अलीगढ़: सेल्फ डिफेंस के लिए युवतियों को दी जा रही 'तलवार' चलाने की ट्रेनिंग

इस शिविर में ब्रजप्रान्त, मेरठ प्रान्त एवं उत्तराखंड प्रान्त से युवतियां हिस्सा ले रही हैं. इस शिविर में युवतियों को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है

Alok singh | News18 Uttar Pradesh
Updated: June 18, 2018, 1:17 PM IST
अलीगढ़: सेल्फ डिफेंस के लिए युवतियों को दी जा रही 'तलवार' चलाने की ट्रेनिंग
तलवारबाजी की ट्रेनिंग लेती लड़कियों की फोटो
Alok singh | News18 Uttar Pradesh
Updated: June 18, 2018, 1:17 PM IST
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भी स्कूल की छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के तरीके बताए जा रहे हैं. राष्ट्र सेविका समिति के बैनर तले गोंडा मोड़ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रही शाखा में युवतियों एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के साथ संस्कार भी दिए जा रहे हैं.

ये ट्रेनिंग कैंप 18 दिन तक चलेगी. कैंप में छात्राओं को उन पर होने वाले हमलों से बचाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है. आत्मरक्षा के लिए छात्राओं को तरह-तरह के हथियारों के इस्तेमाल करने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है. इस शिविर में ब्रजप्रान्त, मेरठ प्रान्त एवं उत्तराखंड प्रान्त से युवतियां हिस्सा ले रही हैं. इस शिविर में युवतियों को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके साथ ही युवतियां राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की प्रेरणा भी ले रही हैं.

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छात्राओं के हथियार चलाने का वीडियो भी सामने आया है जिसमें वो बड़ी ही निडरता से तलवार चलाती नजर आ रही हैं. ट्रेनिंग कैंप में छात्राओं को ना सिर्फ शारीरिक तौर पर मजबूत बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है. जिससे किसी भी हालात में छात्राएं अपने मानसिक संतुलन को नियंत्रण में रखकर सकारात्मक फैसले लेने और सही कदम उठाने में सक्षम रहें.




इस दौरान शिविर में युवतियों को आत्मरक्षा के लिए जुडो-कराटे, लाठी और तलवार आदि चलाना भी सिखाया जा रहा है. शिविर में 11 दिनों में सीखे गए आत्मरक्षा के तरीकों का आज प्रदर्शन किया गया.

इससे पहले, विश्व हिन्दू परिषद ने आगरा में कैंप लगा कर महिलाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी थी. संगठन की ईकाई 'दुर्गा वाहिनी' के इस कैंप में काफी महिलाओं ने हिस्सा लिया था और हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी. यहां महिलाओं के रायफल के अलावा लाठी चलाना भी सिखाया गया था.

 
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