सिरफिरे ने पीएम सचिव बनकर डीएम को दी ट्रांसफर की धमकी

नंबर ट्रैस किया गया तो ये नंबर नृपेंद्र मिश्रा पुत्र राम निरंजन मिश्रा निवासी, गांव तरसारा थाना इगलास का निकला. हांलाकि नृपेन्द्र मूल रूप से अमेठी निवासी है और यहां अलीगढ़ के पेट्रोल पम्प पर मैनेजर की नौकरी करता था.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 16, 2018, 3:20 PM IST
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Updated: February 16, 2018, 3:20 PM IST
अलीगढ़ में प्रमुख सचिव बनकर एक सिरफिरे ने डीएम को ही स्थानांतरण की धमकी दे डाली. डीएम ने सचिवालय में जब तस्दीक की तो सच्चाई सामने आ गई. सिरफिरे युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

आरोपी का कहना है कि उसने श्रम विभाग के अधिकारी का नंबर लेने के लिए फोन किया था. पुलिस के अनुसार अलीगढ़ के डीएम हृषिकेश भास्कर यशोद के सरकारी नंबर पर अनजान नंबर से कॉल आई. कॉलर ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा बताते हुए श्रम विभाग के अधिकारी का नंबर देने को कहा.

फिर सरकारी विभागों पर आरोप लगाने लगा और डीएम को स्थानांतरण कराने की बात तक कह डाली. डीएम ने प्रमुख सचिव कार्यालय से पुष्टि की तो पता चला कि इस नंबर से कोई कॉल नहीं की गई. फेक कॉल की बात सामने आने के बाद डीएम ने पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया.

नंबर ट्रैस किया गया तो ये नंबर नृपेंद्र मिश्रा पुत्र राम निरंजन मिश्रा निवासी, गांव तरसारा थाना इगलास का निकला. हांलाकि नृपेन्द्र मूल रूप से अमेठी निवासी है और यहां अलीगढ़ के पेट्रोल पम्प पर मैनेजर की नौकरी करता था.पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार कर मोबाइल जब्त कर लिया.

डीएम के शिकायत पत्र पर धारा- 170, 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. थाना प्रभारी इगलास अरविंद कुमार राठी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया. पुलिस के अनुसार प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सर्विलांस टीम को छानबीन में लगाया गया था. कॉलर का मोबाइल नंबर ट्रैस किया गया. वहीं नृपेन्द्र के पड़ोसियों का कहना है कि छह सात साल से इलाके में रह रहा था. पड़ोसियों ने बताया कि नशा करते थे और नशे में ही ऐसा काम किया होगा.
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