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ऋग्वेद भी Hinduism के खिलाफ, सरकार को चाहिए कमीशन बैठा दे: इरफान हबीब
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News18 Uttar Pradesh
Updated: January 4, 2020, 11:22 AM IST
ऋग्वेद भी Hinduism के खिलाफ, सरकार को चाहिए कमीशन बैठा दे: इरफान हबीब
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर इरफान हबीब ने फैज मुद्दे पर बयान दिया है.

आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में फैज अहमद फैज (Faiz Ahmad Faiz) की कविता 'हम देखेंगे' को लेकर उठे सवाल पर हबीब (Irfan Habib) ने कहा कि अब कविता भी नहीं लिख सकते. सरकार को चाहिए कि ऋग्वेद पर भी कमीशन बैठा दे

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अलीगढ़. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में इतिहास विभाग में प्रोफेसर एमिरेट्स (Professor Emeritus) इरफान हबीब (Irfan Habib) ने केरल के कुन्नूर विश्वविद्यालय की घटना सहित हाल के तमाम मुद्दों पर अपनी राय रखी है. इरफान हबीब ने बताया कि हिस्ट्री कांग्रेस कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को हमने नहीं बुलाया था. उन्होंने बताया कि कुन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति ने चांसलर होने के नाते इतिहासकारों का वेलकम करने के लिए राज्यपाल को बुलाया था और राज्यपाल महोदय ने अपना अभिभाषण आखिर में रखवाया था.

प्रो. इरफान हबीब ने आरोप लगाया कि हिस्ट्री कांग्रेस के आयोजकों को इस दौरान रोका गया, जो इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस कायदे के खिलाफ था. उन्होंने कहा कि हिस्ट्री कांग्रेस के आयोजक हम हैं तो कार्यक्रम भी हमारे कायदों से ही होना था. उन्होंने कहा कि गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान को इतिहासकारों का स्वागत करना था लेकिन उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की चर्चा छेड़ दी. वो महात्मा गांधी, मौलाना आजाद और मुसलमानों के बारे में गलत बयानबाजी करने लगे.

हबीब ने कहा कि जब वो (आरिफ मोहम्मद खान) इसे लेकर बात करने लगे तब मैंने कोशिश की कि इन मुद्दों को छोड़कर इतिहासकारों का स्वागत करें. उन्होंने बताया कि पुलिसवालों ने हमें रोका लेकिन मैं मंच पर गया और कहा कि जो बातें मौलाना आजाद के जरिए कह रहे हैं वो गोडसे को कोट कर के कहें. इस दौरान राज्यपाल के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हिस्ट्री कांग्रेस के चार आयोजकों को भी हिरासत में ले लिया था. इरफान हबीब ने सीधे सपाट शब्दों में कहा कि अगर राज्यपाल बदतमीजी की बात करेंगे तो रोके जाएंगे.



प्रोफेसर एमिरेट्स ही नहीं पद्मभूषण पुरस्कार भी ले लें वापस



इस वाकये के बाद से इतिहासकार इरफान हबीब को मिले एमेरिट्स प्रोफेसर का रुतबा वापस लेने की मांग उठ रही है. अलीगढ़ में बीजेपी सांसद सतीश गौतम और हिंदूवादी संगठनों ने केंद्र सरकार को इस संबंध में पत्र लिखा है. इस पर प्रोफेसर इरफान हबीब ने कहा कि वो प्रोफेसर एमिरेट्स ही नहीं पद्मभूषण का भी अवार्ड वापस सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर मैं बहुत ही बुरा लग रहा हूं तो प्रोफेसर एमेरिट्स और पद्मभूषण वापस ले लें.

सरकार को चाहिए कि ऋग्वेद पर भी कमीशन बैठा दें

वहीं आईआईटी कानपुर में फैज अहमद फैज की कविता 'हम देखेंगे' को लेकर उठे सवाल पर हबीब ने कहा कि अब कविता भी नहीं लिख सकते. सरकार को चाहिए कि ऋग्वेद पर भी कमीशन बैठा दे. उन्होंने कहा कि ऋग्वेद में भी कहा गया है कि ईश्वर को नहीं मालूम कि ईश्वर से पहले क्या था? ऋग्वेद भी हिंदुइज्म के खिलाफ है. उस पर भी सरकार को जांच बिठा देनी चाहिए. इरफान हबीब ने कहा कि इस तरह की बेवकूफी का कोई इलाज नहीं है.

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First published: January 4, 2020, 10:31 AM IST
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