खेद प्रकट करने और अपनी बात वापस लेने के सिवाय आजम खान के सामने क्या कोई विकल्प है?

पार्टी लाइन से हट कर ज्यादातर महिला सांसदों ने समाजवादी पार्टी सांसद आजम खान की निंदा की, स्पीकर से कार्रवाई करने की मांग की, गुरुवार को सदन से चले जाने को भी गलत बताया

RajKumar Pandey | News18Hindi
Updated: July 26, 2019, 1:39 PM IST
खेद प्रकट करने और अपनी बात वापस लेने के सिवाय आजम खान के सामने क्या कोई विकल्प है?
ज्यादातर महिला सांसदों ने आजम खान पर कड़ी कार्यवाही की मांग की
RajKumar Pandey | News18Hindi
Updated: July 26, 2019, 1:39 PM IST
समाजवादी पार्टी सांसद आजम खान की समस्याएं कम होती नहीं नजर आती हैं. खासतौर से महिला सांसदों ने आज सदन में जिस तरह का रूख अख्तियार कर रखा है उसे देख कर लगता नहीं है कि आजम खान को वे ऐसे ही छोड़ने वाली हैं. बीजेपी सदस्यों के साथ अन्य पार्टियों की महिला सांसदों ने भी आजम खान के बयान की कड़ी निंदा की. आम तौर पर सत्तापक्ष के विरोध में रहने वाली टीएमसी की सांसद मिमी चक्रवर्ती भी महिला सांसद के अपमान के विरोध में बोलीं और इस तरह से सत्तापक्ष के साथ खड़ी दिखीं. आज आजम खान की सदन में पीठासीन स्पीकर रीमा देवी के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर चर्चा चल रही थी.

पहले की टिप्पणियों का भी जिक्र
आजम खान को लेकर दिक्कत ये है कि पहले भी उनकी टिप्पणियां विवादास्पद रही हैं. शुक्रवार को भी सदन में कहा गया कि आजम खान सदन के बाहर भी महिलाओं का अपमान करते रहे हैं. सदस्यों का संकेत जया प्रदा पर की गई टिप्पणियों की तरफ था. बीजेपी के एक सांसद का कहना था कि कल आजम खान ने जो शेर पढ़ा वो भी अपमानजनक था. उन्होंने कहा, “पहले भी आजम खान दो अर्थी शेर पढ़ते रहे हैं.” उन्होंने ये कहा – “मैंने साहित्यकारों से भी पूछा ये शेर अपमानजक था.”

कांग्रेस ने अपना मुद्दा उठाने की नाकाम कोशिश की

हालांकि कांग्रेस ने आजम खान के बहाने पार्टी नेता सोनिया गांधी के विरुद्ध की गई टिप्पणियों खास तौर से इटली मूल की होने को लेकर कही गई बातों का जिक्र करने की कोशिश की लेकिन सत्ता पक्ष ने कांग्रेस को मौका नहीं दिया. सदस्यों की मांग थी कि आजम खान के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए जो नजीर बन सके.

नजीर बनने वाली कार्रवाई की मांग
सदस्यों ने ये मुद्दा भी उठाया कि जब गुरुवार को स्पीकर ओम बिरला ने अपने कहे पर आजम खान से खेद प्रकट करने को कहा तो उन्होंने सदन का बहिष्कार करके और अनुचित आचरण किया. सदस्यों में से ज्यादातर ने स्पीकर को इस बात के लिए अधिकृत किया कि वो आजम खान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें. यहां ये समझना भी जरूरी है कि सदन के बहुमत के साथ स्पीकर को कोई भी कार्रवाई करने का अधिकार है. इसमें किसी सदस्य को निलंबित करने जैसे भी अधिकार शामिल है. इस लिहाज से आजम खान के सामने फिलहाल यही विकल्प है कि वह माफी मांग कर अपनी बात वापस ले लें. सांसदों ने आजम खान पर रूल 316 बी के तहत कार्रवाई की मांग की. चूंकि अभी संसद की एथिक्स कमेटी का गठन नहीं किया गया है लिहाजा अभी कार्रवाई का अधिकार स्पीकर के पास है. स्पीकर ओम बिरला ने सभी पार्टियों के नेताओं से इस विषय में बातचीत कर निर्णय लेने की बात कह कर फिलहाल भोजनावकाश के लिए सदन को स्थगित कर दिया है, लेकिन ये मामला ऐसे ही थमने वाला नहीं दिख रहा है.
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First published: July 26, 2019, 1:11 PM IST
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