अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को एक ही समुदाय से जोड़कर न देखें: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश से अधिक लगाव होने के चलते जब भी किसी कार्यक्रम के लिए आमंत्रण मिलता है, वह उसे स्वीकार लेते हैं.

News18Hindi
Updated: March 7, 2018, 6:14 PM IST
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को एक ही समुदाय से जोड़कर न देखें: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद.
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Updated: March 7, 2018, 6:14 PM IST
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि एएमयू को एक ही समुदाय से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है. इसकी स्थापना के लिए आर्थिक सहायता बनारस के महाराजा ने भी दी थी. दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति 5381 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दीं. इनमें 2891 स्नातक, 2094 स्नाकोत्तर, 25 एमफिल और 371 पीएचडी के छात्र-छात्राएं शामिल हैं.

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश से अधिक लगाव होने के चलते जब भी किसी कार्यक्रम के लिए आमंत्रण मिलता है, वह उसे स्वीकार लेते हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक भारत के साथ-साथ दक्षिण-एशिया और दुनिया के अन्य क्षेत्रों में अपने विद्यार्थियों के योगदान के लिए मशहूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. यह यूनिवर्सिटी देश के विकास में अपनी खास भूमिका निभाती रही है.

उन्होंने कहा कि एएमयू देश के विकास में अपनी खास भूमिका निभाती रही है. 2020 में अपने सौ साल पूरे करने जा रही है. एएमयू के लिए आर्थिक सहायता देने वालों में बनारस के महाराजा भी शामिल थे. ऐसे महत्वपूर्ण संस्थानों को किसी समुदाय से जोड़कर देखने की आवश्यकता नहीं है. भारत-रत्न से अलंकृत ख़ान अब्दुल गफ्फार ख़ान इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे. डॉक्टर यूसुफ मोहम्मद दादू दक्षिण अफ्रीका की आज़ादी की लड़ाई में पहली कतार के सेनानियों में थे. डाक्टर ज़ाकिर हुसैन ने यहां शिक्षा प्राप्त की और यहां वाइस चान्सलर भी रहे.

राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम का जीवन हर भारतवासी को प्रेरणा देता है. उन्हें बहुत खुशी होती है कि आज के नौजवान, उनको एक आदर्श के रूप में देखते हैं.  राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि एएमयू में लगभग 37 प्रतिशत तादाद लड़कियों की है. इस साल कुल पदक विजेताओं में आधे से अधिक लड़कियां हैं. ऐसी बेटियों की तरक्की में भविष्य के विकसित भारत की झलक दिखाई देती है. इन बेटियों की आवाज बदलाव की आवाज है, जिसे क्लासरूम और यूनिवर्सिटी के बाहर भी पूरा महत्व मिलना चाहिए.

इस्मत चुगताई और मुमताज़ जहान जैसी महिलाओं ने भारतीय समाज और एएमयू की शान में इजाफा किया है. अमरोहा के एक साधारण परिवार की बेटी खुशबू मिर्ज़ा ने चंद्रयान मिशन में अहम भूमिका निभाई है. खुशबू जैसी बेटियों ने ‘चिलमन से चांद’ तक के सफर को शानदार अंजाम दिया है.

इस दौरान राष्ट्रपति ने समारोह में साठ साल पुरानी ड्रेस पहनने पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह ड्रेस देश के प्रसिद्ध लोगों ने पहनी है. राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी की लड़ाई में निरर्थक परंपराओं को समाप्त करने पर भी काम हो रहा था. उसी दौर में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, दिल्ली यूनिवर्सिटी सहित कई शिक्षा संस्थाओं की स्थापना की गई. देश के विकास में एएमयू की अहम भूमिका है. 2020 में ये विश्वविद्यालय 100 वां स्थापना दिवस मनाएगा.
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