एसिड पीड़िता की दास्तान कहती 'छपाक' अलीगढ़ में नहीं हुई रिलीज, फिल्म के समर्थन में उतरे सपाई

फिल्म 'छपाक' के समर्थन में उतरे सपाई
फिल्म 'छपाक' के समर्थन में उतरे सपाई

फिल्म के समर्थन में समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता अलीगढ़ के मीनाक्षी टॉकीज में फिल्म 'छपाक' (Movie 'Chhapak') देखने पहुंचे, लेकिन पिक्चर हॉल में फिल्म 'छपाक' नहीं लगने से नाराज लोगों ने पिक्चर हॉल पर ही विरोध प्रदर्शन (Protest) शुरू कर दिया वहीं पुलिस का कहना है कि सिनेमाघर चाहें तो फिल्म चला सकते हैं....

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अलीगढ़. जेएनयू (JNU) में छात्रों के बीच हुए विवाद को लेकर हो रही राजनीति रुकने का नाम नहीं ले रही है और इसी विवाद के चलते दीपिका पादुकोण (Dipika Padukone) अभिनीत एसिड पीड़िता (Acid Victim) पर आधारित फिल्म 'छपाक' (Chhapaak) को रिलीज होते ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल JNU में छात्रों के साथ हुई हिंसा के बाद दीपिका ने वहां जाकर पीड़ित छात्रों से मुलाक़ात की थी और उनके साथ एकजुटता दिखाई थी उसी के बाद से वो हिंदूवादी संगठनों और ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई थीं.

फिल्म देखने से पहले बीमा कराने की धमकी
अलीगढ़ में दीपिका पादुकोण की फिल्म 'छपाक' हिंदूवादी संगठनों की चेतावनी के बाद सिनेमाघर में नहीं लग सकी. अलीगढ़ में सिनेमाघरों के बाहर अखण्ड भारत हिंदू सेना (Akhand Bharat Hindu Sena) ने अपने पोस्टर (Poster) लगाकर फिल्म देखने वालों को पहले बीमा कराने की चेतावनी दी है. बताते चलें कि दीपिका पादुकोण अभी कुछ दिन पहले ही जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में विश्वविद्यालय गई थीं, जिसके चलते कई संगठनों ने उनकी फिल्म के बहिष्कार की बात कही थी.

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एसिड अटैक सर्वाइवर्स पर बनी फिल्म 'छपाक'का पोस्टर

अलीगढ़ में फिल्म 'छपाक' के हिंदूवादी संगठनों द्वारा विरोध के चलते सिनेमाघरों पर काफी बड़ी तादात में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है. वहीं इस फिल्म के समर्थन में समाजवादी छात्रसभा के महिला व पुरुष पदाधिकारी अलीगढ़ के मीनाक्षी टॉकीज में फिल्म 'छपाक' देखने पहुंचे, लेकिन पिक्चर हॉल में फिल्म छपाक नहीं लगने से नाराज समाजवादी छात्रसभा के पदाधिकारियों ने पिक्चर हॉल पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. सिनेमाघर के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी उनकी नोकझोंक हुई, लेकिन किसी तरह समझा बुझाकर पुलिस ने मामला शान्त करा दिया.



समाजवादी छात्रसभा के पदाधिकारियों का कहना है कि एक तरफ जहां सरकार 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का नारा देती है, तो वहीं दूसरी तरफ एसिड पीड़ितों के साथ हुई घटनाओं पर फिल्माई गई फिल्म 'छपाक' को विरोध के चलते सिनेमाघरों में नहीं लगाया गया है यह बहुत ही सोचनीय विषय है. दरअसल फिल्म 'छपाक' की शहर के कई सिनेमाघरों में रिलीजिंग होनी थी, लेकिन विरोध के चलते सिनेमाघर स्वामियों ने पिक्चर को पर्दे पर नहीं चलाया. सीओ सिविल लाइन अनिल समानिया ने बताया कि सिनेमाघर चाहें तो फिल्म चला सकते हैं. विरोध के चलते किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है.

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