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जानिए अलीगढ़ के सबसे ऊंचे श्री वार्ष्णेय मंदिर का इतिहास

जानिए अलीगढ़ के सबसे ऊंचे श्री वार्ष्णेय मंदिर का इतिहास

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अलीगढ़ के सबसे ऊंचे श्री वार्ष्णेय मंदिर में प्राण–प्रतिष्ठा का आयोजन जगद्गुरु शंकराचार्य के निर्देशानुसार नरवर के प्रमुख आचार्य?

    अलीगढ़ के सबसे ऊंचे श्री वार्ष्णेय मंदिर में प्राण–प्रतिष्ठा का आयोजन जगद्गुरु शंकराचार्य के निर्देशानुसार नरवर के प्रमुख आचार्यों द्वारा विधि विधान से शुभ तिथि चैत्र शुक्ल श्रीराम नवमी 12 अप्रैल 2000 को प्रातः काल विद्या विनायक श्री गणेश जी की पूजा अर्चना एवं कलश पूजन से प्रारंभ हुआ था. मंदिर के विशाल एवं भव्य द्वार के शीश पर विराजमान श्री अक्रूर जी महाराज की प्रतिमा अलौकिक आनंद की अनुभूति कराने वाली बनाई गई है.

    श्री वार्ष्णेय मंदिर को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 100 प्रसिद्ध पर्यटक केंद्रों में शामिल किया गया है, मंदिर स्थापना दिवस (पाटोत्सव), श्री कृष्ण जन्माष्टमी, नंदोत्सव, दीपावली, अन्नकूट, बसंत पंचमी और होली जैसे महापर्व विशेष रूप में बड़े ही धूमधाम और भव्यता से मनाए जाते हैं, मंदिर परिसर में वृंदावन की प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन भी बहुत धूमधाम से किया जाता है.

    श्री वार्ष्णेय मंदिर की ऊंचाई 90 फिट है और इस मंदिर को अलीगढ़ का सबसे ऊंचा मंदिर कहा जाता है, इस मंदिर को 21 वर्ष पूर्व बनाया गया था.यहां श्रद्धालु दूर-दूर से अपनी मनोकामना लेकर आते हैं और भगवान श्री लक्ष्मी नारायण और श्री कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. श्री वार्ष्णेय मंदिर में गणेश पूजा महोत्सव भी बहुत धूमधाम से मनाया जाता है.श्री गणेश मूर्ति की स्थापना के साथ इस कार्यक्रम का रंगारंग शुभारंभ किया जाता है श्री गणेश विसर्जन वार्ष्णेय मंदिर में पूजन के साथ प्रारंभ होता है प्रत्येक वर्ष श्रवण मास को श्री वार्ष्णेय मंदिर जबरदस्त धूमधाम से सजाया जाता है.

    Tags: Aligarh news

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