए? आयोग ने प्रदेश सरकार को मामले में चार हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 20, 2018, 6:28 PM IST
अलीगढ़ में करंट से मौत मामले में NHRC ने यूपी सरकार को भेजा नोटिस
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Updated: June 20, 2018, 6:28 PM IST
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अलीगढ़ में करंट से तीन लोगों की मौत मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है. नोटिस में आयोग ने कहा है कि इस घटना के लिए बिजली विभाग के अधिकारी और नगर निगम की लापरवाही का पता चला है. आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव से पूछा है कि इस घटना में मृतकों के परिवार को 3-3 लाख रुपए का मुआवजा क्यों नहीं दिया जाए? आयोग ने प्रदेश सरकार को मामले में चार हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा है.

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मामले में आयोग ने केस भी दर्ज कर लिया है. दरअसल 17 जुलाई 2016 को अलीगढ़ में गूलर रोड पर राकेश गुप्ता के घर में भारी बारिश के कारण पानी घुस गया. लोगों ने नगर निगम से पंप भेजकर पानी निकलवाने की गुजारिश की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस दौरान शिकायतकर्ता की पत्नी ने खुद पानी निकालने की कोशिश की तो वह पानी में उतरे करंट की चपेट में आग गई. यह करंट पास में लगे बिजली के खंभे से आया. इसके बाद उसका चिल्लाना सुनकर उसके बेटे ने उसे बचाने की कोशिश की तो वह भी चपेट में आ गया. इसी तरह उसकी बेटी भी चपेट में आ गई और तीनों की मौत हो गई.

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छत से शिकायतकर्ता ने जब घटना देखी तो फौरन पावर हाउस में बिजली सप्लाई रोकने के लिए पड़ोसियों को कहा. लोग फोन मिलाते रहे, लेकिन पावर हाउस में किसी बिजली कर्मचारी ने फोन नहीं उठाया.
घटना के एक घंटे बाद किसी तरह लोग पावर हाउस पहुंचे, जब हंगामा किया तब जाकर बिजली काटी गई. आयोग के अनुसार मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग, नगर निम की लापरवाही के कारण ही उसके परिवार के तीन सदस्यों की मौत हुई है.

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मामले में पुलिस ने बिजली विभाग और नगर निगम के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज कर ली है लेकिन अब दोनों विभागों के अधिकारी उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. आयोग के अनुसार मामले में जांच की गई तो शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई. यही नहीं मामले में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में अलीगढ़ के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट भी निराधार पाई गई. उन्होंने बिना किसी सबूत के बताने की कोशिश की है कि घर में करंट किसी घरेलू वस्तु के कारण उतरा और विभाग इसके लिए जिम्मेदार नहीं है. यह भी सही पाया गया कि न तो अधिकारियों ने वहां से पानी निकलवाया, न हीं समय रहते बिजली काटी.

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