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योगी सरकार को बदनाम करने के लिए की गई अलीगढ़ में साधुओं की हत्या!

एसएसपी ने बताया कि साधुओं को साबिर अली ने इसलिए टारगेट बनाया क्योंकि योगी सरकार में साधुओं के मामले में पुलिस ज्यादा संवेदनशील है.

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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में साधुओं की हो रही हत्याओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसमें मुख्य आरोपी एटा का पूर्व सभासद साबिर अली है, जो अपने ऊपर चल रहे केस के गवाहों को फंसाना चाहता था. इस साजिश के तहत मर्डर केस में फंसे साबिर अली अपने गवाहों को सबक सिखाने के साथ ही साधुओं की हत्या कर योगी सरकार को बदनाम भी करना चाहता था.

एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के एकांत में रहने वाले साधुओं को टारगेट किया जा रहा था. एक महीने में तीन साधुओं सहित छह लोगों की हत्या हुई थी. हत्याओं का मास्टर माइंड एटा का सभासद साबिर अली उर्फ दिनेश प्रताप सिंह निकला. साबिर अली को बेटे और उसके साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है. इनके कब्जे से पुलिस ने 4 पिस्टल, 12 कारतूस, खून से सनी चादर, मोबाइल फोन आदि बरामद किया है. हत्याकांड में जो मोबाइल इस्तेमाल हुए, उन्हें भी पुलिस ने बरामद कर लिया है.

हत्या कर छोड़ते थे मोबाइल नंबर लिखी पर्ची
एसएसपी के मुताबिक, साबिर अली का गिरोह जो भी हत्या करता था, वहां एक पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर डाल देता था. जिससे साबिर के खिलाफ मर्डर केस में गवाही देने वालों को फंसाया जा सके. ऐसी जानकारी मिली है कि गैंग के सरगना साबिर अली ने अपने फायदे के लिए धर्मांतरण किया था. एसएसपी साहनी के मुताबिक, पश्चिमी यूपी के लिए साधुओं की हत्या होना बड़ी घटना थी. इस मामले में डीजीपी की निगाह थी. इस मामले में तीन आरोपी मुस्तकीम, नौशाद और अफसर फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया है. इन लोगों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जा रही है.
गवाहों को फंसाने के लिए छोड़ते थे एक पर्ची


दरअसल गवाहों को फंसाने के लिए साबिर अली कत्ल कराने वालों से एक पर्ची छोड़ने को कहता था. साबिर अली की दुश्मनी एटा के मुफ्ती साहब से थी. एटा में साबिर अली ने दो अप्रैल 2016 में जमीन के विवाद में मुफ्ती की हत्या करवाई थी और मुफ्ती का बेटा शोएब पूरे मामले की पैरवी कर रहा था. शोएब के साथ हाजी केशर, जान मोहम्मद, काले को फंसाने के लिए साबिर ने साधुओं की हत्याओं का खेल खेला. साधुओं की जहां हत्या की जाती थी, वहां शोएब और गवाहों के नाम व मोबाइल नंबर लिखकर पर्चियां छोड़ दी जाती थीं. इतना ही नहीं उन नंबरों से फोन भी किया जाता था. जिससे पुलिस इन गवाहों को हत्या के मामले में गिरफ्तार करें.

योगी सरकार को बदनाम करना चाहता आरोपी
एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि हरदुआगंज में पिछले दिनों हुई साधुओं की हत्या में यही गैंग था. साबिर अली अपने ऊपर हत्या के मामलों में गवाहों को सबक सिखाना चाहता था. इसके साथ ही साबिर योगी सरकार को भी बदनाम करना चाहता था. इसके लिए उसने साधुओं की हत्या करवाई. एसएसपी ने बताया कि साधुओं को साबिर अली ने इसलिए टारगेट बनाया क्योंकि योगी सरकार में साधुओं के मामले में पुलिस ज्यादा संवेदनशील है. इसके पीछे योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश थी, ऐसा पूछताछ में सामने आया है. अलीगढ़ में छह हत्या हो चुकी हैं, जिसमें तीन साधु थे, बाकी ग्रामीण. (रिपोर्ट- आलोक सिंह)
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