MP से लाए गए 1200 मजदूरों का प्रयागराज कलेक्शन सेंटर में हाल देख उठे सवाल, डीएम ने दी सफाई
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MP से लाए गए 1200 मजदूरों का प्रयागराज कलेक्शन सेंटर में हाल देख उठे सवाल, डीएम ने दी सफाई
मध्य प्रदेश से लाए गए मजदूरों का प्रयागराज के कलेक्शन सेंटर में ये हाल दिखा.

प्रयागराज (Prayagraj) के सीएवी इंटर कालेज में बनाये गए कलेक्शन सेंटर में मजदूरों के बिस्किट और केले लेने की होड़ मच गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डीएम प्रयागराज भानु चन्द्र गोस्वामी ने सफाई दी है.

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प्रयागराज. एक मई का दिन हर साल समूची दुनिया में मज़दूर दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन मज़दूर अपने हक़ के लिए सड़कों पर उतरकर आवाज़ बुलंद करते हैं. लेकिन कोरोना (COVID-19) संकट की वजह से इस बार मजदूर दिवस के दिन उन्हें हक़ नहीं बल्कि ज़िंदगी बचाने और दो वक्त की रोटी पाकर पेट भरने की बड़ी समस्या से जूझना पड़ रहा है. मजदूर दिवस के मौके पर प्रयागराज (Prayagraj) में मजदूरों को उनके घर वापस भेजने के लिए बनाए गए कलेक्शन सेंटर (Collection Centre) पर जो तस्वीर सामने आयी है, वो व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं.

सीएवी इंटर कॉलेज में भूखे-प्यासे मजदूर

दरअसल मध्य प्रदेश से 39 बसों से लाये गए लगभग 1200 मजदूरों को सीएवी इंटर कालेज में उन्हें भूखे-प्यासे ही रखा गया है. पिछले कई घंटे से भूखे-प्यासे मजदूरों के लिए जब बिस्किट और केला प्रशासन की ओर से मंगाया गया तो उसे पाने के लिए मजदूरों में होड़ सी मच गई. भूखे-प्यासे मजदूर पार्क के अंदर से ही बिस्किट और केला पाने के लिए टूट पड़े. इस दौरान उन्हें सोशल डिस्‍टेंसिंग का भी कोई ध्यान नहीं रहा. वहीं मौके पर मौजूद अधिकारी भी इस अव्यवस्था को दूर करने के बजाय दूर खड़े होकर मातहतों को निर्देश देने में लगे रहे.



गौरतलब है कि केंद्र और प्रदेश की सरकार ने लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को उनके घर वापस भेजे जाने की कवायद तो शुरू कर दी है, लेकिन जिलों का सरकारी अमला सीएम के निर्देशों को लेकर लापरवाह ही बना हुआ है. मजदूर दिवस के दिन भी मजदूरों को न सिर्फ भूखा रखा गया, बल्कि उनके साथ डांट- फटकार का रवैया अख्तियार करते हुए उनके साथ बदसलूकी भी गई.
प्रयागराज में 30 जिलों के लिए बना है मजदूरों का कलेक्शन सेंटर 

संगम नगरी प्रयागराज में भी हालात कमोवेश ऐसे ही हैं. इस जिले को पूर्वी उत्तर प्रदेश के 30 जिलों के लिए मजदूरों का कलेक्शन सेंटर बनाया गया है. दूसरे राज्यों से आए मजदूरों को यहीं से अलग-अलग जिलों में भेजा जा रहा है, जबकि यूपी में फंसे मजदूरों को यहीं से उनके राज्यों में भेजा जा रहा है.

सेंटर्स में कोई सुनने वाला नहीं

मध्य प्रदेश से प्रयागराज लाये गए मजदूरों को कई स्कूल-कॉलेजों में रखा जा रहा है. लेकिन यहां के हालात बद से बदतर नज़र आ रहे हैं. आज मजदूरों को आधा दिन बीतने तक चाय भी नहीं नसीब हुई. उनके लिए पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है. तमाम मजदूर खुले आसमान के नीचे एक दूसरे से सटकर बैठे हुए हैं. सोशल डिस्टेंसिंग कहीं दूर-दूर तक नज़र नहीं आ रही है. सेंटर्स पर साफ़-सफाई के कोई इंतजाम नज़र नहीं आ रहे हैं. आधा दिन बीतने तक इन मजदूरों की जांच के लिए कोई मेडिकल टीम नहीं पहुंची. मजदूर भूख से तड़प रहे हैं, लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं है.

शहर के सीएवी इंटर कालेज में मौजूद एडीएम रैंक के अफसर भी व्यवस्था के आगे बेबस नजर रहे हैं. प्रयागराज का सरकारी अमला लगातार बेपरवाह और लापरवाह नज़र बना हुआ है. दो दिनों पहले सड़कोंं पर उतरे छात्रों को बसों से भेजे जाने के वक्त भी यहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नज़र आई थीं.

वीडिया हुआ वायरल तो डीएम ने दी ये सफाई

प्रयागराज के सीएवी इंटर कालेज में बनाये गए कलेक्शन सेंटर में मजदूरों के बिस्किट और केले लेने की होड़ मच गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डीएम प्रयागराज भानु चन्द्र गोस्वामी ने सफाई दी है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि ये क्‍वारंटाइन सेंटर नहीं है, बल्कि सीएवी इंटर कालेज में प्रवासी मजदूरों के लिए कलेक्शन सेंटर बनाया गया है. जहां पर मध्य प्रदेश से आये मजदूरों को उनके गृह जिलों में भेजे जाने के पहले उन्हें रोका गया है. उन्होंने कहा है कि भीड़ जुटने पर केले और बिस्किट वितरित करने का कार्य भी रोक दिया गया है और बसों में बैठने के बाद उन्हें खाने-पीने के सामान मुहैया कराये गए हैं.

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