लाइव टीवी

माघी पूर्णिमा पर 25 लाख श्रद्धालु लगायेंगे संगम में आस्था की डुबकी
Allahabad News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 8, 2020, 10:03 PM IST
माघी पूर्णिमा पर 25 लाख श्रद्धालु लगायेंगे संगम में आस्था की डुबकी
प्रयागराज के संगम पर चल रहा है माघ मेला

ऐसी मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के दिन संगम (sangam) में स्नान और दान करने से पूरे माघ मास में गंगा स्नान के बराबर ही पुण्य लाभ मिलता है.

  • Share this:
प्रयागराज. माघ मेले के पांचवे स्नान पर्व माघी पूर्णिमा (magh purnima) की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. रविवार को माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व पर इस बार मघा नक्षत्र में बन रहे महामाघी के फलदायी संयोग में श्रद्धालु संगम (sangam) में आस्था की डुबकी लगायेंगे. हालांकि पूर्णिमा शनिवार को दोपहर बाद से ही लगने के चलते स्नान का क्रम आज ही से शुरु हो गया है.

स्नान और दान का है विशेष महत्व
लेकिन ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक उदयातिथि में पूर्णिमा रविवार को ही होगी. इसलिए रविवार को ब्रह्म मुहूर्त से माघी पूर्णिमा का स्नान शुरु हो जायेगा. ऐसी मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के दिन संगम में स्नान और दान करने से पूरे माघ मास में स्नान के बराबर ही पुण्य लाभ मिलता है. शास्त्रों के मुताबिक माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु स्वयं गंगाजल में निवास करते हैं. इसलिए इस स्नान पर्व पर गंगा स्नानऔर आचमन विशेष फलदायी होता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन देवता भी रुप बदलकर गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं. शिव योगी मौनी महाराज के मुताबिक माघी पूर्णिमा संगम की रेती पर चल रहे कल्पवास के पूर्णाहुति का भी समय होता है. इसलिए श्रद्धालुओं को छह कर्म जरुर करने चाहिए. उन्हें दान देना चाहिए, पुण्य करना चाहिए, यज्ञ करना चाहिए, परिक्रमा करनी चाहिए, छौर कर्म कराना चाहिए और सूर्य को अर्घ्य व तर्पण भी देना चाहिए. इसके साथ ही लोगों को भोजन भी कराना चाहिए.

माघी पूर्णिमा स्नान के बाद कल्पवासी लेंगे मेले से विदा

माघ के मघा नक्षत्र में पितरों का तर्पण कर उनका आशीर्वाद लेना उत्तम माना गया है. यह संयोग पूर्णिमा पर अमरत्व का संदेश देता है और इसी दिन संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा से शुरु हुआ कल्पवास का कठिन व्रत का भी समापन होता है. इस दिन कल्पवासी विधि विधान से दान पूजन कर संगम की रेती से आध्यात्मिक शक्ति बटोर कर विदा होते हैं. वहीं संत महात्मा त्रिजटा स्नान के बाद जायेंगे. माघी पूर्णिमा पर 25 लाख श्रद्धालुओं के आस्था की डुबकी लगाने का अनुमान है.

माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व को लेकर मेला प्रशासन ने भी सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया है. मेलाधिकारी रजनीश मिश्रा के मुताबिक प्रशासन ने लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के संगम में आस्था की डुबकी लगाने का अनुमान लगाया है. 2560 बीघे में बसाये गए माघ मेले को तीन जोन और सात सेक्टरों में बांटा गया है. इसके साथ ही मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए साढ़े सात किलोमीटर के दायरे में 18 स्नान घाट बनाये गए हैं. कुम्भ मेले की ही तर्ज पर स्नान घाटों पर डीप वाटर बैरिकेटिंग, जाल और घाटों पर रेत भरकर बोरियां लगायी गई हैं. इसके साथ ही स्नान के बाद घाटों पर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए कांसा घास भी बिछायी गई है. जबकि महिलाओं के लिए सैकड़ों की तादात में स्नान घाटों पर चेंन्जिग रुम भी बनाये गए हैं. मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए पुलिस ने मेले में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू कर दिया है.

ये भी पढ़ें- टूटी पटरी पर दौड़ती रहीं रात भर ट्रेनें, शताब्दी का जश्न मनाते रहे रेलवे के अधिकारी !कांग्रेस सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- विनायक दामोदर सावरकर ने 11 बार मांगी थी अंग्रेजों से माफ़ी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इलाहाबाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 8, 2020, 10:03 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर