लैपटॉप में सिमट गया अलीगढ़ को 'स्मार्ट सिटी' बनाने का सपना, ये रही वजह
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लैपटॉप में सिमट गया अलीगढ़ को 'स्मार्ट सिटी' बनाने का सपना, ये रही वजह
लैपटॉप में सिमट गया अलीगढ़ को 'स्मार्ट सिटी' बनाने का सपना

आपको बता दें शहर की प्रमुख मार्केट अमीर निशां सहित दर्जनों स्थानों पर नगर निगम की टीम ने जिला प्रशासन के निर्देश के बाद बड़े पैमाने पर स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को ध्वस्त किया था.

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अलीगढ़. अलीगढ़ (Aligarh) जिला प्रशासन और नगर निगम (Nagar Nigam) की बड़ी लापरवाही से शहरवासी खासे परेशान हो चुके हैं. दरअसल अतिक्रमण हटाने के नाम पर शहर की मुख्य मार्केट को ध्वस्त कर बंजर बना दिया गया था, जो एक वर्ष बाद भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ खासा आक्रोश व्याप्त है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी की अलीगढ़ जिला प्रशासन और नगर निगम जमकर धज्जियां उड़ा रहा है. आपको बता दें शहर की प्रमुख मार्केट अमीर निशां सहित दर्जनों स्थानों पर नगर निगम की टीम ने जिला प्रशासन के निर्देश के बाद बड़े पैमाने पर स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को ध्वस्त किया था. शहर में महाबली गरजने से करोड़ों रुपए के कीमती मकान औऱ दुकान सब पलक झपकते ही धराशाई हो गये थे.

और यह सब किया जा रहा था स्मार्ट सिटी बनाने के लिए. लेकिन नगर निगम की टीम ने इस प्रोजेक्ट पर 1 वर्ष बाद कोई संज्ञान नहीं लिया है. शहर में चारों तरफ नालियां चोक पड़ी है. सड़क उखड़ी पड़ीं है, कूड़े के जगह-जगह अंबार लगे हैं, और मकान और दुकानों का मलबा आज भी सड़कों पर बिखरा हुआ है. आपको बता दें यह अभियान शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए भी चलाया गया था, लेकिन स्थिति आज भी जस के तस बनी हुई है.



जाम की समस्या से कोई निजात नहीं मिल पाई है, स्थानीय लोगों की अगर मानें तो जिला प्रशासन और नगर निगम की मिलीभगत के चलते उन्हें करोड़ों रुपए की हानि का सामना करना पड़ा है, और सरकार ने उन्हें कोई मुआवजा भी नहीं दिया है. आज हालात यह हो गए हैं कि दो वक्त की रोटी भी उन्हें नसीब नहीं हो पा रही है. मामले में नगर निगम व जिला प्रशासन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की मनमानी के चलते अलीगढ़ का प्रमुख मार्केट ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन अभी तक नगर आयुक्त के लैपटॉप से स्मार्ट सिटी बाहर नहीं निकली है.
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